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Hindi Chudai Kahani पठन समय: 9 मिनट पढ़ा गया: 721 बार

जैसा बाप वैसा बेटा-5(Jaisa Baap Waisa Beta-5)

asifkhan1

27 Aug 2014 को प्रकाशित

जैसा बाप वैसा बेटा-5(Jaisa Baap Waisa Beta-5)
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हैलो दोस्तों, मैं आसिफ, सेक्स कहानी के अगले भाग में आपका स्वागत करता हूं। इससे पहले के भाग ज़रूर पढ़े। यह कहानी मेरे एक रीडर की है।

वो दोनों रीलैक्स हो जाते है, और संगीता और वो दोनों खड़े होते है। वो संगीता को अपने बीच में खड़ी कर लेते है। असलम उसको सामने से किस्स करने लगता है‌। आसिफ उसको पीछे से चूमने लगता है।

असलम उसकी कमर पर हाथ घुमाने लगता है। आसिफ पीछे से उसके बूब्स दबाने लगता है। वो भी दोनों का पूरा साथ दे रही थी। मैं सोफ़े पर बैठ गया, और मजे से देखने लगा।

वो दोनों उसके शरीर के साथ मजे करने लगते है, और भूखे शेर की तरह उसको खाने लगते है। संगीता पहली बार एक साथ दो मर्दों के बीच में थी। उसको भी इसमें मजा आ रहा था। अब वो उसकी साड़ी निकल कर फेंक देते है। आसिफ उसके होंठ चूसने लगता है। असलम उसकी क्लीवेज चाटने लगता है।

असलम नीचे बैठ कर उसका पेट चाटने लगता है, और उसकी नाभी चूसने लगता है। आसिफ पीछे से उसको किस्स करते-करते बूब्स मसलने लगता है। संगीता की सिसकियां निकलने लगती है। दो जवान लड़के उसके जिस्म को नोच रहे थे।

असलम: क्या मस्त माल है तू साली।

संगीता: वो तो मैं हूं साले।

आसिफ: पूरा बदन नोच खाऊंगा रांड तेरा।

संगीता: नोच ले, रोका किसने है?

आसिफ ब्लाउस के हुक खोल देता है, और ब्लाउस निकाल कर फेक देता है। उसने ब्रा नहीं पहनी थी, और उसके बड़े बूब्स दोनों के सामने आजाद थे। वो दोनों एक-एक बूब्स पर हमला बोल देते है, और जोर-जोर से दबाने लगते है। आसिफ गांड दबा कर जोर से एक थप्पड़ मारता है “अहह क्या मस्त गांड है।”

असलम पेटीकोट निकाल भी निकाल देता है, और संगीता उन दोनों के सामने पूरी नंगी खड़ी थी। उसका पूरा बदन चमक रहा था दोनों के थूक से। वो नजारा ही अलग था। संगीत दोनों के बीच नंगी थी, और मैं सामने बैठ कर देख रहा था।

संगीता: साले गांडू, जा फ्रिज से बियर निकाल कर ला।

मैं तीनों के लिए एक-एक बोतल लेकर आता हूं वो तीनों बैठ कर पीने लगते है। संगीता असलम की गोद में नंगी बैठी थी। उसका खड़ा लंड उसकी गांड में चुभ रहा था। वो आधी बोतल खतम करते है, और फिर से संगीता पर टूट पढ़ते है। संगीता उनको अपने कपड़े उतारने के लिए कहती है।

वो दोनों नंगे हो कर संगीता के साथ बिस्तर पर लेट जाते है। दोनों के लंड काले बड़े और मोटे थे। संगीता को काले लंड पसंद आते है‌।

संगीता: लंड तो बड़े तगड़े है तुम दोनों के।

असलम: तो चूस ना कुतिया हमारे तगड़े लंड।

संगीता दोनों के लंड हाथ में लेकर उनको आगे-पीछे करने लगती है। धीरे-धीरे दोनों के लंड मुंह में लेने लगती है, पक्की रांड है। वो बड़े ही प्यार से दोनों के लंड चूसने लगती है। उन दोनों को बड़ा मजा आ रहा था। उसको लंड चुसाने में आसिफ ने सर पकड़ा, और उसके मुंह में पूरा लंड घुसा दिया। संगीता की आँखें लाल हो गई‌।

असलम उसके बूब्स मसलने में लगा हुआ था। वो तीनों एक-दूसरे के शरीर के साथ खेल रहे थे। संगीता दोनों के लंड को पूरा गीला कर देती है चूस-चूस कर। फिर असलम बियर के ग्लास में लंड डालता है, और संगीता को पिला देता है। फिर वो बियर वाला लंड संगीता को चुसाने लगता है। संगीता को भी बड़ा मजा आता है ऐसे लंड चूसने में। फिर आसिफ उसकी जांघों पर हाथ घुमाता-घुमाता उसकी चूत में उंगली डाल देता है।

संगीता: अहह आराम से, तेरी उंगली भी लंड जेसी है उफ्फ़।

आसिफ अब उसके ऊपर चढ़ जाता है। संगीता समझ जाती है अब उसकी चुदाई शुरू होने वाली थी, और वो तैयार‌ भी थी। आसिफ उसकी चूत के आस-पास लंड घुमाता है, और उसकी चूत के मुंह पर लंड सेट करता है। संगीता एक हाथ से असलम के लंड को मालिश कर रही थी। फिर आसिफ एक झटके में लंड घुसा देता है।

