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Group Sex Story • पठन समय: 21 मिनट • पढ़ा गया: 770 बार

दिल्ली की यादें

रवि स्मार्ट

22 Oct 2022 को प्रकाशित

दिल्ली की यादें
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रवि

यह कहानी पूरी तरह से काल्पनिक है, मैं अपनी एक महिला मित्र की अर्चना के आधार पर यह कहानी लिख रहा हूँ। इस कहानी को पूरा समझने के लिए मेरी पुरानी कहानी ‘दो यादगार चूतें’ पढ़ें।

मेरी दो फीमेल दोस्त हैं जिनका नाम करीना और लोरिया है, दोनों को मैं काफी बार चोद चुका हूँ और एक साथ भी दोनों ने मुझ से चुदवाया है।

अब करीना की शादी हो चुकी है और लोरिया अमेरिका में है, परन्तु उनके कहने पर मैं उनकी यह काल्पनिक कहानी लिख रहा हूँ। लोरिया मुझे जीजू कह कर बुलाती है क्योंकि वो करीना की सहेली है और करीना ने ही मुझे उससे मिलवाया था।

एक दिन मुझे लोरिया का फ़ोन आया और बोली- जीजू, क्या आप दो दिन के लिए हमारे घर पर आ सकते हो, क्योंकि घर के सभी मेंबर मुंबई हमारे एक बहुत करीबी रिश्तेदार की शादी में जा रहे हैं, मैंने उनके साथ न जाने का फैसला किया है, बोल प्रिया है कि मेरे साथ मेरी दोस्त करीना रहेगी इस लिए आप निश्चिन्त रहिये।

इस लिए तुम यहाँ आने का प्लान बनाओ, हो सके अपने दोस्त को भी साथ ले आना, सभी मिल कर मस्ती करेंगे।

वो ये सभी बातें एक ही सांस में कह गई, जैसे बहुत खुश हो।

मैंने उसे तुरंत हाँ बोल दी और आने का वादा किया।

उसके बाद मैंने करीना से भी बात की और उसे ये सब पहले ही मालूम था, वो भी खुश थी।

मैंने अपने दोस्त को साथ लिया और 8 अगस्त को उसके घर के लिए निकल पड़े। हमारी कर सडक पर दौड़ती जा रही थी, करीना और लोरिया बहुत बेसब्री से हमारा इंतज़ार कर रही थीं।

मैं और मेरा दोस्त उनकी चुदाई की बातें करते जा रहे थे।

यहाँ आपको में बता दूँ, कि मेरे दोस्त का नाम दीपक है, और हम पहले भी इन दोनों की एक साथ चुदाई कर चुके हैं।

हम प्लान बना रहे थे इस बार इन दोनों की कैसे कैसे चुदाई की जाए और क्या क्या इसमें नया खेल किया जाये क्योंकि हमारी दोनों दोस्तों को बहुत ज्यादा डर्टी चुदाई और गालियाँ सुनना मज़ा देता है।

हम चंडीगढ़ से लेकर दिल्ली तक रास्ते में सिर्फ एक ढाबे पे रुके, वहाँ खाना खाया, बाकी हमें पता ही नहीं चला कि कब हमारी कार लोरिया के घर के आगे थी।

हमने हॉर्न प्रिया, तो दोनों सहेलियाँ भागी-भागी बाहर आई और गेट खोल प्रिया। हमने कार अन्दर की और उतरते ही लोरिया मेरे गले लग गई, मेरे होंटों पर 4-5 चुम्बन कर दिए।

इसी तरह करीना ने भी किया, फिर मैं और मेरे दोस्त ने भी दोनों को किस किया।

मैंने करीना को कसकर अपनी गोद में उठाकर कहा- साली कुतिया, याद नहीं आई यार की?

