रिश्तों में चुदाई

रैगिंग ने रंडी बना प्रिया-95

लेखक: पिंकी सेन दिनांक: 10-05-2026 पठन समय: 12 मिनट

चुदाई की कहानी के पिछले भाग में आपने पढ़ा कि बेटी बाप को अपनी चुदाई के लिए कह रही थी, लेकिन बाप इसके लिए तैयार नहीं था. दूसरी तरफ मामा भांजी की चुदाई में कुछ नया होने को है. अब आगे नेहा की चुदाई की कहानी का मजा लीजिए…

कुछ दिनों से नेहा वासना की आग में जल रही थी और आज इत्तफ़ाक़ से उसके घर वाले और दीपक के घर वाले किसी फंक्शन में साथ गए. वैसे वो नेहा को लेकर जा रहे थे मगर नेहा ने पैर में दर्द होने का नाटक करके मना कर प्रिया था और दीपक तो वैसे भी उनके साथ बहुत कम कहीं जाता था.

नेहा ने चहक कर कहा- मामू आप आ गए… मैं कब से आपका इन्तजार कर रही थी. चलो जल्दी से खाना खाओ, उसके बाद पढ़ाई भी करनी है.दीपक- क्या बात है आज पहली बार तेरे मुँह से चुदाई के बजाए पढ़ाई शब्द सुन रहा हूँ.नेहा- वो तो आपसे होती ही कहाँ है. कितने दिन हो गए, आप रोज कोई ना कोई बहाना बना देते हो.दीपक- बहाना नहीं बनाता हूँ… आजकल माँ दोपहर में सो नहीं रही ना, अब उनके आने का ख़तरा रहता है और वैसे भी इतने भी दिन नहीं हुए, जितने तू बता रही है.

नेहा- अच्छा अच्छा बातें बंद… जल्दी से खाना खाओ आज आपके लिए एक सरप्राइज भी है.दीपक- क्या बात है मेरी जान… ऐसा क्या है?नेहा- आप बात बहुत करते हो… जल्दी से खाना खाओ उसके बाद खुद देख लेना ना.

जब दीपक फ्री होकर ऊपर गया तो नेहा ने अपने ऊपर एक चादर डाल रखी थी. जब दीपक ने चादर हटाई तो नेहा एकदम नंगी लेटी हुई थी और उसकी उंगली चुत पे टिकी थी, जो एकदम क्लीन थी.

दीपक- वाउ नेहा आज तो तेरी चुत बहुत चमक रही है… तूने साफ की है क्या?नेहा- हाँ मेरे प्यारे मामू अब मुझे भी चुत को चमकाना आ गया है.दीपक- अच्छा तो ये है तेरा सरप्राइज.नेहा- जी नहीं मेरे मामू, ये तो सरप्राइज के साथ फ्री है… वो तो अलग है.दीपक- अब ये नहीं तो क्या है, बता ना?नेहा- ऐसे नहीं, पहले आप जल्दी से अपने कपड़े निकालो. मेरे प्यारे लंड को मुझे दिखाओ… उसके बाद मैं सब बताऊंगी.

दीपक को पता था नेहा जिद्दी है, ऐसे मानेगी नहीं… उसने जल्दी से अपने कपड़े निकाल दिए. उसका लंड तो नेहा की चुत देख कर ही उफान पे आ गया था.

नेहा उठी और घुटनों के बल बैठ कर लंड को किस किया, फिर उसको चूसने लगी.

दीपक- सस्स आह… नेहा… अब लंड ही चूसेगी या बताएगी भी क्या है?नेहा- आपको क्यों बताऊं… वो गिफ्ट तो मेरे प्यारे लंड के लिए है. मैं तो इसको ही बताऊंगी.दीपक- अच्छा ये बात है तो इसको बता दे.

