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Hindi Chudai Kahani पठन समय: 12 मिनट पढ़ा गया: 370 बार

Fojan bhabhi ki scooty sikha ke choda

Me Chodu

26 Oct 2009 को प्रकाशित

Fojan bhabhi ki scooty sikha ke choda
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हेलो दोस्तो आप सब कैसे हैं, आप सब के लिए मैं लेकर आया हूँ अपनी एक नई कहानी। जिसे पढ़कर आप सब का पानी निकल जाएगा, तो सभी लेडीस को मेरा खड़े लडं का नमस्कार।

तो आप सब इस कहानी में जानेगें कि कैसे मैंने अपनी एक पड़ोसी भाभी को कैसे चोदा। बहुत दिनों बाद मैं अपनी स्टोरी लिख रहा हूँ, वैसे हिंदी में मैं फर्स्ट टाइम ट्राई कर रहा हूं।

इसमें मुझसे कोई गलती हो तो मुझे माफ़ करना, चलो अभी स्टोरी पर आते हैं। आप मेरे बारे में तो जानते ही होंगे, मेरा नाम नवीन सिंह है और मैं कानपुर से हूं।

मैं एक अच्छी गवर्नमेंट जॉब करता हूँ, मेरे लैंड का साइज साइज काफी अच्छा है 8 पॉइंट 3 इंच है। ये सभी फीमेल को बहुत खुश करता है, जिसे भी मेरी कहानी पसंद है वह मुझे मुझे पर्सनल ईमेल कर सकता है।

मैं इससे आपको मेरा नंबर व्हाट्सएप सब कुछ मिल जाएगा, खासतौर पर ईमेल मुझे जरूर कॉल करें और अपना रिस्पांस जरूर बताये की आपको मेरी कहानी कैसी लगी।

तो चलिए अब कहानी शुरू करते हैं, यह बात मेरे पड़ोस में ही नई आई एक कमला भाभी की है। जिनके पति फौज में है और बहुत ही कम घर आते हैं।

आपको पता ही होगा फौज में कैसी नौकरी होती है, तो वो अपनी सास के साथ अकेली रहती थी। वो बहुत ही बहुत ही अच्छी और चिकनी थी, उसके बूब्स 34 के थे, इतने बड़े बड़े बूब्स देख कर मन करता था कि अभी जा कर इन्हें चूसने लग जाऊं।

उनकी 30 की कमर थी और वो वाह क्या गजब चिकनी थी। कमर के निचे उनकी गांड भी थोड़ी बाहर निकली थी। उसे जो भी देखे तो उनका लंड सलामी देने के लिए खड़ा हो जाता था।

उनकी बड़े बड़े बूब्स और उनकी बहार निकली हुई गांड, उनकी 5 फूट की हाइट बहुत अच्छी लगती थी। उनका पेट हल्का सा बहार निकला हुआ था, वो वो ऐसी थी की उन्हें देखते हि छूने का मन होता था।

वो दिखने में 5 फीट की क़यामत थी, उसको एक बार देखते हि लोगो का लंड फाड़फाड़ने लग जाता था। उसके पास अपनी स्कूटी थी और उसे अपने किसी भी काम के लिए अकेली हि जाना पड़ता था।

पर वो स्कूटी को अच्छे से चला नही पाती थी। मैं चाहता था की वो मुझे स्कूटी सिखाने के लिए बोले पर वो मुझसे थोड़ी शर्माती थी।

पर एक दिन उसने मुझे सिखाने के लिए कहा, तो मैं झट से मान गया। मझे तो इसी मोके का इंतजार था, उसने मुझे शाम को स्कूटी सिखाने के लिए कहा था।

तो मैं शाम को चला गया, और थोड़ी देर बाद उसे अच्छे से समझाने के बाद मैंने उसे आगे बुला लिया। अब उसने चलना शुरू कर दिया, और मैं पिच्छे बैठ गया।

अब मेरे आगे अपनी गांड से मेरा लंड चिपका कर बैठ गयी। मैंने उसके हाथ पकड़ कर उसे स्कूटी को अच्छे से पूरा समझाना शुरू कर दिया।

की कैसे रेस देते है, और कैसे धीरे धीरे ब्रेक लगते है। मेरा लंड उसकी गांड पर लगा हुआ था, अब मैं अपने आप पर कण्ट्रोल नही कर पा रहा था।

मेरा मन तो कर रहा था, की अभी लंड निकल कर अपना पानी निकल दूँ। पर मैं वहाँ ऐसा नही कर सकता था, मेरा लंड अब लोहे जेसा बन गया था।

