निम्नलिखित कहानी शुद्ध अर्चना है, किसी भी पात्र से या घटना से कोई समानता होना केवल संयोग है।
यह कहानी दो दोस्तों विकास और मनोज की है।विकास 5’8″, काले बाल और पतला पर तंदुरुस्त शरीर का है, मनोज भी उसी की कक्षा में है, मनोज 5’10”, काले बाल और तगड़ा लड़का है। मनोज स्कूल के अलावा बॉक्सिंग की कोचिंग लेता है।मनोज और विकास बचपन से दोस्त है, विकास पढ़ाई में अच्छा है, विकास मनोज को पढ़ाई में मदद करता है इसलिए विकास कई बार मनोज के घर उसे पढ़ाने जाता है।
यह विकास के लिए एक सामान्य दिन था, दो दिन बाद परीक्षा थी, विकास मनोज के घर पढ़ाई करने आया था।
विकास उसके घर गया और घंटी बजाई, मनोज ने 2-3 मिनट बाद दरवाजा खोला। तौलिया में लिपटा हुआ मनोज अभी ही स्नान समाप्त कर आया था। पानी की बूंदों उसके बदन से और बालों से टपक रही थी।चौड़ी छाती, सटा हुआ पेट, मजबूत कंधे और पैर किसी को भी अपनी ओर आकर्षित कर दे।बाकी बदन तौलिया के पीछे छिपा हुआ था।
विकास ने मनोज को चिढ़ाते हुए कहा- क्या तुम अपने इस दुबले से लण्ड से लड़कियों को इंप्रेस कर पाओगे?
मनोज ने गुस्से में कहा- तूने मेरे लण्ड का असली रूप देखा ही कहाँ है। कोई भी लड़की मेरे लण्ड को देखे तो मदहोश हो जाए और लड़की के अंदर घुसे तो चीख निकल जाए।
विकास और चिढ़ाकर बोला- ऐसा लण्ड केवल लड़कियों को गुदगुदी कर सकता है। इतने छोटे से लण्ड के साथ तो टट्टे भी नहीं होंगे। इसे देखकर तो लड़कियाँ घर भाग जाती होंगी।
विकास मनोज का तौलिया खींचने लगा। थोड़ी खिंचा-खिंची के बाद विकास ने तौलिया खींच लिया।
इससे मनोज को बहुत गुस्सा आया और विकास को जोर से धक्का देते हुए तौलिया वापस खींच लिया।
धक्के की वजह से विकास का संतुलन खो गया और वह लड़खड़ाया। उसी समय मनोज ने विकास के लण्ड में जोरदार लात मारी।
विकास दर्द से अपना लण्ड पकड़कर घुटनों के बल बैठ गया।
मनोज झट से विकास के पीछे चला गया और उसके चेहरे पर तौलिया लपेटा और सिर के पीछे गांठ बांध दी।
विकास अब कुछ देख नहीं पा रहा था, वो अब डर गया था और मनोज से माफी मांगने के बारे में सोचने लगा।विकास अपने दोनों हाथों से गांठ खोलने की कोशिश करने लगा।
तभी मनोज ने विकास के पेट में 2 जोरदार घूंसे जड़ दिये।विकास को साँस लेना भी मुश्किल हो रहा था, वह अपना पेट पकड़कर बचाव करने की कोशिश करने लगा।
विकास अभी कुछ कहता इससे पहले ही मनोज ने विकास के बाल खींचकर उसे ऊपर उठाया, उसने मनोज के कंधों पर अपने हाथ रखे और दूर धकेलने की कोशिश की मगर मनोज ने पूरी ताकत से विकास के लण्ड में अपना घुटना जड़ प्रिया।
विकास अब पूरी तरह टूट चुका था, उसके पैरों में कमजोरी सी महसूस होने लगी और दर्द के मारे उसे चक्कर सा आ गया। वह सीधा मनोज की बाहों में गिर गया।
