होम पर वापस जाएं
माँ की चुदाई पठन समय: 14 मिनट पढ़ा गया: 713 बार

विधवा सहेली की चूत चुदवा कर मजा दिलाया

अंकिता राठौर

24 Mar 2018 को प्रकाशित

विधवा सहेली की चूत चुदवा कर मजा दिलाया
कहानी सुनें

ऑडियो प्लेयर (Play Audio)

स्वर: लोड हो रहा है...

0:00
0:00

फॅमिली पोर्न डर्टी स्टोरी में मैंने अपनी सहेली के बेटे से चुदाने के लिए उसकी एक शर्त पूरी की। क्या थी उसकी शर्ट …. मैंने उसे कैसे पूरी करके अपनी चूत की प्यास बुझाई?

दोस्तो, मैं कपिला एक बार फिर से आप लोगों के लिए एक मस्त कहानी लेकर आयी हूँ।

यह केवल कहानी नहीं, सच है जो मैं आप लोगों के साथ साझा करने जा रही हूँ।आपने मेरी पिछली कहानीसहेली के बेटे के लम्बे लंड से चुद गयीमें पढ़ा था कि मेरी बचपन की सहेली शोभा का बेटा आर्यन मुझे चोद चुका था और उसने एक शर्त रखी थी लेकिन उसने बतायी नहीं थी।

आज की ये फॅमिली पोर्न डर्टी स्टोरी उसी शर्त की है।तो आप लोगों का ज्यादा समय न लेते हुए मैं सीधे कहानी पर आती हूँ।

उस दिन की चुदाई के बाद आर्यन मुझे नहीं मिला।

फिर एक दिन अचानक उसका फोन आया।मैंने कहा- एक बार में ही मन भर गया क्या आंटी से?वो बोला- नहीं जानेमन, तुम्हें तो सातों जन्म तक रंडी बनाकर रखूंगा।

ये सुनकर मुझे जोश आ गया और मैं बोली- तो घर आकर मिलो।उसने कहा- शर्त याद है?

दोस्तो, उस दिन मैंने आपको बताया नहीं था कि आर्यन ने क्या शर्त रखी थी।यह आपको कहानी में पता चलेगा।

मैंने कहा- हां, याद है।वो बोला- ठीक है, तो फिर एक घंटे बाद मिलते हैं।उसके बाद उसने फोन रख प्रिया और मैं अपने पार्लर के काम में बिजी हो गई।

दोपहर करीब 3 दो बजे घर की बेल बजी।उस टाइम घर पर मैं अकेली थी क्योंकि पति अपनी दुकान पर थे और बच्चे स्कूल में थे।

मैंने दरवाजा खोला तो आर्यन बाहर खड़ा था।

उसे मैंने अंदर बुलाया और दरवाजा बंद किया और उससे चिपक कर उसे किस करने लगी।वो मेरी गांड दबाने लगा।

तब तक उसका लंड खड़ा हो चुका था जो मेरी जांघों पर चुभ रहा था।

फिर उसने अपनी लार मेरे मुँह पर गिरा दी, मैं उसे चाट गयी और उसने मुझे अलग किया और सोफे पर बैठ गया।फिर उसने एक सिगरेट जलाई और पीने लगा।मैंने उसे पहली बार सिगरेट पीते देखा था।

वो बोला- तो शर्त कब पूरी करोगी?मैं बोली- तुम पागल हो क्या? ये नहीं हो सकता है।वो बोला- नहीं, मुझे उसके साथ सुहागरात मनानी है।

मैंने कहा- वो तुम्हारी मम्मी है, ये कैसे हो सकता है?वो बोला- अरे यार, उसको घर पर नंगी देख देखकर मैं पागल हो चुका हूं।मैंने पूछा- कब?

उसने कहा- रात में सोते टाइम, कई बार मैक्सी घुटनों से ऊपर उठ जाती है उसकी। उसकी झांटें बहुत बड़ी बड़ी हैं। अब तुम अपना वादा पूरा करो। उसको चुदावाओ मुझसे!

फिर बच्चों के आने का टाइम हो गया।मैंने आर्यन से कहा- मुझे थोड़ा टाइम दो।

आर्यन के जाने के बाद फिर मैंने बहुत सोचा कि कैसे शोभा को आर्यन से चुदवाया जाए।मैंने फॅमिली पोर्न डर्टी सेक्स की रूपसुमन तैयार कर ली.

एक दिन मैंने शोभा को फोन किया और उसे घर बुलाया।उसने पीली साड़ी और ब्लैक ब्लाउज पहन रखा था।उसकी उभरी हुई चूचियां देखकर मुझे पता चल गया कि आर्यन क्यों इसे चोदना चाहता है।

उसकी साड़ी टाइट थी और गांड भी खूब मटक रही थी चलते हुए।

शोभा और मैं अंदर बैठकर इधर-उधर की बातें करने लगे।बातों बातों में मैंने पूछा- उनके जाने के बाद तेरा कभी मन नहीं करता क्या?

