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दिल्ली की सर्दी में चूत की गर्मी का अहसास

लकी वर्मा

06 Aug 2015 को प्रकाशित

दिल्ली की सर्दी में चूत की गर्मी का अहसास
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नमस्ते दोस्तो, उम्मीद करता हूँ कि आप सब मस्त होंगे.. ना मैं फालतू कुछ लिखूंगा.. ना ही कुछ बढ़ा-चढ़ा कर बोलूँगा। मैं एक ठीक-ठाक हाइट का अच्छा दिखने वाला 25 साल का लड़का हूँ।

बात करीब दो साल पहले की है.. मैं अपने ब्रेकअप से परेशान था और शनिवार को साकेत पीवीआर के पास एक बार है.. वहाँ पर गया था।जनवरी की रात थी… बहुत सर्दी का जोर था ठिठुरन हो रही थी.. वहाँ कोई प्रोग्राम चल रहा था।

मैं जैसे ही अन्दर गया.. वहाँ एक मस्त सी 26-27 साल की लड़की देखी.. जो अकेली ड्रिंक्स ले रही थी।मैं भी उसके पास जाकर बैठ गया और मैंने भी ड्रिंक्स ऑर्डर किया।

वो शायद वोड्का पी रही थी और थोड़े नशे में भी थी।मैंने व्हिस्की ऑर्डर की और पीने लगा।मैं अब तक 3 पैग पी चुका था।दरअसल मैं अपने दोस्तों का वेट कर रहा था।

जब मैंने चौथा पैग लिया.. तो उसने कहा- काफ़ी स्टेमिना है तुममें..मैंने कहा- हाँ यार देखो, चढ़ ही नहीं रही..मैं भूल गया था कि यह बाद में चढ़ने वाली थी।

हमारे बीच में बात होनी शुरू हो गईं.. उसका नाम ऋतु था। पता लगा वो शादीशुदा है और उसका पति लम्बे समय के लिए टूर पर अमेरिका गया हुआ है और वो अपने फ्लैट में अकेली रह रही है।

‘अकेले मन लग जाता है आपका?’ मैंने पूछा।उसने कहा- नहीं यार, अकेली काफी बोर होती हूँ।

मैंने उससे दोस्ती के लिए पूछा.. तो उसने ‘हाँ’ कर दी।बातों-बातों में पता लगा कि वो पंजाबी है और उसके ससुराल वाले चंडीगढ़ में रहते हैं।

उस वक्त रात के दस बज चुके थे, उसने कहा- चलो घर चलकर बात करते हैं।मैं समझ गया कि आज इसका शिकार करने का मूड है.. सो मैं उसके साथ हो लिया।वो साकेत में रहती थी..

हम दोनों बाहर निकले और पार्किंग की तरफ गए, मैंने उससे कहा- वाइन की एक बोतल ले चलते हैं।उसने कहा- कोई ज़रूरत नहीं है… घर में रखी हुई हैं।

उसने पार्किंग से अपनी होंडा सिविक निकाली और मैं उसमें बैठ गया, घर की तरफ चल पड़े.. बीच में हम बात-चीत भी करते जा रहे थे। थोड़ी देर में उसका घर आ गया.. हम घर के अन्दर गए।

उसने कहा- प्लीज़ तुम बैठो.. मैं अभी चेंज करके आती हूँ।मैंने कहा- ठीक है।

दस मिनट बाद वो आई.. उसने काले रंग की जालीदार ड्रेस पहन रखी थी… क्या मस्त लग रही थी।ऐसा लग रहा था जैसे किसी ने दूध में 2 बूँद गुलाबी रंग डाल प्रिया हो।

मैंने गौर से देखा कि उसकी उँचाई सवा पांच फुट की थी और मस्त जानलेवा क्या फिगर था। उसके मम्मों का साइज़ करीब 34 होगा.. कमर 30 इंच की.. और चूतड़ शायद 36 इंच के पर नुकीले किस्म के उठे हुए थे।उसकी भरपूर जवानी को देख कर मज़ा आ गया था।

फिर वो ठुमकती हुई अलमारी की तरफ बढ़ी और एक वाइन की बोतल उठा लाई। वाइन मैंने काफ़ी बार पी हुई थी.. लेकिन वो शायद कोई फ्रेंच वाइन लाई थी।

