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चुदाई की कहानी पठन समय: 9 मिनट पढ़ा गया: 690 बार

सम्भोग प्रबन्धन-2

लवगुरु खान

18 Aug 2008 को प्रकाशित

सम्भोग प्रबन्धन-2
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सम्भोग प्रबन्धनप्रकाशित हुई।

मैं पाठकों का धन्यवाद करना चाहूँगा, जिनके मुझे काफी प्यार भरे मेल आए।

पिछली कहानी में मैंने बताया था कि कैसे मैंने अपना कुंवारापन खोया, लेकिन कॉलेज ख़त्म होने के बाद उसने तो आई ऍम टी गाज़ियाबाद में दाखिला ले लिया और मैंने हैदराबाद में।

नए कॉलेज में आने के बाद, मेरा पूरा का पूरा मित्रदल बदल गया, रोज नए नए चेहरे देखने को मिलते, यहाँ की लड़कियाँ भी काफी खुले विचारों वाली और काफी मतलबी हैं।

इसमें मेरी एक और नई दोस्त बनी जो काफी खूबसूरत, काफी उत्तेजक और काफी मिर्चीदार। हम लोग शनिवार की रात बाहर ही मस्ती करते और बाहर ही कमरा लेकर रात में वहीं पार्टी करते हैं।

एक दिन की बात है हम छः दोस्त जिनमें तीन लड़के और तीन लड़कियाँ थी, लोग शनिवार रात को पार्टी करने गए, कमरा बुक किया हाई टेक सिटी में, और काफी शराब-डिनर का सामान भी ले गए। महफ़िल जमनी शुरु हुई, करीब 11 बजे के आस पास मेरी बगल में वही खूबसूरत, उत्तेजक और मिर्चीदार लड़की किरण बैठी, पहला पेग जाते ही सारी लड़कियाँ-लड़के झूमने लगे थे।पीते पीते आप कब क्या बोल जाते हैं, आपको खुद पता नहीं चलता है। यह मुझे 4 पेग पीने के बाद एहसास हुआ कि मैं भी झूमने लगा था और किरण के कंधों पर मैंने हाथ रखा हुआ था।

अभी आधी ड्रिंक बाकी थी, माहौल काफी खुशनुमा था क्यूंकि लोग पढ़ाई से हट कर मस्ती कर रहे थे और वहीं सारे के सारे कहीं न कहीं के टोपर रह चुके थे। तभी एक दोस्त अपनी गर्ल फ्रेंड को लेकर वाशरूम में गया और कुछ देर बाद काफी जोर जोर से ऊह आह ऊह आह की आवाज़ आनी शुरु हो गई। किरण और मेरा शायद सातवाँ पेग चल रहा था, किरण अब तक पता नहीं कितनी बार मेरे गर्दन न छाती को चूम चुकी थी परन्तु मैं इसे दारु का नशा समझ कर अनदेखा कर रहा था।

परन्तु क्या करूँ, आखिर मैं भी तो एक मर्द ही ठहरा, हमने दो कमरे बुक किये थे तो मैं किरण को लेकर दूसरे कमरे में चला गया और उसे बेड पर लिटा कर वापस आने लगा किन्तु उसने फिर मेरा हाथ पकड़ लिया और कहा– आई नीड यू आदि !

मेरे पास कहने को कुछ नहीं बचा था, मैं उसके पास गया और उसने मुझे किस करने के लिए मेरे लिप्स पे जोरदार हमला किया।

मैंने भी उसका उत्तर देते हुए उसे जोर से पकड़ लिया और किस करने लगा।

हालांकि हम लोग कोई प्यार करने वाले प्रेमी तो थे नहीं तो मैंने कहा- किरण, थोड़ा रुको, मैं सभी से मिल कर आता हूँ !

