फॅमिली देसीकहानी में मेरी ताई की मौत के बाद ताऊ अपनी सेक्सी सुंदर रखैल को घर ले आया. वह हमारी ताई बन गयी. मैं इस नई ताई को चोदना चाहता था.
दोस्तो, मेरा नाम अरुण है.मैं भरतपुर का रहने वाला हूँ.
यह सेक्स कहानी मेरी और मेरे ताऊ की दूसरी बीवी (रखैल) के बीच की है.
यह एक सच्ची फॅमिली देसीकहानी है.
सबसे पहले मैं आपको उन ताऊ जी की रखैल के बारे में बता देता हूँ.मैं उन्हें ताई जी ही कहता हूँ.उनका नाम प्रीति है और उनकी उम्र 37 साल है.उनका रंग गोरा है, फिगर साइज 34-32-36 की है.वे दिखने में गजब की माल लगती हैं.
मेरे ताऊ जी एक फौजी हैं.ताई की मृत्यु हो जाने के बाद ताऊ जी ने प्रीति नाम की महिला को अपनीरखैलबना कर घर में रख लिया था.
दिखाने के लिए उन्होंने यह कह दिया था कि वे उनके मित्र की विधवा भाभी हैं और उनका कोई सहारा नहीं है इसलिए उन्हें आश्रय दिया है.
प्रीति आंटी की एक बेटी है लेकिन वह कोई खास अच्छी नहीं लगती है.
यह सेक्स कहानी 2 साल पहले की है. उस समय मेरी उम्र 19 साल थी.ताऊ जी अपनी जॉब पर थे और बहुत दिनों में घर आते थे.
प्रीति ताई के जिस्म को अब किसी बड़े लौड़े की जरूरत थी क्योंकि मुझे लगता था कि उन्हें ताऊ जी से चुदे हुए बहुत दिन हो गए थे.मैं खुद भी उनको काफी समय से चोदना चाहता था पर मौका ही नहीं मिलता था.
मैं उनके घर जाता था तो जब वे दिन में सोती थीं तो मैं उनको देखकर मुठ मार लेता था और उनके घर से उनकी ब्रा और पैंटी चुराकर लाता था.फिर उन पर मुठ मारता था.
कई बार तो मैं छिप कर उनको नहाते हुए देखता था.प्रीति ताई छत पर नहाती थीं, तो मैं ऊपर जाकर उनको चुपके से देखता और मुठ मारता था.
छत पर दीवार की आड़ में प्रीति ताई आधी नंगी होकर नहाती थीं तो मुझे उन्हें देखने में बड़ा मजा आता था.
एक दिन प्रीति ताई की बेटी स्कूल गयी थी, तो उनके घर कोई नहीं था.प्रीति ताई घर में अकेली थीं.
उन्होंने मुझे बुलाया और बोलीं- दुकान से नहाने का साबुन ले आओ!मैं गया और साबुन ले आया.
उस वक्त तक ताई नहाने ऊपर छत पर चली गयी थीं.मैंने उन्हें आवाज लगाई.
उन्होंने आवाज देते हुए कहा- मैं ऊपर हूँ, यहीं आकर दे जाओ!मैं ऊपर गया तो मेरी आंखें फटी रह गयीं.क्योंकि ताई बस केवल पैंटी में थीं उनको देखकर मेरा लंड खड़ा हो गया.उन्होंने उसे देख लिया था.
मैं जल्दी से उनको साबुन देकर आ गया और नीचे आकर टीवी देखने लगा.
फिर ताई नहाकर आ रही थीं तो उनका पैर फिसल गया और वे चिल्लाने लगीं.मैं जल्दी से उनके पास गया और उनको सहारा देकर कमरे में ले आया.
उनको बेड पर लिटा दिया.मैंने पूछा- आप ठीक तो हो न ताई?
उन्होंने कराहते हुए कहा- अरुण बेटा, मेरी कमर में चोट लग गयी है. तुम तेल लगाकर मेरी कमर की मालिश कर दो!मैं तेल गर्म करके ले आया.
ताई उल्टी लेट गयीं.उन्होंने पेटीकोट को नीचे कर दिया.
अब मुझे उनके गोरे चूतड़ थोड़े-थोड़े दिखने लगे.गांड की दरार तो एकदम से नुमाया होने लगी थी.
प्रीति ताई का यह मदमस्त सीन देखकर मेरा लंड एकदम से खड़ा हो गया.
मैंने उनकी कमर पर तेल लगाया और मालिश करने लगा.मालिश करते-करते थोड़ा सा तेल उनके पेटीकोट पर लगा.
मैंने कहा- ताई, आपके पेटीकोट पर तेल लग गया है … आप इसे उतार दो नहीं तो ज्यादा लग जाएगा!
उन्होंने बिना हील हुज्जत के अपना पेटीकोट तत्काल उतार दिया.मैं देखता रह गया.
उनकी पैंटी भी नीचे को सरक गई थी तो गांड एकदम साफ दिखाई दे रही थी.
प्रीति ताई की गांड का इलाका एकदम दूध सा गोरा और चिकना था.
मैं उनके पीछे बैठकर मालिश करने लगा.वे मेरे सामने औंधी लेटी थीं.
मैं अपना कंट्रोल खोने लगा.मैंने अपना लंड बाहर निकाल लिया.एक हाथ से मालिश कर रहा था और दूसरे हाथ से मुठ मार रहा था.