करीना ने भी बेशर्म होकर जवाब प्रिया- याद तो तुम्हारे लंड को आनी चाहिए, दो दो चूतें मिलती हैं, फिर भी चोदने नहीं आते।

इसी तरह बातें करते हम अन्दर चले गए, लोरिया ने चाय बनाई और हमें अपने हाथ से बना कर टोस्ट खिलाये।

मैंने कहा हम पहले नहायेंगे और फिर चुदाई करेंगे।

तो साथ ही करीना बोली- चलो, हम सब एक साथ ही नहाते हैं।

करीना ने गुलाबी रंग का टॉप पहना था और काली जींस में बहुत सुन्दर लग रही थी, वैसे भी वो बहुत खिली-खिली सी लग रही थी। लोरिया ने सफ़ेद टी शर्ट के साथ ब्राउन लोअर पहना हुआ था।

दीपक ने करीना के पीछे से हाथ डाला और उसके मम्मों को पकड़ते हुए बोला- डारलिंग, आज तो साली बहुत मस्त लग रही हो।

तो करीना ने भी उसके होंटों को चूम कर जवाब प्रिया- इतने दिनों से तड़पा जो रखा था तुम दोनों ने !

ऐसे ही एक दूसरे को पकड़ते हुए हम चारों बाथरूम की तरफ जाने लगे।

सबसे पहले दीपक करीना और इधर मैं और लोरिया, हम सभी एक दूसरे के कपड़े उतारने लगे।

पहले लोरिया और करीना ने हम दोनों के कपड़े उतारे, अब हमारे शरीर पर केवल अंडरवियर ही बाकी थे, उसके बाद मैंने और दीपक ने करीना और लोरिया के कपड़े उतारे, अब उन दोनों के शरीरों पर सिर्फ ब्रा और पैंटी ही बाकी थीं।

उसके बाद हम शावर चला प्रिया और मैं लोरिया के मम्मों को दबाने लगा, इधर दीपक करीना की पीठ पर हाथ फिरा रहा था और उसके होंटों को चूस रहा था।

इधर मैंने लोरिया की ब्रा के अंदर हाथ दाल प्रिया था, और करीना मस्त हो गई थी, ऊपर से शावर का पानी गिर रहा था, मैंने उसकी ब्रा की हुक खोल दी और उसके म।म्मों को ब्रा की कैद से आज़ाद कर प्रिया, अब लोरिया के नंगे मम्मे मेरे हाथों में थे, मैं कभी उसके उरोजों को मुँह में लेता और कभी अपनी जीभ से उनकी चूचियाँ चाटता।

हम दोनों को इस तरह करते हुए देख कर, दीपक ने भी करीना की ब्रा उतार दी, अब दीपक करीना के मम्मों को अपने होंटों में लेकर चूस रहा था, करीना और लोरिया दोनों के मुँह से सिसकारियाँ निकल रही थीं।

मैंने लोरिया को बाथटब के ऊपर बिठाया, उसकी पैंटी के अंदर हाथ डाल प्रिया, उसकी पैंटी में हाथ डालने से वो और मज़ेदार सिसकारियाँ लेने लगी।

मैंने दीपक को कहा- साली दोनों कुतियों की चूतों को नंगा कर, इनका रस एक साथ चूसते हैं आज।

मेरे ऐसा बोलने से लोरिया और करीना और मस्त हो गईं, करीना बोली- आज तो हम दोनों को अपनी कुतिया बना लो, डर्टी कुतिया बना कर चोद डालो, मसल दो आज हमारी जवानी दोनों की…

दीपक ने तुरंत करीना की पैंटी के अंदर हाथ डाला और उसकी पैंटी उतार दी, इधर मैंने भी अब तक लोरिया को हल्फ नंगा कर प्रिया था।

हमने दोनों को बाथ टब के ऊपर एक लाइन में बिठाया और दोनों की चूतों को एक साथ चूसने लगे।

मैंने जैसे ही अपने होंठ लोरिया की तपती चूत पर रखे तो लोरिया की चूत मस्त होकर अपना रस छोड़ने लगी, मैं उसकी चूत का रस पी रहा था, उधर मेरे साथ ही मेरे सामने दीपक करीना की चूत चाट रहा था और उसकी चूत में अपनी जीभ डाल रहा था।

लोरिया और करीना मस्ती में अपनी चूतों को चुसवा रही थी।

दीपक ने करीना को कहा- साली, बेशर्म हो जा जितनी हो सकती है मादरचोद, अपनी चूत से अपना रस निकाल कर पिला मेरे होंठों को मेरी कुतिया !