और मैं सभी को बोल कर आ गया कि मुझे काफी नींद आ रही है, मैं सोने जा रहा हूँ।

वो लोग भी लगभग सो ही चुके थे और एक जोड़ा तो पता नहीं वाशरूम में अभी तक क्या कर रहे थे।

मैंने उन लोगों को भी इंटिमेट कर प्रिया कि मैं सोने जा रहा हूँ।

जैसे ही मैं कमरे में गया, सबसे पहले तो कमरा लॉक किया और किरण को किस करना शुरु किया, किरण काफी उत्तेजक थी फिगर 34-28-30 के आस पास होगा।

मैंने धीरे धीरे उसकी गर्दन को किस करना शुरु किया और बालों से खेलने लगा। शी वाज़ डेम सेक्सी ! मुझे पता नहीं चला कि किस करते करते मेरा हाथ उसके वक्ष पर कैसे चला गया, मैं ऊपर से ही उसके बूब्स को दबा रहा था, किरण ऊह अह ऊह्ह आह्ह्ह उह्ह्ह आह्ह ऊह्ह उह्ह्ह आह्ह कर रही थी।

नाईट लैंप के कारण धीमी रोशनी थी, मैं धीरे से उसके टी शर्ट को ऊपर उठा कर उसके ब्रा के ऊपर से उसके बूब्स को दबाने लगा, ऐसा लग रहा था कि मेरे पूरे बदन में आग लग चुकी है और शराब का नशा भी इस पल को मीनूर बना रहा था।

फिर मैंने उसे बैठा कर उसके टी शर्ट को उतार प्रिया और उसने मेरा ! अब हम बैठ कर किस कर रहे थे और मैं उसके बूब्स के साथ खेल रहा था।

फिर उसने मुझे गले लगा कर बोला– आदि, यू आर डैम हॉट !

फिर मैंने धीरे से उसकी ब्रा को खोल प्रिया, उसका शरीर धीमी रोशनी में काफी चमक रहा था।

अब मैंने उसके बूब्स को मुँह में लेकर चूसना शुरु कर प्रिया था। फिर मैं उसको लिटा कर उसके बगल में आकर उसके बूब्स को जोर जोर से चूसने लगा, उसके निप्पल काफी लाल हो चुके थे, फिर मैं धीरे धीरे उसकी नाभि तक आ पहुंचा और उसे चाटने लगा। उसे काफी आनन्द आ रहा था क्यूंकि जिस तरह वो मेरे बालों के साथ खेलते हुए नाभि की तरफ जोर लगा रही थी इससे मुझे लगा गया वो अब वो चाहती है जिसके लिए मैं बेक़रार हूँ।

फिर मैंने धीरे से उसकी जीन्स को खोल कर उतारा और पैंटी के ऊपर किस करने लगा। तब तक वो सातवें आसमान पर पहुँच चुकी थी और ऊह्ह आह्ह्ह ऊह अह ऊह्ह आह्ह्ह उह्ह्ह आह्ह की ध्वनि मेरे कानों को सुकून पहुँचा रही थी।

तभी उसने बोला- आदि, मैं तुम्हें नंगा देखना चाहती हूँ।

मैंने कहा- ठीक है।

और वो उठ कर मेरी जीन्स को खोलने लगी, उसने तुरंत मेरे अंडरवियर को खोल कर मेरे लिंग को अपने कोमल हाथों मे लिया और ऊपर-नीचे करने लगी।

अब मुझसे भी रहा नहीं जा रहा था, मैंने कहा- किरण इसको मुँह में लो और चूसो।और जैसे ही उसने अपने होंठ मेरे लण्ड पर लगाए, मुझे लगा कि मैं अब गया।

पर मैंने अपने आप को रोका, अब तक पता नहीं कैसे एक घण्टा बीत चुका था। फिर मैंने उसकी अंडरवियर को उतार प्रिया और उसकी योनि पर अपना मुँह लगाया। फिर मैंने धीरे से उसके बीच में जीभ डाली और वो और जोर से आवाज़ करने लगी- ऊह्ह्ह आःह उह्ह्ह अह्हह अह !

