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Hindi Chudai Kahani पठन समय: 7 मिनट पढ़ा गया: 315 बार

एग्जाम देने गई, और अंकल से चुद गई-1(Exam Dene Gayi Aur Uncle Se Chud Gayi-1)

pritanka

24 Apr 2019 को प्रकाशित

एग्जाम देने गई, और अंकल से चुद गई-1(Exam Dene Gayi Aur Uncle Se Chud Gayi-1)
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हैलो दोस्तों, मैं प्रितंका अपनी अगली हिंदी चुदाई कहानी लेके आप सब के सामने वापस आ गई हूं। जो लोग मुझे नहीं जानते, वो मेरी पिछली कहानियां पढ़ कर मुझे जान जाएंगे। वैसे मैं अपने बारे में बता भी देती हूं। मैं पंजाब के लुधियाना से हूं, और मेरी उमर 23 साल है। रंग मेरा गोरा है, और फिगर 34-29-36 है। मुझे देख कर बूढ़े से लेके जवान तक आहें भरते है, और उनके दिल में मुझे चोदने की ख्वाहिश पैदा हो जाती है। लेकिन मैं आसानी से नहीं देती। अब मैं अपनी सेक्सी कहानी शुरू करती हूं।

ये कहानी कुछ साल पहले की है, जब मैं कॉलेज में द्वितीय वर्ष में पढ़ती थी। मैंने एक सरकारी नौकरी का फॉर्म भरा हुआ था, और उसके एग्जाम की लैटर आ चुकी थी। एग्जाम दूसरे शहर में था, और मैं अकेली वहां जा नहीं सकती थी।

क्योंकि पापा की भी ड्यूटी थी, तो वो मुझे वहां छोड़ कर तो आ सकते थे, लेकिन रुक नहीं सकते थे। मेरा एग्जाम 3 भागों में था, जिसके लिए 3 दिन वहां पर रुकना पड़ना था। फिर मेरे पापा के अपने एक दोस्त की याद आई, जो उसी शहर में रहता था। उन्होंने सोचा कि वो मुझे वहां उनके घर छोड़ देंगे, और एग्जाम खत्म होने के बाद वापस ले आयेंगे।

फिर उन्होंने अंकल को फोन किया, जिनका नाम था सोहम था, और उनसे सारी बात की। अंकल को मेरे उनके घर रहने में कोई दिक्कत नहीं थी। कुछ दिनों बाद जब एग्जाम के दिन आ गए, तो पापा मेरे साथ गए और मुझे सोहम अंकल के घर ले गए।

सोहम अंकल का घर काफी बड़ा था। उनकी उमर कोई 45 साल होगी, लेकिन उन्होंने खुद को बिल्कुल फिट रखा हुआ था। अंकल की बीवी पिछले साल मर चुकी थी, जिसका पता पापा को भी उसी दिन लगा। उनका एक ही बेटा था, जो लंदन में रहता था, और वो घर पर अकेले रहते थे।

जब पापा ने मुझे उनसे मिलाया, तो उन्होंने मुझे ऊपर से नीचे देखा। मैंने उस दिन जींस और टी-शर्ट पहली थी। मुझे उनकी नज़र कुछ ठीक नहीं लगी। फिर पापा मुझे वहां छोड़ कर वापस आ गए। सोहम अंकल ने मुझे डिनर कराया, और हमने घर और पढ़ाई के बारे में काफी बातें की। फिर हम सोने चले गए अपने-अपने रूम में। उन्होंने अपने बेटे का रूम मुझे दे दिया था।

दोस्तों मेरी आदत है, कि मैं रात में शॉर्ट्स और खुली टीशर्ट पहन के सोती हूं। उस रात भी मैंने यहीं पहना था। नई जगह होने की वजह से मुझे नींद नहीं आ रही थी। लेकिन फिर भी मैं आँखें बंद करके लेटी हुई थी, क्योंकि मुझे सुबह एग्जाम के लिए जाना था, और मैं नहीं चाहती थी कि मुझे एग्जाम हॉल में नींद आए।

ऐसे ही कोशिश करते हुए 2-3 घंटे हो गए। आधी रात को मुझे दरवाजे पर कुछ आहट महसूस हुई। मैंने दरवाजे का तरफ देखा, तो अंकल दरवाजा खोल कर अंदर आए थे। मैंने उनको देख कर कोई रिएक्शन नहीं दिया, और वैसे ही आँखें बंद करके लेट गई। फिर अंकल धीरे-धीरे मेरे पास आए, और मुझे हल्की आवाज में बुलाया।