करीना जोर जोर से अपनी चूत दीपक के होंठों पर रगड़ने ली थी, इधर मेरे होंठों पे लोरिया अपना रस छोड़ रही थी, मैंने अपने हाथ की एक उंगली उसकी चूत में डाल दी, ऐसा करने से वो और मस्त हो गई, वो सी सी करने लगी और अपनी चूत को जोर जोर से मेरे होंठों पे रगड़ रही थी, मैंने उसकी झड़ती हुई चूत को अपने होंठों में कस लिया।

और उधर करीना की चूत भी पानी छोड़ चुकी थी। अब दीपक फिर से उसके मम्मों को मसलने लगा था।

करीना और दीपक ने हमारी तरफ देखा की लोरिया झड़ रही है, तो दीपक ने लोरिया के दोनों मम्मे पकड़ लिए और करीना मेरे पीछे आकर मेरे अंडरवियर को नीचे को खिसकाकर उसको मुँह में लेने लगी।

अब करीना मेरा लंड चूस रही थी और लोरिया अपनी चूत से रस टपका रही थी, इस समय सबसे ज्यादा मज़ा लोरिया को मिल रहा था अब लोरिया तीन तरफ से मज़ा ले रही थी, दीपक लोरिया को उसकी पसंद की गालियाँ देकर उसका मज़ा दुगना कर रहा था, वो कह रहा था- चुद साली हमारी कुतिया, मादरचोद तेरी बहन और तुझे एक साथ चोद देंगे हम आज, माँ की लौड़ी साली, ला अपनी चूत का रस निकाल हमारी छिनाल कुतिया, रंडी चुद.. ..चुद … मादरचोद… निकाल अपनी जवानी का जूस…

लोरिया की सांसें बहुत तेज़ थीं, और वो एक झटके के साथ झड़ गई, उसकी चूत से इतना रस निकला के मेरी जीभ झेल न पाई, काफी सारा उसका रस मैं पी गया, और काफी रस उसका मेरे मुँह के ऊपर टपक गया और काफी नीचे मेरे लौड़े तक जा लगा, मैं लोरिया की चूत के रस से नहा गया था।

लोरिया की चूत एक बार तो पूरी तरह झड़ चुकी थी और वो हांफ रही थी। मैंने लोरिया को छोड़ा, करीना ने लोरिया का एक हाथ पकड़ा और उसे खड़ी करते हुए बोली- साली, तू तो पहली बार में ही थक गई माँ की लौड़ी…

तभी लोरिया बोली- मुझे क्या पता था रवि की जीभ ही मेरी चूत पर इतना जबरदस्त हमला कर देगी।

ऐसे ही बातें करते हम एक साथ नहाने लगे हम सभी नंगे तो थे ही सभी के सभी एक दूसरे के शरीर पर साबुन लगा रहे थे, साबुन लगने की वजह से शरीर फ़िसलने लगा था, मैं कभी करीना के मम्मो को मसल देता और कभी लोरिया की चूचियों को, इसी तरह दीपक भी कभी लोरिया के मम्मों को पकड़ता और कभी करीना की चूचियों मसलकर उसकी चूत में उंगली डाल देता।

साथ साथ हम सेक्सी और मजेदार जोक भी शेयर कर रहे थे।

करीना को मैंने अपनी बाहों में उठा लिया और पूछा- साली, बता आज कैसे चुदने का मूड है?

तो वो बोली- चोदो हम दोनों को रंडियों की तरह, आज तो हमारी जवानी एक साथ दो दो लौड़े लेने के लिए तड़प रही है।

इतना सुनते ही एकदम मेरे लंड ने झटका मारा और मेरा दिल किया कि साली को यहीं पटक कर एक बार चोद दूँ, परन्तु मैंने सब्र से काम लिया और उसे बाथटब में बिठा प्रिया, अब इसके साथ ही लोरिया को भी बिठा प्रिया।

मैं और दीपक एक साथ अपने लौड़े को सटा कर दोनों लड़कियों के सामने आ गए और मैंने करीना को पकड़ते हुए कहा ‘साली आज तुम दोनों हमारे लौडों को चुसोगी भी और इनका रस भी एक साथ पिओगी।

मैंने फिर लोरिया की तरफ देखकर कहा- तेरे तो साली मुँह में रस गिराऊंगा और तुझे पेशाब भी पिलाऊँगा, तूने मेरे मुँह को नहला प्रिया था न अपनी चूत के रस से !

तभी लोरिया बोली- हाँ जीजू, लाओ पिलाओ !

