होम पर वापस जाएं
इंडियन बीवी की चुदाई पठन समय: 15 मिनट पढ़ा गया: 758 बार

दोस्त की बीवी को लण्ड चूसना सिखाया

रोमा शर्मा

26 Jul 2010 को प्रकाशित

दोस्त की बीवी को लण्ड चूसना सिखाया
कहानी सुनें

ऑडियो प्लेयर (Play Audio)

स्वर: लोड हो रहा है...

0:00
0:00

दोस्तो, आप सभी ने मेरी काफ़ी कहानियाँ पढ़ी, काफी पसंद भी किया, उसके लिए मैं आप सभी का शुक्रिया अदा करती हूँ।कहानी पढ़ कर बहुत लोगों के मेल मेरे पास आए, सभी ने मेरी कहानी की बहुत तारीफ की।

पहले तो मैंने उन्हें मना कर प्रिया पर उनके बार बार आग्रह करने पर मैं उनकी कहानी आप तक पहुँचा रही हूँ।

दोस्तो आइये संजय जी की कहानी पढ़िए जो सिर्फ लिखी है मैंने! सुनिये संजय जी की कहानी उन्ही की ज़ुबानी:

मेरा नाम संजय है, मेरी उम्र 30 साल की है, मैं एक शादीशुदा आदमी हूँ, मेरी पत्नी का नाम नीलम है, मेरा एक दोस्त है जिसका नाम अर्जुन है।

अर्जुन मेरा काफी अच्छा दोस्त है, वो भी शादीशुदा है और उसकी बीवी का नाम साधना है।

बात तब की है जब हम दोनों दोस्त अपनी बिवियों के साथ एक ट्रिप पर हिल स्टेशन घूमने गए थे साधना 26 साल की होगी, उसकीशादी अर्जुन से एक साल पहले हुई थी।

साधना देखने में बहुत गोरी, गुलाबी गाल, उसका साइज 34-32-34 होगा मुझे बहुत ही मस्त लगती थी। ऊपर से उसके डीप कट के ब्लाउज़ और स्लीवलेस मुझे उसके बूब्स देखने को मजबूर करते थे।

उसे भी मर्दों का उसे घूरना पसंद आता था और वो भी फ़्लर्ट करने मैं माहिर थी पर मेरा दोस्त अर्जुन बहुत ही सीधा साधा सीरियस किस्म का इंसान था।पूरी ट्रिप में बहुत ऐसे मौके आये जब वो जान कर झुक कर मुझे अपने वक्ष उभारों के दर्शन कराती रहती थी पर मेरी बीवी के होने की वजह से मैं कुछ ख़ास कर नहीं पाता था।

पर मेरा तो मन करता था कि उसके ब्लाउज़ को फ़ाड़ दूँ, उसके गुलाबी और बड़े बड़े स्तनों को चूस चूस कर लाल कर दूँ और उसके गुलाबी होंठों के बीच में अपना लण्ड डाल कर चूसते हुए देखूँ।

फिर हमारी ट्रिप खत्म हो गई और हम घर आ गये। ट्रिप से आने बाद मेरा अर्जुन के घर आना जाना कुछ ज्यादा ही बढ़ गया।

किसी न किसी बहाने से अर्जुन के घर जाता उसकी बीवी से मिलने दिन बीते और मेरा और अर्जुन की बीवी साधना की एक दूसरे के साथ छेड़छाड़ बढ़ने लगी।मैंने तो अब पूरा मन बना लिया था कि मुझे तो साधना की चुदाई करनी है पर थोड़ा डर भी था क्यूँकि वो मेरे एक अच्छे दोस्त की बीवी थी।

अब मैं साधना की तरफ से हरी झंडी मिलने का इंतजार करने लगा, अपनी छेड़छाड़ को जारी रखा।साधना को मेरी इन हरकतों में बहुत मजा आता था और वो भी मेरा पूरा साथ देती थी।

एक दिन मेरे बीवी मायके गई कुछ दिन के लिए तो मैं घर में अकेला ही था कि तभी अर्जुन आया।उसने मुझे घर अकेला देख कर मुझसे पूछा- भाभी नहीं हैं क्या?