मुझे लगा कि वो चेक करने आए होंगे कि मैं सोई थी या नहीं, और फिर वापस चले जाएंगे। मैं नहीं चाहती थी कि उनको पता चले कि मैं सो नहीं पा रही थी, और मेरी वजह से उनको परेशानी हो। इसलिए मैंने उनके आवाज देने पर कोई जवाब नहीं दिया। इससे उनको यकीन हो गया कि मैं सो चुकी थी।

फिर वो उठे, और दरवाजे की तरफ मुड़ गए। मुझे लगा अब वो बाहर चले जाएंगे। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। वो नीचे मेरे पैरों के पास बैठ गए। मुझे समझ नहीं आ रहा था कि वो क्या करने वाले थे। तभी मुझे अपने पैरों पर कुछ महसूस हुआ। मुझे लगा वो मेरे पैर पर हाथ फेर रहे थे। लेकिन कुछ देर में वो एहसास गीला-गीला सा होने लगा। मैंने धीरे से आँखें खोल कर नीचे देखा, तो अंकल मेरे पैरों को अपनी जीभ से चाट रहे थे।

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हे भगवान! ये अंकल क्या कर रहे है? वो ऐसा क्यों कर रहे है? कहीं अंकल मेरे साथ वो तो नहीं करना चाहते? लेकिन वो ऐसा कैसे कर सकते है, मैं उनके दोस्त की बेटी हूं? ऐसे ही कुछ सवाल मेरे मन में आने लगे।

अब मुझे समझ नहीं आ रहा था कि मैं क्या करूं। अगर मैं उनको रोकती, तो पता नहीं वो जबरदस्ती ना करने लगते। इसलिए मैंने वैसे ही सोने का नाटक करते रहने का सोचा। मैंने सोचा क्या पता वो सिर्फ पैर चाट कर ही चले जाए।

अब मैं वैसे ही लेटी रही, और देखने लगी कि अंकल क्या कर रहे थे। वो धीरे-धीरे मेरी टांगों पर अपनी जीभ फेर रहे थें। उनके ऐसा करने से मुझे अजीब सा लग रहा था। मुझे उत्तेजना सी महसूस हो रही थी‌,‌ और मेरी चूत में खलबली सी मचने लगी।

फिर धीरे-धीरे वो ऊपर आने लगे। मेरी शॉर्ट्स मेरे घुटनों से कम से कम 3 इंच ऊपर थी, और उसके नीचे की जांघें नंगी थी। अंकल अब मेरी जांघों पर जीभ फिराने लगी। इससे मेरे बदन में होने वाली हलचल और तेज हो गई। मुझे मेरी चूत गीली होती महसूस होने लगी थी। एक अजीब सा मजा भी आ रहा था।

फिर वो और ऊपर आए, और मेरी शॉर्ट्स के ऊपर से मेरी चूत वाली जगह पर अपना मुंह लगा लिया। उनके ऐसा करने से मुझे मेरी चूत पर हल्का दबाव महसूस होने लगा। इससे मेरी तड़प और बढ़ने लगी। फिर अंकल मेरी चूत को शॉर्ट्स के ऊपर से ही सूंघने लगे। अब मेरा दिल कर रहा था कि अंकल मेरी चूत को थोड़ा और अपने मुंह से दबा दे। मुझे अलग सा मजा महसूस हो रहा था।

कुछ देर वहां सूंघने के बाद वो और ऊपर आए। मैंने जो टी-शर्ट पहनी थी, वो थोड़ी ऊपर उठी हुई थी, और मेरे पेट का कुछ हिस्सा नंगा था। अंकल ने अपने होंठ उसी हिस्से पर रखे, और उसको चूम लिया। मेरे बदन में कपकपाहट होने लगी। फिर उन्होंने टी-शर्ट थोड़ी ऊपर उठाई, और नाभि को जीभ से चाटने लगे, और जीभ उसमें डालने लगे।

उनके ऐसा करने से मेरी उत्तेजना बहुत बढ़ गई, और मेरा शरीर कांपने लगा। मेरी चूत ने उसी वक्त अपना पानी छोड़ दिया। मुझे कांपता देख अंकल जल्दी से खड़े हुए और कमरे से बाहर चले गए।

इसके आगे क्या हुआ, वो आपको अगले पार्ट में पता चलेगा। यहां तक कि कहानी आपको कैसी लगी मुझे support@mohakkisse.com पर मेल करके बताएं।

अगला भाग पढ़े:-एग्जाम देने गई, और अंकल से चुद गई-2

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