कहते हुए उसने मेरे लंड को पकड़ा और अपने मुँह में ले लिया।

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लोरिया मेरे लंड को चूस रही थी और उधर करीना ने भी दीपक का लंड पकड़ लिया था, अब दोनों लड़कियाँ हमारे लंडों को जोर जोर से चूस रही थीं।

करीना ने लोरिया को इशारा किया, लोरिया ने मेरा लंड मुँह से निकाला और करीना के पास जाकर दीपक का लंड पकड़ लिया।

करीना भी दीपक लंड छोड़ कर मेरे लंड के पास आ गई और मेरे लंड को चूसने लगी।अब दीपक और मैं एक साथ दो लड़कियों को अपने लण्ड चुसवा रहे थे, हमें बहुत मज़ा आ रहा था।

मज़े से हमारी तो सिसकारियाँ छूट रही थीं, मेरे और दीपक के मुँह से ‘ऊ… ह्ह्ह्ह… ह्ह्ह. आ.ह्ह्ह .सी…स ..इ.स… .सी. सी..स .सी. .सी. सी. ..सी .सी .अ.हह.ह.हः. .आहा. .हां .आ.ह्ह्ह. .चूसो.. चो.सो. .सा.लि.यों… बस करो’ की आवाजें आ रही थी।

इधर दोनों ने जैसे शर्त लगा रखी थी कि इनके लंड को तो चूस-चूस कर ही झाड़ना है।

उन्होंने करीब 20 मिनट हमारा लगातार लंड चूसे, इसके बीच तीन बार उन्होंने लंड अदला बदली किये, अब फिर करीना मेरा लौड़ा चूस रही थी।

मैं करीना के मुख पे झड़ने ही वाला था कि उधर दीपक के लंड ने लोरिया के मुँह में पिचकारी मार दी, उसने लौड़ा बाहर निकाल कर करीना के मुँह की तरफ कर प्रिया, उसके लंड ने दूसरी धार करीना के मुँह पे छोड़ दी।

यह नजारा देखते ही मेरे लंड ने भी अपना पानी छोड़ प्रिया, मैंने भी अपने लंड का पानी करीना और लोरिया दोनों के मुँह के ऊपर निकाला।

हम एक साथ खूब नहाये और मस्ती की, उसके बाद हम बाथरूम से बाहर आये और खाना खाया।

उसके बाद शुरू हुआ उनका चुदाई का कार्यकर्म, सबसे पहले चुदाई के लिए हमने चुना करीना को और करीना को बैड पर बिठा कर उसकी गांड के नीचे तकिया दे प्रिया, उसके सर की तरफ नंगी लोरिया को बिठा प्रिया, और लोरिया करीना के मम्मे मसलने लगी।

करीना की जाँघों की तरफ दीपक था, मैंने करीना की चूचियाँ मसलते हुए, अपने लौड़े को करीना की चूत की तरफ सेट किया, लोरिया ने आगे बड कर मेरे लंड को पकड़कर उसकी चूत के अंदर डालने में मदद की, उसके बाद लोरिया फिर से करीना की चूचियाँ मसलने लगी। अब मैंने एक जोर का झटका लगया और मेरा लंड करीना की चूत को फाड़ता हुआ उसके अंदर चला गया।

करीना चिल्लाने लगी, उसको चिल्लाते देख कर लोरिया बोली- साली तू ही कहती थी न पहले मुझे चोदो, अब क्यों चीख रही है कुतिया?

और मेरी तरफ देखकर लोरिया बोली- चोदो जीजू इसे, बिच बना लो आज अपनी, चिल्लाने दो इस साली माँ की लौड़ी को !

मैंने तीन चार जोरदार शाट लगाए, उसे मज़ा आने लगा और उसका चिल्लाना कुछ कम हुआ तो मैंने दीपक को इशारा कर प्रिया।

दीपक ने अपना लंड करीना की गांड पर सेट किया और उसकी गाण्ड में एक ही झटके में लंड डाल प्रिया।

उसके लंड का अभी थोड़ा सा हिस्सा ही अंदर गया था कि, करीना फिर चिल्लाने लगी।

मैंने लोरिया को तेल लाने को कहा, लोरिया ने भाग कर तेल की शीशी पकड़ाई, दीपक ने अपने लौड़े को पीछे खींचा और उस पर कुछ तेल लगाया और कुछ तेल करीना की गांड पे लगाया और उसके बाद फिर से अपना लंड करीना की गांड में डाल प्रिया।

