फुल सेक्स स्टोरी में बहन जैसी सहेली के पति अकेला पाकर लड़की ने उसके साथ घूमना फिरना शुरू कर प्रिया. दोनों में समीपता बढ़ती गयी और एक रात दो जिस्म एक जान हो गए.
अब आगे फुल सेक्स स्टोरी:
प्रिया ने तो एक कदम आगे बढ़कर अपनी फ्रॉक उतार फेंकी.अब वो निपट नंगी थी.
उसकी देखा देखी आनंद ने भी कपड़ों से निजात पायी.
वासना की आग में जलते जिस्म एक होने के फिर से चिपट गए.
आनन्द प्रिया के मांसल मम्मे चूमने लगा.वो किसी नादान बच्चे की तरह एक एक करके दोनों मम्मे बारी बारी से चूस रहा था.प्रिया के हाथ में उसका मचलता लोहे जैसा मजबूत लंड आ गया था.
प्रिया के लिये पहला मौक़ा था की वो किसी मर्द के लंड को छू रही थी.पोर्न तो उसें ढेरों देखी होंगी, पर आज की रात का अनुभव तो उसे जिन्दगी के नए रूप से मिलाने जा रहा था.
आनंद तो इस समय भूखा शेर था.उसकी चुदाई की भड़की हुई आग जो पिछले कुछ दिनों से उसे सता रही थी आज ऐसे भड़क गयी मानों जलती आग में किसी ने कपूर डाल प्रिया हो.
कमोबेश यही हाल प्रिया का भी था.उसने मर्द के जिस्म को पोर्न मूवीज में देखा तो था पर उसकी गरमी को महसूस आज किया था.
अब खून का असर कहाँ जाता.आखिर प्रिया भी तो इसी तरह की किसी गर्म रात का अंजाम थी.उसकी मां को भी नहीं मालूम था कि उसकी कोख में बीज किस मर्द का है.
आनन्द का सेक्स अनुभव पुराना नहीं था.उसके लिए तो सब कुछ बस कुछ दिन पहले की ही बात थी.
हाँ, इतना जरूर है की रिया कुछ शरमाई थी और आज प्रिया बहुत ज्यादा गरमाई हुई है.
आनंद ने प्रिया की चूत में हाथ लगाया तो उसे करंट सा लगा.प्रिया की चूत बिल्कुल रेशम जैसी कोमल थी, पर बहुत गीली थी.
उसने एक उंगली अंदर की तो प्रिया कसमसा गयी.आनंद नीचे हुआ और प्रिया की टांगें फैलाते हुए उसकी चूत में मुंह लगा प्रिया.
प्रिया समझ गयी कि वो क्या चाहता है.वो तो आज सब कुछ करवाने को बेकरार थी.प्रिया आँखें बंद करके, टांगें खोल कर लेट गयी और अपनी उँगलियों से फांकें चौड़ा दीं.
अब आनंद ने अपनी जीभ अंदर घुसा दी.आनंद के नथुनों में भीनी भीनी खुशबू महक रही थी.
प्रिया के जिस्म से गुलाब की खुशबू आ रही थी.
आनंद ने जीभ पूरी अंदर घुसा रखी थी और साथ में एक उंगली से वो उसकी फांकों को भी मसल रहा था.
प्रिया का जिस्म अकड़ने लगा.वो नागिन की तरह मच रही थी.प्रिया अब चाह रही थी कि आनंद उसकी चूत में आ जाये.
उसने आनंद के बाल पकड़कर उसे ऊपर खींचा.आनंद ऊपर हुआ और उसके पेट और मम्मों को चूमता हुआ उसके होंठों से होंठ भिड़ाकर चूमने लगा.
प्रिया का हाथ वापिस उसके लंड पर आ गया.प्रिया ने उसे पकड़कर खींचा.
आनंद उसकी मंशा समझ गया.वो पीछे हुआ और बेड से घुटनों पर आकर प्रिया की टांगें पकड़कर नीचे खींची.अब प्रिया की चूत उसके सामने थी.
आनंद ने उसकी टांगों को खोला और अपने लंड पर पास रखी वेसलीन की शीशी से वेसलीन लगा कर खासा चिकना किया और ढेर सारी वेसलीन प्रिया की फांकों के अंदर भी लगा दी.आनंद को रिया की सुहागरात की चुदाई का अनुभव था.