मनोज ने उसे पकड़ लिया और जोर से दीवार पर फेंक प्रिया।विकास दीवार से इतनी जोर से टकराया कि उसकी पीठ सुन्न हो गई।
कुछ देर बाद उसकी पीठ में बहुत दर्द महसूस होने लगा।
विकास ने अब तौलिया हटाने की या मनोज से माफी मांगने के बारे में विचार करना छोड़ प्रिया था, अब वह खुद का बचाव करने की कोशिश करने लगा।
मनोज ने विकास की गर्दन को दबोचा और उसे सोफ़े पर फेंक प्रिया, विकास सोफ़े पर गिरा।
मनोज विकास के जेब से रुमाल निकालने लगा। विकास ने मनोज को लात मारने की कोशिश की लेकिन मनोज ने अपने घुटने विकास की जांघों पर रखते हुए विकास के वार को निष्प्रभ कर प्रिया।
अब विकास मनोज को घूंसे मारने की कोशिश करने लगा।
मनोज ने विकास के दोनों हाथ अपने एक हाथ से पकड़ लिए और दूसरे हाथ से रुमाल निकाला।
मनोज ने विकास के हाथ रुमाल से पीछे बांध दिए। फ़िर मनोज ने एक हाथ से विकास के बाल खींचे और उसका सिर छत की तरफ़ मोड़ा,दूसरे हाथ से विकास को थप्पड़ मारना शुरू किया।
जैसे ही विकास ने हिलना चालू किया मनोज ने अपने घुटने और जोर से विकास की जांघों में जड़ दिए जिससे विकास हिल नहीं पा रहा था। 5 मिनट तक मनोज थप्पड़ मारता रहा, फ़िर मनोज के हाथ विकास के बेल्ट की तरफ़ बढ़े।वह विकास का बेल्ट और पैंट की जिप खोलने लगा।
विकास इससे भयभीत हुआ और चिल्लाया- यह क्या कर रहा है??
मनोज ने उसे कसकर थप्पड़ मारा और बोला- यह तेरी सज़ा है साले, चुपचाप बैठ, नहीं तो और पिटाई करुँगा।
यह सुनकर विकास चुपचाप बैठा। मनोज ने विकास की पैंट उतारकर दूर फ़ेंक दी, अब विकास सिर्फ़ शर्ट और अंडरवियर में रह गया था।मनोज ने तौलिया खोल प्रिया और भीतर चला गया।
कुछ देर बाद मनोज फ़िर हॉल में आया, उसके हाथ में एक अंडरवियर थी।विकास ने जैसे ही उठने की कोशिश की, मनोज ने उसे सोफ़े पर धकेल प्रिया।
विकास माफी माँगने लगा- मनोज, मुझे माफ़ कर दो.. प्लीज…
इससे आगे विकास कुछ कहे उससे पहले ही मनोज ने विकास के मुँह में अंडरवियर ठूंस प्रिया। विकास ने बोलने कोशिश की मगर कुछ बोल नही पाया।
वह अंडरवियर मैला था, इस वजह से विकास को अंडरवियर से पसीने और मूत का स्वाद आ रहा था।
अब मनोज फ़िर से विकास की जांघो पर घुटने रखकर बैठ गया और उसे प्यार से थप्पड़ मारने लगा।विकास रोने लगा तो मनोज ने चिढ़ाते हुए कहा- मेरा मज़ाक उड़ा कर बड़ा मर्द बन रहा था। अब लड़कियों की तरह रो रहा है।
विकास ने अपनी आँखें बंद कर ली।5 मिनट के बाद मनोज ने थप्पड़ मारना बंद कर प्रिया। धीरे धीरे विकास आँखें खोलने लगा तो मनोज ने फ़िर से थप्पड़ मारना शुरू कर प्रिया।
ऐसे और 5 मिनट मनोज ने थप्पड़ मारे उसके बाद मनोज रुक गया और विकास ने आँखें खोली।मनोज ने कहा- तू मेरे लण्ड का मजाक उड़ा रहा था। देखें तो तेरा लण्ड कितना बड़ा है?