तब मैंने उसे बताया कि वो मायके गई है कुछ दिन के लिए!तो अर्जुन ने कहा- जब तक भाभी नहीं आ जाती, तुम खाना मेरे घर में ही खाया करो!मैंने भी उसकी इस बात पर हाँ कर प्रिया, मैं रोज रात का खाना खाने के लिए अर्जुन के घर जाने लगा।

एक रात जब में अर्जुन के घर गया तो साधना अकेली ही थी मैंने उससे पूछा कि अर्जुन कहा गया है तो उसने बताया कि वो उनके ताऊजी के घर गए हैं और उन्हें आने में काफी देर हो जाएगी।

मैं सोफे पर बैठा था और साधना दूसरे सोफे पर बैठी थी, हम दोनों बात कर रहे थे।

कुछ देर बातें करने के बाद मैंने साधना से कहा- मुझे बाथरूम जाना है!और मैं बाथरूम चला गया।

जब में बाथरूम से बहार आया तो साधना ने खाना टेबल पर लगा प्रिया था और उसने अपने कपरे भी बदल लिए थे, अब उसने एक नाइटी पहनी हुई थी नाइटी इतनी पतली थी कि उसने अंदर जो ब्रा और पैंटी पहनी हुई थी, उसकी लाइन उभर कर दिख रही थी।

मैं साधना को इस रूप में देख कर उत्तेजित होने लगा था और मन ही मन साधना को चोदने की सोचने लगा।शायद साधना का इस तरीके की पतली सी नाइटी पहन कर मेरे सामने आना मेरे लिए हरी झंडी थी, मैं मन में साधना को चोदने का प्लान बनाने लगा।

हम दोनों खाना खाने के लिए डाइनिंग टेबल बैठ गए, साधना मेरे सामने वाली कुर्सी पर बैठी थी।जब साधना झुक कर मुझे खाना परोसती तो उसके झुकने से दोनों बूब्स के बीच की दरार 2 इंच अंदर तक दिखाई देती जो मेरीउत्तेजना को और बढ़ा रही थी।

मेरे नजरे साधना के बूब्स पर ही थी, तभी साधना ने मुझे उसकी नाइटी के अंदर झाँकते देख लिया- क्या देख रहे हो?मैं- तुम बहुत सुन्दर हो साधना और…साधना- और क्या?मैं- और सेक्सी भी!

साधना- लेकिन आपकी बीवी तो मुझ से भी सुन्दर और सेक्सी है।मैं- हाँ, लेकिन आज तो तुम मेरी बीवी को भी फ़ेल कर रही हो!साधना- ऐसा क्या?

इतना कह कर साधना हंसने लगी और बोली- कई बार आपकी बीवी ने मुझे अपनी चुदाई लाइफ के बारे में बताया है कि आप कैसे उनकी चुदाई करते हो और कितने तरीकों को आपने इस्तेमाल किया है।

साधना के मुँह से चुदाई की बात सुन कर मैं थोड़ा चौंक गया और साधना ने कहा- मैं तो कब से इस टाइम का वेट रही थी कि कब मेरे पति घर पर ना रहें और तुम्हें बुला कर तुम से चुदूँ।

फिर खाना खाने के बाद साधना मुझे बैडरूम में ले गई, हम दोनों बेड पर बैठ गए और सेक्स की बातें करने लगे।मैं उसे अपने और मेरी बीवी के चुदाई करने के तरीके बताने लगा।

फिर मैंने उससे पूछा- तुम्हारी सेक्स लाइफ किसी चल रही है?साधना निराश हुई और कुछ नहीं कहा।

मैं- क्यों साधना क्या हुआ? अर्जुन तो बहुत अच्छा इंसान है और उसका शरीर भी शक्तिशाली ही दीखता है।साधना- केवल दिखता है पर है नहीं, वो रात को मुझे उत्तेजित किये बिना मुझ पर चढ़ जाता है और धक्के लगने के बाद पलट कर सो जाता है और मैं चुदाई की आग में रात भर सुलगती रहती हूँ। जब से आपकी बीवी ने मुझे आपकी और उनकी चुदाई की बातें बताई, तब से मैं आपसे चुदना चाहती हूँ।

