इसके बाद तो हमारा रूटीन ही बदल गया, राहुल से हरी झंडी पाकर गीता मुझसे जुड़ती चली गई। गीता और मैं रोज कई बार बात करते!
गीता ने मुझे कह रखा था कि जब तक राहुल मेरे पीछे पड़कर मुझे घर नहीं बुलाये, मैं नहीं आऊँ…जब मैंने पूछा ‘ऐसा क्यों…?’
तो वो बोली- राहुल कितनी भी कसम खा ले… पर शक हमेशा करेगा! इसलिए अगर मैं अपनी मर्जी से उनके घर गया तो शायद चुदाई न हो… और अगर राहुल मुझे खुशामद करके ले जाएगा तो वो चुदाई भी करवाएगा।
और ऐसा ही हुआ।राहुल ने दो-तीन दिन बाद मुझ से घर आने को कहा तो मैंने काम का बहाना बना कर टाल प्रिया।
अगले दिन राहुल ने मुझे फ़ोन पर काफी जोर प्रिया और घर आने को कहा।मेरा भी लंड तो जोर मार ही रहा था, मैं शाम को घर से नहा कर खाना जल्दी खाकर निकला, रोमा को बोल प्रिया कि लौटने में देर हो जाएगी।
मैं सीधा राहुल के घर गया।नीचे चाचीजी बोली- कभी रोमा को भी ले आया कर?
अब मैं उनको क्या कहता?पर दिमाग में एक आईडिया आया कि क्यों न रोमा को भी इस खेल में शामिल कर लिया जाए!
पर इसमें मुझे राहुल और रोमा दोनों की नीयत जाननी जरूरी थी।
‘चलो अभी तो ऊपर चलूँ और अपनी माशूका की प्यास बुझाऊँ…’ यह सोच कर में तेजी से ऊपर गया।
ऊपर राहुल अकेला था, गीता कहीं दिखाई नहीं दे रही थी।मैं बड़ा उदास हुआ कि मुझे राहुल ने बुलाया क्यों है?
राहुल मेरी परेशानी समझ गया और हंस कर बोला- गीता नहा रही है!तभी गीता ने राहुल को आवाज दी और कहा- जरा मेरी पीठ पर साबुन लगा दो…
राहुल ने मेरी ओर आँख मार कर कहा- सनी तू जा!मैंने कहा- मेरे कपड़े भीग जायेंगे!
तो राहुल ने कहा- कपड़े उतार दे और तौलिया लपेट कर चला जा!
मुझे संकोच हो रहा था तो राहुल ने मेरे हाथ में तौलिया थमा प्रिया।मैं समझा कि यह सब गीता की बनाई कहानी है।
मगर ऐसा था नहीं, यह राहुल ने प्लान किया था क्योंकि इससे उसे लगा कि गीता खुश हो जाएगी।
अब मैं केवल तौलिया लपेट कर बाथरूम में घुसने के लिए तैयार हुआ, राहुल ने गीता को आवाज दी- दरवाजा खोल दो।और खुद बाथरूम में घुसा और लाइट बंद कर दी।
फिर वो बाहर आ गया और मुझे बाथरूम में कर प्रिया।
अन्दर अँधेरा था और दो बदन नंगे थे।मैंने गीता को टटोला और उसे अपने होंठों से चिपका लिया।
गीता दंग रह गई, बोली- तुम कब आये और राहुल कहाँ है?मैंने उसे बताया- राहुल ने ही मुझे भेजा है तुम्हें नहलाने के लिए!
गीता यह सुन कर गर्म हो गई और मुझे शावर के नीचे खींच ले गई।
एक तो नंगे बदन ऊपर से शावर की बौछार… मानो सावन में आग लग गई थी।
मैंने उसे उठाना चाहा तो गीता ने अपना एक पैर टोंटी पर रख प्रिया और अपनी चिकनी चूत मेरे आगे कर दी।
मैंने भी अपना लंड उसकी चूत के मुंह पर रख कर अन्दर धकेल प्रिया।
सच जन्नत का मजा आ रहा था, नीचे चूत और लंड मिल रहे थे, बीच में उसके मम्मे मेरी छाती से टकरा रहे थे और ऊपर दोनों की जीभ एक दूसरे को चूस रही थी।
तभी राहुल की बाहर से आवाज आई- कुछ मेरे लिए भी छोड़ दो…
हमने अपने को संभाला और तौलिया लपेट कर बाहर आ गए।बाहर आकर गीता ने एक लम्बा चुम्बन राहुल को प्रिया और उसकी शॉर्ट्स में हाथ डाल कर उसका लंड पकड़ लिया।
राहुल सारी शिकायत भूल कर गीता को उठा कर बेड पर ले गया और उसका तौलिया निकाल कर उसके मम्मे चूसने लगा।
मैं भी बेड पर आ गया, अब गीता का एक मम्मा मैं चूस रहा था दूसरा राहुल!