प्रिया का पहली बार था तो आनंद को मालूम था कि उसकी चूत फटेगी और वो चिल्लाएगी.
प्रिया से अब बर्दाश्त नहीं हो रहा था.वो कस्मासाई और आनंद से बोली- आ जाओ.
आनंद ने अब देर न करते हुए उसकी चूत के मुंहाने पर अपना लंड रखा और हल्के से दबाव प्रिया.प्रिया घबराते हुए बोली- प्लीज़ धीरे धीरे करना, मुझे डर लग रहा है.
आनंद ने आगे झुक कर उसे चूमा और फिर एक झटके से लंड अंदर कर प्रिया.प्रिया की चीख निकल गयी.प्रिया आनंद से कस के लिपट गयी.
उसके ऐसा करते ही लंड और अंदर दरक गया.वो तो वेसलीन साथ दे रही थी, आनंद ने तो अभी कोई धक्का लगाया ही नहीं था.
आनंद ने आगे झुककर प्रिया के मम्मे मसलने शुरू किये और हल्के हल्के धक्के.प्रिया कसमसाती हुई आहें निकाल रही थी- प्लीज़ रुक जाओ, मुझे दर्द हो रहा है.
पर वो आनंद को निकलने का कोई मौक़ा भी नहीं दे रही थी.वो तो हर धक्के पर खुद भी नीचे से उचकती.
आनंद ने धक्के पूरे वेग से देने शुरू कर दिए.प्रिया को दर्द तो हो रहा था पर मजा भी आ रहा था.
जल्दी ही वह भी आनंद का साथ देने लगी.अब वह आनंद को उकसा रही थी- और तेज करो, मजा आ रहा है, बाहर मत निकलना, आई लव यू जानू!
प्रिया आनंद की आँखों में झांक रही थी मानो कह रही हो की मुझे अपना बना लो.उसने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि वो इस तरह से रिया से धोखा करेगी.पर आज वो अपने अंदर जलती काम वासना से हार गयी थी.
अब जब सब कुछ हो ही गया है तो प्रिया उसे भरपूर एन्जॉय करना चाहती थी.
आनंद उसके मम्मों को चूम रहा था, मसल रहा था.उसके बढ़ते धक्के अब कुछ थमते जा रहे थे.
आनंद ने प्रिया से पूछा- कहाँ निकालूं?प्रिया चीख कर बोली- अंदर मत निकालना.
आनंद ने अपना लंड बाहर खींच लिया और कुछ ही पल में उसने सारा वीर्य प्रिया के पेट और मम्मों पर डाल प्रिया.आनंद ने सीधा वाशरूम में जाकर अपने को साफ़ किया और वहां रखा हैण्डटॉवेल प्रिया को प्रिया.
प्रिया ने भी अपने को पौंछा और उठ खड़ी हुई.वो आनंद के गले में बाहें डालकर मुस्कुराती हुई उसे देखती रही फिर उसके होंठों पर चूमकर बोली- थैंक यू!!
अब तो आनंद और प्रिया की जिन्दगी ही बदल गयी.आनंद के फोन कॉल्स रिया के पास जाने कम हो गये.रिया शायद इस समय बिजी भी ज्यादा थी तो उसे इतना फर्क नहीं मालूम पड़ा.
अंजली ने जरूर प्रिया को कॉन्फिडेंस में ले लिया.हालाँकि प्रिया ने उसे सब कुछ नहीं बताया पर इतना तो बता ही प्रिया कि आनंद उसे खूब घुमाता और बाहर खिलाता पिलाता है.अब इसमें वो भी कभी कभी इमोशनल होकर उसे चूम लेती है या ड्रिंक्स में साथ दे देती है.
अंजली ने ये सुनकर बजे गुस्सा होने के यही कहा- ये सब तो चलता है. आनंद अभी अकेला है, वो कहीं बाहर किसी के साथी घूमे फिरे, इससे तो अच्छा है कि वो तुम्हारे साथ घूमे.
अंजली ने तो प्रिया को और उकसाया- तेरा जीजा है और तू उसकी साली. मजे कर!