ऐसा कहकर मनोज ने विकास के अंडरवियर में हाथ डाल प्रिया और अपनी दो उँगलियों से विकास का लण्ड पकड़ा।
विकास अपने पैर हिलाकर मनोज को गिराने की कोशिश करने लगा।
मनोज ने झट से अपनी उँगलियाँ विकास के टट्टों पर रखी और कहा- हिलना बंद कर, नहीं तो मैं तेरे टट्टों को ऐसे मसल दूँगा कि वह कभी रस नहीं बना पाएँगे।
विकास ने मनोज की बातों पर ध्यान नहीं प्रिया और पैर हिलाना जारी रखा।
मनोज ने विकास के एक टट्टे को अपनी दो उँगलियों और अँगूठे के बीच पकड़ा और कसकर दबाया।विकास दर्द से कराह उठा और वह चुपचाप बैठ गया पर मनोज ने कोई दया नहीं की और विकास के टट्टे पर और जोर डाला।
विकास अब चिल्लाने लगा।
मनोज ने अपनी उँगलिया हटाई और अँगूठा हटाया और दूसरे टट्टे पर जड़ प्रिया।
अब मनोज विकास के दूसरे टट्टे को भी कसकर दबा रहा था। विकास दर्द के मारे रोने लगा लेकिन मनोज ने अपनी पकड़ बनाए रखी।
मनोज नीचे उतर गया और विकास के अंडरवियर से हाथ निकाल लिया। उसने दोनों हाथों से विकास के अंडरवियर को पकड़ा और जोर से खींच दी।अब विकास के बदन पर सिर्फ़ शर्ट रह गई, मनोज ने कहा- आज मैं तुझे अच्छा सबक़ सिखाने वाला हूँ।
मनोज अपने कमरे में चला गया और मोबाईल फोन लेकर आया, उसने विकास की नंगी तस्वीरे खींची।फ़िर मनोज ने विकास को उठाकर उल्टा लेटा प्रिया।सोफ़े के जिस भाग पर पीठ सटाकर बैठते हैं उस भाग पर विकास का पेट आ गया और विकास की पीठ मनोज की तरफ़ हो गई।
मनोज विकास की पेंट की तरफ़ पहुँचा और उसमें से चमड़े का बेल्ट निकाल लिया और विकास की गाण्ड पर भारी चमड़े की बेल्ट से हकले वार करना शुरू कर प्रिया।
विकास ने उठकर भागने की कोशिश की पर मनोज ने विकास को गर्दन से पकड़ कर सोफ़े में दबा प्रिया, पहले दाएँ चूतड़ पर फ़िर बाएं पर। दाएँ और बाएँ और दाएँ और बाएँ।
वह चमड़े की बेल्ट से विकास के गाण्ड पर वार करता गया।
गर्दन पर दिए दबाव की वजह से विकास उठ नहीं पा रहा था।5 मिनट तक मनोज विकास के चूतड़ों पर मारता रहा, फिर वह रुक गया।
विकास के कूल्हों की गोरी चमड़ी अब टमाटर की तरह लाल रंग में बदल चुकी थी, मनोज को भी मजा आ रहा था।
मनोज ने फ़िर से अपने फ़ोन से तस्वीरे खींचना चालू किया।3-4 तस्वीरे खींचने के बाद मनोज ने और 5 मिनट तक विकास के चूतड़ों पर बेल्ट चलाई फ़िर विकास के बाल खींचकर उसे उठाया और कहा- अब बाकी सजा मेरे बेडरूम में मिलेगी, चल!!
बस में लंड पकड़ने से खेत में चुदने तक
विकास किसी तरह का विरोध किए बिना उठ गया, मनोज विकास को खींचते हुए अपने बेडरूम में ले गया और विकास पेट के बल बेड पर गिर गया।
विकास के बदन पर शर्ट थी मगर मनोज अभी भी नंगा था। मनोज ने विकास को पल्टा और 3-4 तस्वीरे खींची।इसके बाद मनोज भी बेड पर चढ़ गया।
मनोज- यह देखो विकास, कितनी अच्छी तस्वीरें आयी हैं तेरी, क्या तू चाहता है कि पूरा स्कूल इन तस्वीरों को देखे?
