दो-चार धक्कों में ही मैंने अपना सारा माल गीता भाभी की चिकनी चूत में डाल प्रिया और साफ़ करने के लिए बाथरूम की ओर चल प्रिया।
बाथरूम से धोकर साफ़ करके आया तो देखा कि राहुल गीता को कुतिया बना कर चोद रहा है, वो उसके ऊपर चढ़ा हुआ था और गीता की चुदाई कर रहा था।वो अपने एक हाथ से गीता के मम्मे भी मसल रहा था।
कुछ ही देर में राहुल भी आ गया और गीता वहीं बिस्तर पर पेट के बल निढाल होकर लेट गई… राहुल बाथरूम की ओर चल प्रिया।
अब मुझे भी घर जाना था, मैंने कपड़े पहने, बिस्तर पर लेटी गीता को चुम्बन किया और राहुल से नीचे दरवाजा खोलने को कहा और दबे पाँव नीचे आ गया।
अगले दिन 11 बजे गीता का फोन आया, एक लम्बे किस के बाद उसने मुझे थैंक्स बोला।
मैंने उससे पूछा कि वो इतनी खूबसूरत है और राहुल भी बहुत सेक्सी है… फिर मुझे बीच में क्यों घुसा लिया?
गीता ने बताया कि पता नहीं क्यों पर मैं उसे बहुत अच्छा लगता हूँ। सेक्स के दौरान गीता और राहुल ने पाया कि अगर वो किसी तीसरे का नाम लेते हैं तो उन्हें सेक्स में ज्यादा मजा आता है।
राहुल उस दौरान गीता की चचेरी बहन जो गीता की ही हमउम्र और गठीले बदन की है, का नाम लेता था और गीता मेरा नाम लेती थी।
गीता ने बताया कि उसकी चचेरी बहन कावेरी तो फिलहाल गीता की पकड़ में नहीं आ रही थी राहुल के लिए, हालाँकि गीता और कावेरी आपस में बहुत खुले हुए हैं और एडल्ट जोक्स खूब शेयर करतें हैं और एक दो बार एक बिस्तर पर दोनों ने एक दूसरे के मम्मे दबाये और चूत में उंगली की है। पर यह कहने की कि कावेरी राहुल से चुदा ले, अभी तक गीता की हिम्मत नहीं हो पाई है।
हाँ पर जब गीता मेरा नाम लेती थी तो राहुल की चोदने की स्पीड बढ़ जाती थी और पिछले दिनों एक बार राहुल ने गीता से पूछ ही लिया था कि अगर वो मुझसे गीता को चुदा दे तो क्या गीता कावेरी को राहुल से चुदने के लिए मना लेगी।
इस पर गीता ने राहुल को कहा था कि वादा तो नहीं है पर अगले महीने कावेरी 2-3 दिनों के लिए यहाँ आएगी, उस दौरान गीता पूरी कोशिश करेगी कि कावेरी राहुल से चुद जाए।
गीता के बर्थडे वाले दिन जब मैं अचानक वापस आ गया तो गीता बहुत घबरा गई थी कि चुदाई भी हुई नहीं और बात भी खुल गई कि गीता मुझमें इंटरेस्ट रखती है।तब उसने राहुल को कहा था कि बस एक बार राहुल मुझे घर बुला लाये, बाकी गीता खुद सम्भाल लेगी।
गीता ने मुझसे पूछा- सच बताना तुम्हें कैसा लगा?मैंने कहा- मुझे तो अभी तक यकीन नहीं हो रहा कि गीता जितनी प्यारी और ख़ूबसूरत लड़की मेरे साथ बिस्तर पर थी, वो भी अपने पति की मौजूदगी में!