वो समझ गई कि मैं चुदाई की बात कर रही हूं।उसने कहा- यार, मैं उनसे बहुत प्यार करती थी लेकिन ऊपर वाले को हमारा साथ ज्यादा नहीं मंजूर था। मन तो सबका ही करता है।

मैं बोली- अगर तुझे किसी के साथ कभी मौका मिले कुछ करने का तो तुम करोगी?वो बोली- हां, लेकिन आज तू ये सब क्यों पूछ रही है?मैं बोली- ऐसे ही!

शोभा- वो सब तो ठीक है लेकिन इज्जत का भी डर है। आर्यन बड़ा हो गया है, अगर उसे पता चल गया कि इस उम्र में ये सब मैं कर रही हूं तो वो क्या सोचेगा? कहीं उसको अपनी मां की वजह से शर्मिंदा न होना पड़े?

मैं बोली- मेरी बहन का लड़का है रोहन, मुम्बई में रहता है। वो तुम्हें जानता भी नहीं है और थोड़ी देर में आने वाला है। मैंने उससे बहुत बार चुदवाया है। अगर तुम्हारा मन हो तो बताना।

शोभा- लेकिन किसी को कुछ पता नहीं चलना चाहिए?मैं बोली- नहीं चलेगा पता, तू वो सब मुझ पर छोड़ दे। मैं तुम दोनों की आंखों पर पट्टी बांध दूंगी और कमरे की लाइट भी बंद कर दूंगी। वो देख ही नहीं पाएगा कि तुम कौन हो। तुम्हें भी बंद आंखों से उससे चुदवाने में कोई शर्म नहीं आएगी।

वो बोली- तू भी हम दोनों के साथ ज्वॉइन करेगी क्या?मैंने कहा- ठीक है, मैं भी कर लूंगी।

यह सुनकर शोभा बहुत खुश हो गई।

फिर मैं उसकी वैक्सिंग करने लगी।मैंने उसकी साड़ी उतरवा दी, पेटीकोट भी उतरवा प्रिया।

शोभा की चूत पर बहुत बाल थे, जैसा कि आर्यन ने बताया था।मैंने उसकी चूत के बाल साफ किए, उसको चुदाई के लिए पूरी तरह से तैयार कर प्रिया।

फिर वो अपने घर चली गई।

मैंने ये सारी बातें आर्यन को बताईं तो वो खुश हो गया, कहने लगा- मॉम को दुल्हन की तरह तैयार करना।

शोभा भी दुल्हन वाली बात सुनकर काफी उत्साहित हो गई।फिर मैंने आर्यन को घर आने के लिए कह प्रिया।

शोभा को मैंने बाद का टाइम प्रिया था।आर्यन घर आया तो मैंने उसको ऊपर वाले रूम में भेज प्रिया और कहा कि मैं शोभा को दुल्हन की तरह तैयार करके यहां लेकर आऊंगी।

फिर शोभा के आने का टाइम हो गया। वो आई और नहाकर तैयार होने लगी।

उसने लहंगा पहना, मैंने उसका मेकअप किया और जेवर वगैरह पहनाए।वो बिल्कुल नई दुल्हन की तरह लग रही थी।

मैंने उसका लंबा घूंघट किया और उसे कमरे में लेकर गयी।

थोड़ी देर के लिए मैंने आर्यन को बाहर जाने का इशारा किया तो वो चला गया।शोभा बोली- यार, तू भी अपने कपड़े उतार ले।वो जिद करने लगी तो मुझे उसके सामने ही नंगी होना पड़ा।

मुझे नंगी देख शोभा ने मेरी चूत को सहलाना शुरू कर प्रिया।मेरी चूत ने पानी छोड़ प्रिया जिसकी कुछ बूंदें शोभा के चेहरे पर जा गिरीं, शोभा उसे अपने हाथ की उंगली में लेकर जीभ से चाटने लगी।

मैं समझ गयी अब शोभा से कंट्रोल नहीं हो रहा है।

मैंने शोभा की आंखों पर काली पट्टी बाँध दी लेकिन उससे पहले उसको यकीन दिलाने के लिए कि रोहन कौन है, मैंने अपने दोस्त के बेटे की फोटो उसको दिखा दी।

यह भी पढ़ें (Recommended)

Anokhe Parivar Ki Anokhi Kahani – Part 2

वो लड़का हैंडसम था और शोभा उसे देख कर खुश हो गई।फिर मैंने कहा- मैं रोहन के साथ भी ऐसे ही करूंगी।