साधना की ऐसी बातें सुन कर मैंने अपने होंठ साधना के होंठो पर रख दिए और उसके होंठों को चूसने लगा।होंठ चूसने के साथ मेरे हाथ नाइटी के ऊपर से ही उसके बदन पर घूम रहे थे। मैंने साधना को बहुत कसकर अपनी बाहों में जकड़ लिया और अब वो भी धीरे धीरे गर्म होने लगी थी। अब मैं गर्म तो पहले से ही बहुत था।

फिर मैं साधना के बूब्स को बहुत बेरहमी से दबाने लगा और उसके मुँह से ‘आह्ह्ह्ह उह्ह्हह्ह… प्लीज… थोड़ा धीरे करो!’ ऐसी आवाज़ आ रही थी।

लेकिन मुझ पर चूत का भूत सवार था मैं बहुत पागल हो चुका था, मैं बस उसको पागलों की तरह किस किए जा रहा था और फिर देखते ही देखते मैंने साधना के हाथ ऊपर करके उसकी नाइटी को उतार प्रिया।साधना अब ब्रा और पेंटी में थी साधना ने लाल रंग की सेक्सी ब्रा पैंटी पहनी हुई थी तो मैं तो साधना को इस सेक्सी ब्रा पेंटी में देख कर और ज्यादा मदहोश हो गया।

अब वो भी बहुत गर्म हो चुकी थी। उसने भी मेरी जीन्स का बटन खोल प्रिया और मुझे जीन्स उतारने का इशारा किया तो मैंने जीन्स के साथ अपनी शर्ट भी उतारी और मैं अब सिर्फ अंडरवीयर में था।

मैंने उसको बहुत धीरे से धक्का देकर बेड पर पटक प्रिया और उसे नीचे से ऊपर तक अपनी जीभ से चूमने, चाटने लगा और उसके जिस्म का एक एक हिस्सा चूमने लगा।

यह भी पढ़ें (Recommended)

अतिथि-1

अब वो बहुत पागल सी हो गई थी, हम दोनों जोश में थे और मेरा लंड तनकर बहुत टाईट हो चुका था और बहुत बड़ा भी!इस लिये मैंने अपनी अंडरवीयर भी उतार दी।

जैसे ही साधना ने मेरा लण्ड देखा, वो कहने लगी- हाय राम ! इतना बड़ा?फिर मैंने उससे मेरा लंड चूसने को कहा तो वो बोली कि यह सब सही नहीं है और वो यह सब नहीं करेगी, उसको यह बिल्कुल भी पसंद नहीं है।

मैंने बोला- साली, तुझे चूसना तो पड़ेगा।मैं उसके ऊपर चढ़ गया और अपने लंड को उसके होंठ पर रखकर ज़बरदस्ती मुंह में डालने लगा। वो थोड़ी देर मना करती रही लेकिनफिर मैंने उसकी नाक बंद कर दी सांस लेने के लिए जैसे ही उसने अपना मुँह खोला तो मैंने लंड उसके मुँह में डाल प्रिया और कस कसकर झटके देने लगा कि जैसे मैं उसके मुँह को चोद रहा हूँ।

थोड़ी ही देर में साधना को भी मेरा लण्ड चूसने में मज़ा आने लगा वो जोर जोर से मेरा लण्ड चूसने लगी।मैं अब बहुत गर्म हो गया था, थोड़ी देर झटके देने पर मेरा वीर्य उसके मुँह में ही निकल गया और अब वो लंड को मुँह से बाहर निकालना चाहती थी, लेकिन मैंने नहीं निकालने प्रिया और मैंने सारा वीर्य उसके मुँह में निकाल प्रिया।