अब इतना सपोर्ट तो प्रिया को बिगड़ने के लिए काफी था.सबसे बड़ी बात की अंजली ने प्रिया से कुछ भी रूपा या रिया को बताने को मना कर प्रिया था.
अब आनंद और रिया हर वीकेंड पर आनंद या प्रिया के फ्लैट पर ही मिलते, मस्ती करते और घमासान सेक्स करते.
प्रिया अब पूरी बेशर्म हो चुकी थी.जब अंजली साथ है तो डर कैसा.
अंजली को तो वो अब खुलकर बता देती की कल रात आनंद आया था, देर रात गया. या मैं कल आनंद के साथ गयी थी, देर रात लौटी.
अंजली तो बड़ी बेशर्मी से पूछ लेती- आनंद का स्वभाव कैसा है.तो प्रिया भी कह देती- मस्त है. खूब मजे देगा रिया को.
इस पर अंजली बेहयाई से कह देती- फिलहाल तो रिया एक दो महीने बाद वहां आएगी, तब तक तू मजे ले. बस ध्यान रखना कोई जंजाल मत पाल लेना.मतलब अंजली उससे घुमा फिरा कर कहती कि चुदाई तो कर ले, पर बच्चा मत कर लेना.
अब प्रिया पहले ही प्रोटेक्शन रखती.वो बिना उसके कभी सेक्स करती ही नहीं.
आनद तो उसी का होकर रह गया था.एक बार तो बहक कर आनंद ने यहाँ तक कह प्रिया कि प्रिया, घर पर बात कर ले. वो रिया को छोड़ देगा और प्रिया से शादी कर लेगा.प्रिया ने हंसकर कहा कि पहली बात तो अभी दो तीन साल शादी नहीं करेगी और करेगी भी तो फ्रेश पीस से.कहकर प्रिया तो हंस दी.
पर आनंद को अपनी औकात मालूम पड़ गयी.उसे बुरा तो लगा फिर उसने सोचा कि मुफ्त में साली मिल रही है चोदने को, और पता नहीं कब तक चुदती रहेगी प्रिया उससे. तो फिर क्या बुराई है.
रिया का प्रोजेक्ट सबमिट हो गया.वो अब बंगलौर आ गयी.
अंजली ने प्रिया को सलाह दी कि अब वो एक दो महीने आनंद से दूर ही रहे ताकि रिया को स्पेस मिल जाए और वो और आनंद अपनी वैवाहिक जिन्दगी का लुत्फ़ उठाना शुरू कर दें.प्रिया ने दूरी बना ली.
अगर वो वीकेंड पर रिया के पास जाती भी तो बस थोड़ी देर के लिए.
आनंद तो अब भी मुंह मारने के चक्कर में था.वो मौक़ा देखते ही प्रिया को चूम लेता या मम्मे दबा देता.प्रिया अब चौकस थी रिया को लेकर.
वो रिया से प्यार भी बहुत करती थी.अब जो हो गया वो हो गया.अब वो खुद आनंद से दूर रहना चाहती थी रिया की वजह से.
वो बात अलग है की उसकी चूत में चीटियाँ रेंगती तो वो उंगली करके अपने को शांत करती.
एक वीकेंड पर आनंद कोई बहाना करके प्रिया के फ्लैट पर आ गया.प्रिया उसे देखकर चौंकी.पर वो भी मजबूर थी अपनी चूत की आग से.
आनंद ने उसके लाख मना करने पर भी उसे बेड पर खींच लिया.दोनों के कपड़े छिलके की तरह उतर गए. प्रिया प्यासी थी.
कुआं प्यासे के पास आया था, ऐसा नहीं था.प्रिया की चूत का प्यासा आनंद भी तो था.सेक्स के मामले में रिया प्रिया से कम बिल्कुल भी नहीं थी.
शादी के बाद रिया का रूप यौवन और निखार पर था.पर मर्द को मुफ्त की चूत मिल रही हो तो वो अपनी बीवी को भी धोखा दे देता है.
आनंद और प्रिया आज ऐसे सेक्स कर रहे थे मानों कब के बिछुड़े हों या ये पल फिर आयेगा भी या नहीं.दोनों पागलों की तरह धाकापेल कर रहे थे.