अब उसे भी पता चल गया था, की मैं उसके बूब्स को टच करने की कोशिश कर रहा हूँ। मैं साइड में से उसके बूब्स को छूने की कोशिश कर रहा था।

दोस्तों मुझे इसमें काफी मजा आ रहा था, मेरा मन कर रहा था की अभी साली को यहीं पर चोद डालूं। मुझे ऐसा लग रहा था, की शायद उसका भी पानी निकल गया है।

फिर ऐसे हि काफी दूर जाने के बाद हम दोनों वापिस आ गये, फिर वो वो मुझे बोली – क्या बात चलाते हुए काफी मस्ती हो रही थी।

उनके मुंह से ये सुन कर मैं समझ गया की भाभी फंस गयी है।

भाभी – ये लो मेरा व्हात्सप्प नंबर और मेरी ईमेल इदी।

अब मैं काफी खुश हो गया, और फिर भाभी से बात करते हुए मैंने उन्हें कहा – भाभी आप कभी मेरे रूम पर आयो ना?

भाभी – हाँ मैं जरुर आउंगी पर टाइम निकल कर आउंगी।

मैं – अच्छा भाभी एक किस तो दे दो।

भाभी – यहाँ कैसे दूँ यहाँ तो सब आ जा रहे है।

फिर मैं स्कूटी चलाते हुए एक सुनसान जगह पर ले गया, फिर मैंने भाभी के कुरते के अंदर हाथ डाला और मैं उनके बूब्स को दबाने लग गया।

अब भाभी भी फुल मूड में आ गयी थी, और तभी अपना लंड अपनी लोअर में से निकला और उसे भाभी के हाथ में दे दिया। भाभी भी उसे अब रगड़ने लग गयी, मैं बस भाभी के बूब्स के मजे ले रहा था।

भाभी भी मेरे लंड को रगड़ कर मजे ले रही थी, अब मैंने भाभी को पीछे से पकड़ कर उनके होंठो पर अपने होंठ रख दिए। अब मैं उन्हें जोर जोर से चूमने लग गया।

कभी मेरी जीब भाभी के मुह में जा रही थी, तो कभी उनकी जीब मेरे मुह में आ रही थी। अब भाभी मेरा लंड जोर जोर से खिंच रही थी, और मैं उनके बूब्स को अच्छे से दबा रहा था।

तभी मैंने अपने लंड का पानी निकाल दिया, और उनके कुरते पर अपना सारा पानी निकल दिया। अब मैं उनके बूब्स और जोर से दबाने लग गया।

फिर मैंने उनके होंठो को और जोर से अच्छे से दबा दिया, और थोड़ी देर के बाद भाभी की चूत ने भी अपना सारा पानी निकल दिया।

फिर हम दोनों ने अपने अपने कपडे ठीक किये, और स्कूटी स्टार्ट करके हम अपने घर आ गये।

मैं – भाभी अब आप रियल मजा कब दे रही हो?

भाभी – जल्दी हि दूंगी।

फिर ऐसे हि कुछ दिन तक चला, और मैं २ दिन तक चूत के नशे में रहा। फिर २ दिन के बाद भाभी का मेरे पास फ़ोन आया, और उस टाइम शाम के ७ बज गये थे।

उस टाइम अँधेरा हो गया था, और भाभी ने मेरे रूम का दूर नॉक किया। फिर मैंने भाभी को धीरे से अंदर खिंच लिया, जैसे हि वो अंदर आई तो मैंने झट से उनके होंठो पर अपने होंठ रख दिए।

ओह्ह मुझे क्या मस्त मजा आ रहा था, मैं आपको बता नही सकता। अब वो मेरा पूरा साथ दे रही थी, मैंने उनकी कमर पर हाथ रखा और मैं उनकी जीब को चूसने लग गया।

उनकी कमर को हाथ में पकड़ कर मैंने उनकी गांड पर अपना हाथ चलना शुरू कर दिया। उनकी गांड पर हाथ फेरते हुए मुझे काफी मजा आ रहा था।

अब मेरा एक हाथ उनके बूब्स पर आ गया, मैं उनके सूट के उपर के से हि उनके बूब्स को दबाने लग गया। भाभी मेरा पूरा साथ दे रही थी, फिर वो मेरे लंड के साथ खेलने लग गयी।

इसी बीच मैंने उनके कुरते और सलवार को उतार दिया, अब वो सिर्फ ब्रा और पंटी में थी। अब वो मेरे कपडे उतरने लग गयी, इर वो मेरे लंड से खेलेने लग गयी।

इसी बीच हम दोनों अपनी एक स्लेफी भी ली, और अब मुझसे रहा नही गया। मैंने झट से उनकी पंटी और ब्रा को निकाल दिया, उनकी चूत से मस्त सी खुशबू आ रही थी।

