होम पर वापस जाएं
Group Sex Story पठन समय: 9 मिनट पढ़ा गया: 621 बार

मेरी सहेली और मेरी चुदाई

शालिनी मेहता

07 Oct 2022 को प्रकाशित

मेरी सहेली और मेरी चुदाई
कहानी सुनें

ऑडियो प्लेयर (Play Audio)

स्वर: लोड हो रहा है...

0:00
0:00

मधु मेरी बहुत अच्छी सहेली है, मैं अक्सर उसके घर जाती हूँ।उसका बड़ा भाई है जो मुझे अच्छे से जानता है।

अब मैं आपको एक दिन की ऐसी बात बताऊँगी जिसे सुनकर आप को बस मजा आ जाएगा।

हुआ यूँ कि मैं घर पर बोर हो रही थी तो सोचा कि मधु के घर चलकर उससे गप्पें मारी जाएँ। लेकिन वहाँ जो हुआ वो मुझे पूरी ज़िन्दगी याद रहेगा। मधु घर पर नहीं थी। उसका भाई और भाई का एक दोस्त वहाँ पर थे।

मेरे वहाँ पहुंचते ही भाई ने कहा- शालू, ज़रा हम दोनों के लिए चाय बना दे।

मैंने बना दी और मधु का इंतज़ार करने लगी और उन दोनों के साथ गप्पें भी लड़ाने लगी।फिर उनका दोस्त, जिसका नाम मोहित है मेरे पास आकर बैठ गया और यहाँ वहाँ की बातें करने लगा।

अब आ गया सेक्स का टॉपिक… अब मैंने कभी ना किसी को चूमा और ना ही कभी किसी से अब तक चुदी थी।मोहित ने कहा- अगर कहो तो तुम्हें बताएं कि यह सब क्या कैसे होता है?

थोड़ा ना-नुकर के बाद मैंने सोचा- चलो देखते हैं कि यह सब होता कैसे है।तो मैं उसकी ओर देखती रही।

मोहित ने मेरा चेहरा अपने दोनों हाथों में लिया और मेरे होठों को चूम लिया। एक सिरहन सी दौड़ गई।

यह तो शुरूआत थी। उसने फिर मेरे गाल चूमे, मेरे आँखें, गर्दन और फिर मेरा गला। जब उसने ठुड्डी चूसी तो मैं उछल गई… और भी चुमवाने की इच्छा हुई। मोहित फिर मेरे पीछे आ गया और मेरी बाहों के नीचे से अपने दोनों हाथ निकालकर मेरे मम्मे दबाने शुरू किये। मैं सिहर गई। मैं बस हूँ हूँ करती रही।

अब उसने मेरी टी-शर्ट के अन्दर हाथ डाला और मेरी ब्रा के ऊपर से मुझे दबाने लगा। फिर एकदम फुर्ती से उसने मेरी टी-शर्ट उतार दी। मुझे बहुत शर्म आ रही थी लेकिन उत्सुकता भी थी। मोहित मुझे मसलता रहा और मैं उसकी बाहों में कसमसाती रही। फिर मेरी ब्रा कब उतरी मुझे याद नहीं लेकिन जब होश आया तो देखा मैं मोहित की गोद में थी और वो मेरे मम्मों को मसल रहा था। फिर वो मेरे मम्मों को चूसने लगा।

मैं हड़बड़ा गई। लेकिन अब तो काफी आगे निकल चुकी थी। उसने मुझे खड़ा किया और अपनी शर्ट उतार दी। फिर उसने मेरी जींस उतारी, मैं अब केवल चड्डी में थी और वो भी चड्डी में आ गया। उसका पूरा खड़ा था। फिर उसने मेरी चड्डी उतारी और इस तरह मैं पूरी नंगी हो गई।

मोहित ने मुझे सोफे पर लिटाया और मेरी चूत को चूसने लगा। पहली बार कोई मेरी झांटें छू रहा था, पहली बार कोई मेरे मम्मे चूस रहा था, पहली बार कोई मेरी चूत को देख रहा था और पहली बार मैं किसी के सामने ऐसी नंगी हुई थी।

मोहित ने मेरी चूत को खूब चूसा और काफी चूसने के बाद मेरे अन्दर कुछ हुआ… मैंने उसे रोकना चाहा!मोहित बोला- बेबी, तू झड़ रही है।मैंने कहा- मतलब?मतलब कि तेरी चूत से अब रस निकलेगा और मेरे अन्दर कुछ फूटा और मैं निढाल हो गई।