जैसे ही सारा वीर्य निकला, मैं तुरंत उसके ऊपर से हट गया तो वो जल्दी से बाथरूम की तरफ भागी और जो उसके मुँह में बचा हुआ वीर्य था, उसको उसने झट से बाहर थूक प्रिया और फिर मुझ पर बहुत गुस्सा करने लगी।

अब वो मुझसे बहुत गुस्से में बोली- मुझको यह सब पसंद नहीं है, मैंने आज तक अपने पति के साथ कभी भी ऐसा गंदा काम नहीं किया।

मैं उसके मुख से यह बात सुनकर ज़ोर ज़ोर से हंसने लगा और उससे बोला- यह तो इतनी मस्त लोलीपोप है, अगर तुमने अभी तक इसको नहीं चूसा तो फिर क्या किया?

और फिर मैं उसको जबरदस्ती बेड पर पटक कर बहुत जंगली वाला प्यार करने लगा और वो भी अब मदहोश हो गई थी।मैंने उसके चूत के दाने को पागलों की तरह चूसा, चाटा और अपनी ज़बान से अंदर तक उसकी चूत को चाटने लगा।

वो पागल होकर मेरे बालों को पकड़ कर कसकर मेरे सर को चूत पर दबा रही थी और मेरे मुँह को अपनी चूत पर रगड़ रही थी और सिसकारियाँ ले रही थी।

फिर थोड़ी ही देर में उसकी चूत का बहुत सारा पानी निकल गया, तब तक मैं एक बार फिर से थोड़ा गर्म होने लगा था।

मैंने उससे एक बार फिर से कहा- मेरा लंड चूस!लेकिन वो नाटक करने लगी।

मैंने उससे कहा- साली मदारचोद आज नाटक कर रही है, एक दिन तू खुद इसको चूसने के लिए तरसेगी।

फिर मैंने उसको नीचे बैठाया और ज़बरदस्ती उसके मुँह में अपना लंड डाल प्रिया। वो अब धीरे धीरे चूसने और चाटने लगी।

फिर कुछ ही देर में मेरा लंड एकदम टाईट हो गया और फिर मैंने साधना को घोड़ी बनने को कहा तो वो बन गई।

मैंने जल्दी से अपना लंड उसकी रसभरी चूत के छेद पर रखकर एक ऐसा ज़ोर का झटका प्रिया कि उसके मुख से चीख निकल गई और मैं अब उसकी गांड पर कस कसकर थप्पड़ मारने लगा और उसके बालों को पीछे से पकड़कर बहुत कस कसकर झटके देने लगा।

वो बहुत ज़ोर से चिल्लाने लगी और चीखने लगी- आह्ह्ह ह्ह्ह्ह शईई ईईइ उह्ह्ह्ह हहह… मेरी चूत फट गई! प्लीज अब इसे बाहर निकालो! तुम्हारा बहुत बड़ा है… आह्ह्ह्ह ऊऊह्ह प्लीज अब छोड़ दो मुझे!

लेकिन मैं कुछ नहीं सुन रहा था. बस जोरदार धक्के देकर चोदे जा रहा था।5-6 मिनट तक ऐसे ही लगातार धक्के लगाता रहा और फिर मेरा वीर्य उसकी चूत में निकल गया और फिर मैंने लण्ड साधना की चूत से निकाल लिया और उससे कहा- चल अब लण्ड को चाट चाट कर साफ कर!

वो मना करने लगी, लेकिन फिर मैंने कहा- अब तो तुझे हमेशा यह सब करना है! चल… आज से तू मेरी रंडी है।

फिर वो बोली- मुझे उसे आज तक कभी चुदने में इतना मज़ा नहीं आया!

साधना की चुदाई करने में 12 बज चुके थे तो साधना बोली- मेरे पति आते ही होंगे! आज तो मैं तुम से जम कर चुदी हूँ, अब अगर किसी दिन और मौका मिला तो मैं तुम को फ़ोन कर के बुला लूँगी।

मैंने भी उसे हाँ कर दी और मैं घर आ गया।

फिर कुछ ही दिन बाद साधना का फ़ोन आया और उसने मुझसे कहा- क्यों याद नहीं आता क्या वो प्यार?