प्रिया की आहें पूरे कमरे में गूँज रही थीं.इस धमाचौकड़ी में प्रिया प्रोटेक्शन यूज़ करना भी भूल गयी थी और होश तब आया जब उसकी चूत में गरम गर्म लावा आनंद के लंड ने छोड़ प्रिया.
प्रिया ने आनंद को झिड़का तो आनंद ही उलटे उस पट गुस्सा हुआ कि हमेशा प्रिया ही अपने पर्स से प्रोटेक्शन निकाल कर उसे देती थी.
खैर आनंद ने उसे ये समझाया- चलो कल मेडिसिन लाकर दे दूंगा.
तभी डोरबेल बजी.प्रिया और आनंद दोनों घबरा गए.दोनों ने फटाफट कपड़े पहने.
गेट खोला तो बाहर अंजली खड़ी थी.वो हँसते हुए बोली- सरप्राइज!
आनंद की तो मानो जान ही निकल गयी.वो हकलाते हुए बोला- मैं कुछ सामान देने आया था. और आपने किसी को कुछ नहीं बताया.अंजली बोली- फिर सरप्राइज कैसे होता.कहकर वो हंस पड़ी.
ये तय हुआ कि शाम को प्रिया और अंजली रिया के घर जायेंगे डिनर वहीं लेंगे.
आनंद चला गया.
उसके जाते ही अंजली ने प्रिया को हाथ पकड़कर सोफे पर बिठा लिया और लगी घूरने.प्रिया रो पड़ी और उसके गले लगकर बोली- मौसी, गलती हो गयी. मैं बहक गयी थी. प्लीज़ किसी को कुछ नहीं कहना.
अब अंजली क्या कहती. उसे अपना बीता हुआ कल फिल्म की तरह सामने आ गया.उसने प्रिया से साफ़ कह प्रिया कि बस अब वो उसके लिए लड़का ढूंढना शुरू करती है. जल्दी ही उसकी शादी कर देंगे.
प्रिया क्या कहती. अब तो उसे हर शर्त मंजूर थी.
अंजली एक हफ्ते रही.रिया, प्रिया और आनंद के साथ वो खूब घूमी, घूब मस्ती करी और सबके सामने अंजली ने कह प्रिया कि अब उसे प्रिया की शादी की चिंता ही और वो जल्दी ही उसके लिए कोई लड़का ढूंढ लेगी.
अंजली के जाने के बाद आनंद को दो दिन के लिए कम्पनी के काम से बाहर जाना पड़ा तो प्रिया रिया के पास रुकी.
रिया बहुत खुश थी.आनंद उसे बहुत प्यार करता था.
रिया खुद भी अब सेक्स में रम गयी थी.अब उसकी और आनंद की कोई रात बिना सेक्स के होती ही नहीं थी.
आनंद को सेक्सी ड्रेस का बहुत शौक था.रिया की वार्डरोब में ढेरों सेक्सी नाईट ड्रेस थीं.
रिया आज मस्ती के मूड में थी.उसने प्रिया को भी जबरदस्ती एक सेक्सी सी ड्रेस पहना दी और खुद भी पहनी.
अब दोनों की ड्रिंक्स की महफ़िल जम गयी.रिया और प्रिया पहले भी हमबिस्तर रह चुकी थीं और लेस्बियन थीं.
पर अब माहौल बदल गया था.आज रिया ने पुराने दिन याद करने की सोच से ऐसा प्लान किया.
एक के बाद एक और पेग लगाने से दोनों बहक गयी थीं.रिया अपनी सेक्स की बातें खुलकर बता रही थी.
उसकी देखा-देखी प्रिया भी बहक गयी.उसने भी अंट शंट पता नहीं क्या क्या बक प्रिया.नशे में प्रिया ने रिया से कहा- आनंद के साथ मुझे भी करना है.रिया बहकती हुई बोली- करा दूँगी.
दोनों ने अपने कपड़े उतार फेंके और एक दूसरे की चूत में जीभ से चूमते चाटते और उंगली करके लिपट कर सो गयीं.
सुबह जब आँख खुली तो दोनों अपनी हालत देख कर खूब हंसी.
