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Hindi Chudai Kahani पठन समय: 13 मिनट पढ़ा गया: 516 बार

दोस्त के साथ मिल कर उसकी साली को चोदा-1(Dost ke sath mil kar uski saali ko choda-1)

adikum

21 Dec 2016 को प्रकाशित

दोस्त के साथ मिल कर उसकी साली को चोदा-1(Dost ke sath mil kar uski saali ko choda-1)
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नमस्कार दोस्तों, कैसे हो आप सब लोग? उम्मीद करता हूं आप सब लोग एक-दम अच्छे होंगे। मेरा नाम प्रतीक है। मैं बिहार से बहुत छोटे गांव से आया हूं। दरअसल मेरे पिता जी के गुज़र जाने के बाद सारा घर का बोझ मेरे और मेरी माँ के कंधों पर आ गया। जिसकी वजह से मुझे पढ़ाई को बीच में ही छोड़ना पड़ा। मैं गांव में काफी नौकरी पाने का प्रयास किया, मगर मेरी शिक्षा के कारण मुझे नौकरी नहीं मिल रही थी, और मिल भी रही थी तो उससे गुज़ारा करना बहुत मुश्किल हो रहा था।

हम लोग काफी गरीब थे। मैं किसी जानने वाले से बात किया और उसने मुझे दिल्ली में किसी का परिचय करवाया। वह हमारे गांव का ही लड़का था। बचपन में हमारे साथ खेल भी करता था। मगर पिछले 14 सालों से दिल्ली में था। मैंने उससे बात किया। उसका एक कारखाना था।

उसने मुझे कहा: ठीक है, तुम यहां पर आ जाओ। मैं तुम्हें कम पर लगवा दूंगा।

मैं अगले ही दिन में ट्रेन में चढ़ कर अपने घर से दिल्ली की ओर रवाना हो गया। उसने मुझे एड्रेस बताया था। मैं पूछता-पूछता उस एड्रेस तक जा पहुंचा। छोटा सा फोन था मेरे पास। मैंने उन्हें फोन किया।‌ वह बाहर आए। उसका नाम अमित था।‌ देखने में ठीक-ठाक था। उसने मुझसे हाथ मिलाया और कहा: तुम क्या-क्या काम कर लेते हो?

मैंने कहा: मैं कोई भी काम करने के लिए तैयार हूं।

उसने कहा: ठीक है, मैं तुम्हें हमारे कारखाने में अभी हेल्पर के रूप में रख लेता हूं।

मैंने कहा: ठीक है।

हमारी वेतन के बारे में भी बात-चीत हो गई थी। मैं बहुत ही मेहनती इंसान था। उसको मेरी मेहनत देख कर काफी ज्यादा खुशी हुई। वह मेरे साथ काफी घुल मिल गया था। अब हमारे बीच में मालिक और नौकर का बर्ताव नहीं रह कर बल्कि दोस्त का व्यवहार रहने लगा था। अमित की शादी हो चुकी थी। उसकी उम्र करीब 28 साल थी, और मैं करीब 23 साल का था। हमारे बीच में 5 साल का अंतर था।

अमित अपने घर मुझे एक बार लेकर गया था। उसके घर पर उसकी एक बहुत ही सुंदर सी बीवी थी, जिसका नाम अमृता था। जब मैंने उसे पहली बार देखा था, तब मैं देखता ही रह गया था। खैर जब भी वह गांव आती थी, तो अपना मुंह ढक कर रखती थी। लेकिन जब इस बार मैं उससे मिला तो उसका वह गोरा चेहरा मेरे दिमाग से निकाले नहीं निकल रहा था।

वह बहुत ज्यादा गोरी और बहुत सुंदर थी। उसके उभार बहुत ज्यादा नहीं थे। मगर पूरे शरीर की बनावट किसी कामदेवी जैसी लग रही थी। चूतड़ एक दम बाहर की ओर थे। भगवन ने बड़ी फुर्सत से उसके एक-एक कर के बनाया थ।

खैर एक दिन अमित ने मुझे कहा कि उसे जाना था अपनी साली के घर, जो कि दिल्ली से बाहर रहती थी। हम लोग किसी कस्टमर से मिलने के लिए आए थे, तो अमित ने अपनी साली को फोन लगाया, जिसका नाम बीना था और अमित ने उससे फोन पर बात की।

वैसे मैं अमित के बारे में यह महसूस किया कि वह बहुत ही अय्याश किस्म का इंसान था। मैं दिल ही दिल में सोचता था कि इतनी सुंदर बीवी होने के बावजूद वह बाकी लड़कियों पर इतने डोरी क्यों डालता था? मगर शायद वह ऐसा ही था।

हम लोगों ने एक शराब की बोतल लेली थी। मैं अमित से पूछा कि: क्या हम आपकी साली के सामने पी सकते हैं?