हम दोनों साथ में बैठकर पीने लगे.. सच में यार.. ग़ज़ब का टेस्ट था। वाइन पीते हुए हम दोनों बात करने लगे.. धीरे-धीरे वो मेरे कंधे पर आ गई थी.. और मैं भी उसके बालों से खेल रहा था।वो मेरी गर्दन के काफ़ी पास थी और उसकी साँसें मेरी गर्दन पर आ रही थी।

मैं भी पूरा मूड में आने लगा था… फिर मैंने धीरे से उसकी गर्दन पर किस कर प्रिया।उसने मुझे स्माइल प्रिया… फिर मैं उसके गाल पर किस करने लगा। इसके साथ ही मैं उसके कान को भी बाहर से अपनी जीभ से चाटने लगा.. उसे बहुत मज़ा आ रहा था… और वो भी मेरी छाती को सहलाए जा रही थी।

मेरा एक हाथ उसके कपड़ों के ऊपर से उसके मम्मों को सहला रहा था.. और मेरी जीभ उसके कान के साथ खेल रहे थे।

अचानक से उसने मेरे लण्ड को पकड़ लिया और दबाने लगी। मैं भी साथ ही साथ कान से अलग होकर उसके होंठों को चूसने लगा। काफ़ी देर तक ये चूसने का सिलसिला चला।

अब तक मैंने उसके कपड़े उतार दिए थे और उसने मेरे उतार दिए थे, उसने मेरे लंड को हाथ में लिया.. जो कि तनने के बाद काफी मोटा और लम्बा हो जाता है।उसने सीधे मुँह में लौड़ा ले लिया… और लॉलीपॉप की तरह चूसने लगी।उधर मैं भी उसकी चूत में अपनी उंगली करता रहा।

कुछेक मिनट तक लण्ड चुसाने के बाद मैंने कहा- मुझे भी चूत चूसनी है।फिर हम दोनों 69 को अवस्था में आ गए और अब मैं उसकी चूत चूस रहा था और वो मेरा लवड़ा चचोर रही थी।

खैर.. चूसने का काम खत्म होते ही वो चुदास से तड़प रही थी और बोल रही थी- जल्दी डाल दो यार अब रुका नहीं जाता।मैंने भी देर ना करते हुए उसकी चूत को लौड़े के निशाने पे लिया और एक ही झटके में उसकी चूत में जड़ तक पेल प्रिया।

उसकी चूत पहले से ही पूरी तरह से गीली हो गई थी.. सो लंड बिना किसी मेहनत के सीधे अन्दर तक पहुँच गया।फिर धीरे-धीरे चुदाई करते हुए.. पूरे मज़े लेते और देते हुए मैं उसे चरम रीमा तक ले आया.. वो एकदम से अकड़ कर झड़ने को हो गई.. लेकिन मेरा नहीं हुआ था, मैंने अपने झटके तेज़ कर दिए.. थोड़ी देर में वो शांत पड़ गई थी… मैं समझ गया कि उसका काम हो गया है।

मैंने उससे पूछा.. तो उसने एक ज़बरदस्त स्मूच प्रिया।मैंने कहा- अभी मेरा नहीं हुआ है।उसने कहा- तो मन किसने किया है और चोद लो।

मैंने हचक कर चोदा और अपना पानी उसकी चूत में निकाल प्रिया।

हम दोनों ने उस रात कई बार अलग-अलग आसनों में चोदन किया।वो मेरी पक्की सैटिंग हो गई थी, उसके पति के आने के बाद भी हम दोनों करीब एक साल तक चुदाई करते रहे.. और खुद के साथ ही उसने अपनी कई सारी सहेलियों से भी मुझे मिलवाया.. जिनकी चूत भी लण्ड लेने को लपलपा रही थी।

उसकी एक सहेली थी.. जो शादीशुदा है, 30 साल की है.. अभी कुछ दिन पहले ही मैं उसके साथ शिमला गया था। उसके साथ की रासलीला इस कहानी के बाद आपके ईमेल मिलने के बाद लिखूंगा।support@mohakkisse.com

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पाठकों की राय

2 टिप्पणियां

गोरी

1 month ago

बहुत ही गजब का लिखा है लेखक भाई। आपका लिखने का स्टाइल बहुत बढ़िया है।

राहुल1269

1 month ago

सच में बहुत ही हॉट और उत्तेजक कहानी है भाई। मजा आ गया पढ़कर।

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