थोड़ी ही देर में मोहित ने मुझे उठाया और खुद सोफे पर लेट गया। अपनी चड्डी उतारी और बोला- बेबी, ले मेरा लंड पकड़ और चूस।मैं पहली बार एक लंड देख रही थी। गन्ने की तरह था… सख्त-मोटा-लम्बा।

मैंने धीरे से हाथ लगाया। मोहित ने मुझे अपना लंड पकड़ाया और ऊपर नीचे किया और कहा- ऐसे करो!मैं करने लगी।फिर उसने कहा- अब चूसो।मैंने कहा- नहीं।

मोहित ने मुझे अपनी ओर खींचा और मेरा मुँह खोलकर अपना सुपारा मेरे मुँह में दे प्रिया। मैंने उसे चूसा। बड़ा अजीब सा लगा!फिर मोहित ने मेरा सर पकड़कर पूरा लंड मेरे मुँह में डाल प्रिया।मैं चूसने लगी। मैंने खूब चूसा, खूब चूसा। मजा आ गया।मैं मधु के भाई के बारे में तो भूल ही गई थी। वो दूसरे कमरे में था, वो बाहर आया और नज़ारा देखकर हैरान रह गया।

अब दृश्य ऐसा था: मोहित सोफे पर बैठा था- दोनों टाँगें इधर उधर हवा में और उसका लंड मेरे मुँह में अन्दर-बाहर हो रहा था- मैं उकडू होकर नीचे थी- मैं मधु को भाई को नहीं देख पाई थी।इतने में वो मेरे पीछे आया और अपनी जुबान से मेरी चूत चाटने लगा।

मैं चौंकी! पलटकर देखना चाहती थी लेकिन मोहित ने सर पकड़ रखा था। भाई ने कब अपने कपड़े उतारे, मुझे नहीं पता और मेरे पीछे आ गया। उसका लंड मेरी गांड से टकराने लगा और मुझे लगा ‘हे भगवान्… मधु देखेगी तो क्या कहेगी।’खैर!भाई ने मेरी टांगें इधर उधर कीं और चूत को थोड़ा फैलाया और अपना सुपारा मेरी चूत के अन्दर!

पहली बार मैं चुद रही थी। मैं चीख पड़ी। भाई सरपट सरपट चोदने लगा।मोहित बोला- साले, सील तो मैं तोड़ने वाला था! तू क्यों आ गया।भाई बोला- पता होता यह इतनी गर्म है तो मैं तो कब का इसका भोसड़ा बन देता।मैं चुदती रही और साथ ही मोहित का लंड चूसती रही।

इतने में मोहित ने कहा- चल साइड बदलें।भाई सामने आ गया और मोहित ने मेरी चूत संभाली। मैं भाई से नज़रें नहीं मिला पा रही थी। भाई ने मेरा गला सहलाया और अपना लौड़ा मेरे मुँह में डाल प्रिया। और उसी समय मोहित ने अपना मूसल मेरी चूत में पेल प्रिया।मेरी हालत क्या हो गई कह नहीं सकती- मुँह में और चूत में ऐसा दर्द हुआ कि क्या कहूँ!लेकिन हाँ! बोर नहीं हो रही थी- लेकिन इसकी आशा नहीं थी कि आज मेरी सील टूटेगी। दोनों मर्द मुझे चोदते रहे और मैं चुदती रही। मेरी चिल्लाहट से इन्हें कोई मतलब नहीं था, इन्हें सिर्फ अपने लंड को मजे देना था।

थोड़ी देर में भाई ने अपना पूरा वीर्य मेरे मुँह में डाल प्रिया और मोहित ने अपना माल मेरी पीठ पर गिरा प्रिया। मैं तो दो-तीन बार झड़ चुकी थी। तीनों फिर निढाल होकर सोफे पर बैठ गए… मैं बीच में और ये दोनों मेरे अगल बगल।

अब आगे की सुनिए। भाई नीचे लेट गया और अपना लंड सहलाने लगा, उसका खड़ा होने लगा और देखते ही देखते एकदम कुतुब-मीनार हो गया।उसने कहा- शालू, चल मेरे लंड पर बैठ!