तो मैंने अब उन्हें निचे बिठाया और मैंने अपना लंड उनके मुंह में दे दिया। वो पहले थोडा मना कर रही थी, पर मैंने उसकी एक न सुनी और मैंने अपना लंड उनके मुह में दे दिया।

अब वो मेरा लंड चूसने लग गयी, वो मेरा लंड ऐसे चूस रही थी मनो वो कोई रसीला लोलीपोप चूस रही हो। अब जब मैं अपने लंड को उसके गले तक उतरने लग गया, तो मुझे लगा की कहीं शायद इसे कहीं उलटी न जा आ जाये।

तो मैंने लंड ज्यादा अंदर नही डाला, और ऐसे हि थोड़ी देर चुस्वाने के बाद मैंने अपने लंड का सारा पानी उसके मुह में निकल दिया।

जब तक उसने मेरे लंड का सारा पानी नही पिया, तब तक मैंने अपना लंड उसके मुह से बहार नही निकाला। अब मैंने उसको लेटा दिया, और उसकी चूत बहुत हि मस्त थी।

उसकी चूत पर काफी बड़े बड़े बाल थे, और ऐसा लग रहा था मनो जेसे जंगल के बीच एक गुफा हो। उसकी चूत काफी दिनों से चुदी नही थी, और वैसे भी मुझे चूत पर बड़ी बड़ी झांटे बहुत पसंद थी।

मैंने झट से अपना उनकी चूत पर रखा, और वो जोर जोर से आह्ह अहः करने लग गयी। मैंने उसकी चूत काफी देर तक चुसी और उसकी चूत ने अपना सारा पानी मेरे मुंह पर छोड़ दिया।

अब मैं उसके उपर आ गया, और मैं उसके होंठो को चूसने लग गया। मैं उसके बूब्स को भी दबा रहा था, अब थोड़ी देर ऐसे हि मैंने उसके बूब्स को चूसा।

उसके दो बच्चो के बाद भी उसके बूब्स भी बहुत अच्छे थे। अब मैंने देर न करते हुए, अपने लंड को उनकी चूत पर रखा, उसकी चूत गीली थी।

इसिये मेरे लंड का टोपा झट से उसकी चूत में चला गया, और लंड अंदर जाते हि भाभी अअह्ह्ह करने लग गयी। उसकी ये मस्त आवाज सुन कर मैं और मस्त हो गया।

अब मैंने उनका एक पैर अपने एक कंधे पर रखा और मैं जोर जोर से धके मरने लग गया। अब पुरे रूम में फच फच की आवाज आ रही थी, अब वो थोड़ी जोर जोर से चिला रही थी।

मुझे लगा की कहीं उसकी आवाज बहार न चली जाये। मेरा मन आज उसे पूरी रात चोदने का था, और ऐसे हि काफी देर तक चोदने के बाद भाभी का पानी निकल गया।

काफी देर तक धके मारने के बाद अब मेरा भी पानी निकलने वाला था।

मैं – भाभी कहाँ पर निकालूं अंदर या बहार?

भाभी – अंदर हि निकल दे।

तो मैंने अपना सारा पानी उनकी चूत में भर दिया, और मैं उसे ऐसे हि अपनी बाँहों में ले कर लेट गया और मैं उनके होंठो को चूसने लग गया।

फिर से मेरा लंड खड़ा हो गया, और अब मैंने अपना लंड उनकी गांड में डालना चाहा तो मना करने लग गयी। पर मेरे मनाने पर वो मान गयी।

फिर मैंने उनकी गांड पर आयल लगया, और मैंने भाभी को घोड़ी बना दिया। फिर जैसे हि मेरा थोडा सा लंड उनकी गांड में गया तो भाभी जोर जोर से चिलाने लग गयी।

पर मैंने पीछे से उनके बूब्स को दबाना शुरू कर दिया, और मेरा आधा लंड जाते हि भाभी थक गयी। पर मैंने अपना लंड अंदर डालना जारी रखा, फिर धीरे धीरे वो नार्मल हो गयी।

अब मेरा लंड आराम से उनकी गांड में अंदर बहार हो रहा था। ऐसे हि काफी देर की चुदाई के बाद मेरा लंड का पानी निकल गया, और मैंने सारा पानी उनकी गांड में निकला।

उसके बाद हम दोनों ने ऐसे हि काफी बार चुदाई करी, उसके बाद मैंने उसकी पंटी को अपने पास रख लिया।

दोस्तों मेरी और भाभी की चुदाई आपको केसी लगी, प्लीज मुझे जरुर बताना।

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