तभी ताई एकदम से पलट गयीं और मुझे मुठ मारते देख लिया
लंड देख कर ताई बोलीं- यह क्या कर रहे हो तुम?मैं बोला- ताई, गलती हो गयी प्लीज किसी से कहना मत!वे बोलीं- यह अच्छी बात नहीं है.
बुआ के साथ अधूरे सेक्स का राज हमेशा रहेगा राज
फिर उन्होंने मेरा लंड ध्यान से देखा. मेरा लंड 7 इंच लम्बा था.
फिर ताई बोलीं- गर्लफ्रेंड नहीं है क्या?मैं बोला- नहीं है.
जब उन्होंने गर्लफ्रेंड की बात पूछी तो मैंने थोड़ी हिम्मत की और बोल दिया- मुझे तो आप अच्छी लगती हो, प्लीज ताई जी, एक बार प्लीज!वे बोलीं- यह सब गलत है. मैं तुम्हारी माँ जैसी हूँ.मैंने बोला- आपको भी तो जरूरत है … और किसी को पता थोड़ी लगेगा. आपका भी काम हो जाएगा और मेरा भी!
यह सुनकर ताई मान गयीं.
मैंने उनको पकड़ा और उनको किस करने लगा.मैं उनके होंठों पर, गर्दन पर अपने गर्म होंठ फेरने लगा. पैंटी को सरका दिया.
वे बोलीं- ब्रा भी हटा दे.मैंने उन्हें चूमते हुए ही उनकी ब्रा भी खोल कर उतार दी.
अब वे मेरे सामने बिल्कुल नंगी थीं.मैंने उनके बूब्स को दबाना और चूसना शुरू कर दिया.
कुछ मिनट किस करने और बूब्स चूसने के बाद उन्होंने मेरा लंड हाथ में लिया और हिलाने लगीं.
मैंने बोला- ताई, मेरे लंड को चूसो ना प्लीज!मेरे एक बार बोलने पर ही उन्होंने लंड को चूसना शुरू कर दिया.
मैंने उनके सर को पकड़ा और जोर-जोर से अपने कड़क लंड से उनके मुँह को चोदने लगा.लगभग दस मिनट बाद मेरा निकलने वाला था.
मैंने बोला- ताई, दही आने वाला है!उन्होंने बोला- अन्दर ही निकाल दो!
मैंने अन्दर ही निकाल दिया.ताई ने पूरा रस पी लिया.
मैंने दोबारा किस शुरू कर दिया, जिससे मेरा फिर खड़ा हो गया.फिर मैंने उनके दोनों बूब्स के बीच में अपना लंड रखा और उनके मस्त गोरे 34 साइज के बूब्स को चोदने लगा.
मुझे बहुत मजा आ रहा था.
ताई बोलीं- अब मेरी चूत के अन्दर भी डाल दे न!
मैंने उनको घोड़ी बनाया और लंड को सहलाने लगा.तभी मेरे दिमाग में शरारत आई कि उनकी चूत की जगह गांड में घुसा दूँ.
पहले मैंने अपना लंड उनकी चूत पर लगाया और अचानक से मेरा लंड उनकी गांड में डाल दिया.जिससे वे चिल्ला उठीं ‘आह आह आह बाहर निकाल इसे … मर गयी!’मैं कुछ नहीं बोला, बस लगा रहा.
ताई बोलीं- मैंने आज तक गांड नहीं मराई!मैंने बोला- तभी तो मैंने गांड में घुसाया है.
थोड़ी देर रुकने के बाद मैंने धक्के शुरू किए और ताई की आवाज निकलने लगी ‘आह आह आह आराम से करो!’
कुछ देर बाद मैंने धक्के और तेज कर दिये.अब ताई को मजा आने लगा, वे भी मेरा साथ देने लगीं.
मेरा पूरा 7 इंच का लंड उनकी गांड के मजे ले रहा था.
कुछ मिनट चोदने के बाद मैंने लंड बाहर निकाला और उनकी चूत में लगा कर अन्दर घुसेड़ दिया.वे दर्द की वजह से कराह रही थीं- आह आह आह!
कुछ देर बाद ताई बोलने लगीं- मजा आ रहा है अरुण बेटा … जोर-जोर से करो.
मैं बहुत तेज गति से उनकी चूत चोदने लगा.मुझे बहुत मजा आ रहा था और ताई को भी.
कुछ देर बाद मेरा निकलने वाला था.मैंने बोला- ताई जी, मेरा निकलने वाला है … कहां पर निकालना है … जल्दी बताओ!
वे बोलीं- मेरे ऊपर निकाल दो!मैंने तेज धक्के मारे और लंड बाहर निकाल कर उनके बूब्स पर सारा रस निकाल दिया. अपने लंड को उनके मुँह में घुसा दिया.
उन्होंने उसे चाटकर साफ कर दिया.
फिर उन्होंने अपने बूब्स पर से सारा रस उंगली से लेकर चाट लिया और बोलीं- आज तो मजा आ गया अरुण बेटा!
मैं बोला- ताई, अब से मैं आपको रोज चोदूँगा!वे बोलीं- हां बिल्कुल क्यों नहीं!
मैं बहुत खुश हुआ.अब हम दोनों को जब भी मौका मिलता या जब कभी उनका मूड होता, तो वे मुझे कह देतीं और मैं उनकी चुदाई कर लेता हूँ.
इसके बाद मैंने ताई के भाई की लड़की को भी चोदा. वह आपको अगली सेक्स कहानी में बताऊंगा.
आपको मेरी यह फॅमिली देसीकहानी कैसी लगी, मेल करके जरूर बताएं.धन्यवादsupport@mohakkisse.com