फिर रोहन यानि कि आर्यन कमरे में आ गया लेकिन उसको मैंने कोई पट्टी नहीं बांधी और शोभा के पट्टी बंधे होने के कारण उसे पता भी नहीं चल रहा था कि अब आर्यन, उसका ही बेटा कमरे में है।

आज बहुत भयंकर चुदाई होने वाली थी।मैंने शोभा को रोहन के बारे में बताया कि वो आ चुका है।

शोभा बिल्कुल शांत हो गयी और अपनी दोनों टांगों की पलथी मार कर बेड पर बैठ गयी।

आर्यन अपनी ही माँ को दुल्हन के रूप में देख कर पागल हो गया।ऊपर से मैं भी उसके सामने बिल्कुल नंगी खड़ी थी।

वो शोभा के पास जाकर उसके हाथों को पकड़ कर चूमने लगा।पहले शोभा ने हाथ पीछे हटाया लेकिन फिर अपने आप को आर्यन को सौंप प्रिया।

अब आर्यन ने अपनी ही मम्मी शोभा के माथे को चूमकर उसका घूँघट हटाया।शोभा बहुत खूबसूरत लग रही थी।

फिर आर्यन ने शोभा को बेड पर लिटा प्रिया और उसकी नाभि पर चूमने लगा।अब धीरे धीरे शोभा की सिसकारियां निकलने लगीं।

मैं ये सब होते हुए अपनी आंखों से देख रही थी।

फिर आर्यन ने शोभा को खड़ी किया और उसका लहँगा उतार प्रिया।अब शोभा थोड़ा शर्मा गयी।मैंने उससे साथ देने के लिए कहा।

फिर आर्यन ने धीरे से शोभा का बैकलेस ब्लाउज भी उतार प्रिया।अब उसकी मम्मी शोभा उसके सामने सिर्फ ब्रा और पैंटी में थी।

आर्यन ने भी अपने सारे कपड़े उतार दिए और पूरा नंगा खड़ा हो गया और अपना लंड शोभा के हाथ में थमा प्रिया।

शोभा लंड को मस्ती से सहलाने लगी।

फिर धीरे से आर्यन ने शोभा की ब्रा-पैंटी भी उतार दी और उसे बेड पर लिटा प्रिया।अब वो उसके ऊपर चढ़ कर बेतहाशा उसके जिस्म के हर कोने को चाटने लगा जिससे शोभा की सिसकारियां अब और भी तेज हो गयीं और शोभा की चूत ने पानी छोड़ प्रिया।

इतने में ही आर्यन ने उसकी चूत पर मुंह लगा लिया और उसकी चूत के पानी को चाटने लगा।

शोभा अब तड़पने लगी थी।वो आर्यन से लंड डालने के लिए मिन्नतें करने लगी।

आर्यन ने अपने लंड पर शोभा की चूत का पानी और थूक लगाया और मुझे इशारा किया।मैं उसके पास गई तो उसने हाथ पकड़ कर मुझे भी बेड पर गिरा लिया।अब हम तीनों इस खेल में आ चुके थे।

शोभा को भी पता चल गया कि मैं बेड पर आ गयी हूं।

फिर आर्यन ने अपने लंड को शोभा की चूत पर सेट किया और टोपा अंदर धकेल प्रिया।शोभा दर्द के मारे बिलबिला उठी।

वो चिल्लाती हुई लंड को बाहर निकालने के लिए कहने लगी।मैंने अपने हाथ से उसका मुंह बंद किया।

आर्यन ने दोबारा से झटका लगाया और आधा लंड शोभा की चूत में घुस गया।

तीसरे धक्के में आर्यन ने पूरा 7 इंच का लंड अपनी मम्मी की चूत में घुसा प्रिया।शोभा तड़प रही थी लेकिन मैंने उसके हाथों को दबाया हुआ था।अब आर्यन ने धक्के लगाने शुरू कर प्रिया।

चुदाई शुरू हुए कई मिनट बीते तो धीरे धीरे शोभा की चीखें अब सिसकारियों में बदल गयीं।

अब शोभा आर्यन को अपने दोनों हाथों से पकड़ कर और अपनी दोनों टांगों को आर्यन की गांड पर रखे हुए मजे से चुद रही थी।इस बीच मुझे पेशाब लगी तो मैंने शोभा के मुँह पर ही मूत प्रिया जो बह कर उसकी चूचियों से होते हुए बिस्तर पर जा रहा था।

शोभा मेरे मूत से बिल्कुल गीली हो गयी थी। शोभा की चूत ने पानी छोड़ प्रिया और आर्यन चूत के ऊपर से उठ गया।मैंने शोभा की चूत का पानी चाटकर साफ किया।