अमित ने बिंदास बोला: अरे वह बहुत ही चालू लड़की है। वह सारे नशे करती है। इसलिए तो मैं यहां पर पीने के लिए आया हूं। वह हमारे साथ शराब पी लेगी और तुम्हारी भाभी को नहीं बताएगी।

कुछ देर बाद हम उसकी साली के घर पर पहुंच चुके थे। उसने दरवाजा खोला। मैंने उसे देखा और देखता ही रह गया। उसने एक शर्ट पहनी थी और एक हाफ निक्कर जैसा कुछ पहना था, जिसमें उसकी जाँघ, एक-दम शीशे की तरह चमक रही थी।

उसके बाल खुले हुए थे। ऐसा लग रहा था कि उसकी चूचियां कपड़ों से बाहर को निकल आएंगी। उसकी शर्ट ने उसके शरीर को जकड़ के रखा हुआ था। जिससे कि उसके वह बड़े-बड़े स्तन मेरी आंखों के सामने आ गए। मैं उसे ऊपर से नीचे तक निहार ही रहा था। उन कुछ लम्हों में मैंने उसके साथ ना जाने क्या-क्या कर लिया था अपने सपनों में।

अमित आगे बड़ा और अपनी साली के साथ गले मिला। मुझे उसे देख कर जलन हो रही थी। क्योंकि जब वह उसके गले मिला, तब बीना के स्तन दबा कर मजे लिए थे।

बीना उन कुछ आजाद ख्याल लड़कियों में से थी, जिनके लिए धर्म, रंग और जात मायने नहीं रखता था। वह आगे बढ़ी और उसने मुझे भी गले लगा लिया। उसके मुझसे गले लगने के साथ ही मेरे शरीर में कंपन सा दौड़ गया। उसके सीने की गर्मी से मेरे शरीर भी गर्म होने लगा। अचानक से मुझे करंट की अनुभूति होने लगी। मेरे अंदर कुछ बदलाव आने लगा। अक्सर यह झटका मुझे तब लगा करता था, जब मैं किसी लड़की के साथ बिस्तर पर होता था। मगर यहां तो सिर्फ गले लगाने से ही वह झटका महसूस हो गया। मैं अपने खाली दुनिया में खोने ही वाला था कि वह मुझसे अलग हटी।

बीना ने हम लोगों का स्वागत किया और हमें अंदर आने के लिए बोला। हम जाकर वहां कुर्सियों पर बैठ गए। शायद बीना अपने कुछ दोस्तों के साथ वहां रहती थी। तो कमरे में ज्यादा कुछ नहीं था, ना ही कोई सोफे ना ही कोई मेज़।

मैं सोफे पर बैठ गया। मगर अमित अंदर किचन की तरफ चला गया, और बीना से बात करने लग। मैंने अपनी आंखों को बंद किया और उस पल को दोबारा जीने लगा जब बीना ने मुझे गले लगाया था। मेरा लंड अब सख्त होने लगा था। मैं बीना को बिना कपड़ों के सोच रहा था, कैसे उसकी वह मोटी गांड होगी, जब वो नंगी हो या कैसे उसके वह मस्त चूचे होंगे जब अपने शर्ट को निकाल देगी।

मैं उठा और अंदर झांकने की कोशिश करने लगा। मैंने अंदर का माहौल देखा तो अमित बीना के साथ से पीछे से खड़ा हुआ था, और उसे कुछ कह रहा था। शायद शराब पीने के बारे में बात कर रहा था। मगर दोनों कुछ ज्यादा ही करीब थे। इतने ज्यादा करीब कि कोई अपनी साली से शायद ही होता हो। मैं तो खैर कभी नहीं देखा था।

हमने चाय को खत्म किया, थोड़ी बहुत बात-चीत की। बात-चीत से मुझे समझ में आया कि बीना बहुत ही खुले ख्यालों की थी। उसने यह भी बताया कि वह किसी के साथ, एक लड़के के साथ इस रूम में रहती थी, और कभी-कभी उनके बीच में कुछ हो जाता था।

मैंने उसे उत्साह से पूछा कि: क्या वो आपका बॉयफ्रेंड है?

बीना खिलखिला के हंसती और बोली: नहीं, वह मेरा बॉयफ्रेंड नहीं है। बस मेरा दोस्त है और हम मजे ले लेते हैं, एक-दूसरे से।

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अमित ने मेरी तरफ देखा और बोला: मैंने कहा था ना मेरी साली बहुत चालू चीज है (कह कर वह हंसने लगा)।

चाय-नाश्ता तो हो चुका था। अब बारी थी बोतल खोलने की। हम तीनों लोग नीचे उसके गद्दे पर बैठे और बीना हम लोगों का पेग बनाने लगी। यह सब मेरे लिए बिल्कुल नया था। बिहार में तो औरतें अपने पति को शराब की जगह ज़हर मिला कर पिला दे, औरतों के हाथों से जाम पीना तो बहुत दूर की बात है।

हम लोगों ने पहला पेग लिया। धीरे-धीरे शराब चढ़ने लग गई थी।

बीना बोली: मेरा सर घूम रहा है, इसलिए मैं यह व्हिस्की नहीं पीती हूं, सिर्फ बियर पीती हूं, या वाइन पीती हूं। मगर जीजू आप भी फालतू में यह व्हिस्की लेकर आ गए।

अमित हंस के बोला: बीयर तो बच्चे पीते हैं।

बीना मासूम भी शक्ल बनाई और बोली: मैं भी तो बच्ची ही हूं।

अमित बोला: तुम्हारी उम्र है बच्चा पैदा करने की। तुम कहा से बच्ची हो?