करीना फिर से चिल्लाने लगी, वो जोर जोर से चिल्ला रही थी और लंड बाहर निकालने को कह रही थी। मैंने कुछ देर के लिए अपने लंड को वहीं पर रोक लिया और दीपक ने अपना लंड जोर जोर से अंदर बाहर करना शुरू कर प्रिया था। इससे करीना को कुछ राहत मिली और उसका चिल्लाना कम हुआ। अब मैंने भी अपना लंड करीना की चूत में अंदर बाहर करना शुरू कर प्रिया था।

करीना हम दो मर्दों के बीच सैंडविच बन कर चुद रही थी, मेरा लंड उसकी चूत चोद रहा था और दीपक का लौड़ा उसकी गांड मार रहा था।

अब तो करीना को मज़ा आने लगा था, उसका दर्द तो बिल्कुल ही ख़त्म हो चुका था।

लोरिया को मैंने करीना से चूत चुसवाने को कहा तो लोरिया करीना के मुँह के ऊपर बैठ गई।

अब लोरिया अपनी चूत करीना से चुसवा रही थी, और मैंने लोरिया के होंठों को अपने होंठों में ले लिया, नीचे करीना की चूत को मेरा लंड चोद रहा था, पीछे से दीपक करीना की गाण्ड मार रहा था।

माहौल बहुत मजेदार था, लोरिया कभी कभी मेरे कंधे के ऊपर से दीपक को किस करने लग जाती, अब लोरिया वहाँ से उठी और उलटी हो गई, अब लोरिया की चूत को मैं चूस रहा था, और नीचे से लंड के झटके लगा लगा कर करीना को चोद रहा था।

करीना भी मस्ती से चुद रही थी और उसके मुख से सिसकारियाँ निकल रही थीं- ऊ…न्ह्ह… आःह्न्न.. ह…हाह.. आहा..हा.ह.हह… आहा हा.. हुंह..उह्नाहः..अहहह..ह .ह्ह.हा. .उह…

इसी तरह मेरे, दीपक और लोरिया के मुख से भी सिसकारियाँ निकल रही थीं, अब मैं फुल स्पीड से करीना की चूत के अंदर अपना लंड आगे पीछे कर रहा था, पीछे से दीपक भी करीना की गांड चोद रहा था। करीना अब दो मर्दों का मज़ा एक साथ ले रही थी, हमारे पूरे कमरे में सिसकारियाँ ही सिसकारियाँ सुनाई दे रही थीं।

उन्ह आंह इन्ह की आवाजें कमरे में लगातार आ रही थीं।

करीना की चूत ने फिर से पानी छोड़ प्रिया, मेरे लंड पे दबाव बड़ा, लोरिया ने फटाफट मेरे होंठों को चोदा और करीना के सर को पकड़कर उसे संभाला।

वो बहुत मज़े में चिल्ला रही थी- चोदो मुझे मार दो. मेरी. .चू..त औ….र गां….ड अ..आ..ह्ह्ह. ऊउ…ह्ह्ह .सी …सी ..सी .सी. मैं ..आह… .ग..ई या.रो .आ..ह .सं..भा…लो मु..झे…अह।

ऐसी आवाजें करीना के मुख से निकल रही थीं, करीना की चूत में जैसे बाढ़ आ गई हो। करीना ने अपनी चूत से रस छोड़ना शुरू कर प्रिया था, इधर दीपक पूरी रफ़्तार से करीना की गांड को चोद रहा था।

लोरिया करीना के मम्मों को जोर जोर से मसल रही थी ताकि वो अपने झड़ने का पूरा मज़ा उठा सके।

उसकी चूत से जोरदार धारें निकल रही थी, मेरा लंड और जांघें तक करीना की चूत के पानी से भीग चुकी थीं, उसकी चूत का पानी दीपक के लंड को भी भिगो रहा था।

अब करीना भी गांड उठा उठा कर हमारा साथ दे रही थी, वो अपनी जवानी के मज़े लूट रही थी, आज तो उसे दो मर्दों से एक साथ चुदने का मौका मिल गया था, तो वो बहुत खुश थी।