गीता ने कहा कि उसे मेरे बात करने का और सलीके में रहने का स्टाइल बहुत पसंद था, पर अब उसे मेरा सेक्स करने का स्टाइल भी बहुत पसंद है।
उसने मेरे लंड का नाम ‘चैम्प’ रखा और मैंने उसकी चूत का नाम ‘परी’ रखा।हमने अपने सेक्स का नाम ‘मस्ती’ रखा।
कुल मिलकर हमारे बीच अब एक नया रिश्ता जुड़ चुका था जिसमें रोमा और राहुल कहीं नहीं थे।
गीता बोली कि मर्द कुछ भी बोले पर शक्की बहुत होता है। गीता ने बताया कि राहुल को आज सुबह लग रहा था कि कहीं गीता मुझसे जुड़ तो नहीं गई है इसलिए अब वो मुझे फोन राहुल से छिप कर करेगी, रोज ठीक 11 बजे, क्योंकि 11 बजे राहुल दुकान जाता है और अगले एक घंटा उसे फुर्सत नहीं मिलती।
इसलिए गीता ने राहुल से कह रखा है कि अगर 11 से 12 के बीच गीता का फोन व्यस्त आये तो राहुल समझ ले कि गीता या तो अपने मायके वालों से बात कर रही है या अपनी सहेलियों से!इसलिए इस बीच गीता मुझे किया करेगी, वो भी लैंडलाइन पर…
सच बेवफाई और प्यार बहुत शातिर बना देता है।मैं और गीता अब रोज 11 से 12 अपनी ‘मस्ती’ की बातों में डूबने लगे।
एक दिन राहुल ने मुझे कहा कि कल वो और गीता सूरजकुंड मेला देखने जा रहें हैं।उसने मुझसे कहा साथ चलने के लिए!
हालाँकि में उस दिन दिल्ली जा भी रहा था, पर मैंने उनके साथ जाने को मना कर प्रिया, कहा- जाओ और मस्ती कर के आओ!
शाम को गीता भाभी का फोन आया और उसने मुझे साथ चलने के लिए दवाब प्रिया।
आखिर मैंने उससे इस बात के लिए बोल प्रिया- ठीक है, मैं दोपहर को सूरजकुंड पहुँच जाऊँगा।
अगले दिन मैं अपना काम निपटा कर दोपहर एक बजे करीब मेले में पहुँचा।मुझे गीता और राहुल मिल गए, गीता ने जीन्स और टॉप पहना था।
हम लोगों ने रेस्टोरेंट में खाना खाया।
गीता बोली- मुझे तो नींद आ रही है!और ऐसा कहते उसने मेरी ओर राहुल से छुपा कर आँख मारी।
मैं समझ गया कि वह चुदासी हो रही है, मैंने उससे धीरे से कहा कि होटल में कमरा लेना पड़ेगा और दो हजार से कम का कमरा मिलेगा नहीं, क्यों दो तीन घंटों के लिए पैसा बर्बाद करती हो।
मगर उसे और राहुल को तो चुदाई सूझ रही थी। वहीं कॉटेज भी थीं जिनका किराया एक हज़ार रूपये था, जो शायद चुदाई के ही काम आती होंगी।
खैर, हम लोग एक कॉटेज में गए।मैंने उन्हें एकांत देने के मूड से कहा- तुम लोग आराम कर लो, मैं घूम कर आता हूँ।
तब राहुल बोला- पहले हम बाथटब में नहा कर आते हैं, फिर बैठ कर गप्पें मारेंगे।
एक्स्ट्रा कपड़े तो लाये नहीं थे इसलिए उन दोनों ने अपने कपड़े कमरे में ही उतार कर तौलिये लपेट लिए थे।
तौलिये में गीता का चिकना और संगमरमरी बदन क़यामत ढा रहा था, गोरी चिकनी उँगलियों पर उसने लाल नेल पॉलिश लगा रखी थी।
सच मेरा चैम्प तो जीन्स फाड़ कर बाहर आने को तैयार था मगर समय की मजबूरी थी, बिना राहुल से न्यौता मिले मैं कुछ नहीं कर सकता था।
मेरा खड़ा करके गीता और राहुल नहाने चले गए।
अंदर से उनके चूमने, चिपटने की आवाज आ रही थी, मैं अपना लंड बाहर निकाल कर मुठ मारने की सोच ही रहा था कि गीता तौलिया लपेट कर बाहर आई और मुझे एक चुम्मी देकर कान में फुसफुसा कर बोली- अभी राहुल नखरे कर रहा है, शायद आज चुदाई न हो!सही बात यह थी कि राहुल इस बात से डर गया था कि कहीं गीता उसके हाथ से निकल कर मुझसे प्यार न कर बैठे!
अब राहुल को कौन समझाए कि जिस बात से वो डर रहा है, वो तो हो चुका…अब गीता बीवी तो सिर्फ उसकी है पर माशूका मेरी है।
अब बीवी और माशूका में दीवाना कौन होता है… पति और आशिक में ज्यादा चाहत किसकी होती है… यह तो सब जानते ही हैं।कहानी जारी रहेगी।support@mohakkisse.com