फिर आर्यन ने शोभा को बेड के किनारे पर बिठाया और खुद खड़ा हो गया।उसने मुझे भी शोभा के बगल में घुटनों के बल बैठाया।

वो फिर हम लोगों के चेहरे पर अपने मूत की धार मारने लगा जिसे हम दोनों पीने लगीं।

अब आर्यन ने शोभा को घोड़ी बनाया और उसकी गांड मारने की बात कहने लगा।मैंने शोभा से पूछा तो उसने भी मना नहीं किया।आर्यन ने तेल की शीशी लाने को कहा।

फिर उसने अपनी मम्मी की गांड पर तेल लगाया और पूरी तरह से गांड को चिकनी कर प्रिया।अब आर्यन ने अपना लौड़ा शोभा की गांड पर रखा और धकेलते हुए पूरा लंड गांड में उतार प्रिया।

शोभा का बुरा हाल हो गया।आर्यन उसके ऊपर चढ़ कर बहुत ही बेदर्दी से उसे चोद रहा था और मैं शोभा को किस रही थी। आर्यन उसके बालों को पकड़ कर चोद रहा था।

घोड़ी बनी शोभा की दोनों चूचियां हवा में आजाद झूल रही थीं जिनको मैंने दबाकर नोंचना शुरू किया।शोभा की सिसकारियां तेज हो गईं।

बीच बीच में आर्यन शोभा की गांड पर तमाचे भी मार रहा था।

अब तक शोभा दो बार और झड़ चुकी थी।शोभा बहुत जोर जोर से दर्द में चिल्लाने लगी।

मगर अब तक आर्यन भी झड़ने वाला था।उसने शोभा को उठाया और मुझे भी … फिर मुठ मारते हुए अपना सारा लावा शोभा के मुंह में डाल प्रिया ज़िसे शोभा बड़े मजे से चाट रही थी।फिर शोभा ने मुझे किस किया और आर्यन का सारा लावा मेरे मुँह में डाल प्रिया।

हम लोग बार बार एक दूसरे के मुँह में आर्यन के वीर्य की अदला-बदली कर रहे थे।

बाद में शोभा आर्यन का सारा माल पी गयी और उसकी चूत का सारा रस मैं चाट गयी।अब तक आर्यन बाहर जा चुका था।

तब मैंने शोभा की पट्टी खोली और पूछा- मजा आया या नहीं?वो मेरे गले लग कर बोली- आज तुमने मुझे सच में बहुत खुश कर प्रिया है। मैं हमेशा तुम्हारे साथ रहूंगी।

हमने साथ में थोड़ी देर और एक दूसरी की चूत चाटी और अपना अपना पेशाब एक दूसरे की चूत पर मुँह लगा कर पीया।फिर हम साथ में बाथरूम में नंगे नहायी और आराम किया।

शोभा शाम को मेरे घर से अपने घर गयी लेकिन आर्यन उससे पहले ही घर जा चुका था।

तो दोस्तो, ये थी मेरी और मेरी सहेली और उसके बेटे की फॅमिली पोर्न की डर्टी सच्चाई।आप लोग मुझे बताएं कि आपको ये फॅमिली पोर्न डर्टी स्टोरी कैसी लगी। कहानी पढ़ने के लिए धन्यवाद।support@mohakkisse.com

कहानी पर अपनी प्रतिक्रिया दें (React to Story)

इसी श्रेणी से अन्य कहानियाँ

Bete ne mummy ko apna agla shikaar banaya-2
माँ की चुदाई

Bete ne mummy ko apna agla shikaar banaya-2

Pichla bhaag padhe:-Bete ne mummy ko apna agla shikaar banaya-1

10 मिनट 744
धोबी घाट पर माँ और मैं -6
माँ की चुदाई

धोबी घाट पर माँ और मैं -6

मैं भी झाड़ियों के पीछे चला गया और पेशाब करने लगा।बड़ी देर तक तो मेरे लंड से पेशाब ही नहीं निकला, फिर जब लंड कुछ ढीला पड़ा तब जा के पेशाब निकलना शुरु हुआ। मैं पेशाब करने के बाद वापस पेड़ के नीचे चल पड़ा।

7 मिनट 595
Anokhe Parivar Ki Anokhi Kahani – Part 2
माँ की चुदाई

Anokhe Parivar Ki Anokhi Kahani – Part 2

Dosto pehli kahani me toh aapne padha hi hoga, ki kese mujhe pata chala ki main ek adivasi hun. Kese hum apne gaon me gye the, aur whan ki rasme, riti riwaaj mujhe pata chale.

13 मिनट 407

पाठकों की राय

0 टिप्पणियां
इस कहानी पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!
🔒 सुरक्षा कारणों से कॉपी करने की अनुमति नहीं है।