थोड़ी देर बाद ही उसने कहा- मैं आने वाली हूँ।

मैंने कहा- आ जाओ, मैं टेस्ट करना चाहता हूँ।

और कुछ देर बाद वो शांत हो गई। फिर मैं उसके ऊपर गया और उसके हाथ को मैंने अपने लण्ड पर रखा और मैंने अपने हाथ उसके बूब्स पर ले चला गया।

कुछ देर बाद ही उसने कहा– आई वान्ना टेक यू इनसाइड !

मैंने कहा– वेट बेबी, लेट मी सक योर बूब्स फर्स्ट !

और फिर दो मिनट के बाद मैंने उसे कहा– बी रेडी किरण।

फिर उसे लिटा कर मैं उसके दोनों पैरो को ऊपर उठा कर मैं बीच में गया और अपने लण्ड को उसकी फ़ुद्दी पर रगड़ना शुरु किया और फिर से ऊउह आःह्ह ह्ह की ध्वनि पूरे कमरे में फैलने लगी।

फिर अचानक से मैंने जोर लगा प्रिया, उसने चिल्लाने की कोशिश की किन्तु किस करने की वजह से आवाज़ ज्यादा न निकल पाई, मुझे नहीं पता था कि किरण अभी तक कुंवारी थी, जब उसकी योनि से खून निकलना शुरु हुआ तब मैं उसे और किस करने लगा जिससे उसका ध्यान न जाए और फिर कुछ देर बाद मैंने धीरे धीरे अपनी रफ़्तार तेज की और अब कमरे में पुच्छ्ह पुछ्ह्ह की ध्वनि गूंज रही थी।

मैंने करीब 15 मिनट करने के बाद कहा- अब दूसरे स्टाइल में करते हैं।

और मैं पीछे आ गया और डाल कर आगे-पीछे करने लगा। अब वो कह रही थी- आदि, स्पीड से करो ना।

फिर मैं उसे तेजी से करने लगा।

मुझे लगा कि मैं आने वाला हूँ, मैंने कहा- किरण मैं आने वाला हूँ।

तो उसने कहा- मैं तुम्हें फील करना चाहती हूँ !

मैंने उसे लिटा प्रिया और फिर साधारण अवस्था में चुदाई करने लगा। कुछ देर बाद ही मैं उसे किस करते करते झरने लगा, किरण ने मुझे जोर से पकड़ लिया था।

हम लोग करीब 5 मिनट तक वैसे थे, फिर मैं उसके बगल में लेट के उसके वक्ष के साथ खलेने लगा फिर मैंने कहा- किरण, तुम आज कुछ ज्यादा ही सुन्दर दिख रही हो।

फिर उसे मैंने किस किया और फिर पता नहीं कब कैसे वो मेरे कन्धों पर सर रख कर सो गई।

दोस्तो, यह थी मेरी आप बीती जो कुछ दिन पहले ही घटी, मेरी पहली सेक्स कहानी “सम्भोग प्रबंधन” जो डेढ़ साल पहले लिखा था। इस बीच लिखने लायक कुछ हुआ नहीं था।

अगली बार जब कोई ऐसी घटना घटेगी तो फिर मैं आपके सामने हाज़िर हो जाऊँगा। उम्मीद है कि आप मेरी पिछली कहानी की तरह ही इस बार भी अपनी प्रतिक्रिया भेजेंगे।

मैं आपकी प्रतिक्रियाओं का support@mohakkisse.com पर इंतजार करूँगा।

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पाठकों की राय

2 टिप्पणियां

विन चौधरी

1 month ago

कहानी बहुत ही शानदार थी, अंत तो लाजवाब था।

जीतू चौधरी

1 month ago

अगला भाग जल्दी से अपलोड कर दो भाई, अब और इंतज़ार नहीं होता।

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