विकास ने सिर हिलाते हुए ‘ना’ कहा।
मनोज- तो फ़िर चुपचाप लेटा रह… समझा!!
अब मनोज ने विकास के हाथ खोल दिए, फ़िर उसने विकास की शर्ट के बटन खोलना शुरू किया शर्ट उतार कर जमीन पर फ़ेंक दी।
विकास भयभीत नजरों से मनोज को देख रहा था।
मनोज ने फ़िर से विकास के हाथ पीछे बांध दिए।
विकास के पेट पर बैठते हुए मनोज ने दोनों हाथों की दो उँगलियों के बीच विकास के निपल्स जकड़ लिए और घुमाने लगा।
विकास दर्द से करहाने लगा मगर मनोज ने कोई दया नही दिखाई।
फ़िर मनोज विकास की छाती पर बैठ अपने लण्ड को विकास के चेहरे पर रखकर हिलाने लगा।धीरे-धीरे मनोज का लण्ड उत्तेजित होने लगा और खड़ा हो गया।विकास अपनी आँखों पर विश्वास नहीं कर पा रहा था !! मनोज का लण्ड 9 इंच लंबा और 2 इंच मोटा था। लण्ड के सुपारे पर की चमड़ी केवल आधे सुपारे पर चढ़ी हुई थी।
मनोज के लण्ड से अब चिकना चिकना रस निकलने लगा था। इस वजह से चमड़ी नीचे खींच गई और पुरा सुपारा चमड़ी से ऊपर आ गया।लण्ड से निकले चिकने रस की वजह से उसका सुपारा चमक रहा था।
इतने बड़े लण्ड को देख विकास डर गया।
मनोज ने विकास के जबड़े को पकड़ा और कहा- आज तुम इस लण्ड को महसूस करो और बताओ तुम्हें गुदगुदी होती है या और कुछ महसूस होता है…
मनोज ने अपने मोटे लण्ड के सुपारे को दबाया और चिकने रस की एक बूँद लण्ड के टोपे पर आ गई।
मनोज ने लण्ड से विकास के दोनों गालों पर मनोज ने थप्पड़ मारे। लण्ड से निकले चिकने रस के छींटे विकास के गालों पर गिरे।ऐसे ही मनोज लण्ड-थप्पड़ मारता रहा, विकास के गाल लण्ड के रस से चिकने हो गए। अब मनोज का लण्ड बेहद मोटा और लोहे जैसा कड़क हो गया था।
मनोज ने ड्रावर से वेसलीन की डिब्बी निकाली और विकास को पलटा, अब विकास पेट के बल बेड पर लेटा हुआ था।
मनोज ने एक ऊँगली पर क्रीम ली और विकास के गाण्ड में घुसा दी।विकास तड़प उठा मगर मनोज ऊँगली को अंदर-बाहर करता रहा।
थोड़ी देर बाद मनोज ने ऊँगली बाहर निकाल ली और दो ऊँगलियाँ विकास की गाण्ड में घुसा दी और दो ऊँगलियों से विकास की चुदाई करने लगा।थोड़ी देर बाद मनोज ने तीन ऊँगलियों पर क्रीम लगाया और तीनों एक साथ घुसा दी, थोड़ी देर तक ऐसे ही उँगलियों से चुदाई की।
विकास को भी अब मजा आने लगा गया था और उसने अपनी गाण्ड ढीली छोड़ दी, मुँह में मैला अंडरवियर, गाण्ड की तीन ऊँगलियों से चुदाई, और मनोज का 9 इंच लंबा 2 इंच मोटा लण्ड… इन सभी बातों से विकास भी उत्तेजना से भर गया और अपनी गाण्ड आगे-पीछे हिलाने लगा।