बीना बोली: अभी तो बच्चा नहीं ही होगा (और कह कर हसने लगी)।

अमित बोला: क्यों, अभी पीरियड्स चल रहे है क्या?

बीना शर्मायी और बोली: नहीं, दो दिन पहले ही ख़तम हुए है।

मैं हैरान था कि ये कैसी बाते कर रहे थे।

बीना मेरी तरफ देखीं और कही: ये गूंगा है क्या? जब से आया है चुप है? और दोस्त क्या हाल है? चढ़ तो नहीं गयी यहाँ की शराब?

मैं डरते हुए और अजीब सी मुस्कान के साथ बोला: नहीं, हम तो गांव में कच्ची शराब पीते है। ये तो उसके सामने कुछ भी नहीं है।

बीना बोली: शाबाश! फिर तो एक गिलास और हो जाये।

कह कर वो एक गिलास और सब के लिए पेग बनाने लगी। उस पेग के बाद तो अमित और बीना के होश ही उड़ गए थे। अब अमित और बीना अगल-बगल बैठ गए थे। उनके बीच में छूना शुरू हो गया था। अमित बीना की गोरी झांघो पे हाथ फेर रहा था और बात कर रहे थे। पहले तो सिर्फ उंगलिया ही संगमरमर जैसे बदन पे फेरी जा रही थी, अब अमित बिना की झांघो को सेहला भी रहा था।

थोड़ी देर में बीना ने आपा खोया और अपने जीजा को चुम्बन देने लगी। दोनों के हाथो में जाम था, और एक-दूसरे को चुम्बन दे रहे थे। उन दोनों लोगों को देख कर तो मेरा लंड में एक बार फिर से उफान मारने लगा था। दोनों ने अब अपने गिलासों को साइड में रखा और एक-दूसरे को बेहद आक्रामक तरीके से चुंबन देने लगे।

बीना ने अमित के बालों को अपने दोनों हाथों से पकड़ा और उसे चूमने लगी। ऐसा लग रहा था वह अमित के होंठो को खा जाएगी। अमित ने भी आप ज्यादा समय ना लगाते हुए अपना एक हाथ बीना के टॉप के अंदर डाल दिया था। उसके हाथों की हरकत मुझे साफ दिखाई पड़ रही थी।

वह जोर से बीना के स्तनों को दबा रहा था। अमित ने बीना को अब वही तकिए के सहारे लिटा दिया और उसके दोनों स्तनों को अब वह कपड़े के अंदर ही दबाने लगा। वह दोनों लोग मेरे सामने ही शुरू हो गए थे। ऐसा लग रहा था कि उन्हें यह मालूम ही ना हो कि कमरे में मैं भी था। शराब उन लोगों पर अब हावी हो चुकी थी।

बीना अब अपने जीजा से अलग हुए और अपने टॉप को निकाल दिया। उसने बहुत ही सुंदर सी ब्रा पहन रखी थी, जिसके अंदर उसके स्तन एक-दूसरे के साथ ही चुंबन करते हुए नज़र आ रहे थे। इतने ज्यादा गोर दूध थे उसके कि मैं क्या बताऊं। उसकी जांघों से भी ज्यादा गोरे उसके दोनों स्तन थे।

मेरी खुशी का ठिकाना ना रहा, जब अमित ने उसे ब्रा को खोला और बीना ने उस ब्रा को निकाल कर साइड में फेंक दिया। अब उसके मोटे-मोटे पपीते जैसे स्तन मेरी आंखों के सामने आ गए थे। अमित उन स्तनों को बारी-बारी से चूम रहा था। वह उसके निप्पल के साथ भी खेल रहा था, जिसे चूसने का मेरा मन तो बहुत था, मगर ना जाने क्यों मैं रुका हुआ था।

बीना भी आप अपने एक हाथ से अपने एक स्तन को दबा रही थी। दूसरे हाथ से वो अमित के लंड को सहला रही थी। अमित भी अब अपने उफान पर आ गया और उसने अपने शर्ट को निकाल करके साइड फेंक दिया। फिर अपनी पैंट को नीचे किया और वह अपने कच्छे के अंदर आ गया था।

इसके आगे क्या हुआ, अगले पार्ट में पता चलेगा। फीडबैक support@mohakkisse.com पर दें।

अगला भाग पढ़े:-दोस्त के साथ मिल कर उसकी साली को चोदा-2

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