दोस्तो,मैं हरियाणा का रहने वाला सीधा साधा सा लड़का था।मैं किसी को भी बुरी नज़र से नहीं देखता था पर मुझे पंजाबी लड़कियां ज्यादा ही आकर्षित करती हैं। मैं सोचता था कि मैं जब भी शादी करूँगा तो किसी पंजाबन से ही करूँगा।
एक बार मैं किसी काम से एक सरकारी दफ्तर गया तो मैंने वहां पर एक पंजाबी लड़की को देखा। वह वहां पर काम करती थी। मैंने उससे वहां के सीनियर के बारे में पूछा तो उसने बताया कि वो आज छुट्टी पर हैं।
मैंने उससे पूछा कि साहब कब आयेंगे तो उसने बताया कि 4-5 दिन बाद आएँगे। मैंने दफ्तर का टेलेफोन नम्बर माँगा तो उसने मुझे बतया कि वो आज ख़राब है तो आप मेरा सेल नम्बर नोट कर लो। उसने मुझे नम्बर दिया।
मैं चलने लगा तो उसने बड़ी प्यारी सी मुस्कुराहट दी।
चार दिन बाद मैंने लगभग दस बजे सुबह फ़ोन किया उसके सेल पर तो उसने बताया कि आज वो ऑफिस के लिए लेट हो गई है, साहब आ गये हैं!
मैंने औपचारिकता से पूछा कि क्या मैं आप को अपनी गाड़ी से ऑफिस छोड़ दूं, क्योंकि उसका घर मेरे घर से मात्र दो किलोमीटर दूर था और ऑफिस दस किलोमीटर।
मैं उसके बताए हुए पते पर बीस मिनट बाद पहुँच गया और उसे लेकर ऑफिस ड्राप किया।उस दिन उसने सलवार कमीज़ डाल रखा था और वो बहुत सेक्सी लग रही थी।
अब हमारी दोस्ती का सिलसिला चल पड़ा। वो मुझे फ़ोन करती। हम 3-4 घंटे बातें करने लगे!
एक दिन उसने मुझे बताया कि उसे रोहतक जाना है और आज बस की स्ट्राइक है! जाना भी जरूरी था।
मैंने उससे कहा- यार तुम फिक्र मत करो! अपनी गाड़ी तैयार है!
रास्ते में मैंने उसे कहा कि मैं तुम से बहुत प्यार करता हूँ!
तो उसने कहा कि वो भी मुझे बहुत प्यार करती है मेरे बिना मर जायेगी!
फिर मैंने उससे पहला किस माँगा तो उसने कहा कि किस तो मामूली सी चीज़ है, मैं पूरी ही तुम्हारी हुई।
सरकारी अफसर महिला के साथ वासना का रिश्ता- 4
हमने 15 मिनट तक एक दूसरे को चूमा और गाड़ी के शीशे चढ़ा दिए जो कि काले ही थे।
हमने गाड़ी को सुनसान जगह पर रोक कर दी और नंगे हो गए।मैंने उसकी सलवार उतार दी और पैंटी भी।
जब मैंने उसको लण्ड चूसने के लिए कहा तो पहले तो उसने मना किया, फिर मेरे कहने पर तैयार हो गई।उसने मेरा लण्ड ऐसे चूसा जैसा बच्चा लॉलीपॉप चूसता है।
मैंने अपना सफ़ेद पानी उसके मुँह में छोड़ दिया और वो सारा पी गई और कहा- मजा आ गया!
फिर मैंने सीट पूरी खोल कर उसे लेटाया और उसकी कंवारी चूत में अपना 7 इंच का लण्ड जब डाला तो वो रोने लगी और कहने लगी- उई आआ हम्मह मर गई मैं … इसे बाहर निकालो!
पर मैंने उसकी चीखों की रत्ती भर भी परवाह नहीं की और एक झटके में अपना लण्ड अन्दर डाल दिया.
तो वो बहुत जोर जोर से चिल्लाने लगी और उसकी योनि में से खून आने लगा।मैंने कपड़े से उसकी चूत का खून साफ किया और धीरे-2 झटके देने लगा।
अब वो मज़ा लेने लगी और गांड हिला हिला कर साथ देने लगी!वो बोलने लगी- उम्म … और जोर से करो! तेज़ तेज़ करो! मजा आ रहा है.
मैंने उसे गाड़ी में दो बार चोदा.
हम दोनों का यह चुदाई वाला प्यार तीन साल चला और आज उसकी शादी हो चुकी है वो मेरे बेटे की माँ भी है!हम जब भी मिलते हैं अब, तो सेक्स जरूर करते हैं!
दोस्तो! मुझे खेद है कि मैं उसका नाम आपको नहीं बता सकता। पर मैं उसे जान कहता हूँ!
अगर आपको मेरी सच्ची कहानी अच्छी लगे तो आप मेल जरूर करें मुझे!support@mohakkisse.com