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रिश्तों में चुदाई पठन समय: 4 मिनट पढ़ा गया: 1,030 बार

दीदी की गाण्ड चाटी और चोदी

रॉक राजपूत

17 Aug 2015 को प्रकाशित

दीदी की गाण्ड चाटी और चोदी
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रॉक राजपूतहैलो दोस्तो, मैं दिल्ली से हूँ, मेरा नाम रॉक राजपूत है, मेरी उम्र 23 साल, कद 5’6″ स्मार्ट हूँ, लंड का साइज़ 7″ से थोड़ा ज़्यादा है।मुझे चूत चोदना और चाटना बहुत पसंद है, गाण्ड चाटने का मेरा बहुत मन करता है। मुझे चूत चाटने का भी बहुत मन करता है। चूत की महक और चूत का नमकीन पानी.. अय..हय.. क्या बताऊँ..! अगर ज़्यादा दिन ना मिले तो, मैं पागल हो जाता हूँ।आज मैं आपको अपनी एकदम सच्ची घटना बताने जा रहा हूँ। यह घटना 3 साल पहले की है।मेरे घर में 5 मेंबर हैं। मैं पापा, मम्मी, छोटा भाई और बड़ी दीदी जिनकी शादी हो गई थी। मेरी दीदी एकदम बेबो की तरह गठीले बदन वाली हैं। उन का 2 साल का लड़का है। उनकी चूची एकदम खड़ी रहती हैं। उनकी गाण्ड टाइट गठीली है और थोड़ी सी बाहर को निकली हुई है। उनकी उम्र 26 है। वो कुछ दिन के लिए घर आई हुई थीं। अब मैं अपनी बात पर आता हूँ। एक दिन घर पर कोई नहीं था। पापा-मम्मी मामा के यहाँ गए थे। दीदी कुछ काम से मार्किट गई थीं।मेरा मन हुआ तो मैं निक्कर से अपने लंड को बाहर निकाल कर सहला रहा था, मुठ मार रहा था।तो अचानक पता नहीं दीदी कब मार्केट से आ गईं, मैं चूतिया अपनी चुदास के चक्कर में गेट लगाना भूल गया था।दीदी उसी वक्त मेरे रूम में आ गईं। मेरा मुँह दीवार की तरफ था। दीदी ने मुझे पीछे से देख लिया और मुझे बिना कुछ कहे बाहर निकल गईं। जब वो बाहर गईं, तब मुझे पता चला कि कोई अन्दर से बाहर गया है। मेरी तो गाण्ड फट गई। मैंने निक्कर ऊपर की और अन्दर ही बैठ गया, बाहर जाने की हिम्मत नहीं हो रही थी।मैं दिल को थाम कर बाहर आया, तो देखा दीदी रसोई में थीं। मैं शर्म के मारे मर गया। यार आज क्या हो गया..! मैं वापस अपने रूम में घुस गया। मेरी हिम्मत नहीं हो रही थी, कैसे दीदी के सामने जाऊँ।शाम को दीदी मेरे लिए खाना लाईं और बिना बोले रख कर चली गईं। मैं अन्दर चुपचाप बैठा था, मुझे रोना आ गया। मैंने खाना नहीं खाया। रात को 10 बजे के करीब दीदी फिर रूम में आईं और खाना थाली में देख कर बोलीं- राज.. खाना क्यों नहीं खाया..!मैंने नज़र झुका कर बोला- भूख नहीं है दीदी..!और इतना बोल कर रोने लगा और दीदी के सामने हाथ जोड़ कर बोला- दीदी मुझे माफ़ कर दो मुझसे ग़लती हो गई। आगे ऐसा नहीं करूँगा।मैंने कहा- दीदी आपने जो देखा वो किसी से मत बोलना, नहीं तो मैं मर जाऊँगा।दीदी ने प्यार से मेरे सिर पर हाथ रख कर कहा- चुप हो.. नहीं बोलूँगी..पर प्रॉमिस कर, आगे ऐसा नहीं करेगा..!मैं खुश हो गया और दीदी को ज़ोर से अपने गले से लगा लिया और बोला- प्रॉमिस, पक्का अब नहीं करूँगा। फिर हमने खाना खाया और टीवी देखने लगे।फिर एकदम से दीदी बोलीं- राज तेरी कोई गर्ल-फ्रेंड नहीं है क्या..!मैंने कहा- नहीं है दीदी..!वो बोलीं- क्यों तू इतना तो स्मार्ट है।और इतना बोल कर गाल पर चुम्बन कर लिया।मैं सन्न रह गया, दीदी ने मुझे चुम्बन किया। मैंने भी हिम्मत करके दीदी के गाल पर चुम्बन करते हुए ‘थैंक्स’ बोला।दीदी बोलीं- यह तूने क्यों किया?मैंने कहा- जैसे आपने किया..!वो बोलीं- अभी तो मैंने तो प्यार में चुम्बन किया !मैं बोला- मैंने भी प्यार से चुम्बन किया।तो वो मुस्कुराते हुए बोलीं- कौन सा वाला प्यार? दीदी वाला प्यार या ‘वो’ वाला प्यार?

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