मनोज समझ गया कि विकास अब गर्म हो चुका है, उसने कोई देर न करते हुए तीनों ऊँगलियाँ गाण्ड से निकाल ली, अपने लण्ड पर थोड़ा क्रीम लगाई और विकास की गाण्ड पर अपना लण्ड टिका प्रिया।
विकास के कान के पास अपने होंठ रखकर मनोज बोला- आज से तेरी गाण्ड पर मेरा राज चलेगा। मैं जब चाहूँ, जहाँ चाहूँ, इसमें अपना लण्ड डाल सकता हूँ।
और इसके साथ मनोज ने विकास की गाण्ड में अपना लण्ड डाल प्रिया, उसने अपना पूरा लण्ड एक ही धक्के के साथ विकास की गाण्ड में डाल प्रिया।
विकास की कुंवारी गाण्ड में मनोज का 9 इंच लंबा और 2 इंच मोटा लण्ड फ़िट हो गया, उसकी गाण्ड में मनोज का लण्ड उधम मचाने लगा, मनोज बहुत जोर-जोर से विकास की गाण्ड में अपना लण्ड अंदर-बाहर कर रहा था।
मनोज अपना पूरा लण्ड विकास की गाण्ड में अंदर तक डालता था और फ़िर बाहर निकालता था, सिर्फ़ अपने लण्ड का सुपारा अंदर रखता और फ़िर पूरी ताकत से अंदर तक घुसाता था।
विकास की गाण्ड का कौमार्य उसका सबसे अच्छा दोस्त लूट रहा था और विकास सिर्फ़ बेड पर लेटे उसे लुटने दे रहा था।
अगले 5 मिनट तक मनोज इसी तरह लंबे धक्के देते हुए विकास को चोद रहा था।
मनोज ने विकास को घोड़ी बनाया और फ़िर से अपना लण्ड विकास की गाण्ड में घुसा प्रिया, अब मनोज विकास को तेज धक्कों के साथ बहुत उत्तेजना से चोद रहा था।
मनोज ने अपने हाथ विकास की कमर पर रख दिए और पूरी ताकत से विकास की गाण्ड मारने लगा।
5 मिनट तक और चुदाई के बाद विकास भी मस्ती में आ गया, वह भी अपनी गाण्ड आगे-पीछे कर अपनी कामोत्तेजना जता रहा था।मनोज ने एक हाथ से विकास के बालों को पीछे खिंचते हुए दूसरे हाथ से विकास का लण्ड हिलाने लगा।दर्द के कारण नरम पड़ा हुआ विकास का लण्ड खड़ा हो गया था, मनोज के लण्ड हिलाने और लयबद्ध चुदाई से विकास का लण्ड पूरी तरह तन गया।5 मिनट बाद विकास का अपने आप पर का काबू छुटने लगा और ऐसा लगा कि थोड़ी ही देर में उसका रस निकल जाएगा।उसी वक्त मनोज को भी महसूस हुआ कि उसका रस निकलने वाला है पर मनोज की प्यास अभी पूरी तरह से मिटी नहीं थी, उसने अपना लण्ड बाहर निकाल लिया, विकास को पलटा, अब विकास अपनी पीठ पर लेटा हुआ था।मनोज की नजर विकास के लण्ड पर गई। विकास का लण्ड भी उत्तेजित हो कर तन गया था और उत्तेजना के कारण लण्ड से रस टपक रहा था।
मनोज बोला- साले!! गाण्डू!! तू भी मजे ले रहा है!!