मैं आई और अपनी चूत में लंड डालने का प्रयास करने लगी। भाई ने मदद की और लंड मेरी चूत में समाने लगा। फिर मैं उचकने लगी और चुदने लगी।इतने में मोहित आया, वह अपने लंड को आगे पीछे करता हुआ मुट्ठ मार रहा था, उसका भी खड़ा हो गया।उसने कहा- भाई पर मेंढक की तरह बैठ!मैं उसी तरह बैठी और मोहित मेरी गांड में उंगली करने लगा।

मैंने सोचा- बॉस आज तो गई! यह तो मेरी उलटी-सुलटी दोनों तरफ से बजायेंगे।

मैंने एक बार मना किया लेकिन मोहित नहीं माना, बोला- बेबी तेरी गांड बड़ी सुडौल है। जब तक मेरे टट्टे इन पर नहीं गिरेंगे, मुझे नींद नहीं आएगी।भाई बोला- शालू, कुछ नहीं होगा।मैं मान गई। मेरे ऊपर मोहित लेटा और अपना लौड़ा मेरी गांड में डालने लगा।मैं चीखने लगी- रुको! रुको! बोलने लगी।

लेकिन साब! दोनों ऐसे मेरी ले रहे थे जैसे कोई कम्पटीशन हो रहा हो। मैं गांड मरवा रही थी और चुद रही थी!बीच बीच में दोनों मेरे मम्मों को भी दबा रहे थे। अभी यह चल ही रहा था कि मधु अन्दर आई। वो कब अन्दर आई, किसी को कुछ पता नहीं चला। वह एकदम एकटक मेरी चुदाई देखती रही।

मधु को ना जाने क्या हुआ, उसने भी अपने सारे कपड़े उतार दिए और हम सबके सामने आ गई।भाई ने उसे डांटा और कहा- मधु, अन्दर जा।मधु बोली- भैया, मैं भी चुदूंगी।

मोहित ने अपना लंड निकाला और मधु के मुँह में डाल प्रिया। 69 की दशा में दोनों एक दूसरे को चूसते रहे और फिर मोहित ने उसको कुतिया बनाकर चोदना शुरू किया।भाई देखता रहा अपनी बहन को चुदते हुए!

इस तरह से हमने पूरी दोपहर काटी। मोहित ने मधु को दो बार चोदा और एक बार उसकी गांड मारी, भाई ने मुझे तीन बार चोदा।

उस दिन के बाद से मैं हर हफ्ते भाई से चुदती हूँ। मोहित मुझे और मधु को हर दूसरे तीसरे दिन चोदता है। हम चारों बहुत सुखी हैं। चुद चुद के हम दोनों की चूत बम भोसड़ा बन गई है। लेकिन मजा बहुत आता है।शालूsupport@mohakkisse.com

कहानी पर अपनी प्रतिक्रिया दें (React to Story)

इसी श्रेणी से अन्य कहानियाँ

Nidhi Ne Chudwayi Apni Behan Ki Chut
Group Sex Story

Nidhi Ne Chudwayi Apni Behan Ki Chut

Hello dosto, aapka ek baar fir se welcome hai. Dosto meri pichhli indian sexy story in hindi par kafi achha responce mila, to ab aapke samne pesh hai ek aur dhamakedaar kahani jisko padh kar har ladka muth jarur marega.

10 मिनट 833
मेरी चूत गान्ड और बड़े-बड़े लौड़े -1
Group Sex Story

मेरी चूत गान्ड और बड़े-बड़े लौड़े -1

हाय, मेरा नाम अंजलि अरोड़ा है.. अभी मेरी उम्र 32 साल है.. मेरा रंग एकदम गोरा है, मेरी चूत भी एकदम दूध सी सफेद है, मेरा फिगर 36-30-38 है। मैं एक शाद-शुदा महिला हूँ.. अब आगरा में रहती हूँ।मेरे पति देश के बाहर जॉब करते हैं.. दो बच्चे हैं जो हॉस्टल में...

8 मिनट 734
किसी ने पीछे से पेल प्रिया लण्ड मेरी गांड में
Group Sex Story

किसी ने पीछे से पेल प्रिया लण्ड मेरी गांड में

चूत गांड Xxx कहानी में मैंने एक दिन अपने चचा को मेरी अम्मी की चूत मारते देखा. मुझे चाचा का लंड पसंद आ गया. लण्ड की जरूरत मुझे थी और चूत की जरूरत उसे!

16 मिनट 886

पाठकों की राय

1 टिप्पणी

मनु शर्मा

3 months ago

कहानियों का ये संग्रह बहुत ही अच्छा है। आपका फैन हो गया हूँ।

🔒 सुरक्षा कारणों से कॉपी करने की अनुमति नहीं है।