गीता के दोनों हाथों में हम दोनों के लंड थे।राहुल ने अपनी उंगली उसकी चूत में कर रखी थी जिसकी स्पीड वो बढ़ाता जा रहा था।
गीता ने भी अब आवाजें निकालनी शुरु कर दी थी, गीता अब राहुल से बोली- जल्दी से मेरी चूत में आ जाओ।
गीता अब हाँफ रही थी और बड़बड़ाते हुए कह रही थी- राहुल… सनी… मेरी चूत की आग बुझा दो, दोनों मिल कर फाड़ दो मेरी.. आ जाओ जानू मेरी चूत आज तुम दोनों के लंड खा जाएगी!
राहुल ने भी कहा- हाँ जानू, आज हम तेरी चूत का भोसड़ा बना देंगे, दोनों मिलकर तेरे को बहुत मजा देंगे! तेरी चूत फाड़ ही देंगे!
राहुल नीचे लेट गया और अपने ऊपर उसने गीता को लिटा लिया पीठ के बल और अपना लंड उसकी चूत में घुसेड़ प्रिया।वो नीचे से धक्के दे रहा था।
राहुल ने कहा- सनी तू ऊपर से आ जा!
एक बार तो मुझे लगा कि वाकयी इससे तो गीता की चूत फट ही जाएगी… एक चूत में दो लंड…
मुझे सकुचाता हुआ देख कर राहुल बोला- घबरा मत, कुछ नहीं होगा… आज इस हरामजादी की चूत बिल्कुल रंडी की चूत बनी हुई है, जितनी मर्जी लंड खा लेगी!
गीता भी बोली- हाँ सनी, आज देखूँगी कि तुम दोनों के लंडों में कितना दम है!
यह सुनकर में भी अपना लंड अपने हाथ में लेकर बिस्तर पर चढ़ गया और गीता की चूत में पेल प्रिया।
एक बार तो गीता चीखी फिर मेरे को अपनी बाँहों में भर लिया।अब उसकी चूत में दो दो लंड थे, मैंने भी चुदाई शुरू कर दी।
गीता बड़बड़ा रही थी- मजा आ गया सनी और जोर से.. आज सारी कसर निकाल दो… मेरी प्यास बुझा दो दोनों मिलकर…
राहुल के धक्के तो तेज नहीं लग पा रहे थे पर मैंने अपनी रफ़्तार राजधानी एक्सप्रेस जैसी कर दी। दो मिनट के बाद मेरा होने को आया तो मैंने गीता से पूछा- जानू क्या मैं तुम्हारे मुँह में आ जाऊँ या मम्मों पर?
गीता बोली- जहाँ तुम्हारा मन आये वहीं आ जाओ, मैं तो अब तुम दोनों की हूँ!
मैंने अपना लंड निकालकर उसके मुँह में कर प्रिया, मेरा फव्वारा छूटा तो उसने अपने हाथों से मेरा लंड पकड़ लिया और लोलीपॉप की तरह चूस कर चाट कर साफ़ कर प्रिया।
उधर राहुल ने भी अपना माल उसकी चूत में खाली कर प्रिया।
मैंने गीता को दोबारा होंठों से चिपका लिया और उसके मुँह में अपनी जीभ डाल दी।उसके मुँह में मेरे वीर्य का स्वाद था।
अब वक़्त हो चुका था मेरे घर जाने का!
अब मेरे और गीता को कोई रोकने वाला नहीं था!और कोई यानि राहुल रोकता भी क्यों और कैसे… उसको यह अहसास हो चुका था कि वो अपने खेल में फँस चुका है। अब केवल एक ही रास्ता है कि वो इसे एन्जॉय करे
और अब वो यह कर भी रहा था।
हम लोगों ने यह तय किया कि अब हम लोग हफ्ते में एक बार जरूर मिलेंगे और जोरदार मस्ती होगी।
एक दिन गीता ने मुझे बताया कि अगले दिन उसकी चचेरी बहन कावेरी आ रही है और इस बार गीता को कावेरी की सेटिंग राहुल से करनी है तो अगले चार पाँच दिन वो बिजी रहेगी।
अगली कहानी में आपको बताऊँगा कि गीता, कावेरी और राहुल ने क्या गुल खिलाये!support@mohakkisse.com