उसके लिए तो ऐसा झड़ना जिंदगी भर न भूलने वाली बात थी।

मैंने थोड़ा जोर लगाया, और करीना ने एक चीख निकाली ‘आं..ह्ह्ह.. उ…न्ह. .ब….स’

अब उसकी चूत ने सारा पानी मेरे लौड़े के ऊपर निकाल प्रिया था।

मैंने अपना लौदा बहर निकाल लिया और दीपक ने उसकी गांड की कमांड को और ज़ोरदार ढंग से निकाल लिया, मैंने उसके साथ लोरिया को लिटाया और उसकी चूत में अपना लंड डाल प्रिया।

दीपक जोर जोर से अपना लंड करीना की चूत में ठोक रहा था और दीपक ने अपने लंड का सारा रस करीना की गांड के ऊपर निकाल प्रिया।

अब दोनों हांफ रहे थे, इधर मैंने लोरिया की जोरदार चुदाई शुरू कर दी थी। लोरिया साली बहुत गर्म थी, उसकी चूत तो चुदाई देखकर ही बहुत गर्म थी, उसने अपनी तपती चूत से मेरे लौड़े को और गर्म कर प्रिया था।

करीना मेरे पास आ गई थी, दीपक ने अपना लंड लोरिया के मुंह में डाल प्रिया था, अब लोरिया दीपक का लंड भी चूस रही थी और मेरे लंड से अपनी चूत भी चुदवा रही थी।

करीना को बहुत तेज पेशाब आ रहा था, वो बाथरूम जाने लगी, तो लोरिया बोली- सा..ली क.मी.नी अ.ब अ..प..ना .म.तल.ब. .नि.का.ल. .क.र ..क.हा. च.ली. ..है. यहाँ. .माँ. चु..द.वा .अ.ब।

करीना ने ज़ल्दी से पासा पलटा और वापिस उसके मम्मों को पकड़कर बोली- सा.ली मैं तेरी मम्मी की फ़ुद्दी में पेशाब करने जा रही थी, अब तेरे मम्मों पर ही करुँगी मेरी चुदक्कड़ !

वो एक दूसरी को चुदाई में गालियाँ दे लेती हैं।

करीना ने अपनी चूत को उसके मम्मों की तरफ किया और अपनी चूत से पेशाब की धार छोड़ दी।

शशशर्रर्ररररर… करता हुआ पिशाब उसके मम्मों को भिगो रहा था, उधर दीपक का लौड़ा फिर से पानी छोड़ने को तैयार था, इधर लोरिया की पहले से गर्म चूत ने मेरे लंड पे पानी छोड़ प्रिया था, साथ ही दीपक ने भी लोरिया के मुँह में अपना रस छोड़ प्रिया जो लोरिया झड़ने के जोश में अपने मुँह में ही निगल गई।

आखिर मैंने भी अपना रस छोड़ प्रिया, मेरे लंड ने जैसे ही लोरिया की चूत के अंदर रस छोड़ा तो मैंने अपना लंड बाहर निकाल लिया, मैंने अपना झड़ता हुआ लंड करीना के मुंह में दे प्रिया, करीना उसे पीने लगी थी और कुछ उसने अपने मम्मो पे लगा लिया।

करीना ने मेरा काफी देर तक लंड चूसा उसके बाद हम सब खड़े हुए और फिर से नहाने चले गए।

उसके बाद हमने खाना खाया और एक राउंड बाज़ार का लगाया।

उसके बाद रात को फिर हमने एक बार चुदाई की और दूसरे दिन हम घूमने गए।

घूमने जाते समय लोरिया की एक और दोस्त हमारे साथ थी, फिर वापिस आकर हमने उसकी दोस्त और सभी ने मिल कर फिर चुदाई की।

हम वहाँ तीन दिन रहे और तीन दिनों में बहुत मस्ती और चुदाई की।

हमने वो चुदाई कैसे की वो फिर कभी आपको बताएँगे, आज बस इतना ही आपके चुदक्कड़ दोस्त को विदा दो।

आपका दोस्त रवि

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पाठकों की राय

1 टिप्पणी
म

माया देवी

3 months ago

बहुत ही गजब का लिखा है लेखक भाई। आपका लिखने का स्टाइल बहुत बढ़िया है।

🔒 सुरक्षा कारणों से कॉपी करने की अनुमति नहीं है।