मनोज धीरे-धीरे विकास का लण्ड हिलाने लगा। उत्तेजना के कारण चिकना रस विकास के लण्ड से निकलने लगा और मनोज की उँगलियाँ रस से गीली हो गई।
मनोज ने थोड़ी देर हिलाया और फ़िर विकास के मुँह पर से अंडरवीयर हटाया, उसी के चिकने रस से भरी उँगलियाँ उसके मुँह में घुसा दी।विकास मनोज की उँगलियों से रस चाटने लगा।फ़िर मनोज अपने होंठ विकास के होंठों के पास ले गया और उसे जोर जोर से चूमने लगा।
मनोज अब थोड़ा रिलैक्स हो गया था, उसने विकास के पैर खींच लिए और अपने कंधों पर रख दिए, उसने विकास की गाण्ड में फ़िर प्रवेश किया और जोर के साथ विकास को चोदने लगा।
कुछ देर बाद मनोज ने एक हाथ से विकास का लण्ड हिलाना शुरू किया और दूसरे हाथ से विकास के टट्टों को हल्के से खींचने लगा।
विकास और मनोज दोनों को मजा आ रहा था मगर विकास भी स्खलित नहीं होना चाहता था, उसने अपने लण्ड पर काबू रखने की कोशिश की।मनोज 10 मिनट तक विकास का लण्ड हिलाता रहा और विकास अपने आप पर काबू करने की कोशिश कर रहा था।
विकास को अब महसूस हो रहा था कि किसी भी वक्त उसका रस निकल सकता है मगर मनोज ने अचानक से हिलाना बंद किया।
मनोज ने विकास के घुटने मोड़ कर ऊपर दबा दिए जिससे विकास के घुटने विकास के कंधों के पास आ गए।
अब मनोज जोर-जोर से विकास का लण्ड हिलाने लगा और खुद भी विकास की गाण्ड मारने लगा।
विकास का लण्ड ठीक उसके चेहरे के ऊपर था, उसने अपने आप पर काबू करने की कोशिश छोड़ दी और मजे लेने लगा।5 मिनट के बाद विकास का सारा रस किसी ज्वालामुखी की तरह निकल गया, रस की सारी धार सीधे विकास के मुँह पर गिरी और उसका पूरा चेहरा रस से ढक गया।
मनोज अब और जोर-जोर से विकास की गाण्ड मारने लगा।थोड़ी देर बाद मनोज ने अपना लण्ड बाहर निकाल लिया और विकास की छाती पर चढ़ गया, उसके चेहरे पर अपना लण्ड रखकर हिलाने लगा।
थोड़ी देर बाद उसने अपना सारा रस विकास के चेहरे पर छोड़ प्रिया। विकास का पूरा चेहरा मनोज के और उसके अपने रस से ढक गया था। रस चेहरे पर होने की वजह से विकास अपनी आँखें खोल नहीं पा रहा था।
मनोज ने विकास का चेहरा चाटना चालू किया और सारा रस अपने मुँह में भर लिया।
जब सारा रस मनोज ने चाट लिया तो विकास ने आँखें खोली।मनोज अपने होंठ विकास के होंठों के करीब लाया, विकास ने अपने होंठ खोल दिए और मनोज ने विकास को चूमना चालू किया।
मनोज और विकास के रस का मिश्रण में अब विकास और मनोज की थूक मिल रही थी।
यह मिश्रण विकास और मनोज ने पी लिया और कुछ देर तक ऐसे ही चूमते रहे।
मनोज ने विकास के हाथ खोल दिए और विकास को चूमने लगा।थोड़ी देर बाद मनोज ने विकास से कहा- अरे विकास तेरी गाण्ड मार के तो आज बहुत अच्छा लगा। मेरी कितने दिनों की इच्छा आज पूरी हो गई।
विकास ने मुस्कुराते हुए कहा- मेरी भी इच्छा थी कि तेरे लण्ड से अपनी गाण्ड मरवाऊँ। मैंने तेरा लण्ड पहले भी छुआ है। मैं पिछली बार जब तेरे घर पर पढ़ाई करने आया था तब यहीं पर सो गया था। उसी दिन मुझे पता चल गया था कि तेरा लण्ड कितना बड़ा है।
मनोज ने अपने दोस्त की तरफ़ देखा और फ़िर से उसे चूमने लगा। उस दिन मनोज और विकास ने कोई पढ़ाई नहीं की, दिन भर चुदाई का कार्यक्रम चलता रहा।
मेरी कहानी पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद!!अपने सुझाव और प्रतिक्रिया मुझे भेजिए।