तो मैंने बोला- साली, तू कोई भूलने वाली चीज है क्या?इस बात पर वो बोली- चलो आज करते हैं, आज घर पर कोई नहीं है।

मैंने उसको हाँ कह प्रिया और उसके घर पर चला गया और मैंने यह सोच लिया था कि आज मैं इसको अपना लंड इतना चुसवाऊँगा और इतना चोदूंगा कि यह साली पागल हो ज़ायेगी।

उस दिन मैंने उसको ज़बरदस्ती बैठाकर लंड को मुहं में डाल प्रिया और बहुत देर तक उसका मुँह चोदा।

वो बहुत दिन बाद चुदवा रही थी तो ठीक से पूरा अंदर ले नहीं ले पा रही थी, लेकिन मैं कस कसकर झटके देता रहा।और अब ऐसा मौका हमको जब भी मिलता है तो मैं बस लंड से चूत को चोदता और वीर्य उसके मुँह में ही निकालता।

साधना अब धीरे धीरे मेरे लंड की दीवानी हो गई है और अब तो वो मेरा ऐसा लंड चूसती है कि मैं क्या कहूँ!

फिर एक दिन मैंने उससे पूछा- क्या तू मेरे लंड को याद करती है?तो वो बोली- हाँ बहुत!

अब हम दोनों जब भी मौका मिलता है तो बहुत जबरदस्त चुदाई करते हैं।

दोस्तो, यह थी दोस्त की बीवी की चुदाई जिसमें उसने लन्ड चूसना सीखा।प्लीज़ अपने विचार मुझे बताएँ कि आप सभी को यह कहानी कैसी लगी!मैं आप सभी के मेल का इंतजार करूँगी।support@mohakkisse.com

कहानी पर अपनी प्रतिक्रिया दें (React to Story)

इसी श्रेणी से अन्य कहानियाँ

बीवी की चुत चुदाई मेरे दोस्त से-1
इंडियन बीवी की चुदाई

बीवी की चुत चुदाई मेरे दोस्त से-1

25 अक्टूबर 2015 को मेरी पत्नी दिया बहुत कामुक मूड में थी।मेरी पिछली कहानीसेक्सी बीवी और दोस्त के साथ लम्बी ड्राइव-1पढ़ कर जैसा आप सब जानते ही हैं कि वह घर में कपड़ो के नीचे ब्रा या पेंटी नहीं पहनती पर नार्मल कपड़े पहनती है। उस दिन मैं भी शाम से ही ...

13 मिनट 576
अतिथि-1
इंडियन बीवी की चुदाई

अतिथि-1

गर्मियों के दिन थे, ठंडे रूस में भी दिन की गर्मी झुलसाए दिए जा रही थी. नताशा संग हम लोग नए ए सी की ठंडक के मजे ले रहे थे. तभी नताशा के मोबाइल की घंटी बज उठी. नंबर अंजान था, मेरी पत्नी ने उत्तर प्रिया. दूसरी तरफ से रूसी भाषा में आवाज आई तो पता चला कि...

14 मिनट 407
सहेली के पति से फ्री सेक्सी इंडियन चुदाई-2
इंडियन बीवी की चुदाई

सहेली के पति से फ्री सेक्सी इंडियन चुदाई-2

मेरी मेरी वासना की कहानी के पिछले भागसहेली के पति से फ्री सेक्सी इंडियन चुदाई-1में अब तक आपने पढ़ा कि मेरी सहेली शेफाली और उसका पति अंकुश स्विमिंग पूल में मस्ती करने लगे थे. उनकी मस्ती देख कर मेरी चुत में चींटियां रेंगने लगी थीं.

15 मिनट 582

पाठकों की राय

2 टिप्पणियां

समीर खान 54

2 months ago

कहानी बहुत ही शानदार थी, अंत तो लाजवाब था।

साहिल यादव

2 months ago

कहानियों का ये संग्रह बहुत ही अच्छा है। आपका फैन हो गया हूँ।

🔒 सुरक्षा कारणों से कॉपी करने की अनुमति नहीं है।