दोपहर को आनन्द आ गया.आज सेटरडे था.प्रिया ने वापिस जाने की बात कही तो रिया ने जबरदस्ती रोक लिया कि कल तो सन्डे है. कल चली जाना.
रात को तीनों देर रात डांस क्लब में मस्ती करके लौटे.वहां भी पी थी तो दिमाग पर शराब का सुरूर था.
घर आते ही तीनों हँसते बोलते बेड पर बैठे.रिया ने यहाँ भी ड्रिंक्स बना लिए.अब तो तीनों ही नशे में बहकने लगे.
अब सोने की तैयारी हुई.प्रिया दूसरे रूम में जाने लगी.
तो रिया ने उससे कहा- तू आज रात यहीं सो जा. मम्मी तेरे लिए लड़का देख ही रही हैं. तू भी आज सेक्स का लाइव शो देख कर तजुर्बा ले ले.प्रिया ने जबरदस्ती जाना चाहा तो रिया बोली- यार, मैं तो मजाक कर रही हूँ. चल आ जा सो जा, हम कुछ नहीं करेंगे.
रिया तो अपनी एक सब कुछ दिखाती सी नाईट ड्रेस पहनी.आनंद की शर्म करते हुए प्रिया ने एक तू पीस शोर्ट ड्रेस डाल ली.
नशे का सुरूर सर चढ़ कर बोल रहा था.तीनों लाइट बंद करके बेड पर लेट गये.
थोड़ी देर की चुप्पी के बाद रिया और आनंद की चूमा-चाटी शुरू हो गयी.
आनंद ने फुसफुसाकर कहा- प्रिया जग रही है.तो रिया बोली- नहीं, वो सो गयी. और मेरे उसके बीच कुछ छिपा नहीं है.
रिया ने आनंद का लंड पकड़ लिया और लगी चूसने.अब आनंद भी शुरू हो गया.दोनों के कपड़े उतर गये.
आनंद रिया के मम्मे चूसने लगा.रिया बोली- प्रिया के बूब्स मेरे से भी बड़े हैं.आनंद चुप रहा.
रिया बोली- तुम्हें करना है प्रिया के साथ?आनंद ने उसकी चूत में लंड पेलते हुए कहा- पागल हो गयी हो क्या?
पर रिया को तो नशे में सनक चढ़ी हुई थी.उसने आनंद को धक्का प्रिया और प्रिया के पास जाकर उसके होंठ से होंठ भिड़ा कर चूमते हुए उसके टॉप में हाथ डाल कर उसके मम्मे मसलते हुए बोली- आ जा, हम तीनों मस्ती करेंगे.
प्रिया उठी और बोली- मुझे नहीं करना. मैं अपने रूम में जा रही हूँ. तुम लोग करो.अब रिया भड़क गयी और लगी बिगड़ने … बोली- कमीनी मेरे पीछे दिन रात चुदती रही आनंद से! फुल सेक्स का मजा लेती रही. और अब मैं कह रही हूँ तो नाटक कर रही है.
आनंद और प्रिया का तो नशा उतर गया.रिया हँसते हुए बोली- कोई बात नहीं. तेरे मेरे बीच आज तक क्या बंटा है जो अब बटेगा. बस तू मुझे बता देती. चल कोई बात नहीं, अब आ जा मस्ती करेंगे. तूने कल रात को नशे में मुझे सब कुछ बता प्रिया. एक बार तो बुरा लगा. पर जब मैंने तुझसे नशे में ये पूछा कि शादी के बाद तू भी मुझे अपने पति से करने देगी तो तूने मुझे चूमकर वादा किया. बस वही मत भूलियो.
तो दोस्तो, कैसी लगी मेरी कहानी ‘चुदाई का फैशन’?
क्या आपको ऐसा नहीं लगता कि ज्यादा आधुनिक परिवारों में चुदाई ‘सबके साथ और सबका राहुल’ के फार्मूले पर होती है.मतलब किसी के भी साथ, कभी भी, कोई बंधन नहीं.फुल सेक्स स्टोरी पर अपने विचार लिखिएगा मेरी मेल आईडी पर.enjoysunny6969gmail.com