संगीता चिल्ला उठती है: अहह भड़वे, धीरे डाल, इतना बड़ा है तेरा।

आसिफ उसकी बात उनसुनी कर देता है। असलम उसका लंड संगीता के मुंह में घुसा देता है। फिर आसिफ जोर-जोर से झटके मारने लगता है, और पूरा लंड उसकी चूत में उतार देता है। असलम उसका मुंह चोदने लगता है, इससे संगीता की आवाज अंदर ही दब जाती है।

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असलम उसके बाल पकड़ के उसका मुंह चोदने लगता है। वो उसके मुंह में झटके देने लगता है। फिर आसिफ रुकता है, बियर पीता है, और थोड़ी बियर उसकी चूत पर डाल देता है। फिर आसिफ झटके देने लगता है‌। संगीता आज पहली बार एक साथ दो लंड ले रही थी। उसकी हालत खराब होने लगती है, पर उसको मजा आता है चुदने में।

आसिफ पूरे जोश में चूत चोदने लगता है। उसके बूब्स हवा में हिलने लगते है। असलम उसका मुंह चोदता है। मैं यह सब देख के मजे लेता हूं। फिर असलम मुंह से लंड निकाल लेता है, और संगीता जोर-जोर से सास लेने लगती है। उसकी पूरी हालत खराब हो जाती है एक साथ दो लंड लेकर। आसिफ पूरे जोश में उसको चोदता है। संगीता भी पूरे मजे ले कर उसकी रांड बन कर चुदती है।

संगीता: अहह सालों, तुम जैसे जवान घोड़ों के साथ मजा आ रहा है।

आसिफ खड़ा होकर संगीता के मुंह में लंड डाल देता है, और उसका मुंह चोदने लगता है। थोड़े झटकों में ही वो संगीता के मुंह में उसका माल निकाल देता है, और वो पूरा माल गटक जाती है।

आसिफ: अहह कुतिया, मजा आ गया तुझे चोद कर। मस्त माल है तू।

संगीता हांफती है और थोड़ा शांत होती है। इतने में असलम उसको अपनी तरफ खींच लेता है, और उसके बाल पकड़ के फिर से उसके मुंह में लंड दे देता है। वो थोड़ी देर उसके मुंह को चोदता है।

असलम: चल साली रांड, कुतिया बन‌।

संगीता उसकी बात मानती है। वो असलम की तरफ गांड करके कुतिया बन जाती है। असलम बियर पिता है और उसकी गांड पर थप्पड़ मारता है। संगीता समझ जाती है अब उसकी गांड की चुदाई होने वाली थी। असलम उसकी कमर पकड़ के संगीता की गांड में लंड डालने लगता है। उसके कूल्हे बहुत मोटे है।‌ असमल जोर से झटके देने लगता है, और पूरा लंड संगीता की गांड में घुसा देता है। संगीता चीखती है, पर उसको कोई फरक नहीं पड़ता है। वो उसके बाल पकड़ कर खींचता है, और घोड़ी बना कर चोदने लगता है।

संगीता: अहह भड़वे, इतना मोटा है तेरा। पूरा घुसा दिया।

असलम: साली छिनाल चुप कर, और मजे ले।

असलम संगीता की गांड मारने लगता है। वो उसकी कमर पकड़ के उसको चोदने लगता है। असमल उसको एक रंडी समझ कर चोद रहा था।

संगीता: अहह साले जालिम, ऐसे ही चोदता रह।

संगीता का मंगलसूत्र उसके दोनों बूब्स के बीच लटक रहा था। असलम उसकी गांड पूरे जोश में चोदता है। वो उसके बाल खींचता है, और उसकी गांड पर थप्पड़ मारता है। संगीता की सिसकियों से पूरा कमरा गूंजता है। ऐसे ही चोदने के बाद वो उसको अपने लंड पर बिठा लेता है, और उसकी चूत में लंड घुसा देता है।

संगीता उसके लंड पर उछलने लगती है। आसिफ भी गरम होने लगता है। वो संगीता के मुंह में लंड डाल कर चुसाने लगता है। यह नजारा देख मुझे मजे आते है, कैसे संस्कारी संगीता दो लंड एक साथ ले रही थी।

असलम जोर-जोर से संगीता को चोदना लगता है। वो अपने चरम पर होता है, और थोड़ी देर में उसकी चूत के अंदर अपना सारा माल निकाल देता है। संगीता असलम के लंड पर ऐसे ही बैठी रहती है। थोड़ी देर में वो पूरी थक जाती है। इतने में फिर से आसिफ उसको पकड़ कर अपने पास खींच लेता है और वो पूरी रात उन दोनों से चुदती रहती है।

सुबह तक संगीता को इतना चोदते है, कि अगले दिन वो उठ भी नहीं पाती है। उसके चूत, बूब्स, और पूरे शरीर पर उनका वीर्य होता है, जिससे संगीता और भी ज्यादा चमकती है।‌ फिर सुबह वो दोनों निकल जाते है, और असलम वॉलेट से पैसे निकाल कर संगीता के नंगे बदन पर फैंक कर चले जाता है।

असलम: रंडी बहुत मजा दिया तूने। अगली बार फिर आएंगे।

संगीता: इंतज़ार रहेगा दोनों का।

वो दोनों निकल जाते है। संगीता सो जाती है, और मैं भी अपने कमरे में चले जाता हूं।

कहानी पढ़ने के लिए सब का शुक्रिया। अपना अनुभव साझा करे मेरे साथ support@mohakkisse.com पर‌।

अगला भाग पढ़े:-जैसा बाप वैसा बेटा-6

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