नेहा ने लंड को हाथ में पकड़ा और उसको सहलाते हुए उससे बात करने लगी- तू कितना अच्छा है और ये मामू गंदे हैं. इनको मत बताना हाँ… आज मैं तेरे लिए एक मस्त चीज लाई हूँ. तुझको वो बहुत पसंद आएगी, एकदम टाइट है तू उसमें घुस जाना. हाँ और मज़े से उसमें पानी फेंक कर आना, तुझे बहुत मजा आएगा.दीपक- अरे ऐसा क्या लेकर आ गई मेरी जान… जो टाइट है अब दिखा भी दे.नेहा- आपको उससे मतलब में अपने प्यारे लंड को दिखाऊंगी… आप चुप रहो बस.

इतना कहकर नेहा खड़ी हुई और लंड को पकड़ कर पलट गई, फिर लंड को अपनी गांड पे एड्जस्ट करके बोली- देख मेरे राजा, आज तुझे इसमें जाना है, ये बहुत टाइट है तुझे बहुत मजा आएगा. मगर दर्द मत करना हाँ… मेरी गांड की चुदाई प्यार से करना तुम. ये सिर्फ़ तेरे लिए ही है. मैंने इसके लिए बहुत अच्छा प्लान बनाया है, किसी को पता भी नहीं लगेगा और तू इसको अच्छी तरह चोद भी देगा. तुम समझे मेरे प्यारे लंड राजा जी.

नेहा की बात सुनकर दीपक के लंड में और तनाव आ गया, उसने जल्दी से नेहा को घुमाया और उसकी आँखों में देख कर पूछा- सच में नेहा आज तू मुझे अपनी गांड की चुदाई करने देगी, मगर कैसे? हम दोनों ने तो प्रोग्राम बनाया था कि वहीं करेंगे. फिर आज हम यहाँ कैसे करेंगे और तुमने ऐसा क्या प्लान बनाया है मुझे भी तो बताओ?नेहा- मामू मुझे तो कल ही पता चल गया था कि आज सब जाने वाले हैं. इसलिए मैंने सुबह मोच आने का बहाना बना प्रिया और लंगड़ा कर चल रही हूँ ताकि आपके मोटे लंड को गांड में ले सकूं और अगर उसकी वजह से मुझे दर्द भी हुआ तो किसी को शक भी नहीं जाएगा कि मैं ऐसे क्यों चल रही हूँ. समझे मेरे प्यारे मामू…!

नेहा की बात सुनकर दीपक खुश हो गया. उसने नेहा के होंठों को अपने होंठों में जकड़ लिए और एक लंबा किस शुरू हो गया. इस दौरान दीपक नेहा की गांड को हाथों से दबा कर मजा लेने लगा और नेहा भी उसके लंड को पकड़ कर दबाने लगी.

थोड़ी देर बाद दीपक ने नेहा को बांहों में उठा लिया और बिस्तर पर ले गया- मेरी जान, बहुत दिनों से सोच रहा था कि तेरी गांड का छेद बहुत गुलाबी है, इसमें जब लंड जाएगा तो मुझे कितना आनन्द आएगा. आज तो मैं इसको फाड़ ही दूँगा.नेहा- नहीं मामू, प्लीज़ आराम से करना.

नेहा की बात सुनकर दीपक को हँसी आ गई क्योंकि उसने कही ही ऐसे थी- हा हा हा अरे मजाक कर रहा हूँ मेरी जान… तुझे दर्द देकर मुझे मजा थोड़ी आएगा. तू तो मेरी जान है चल जल्दी से 69 की पोज़ में आ जा. मैं तेरी गांड को चाट कर रेडी करता हूँ और तू मेरे लंड को जल्दी से चूस कर तैयार कर दे.नेहा- नहीं मामू, मुझे पता है आप गांड मारोगे तो मेरी जान निकाल दोगे. मजा तो दूर की बात है, मेरी चुत में जो खुजली मची हुई है, वो भी गायब हो जाएगी इसलिए पहले आप मेरी चुत चोद कर शांत करो… उसके बाद गांड मार लेना.दीपक- ठीक है नेहा डार्लिंग वैसे आज तेरी चुत भी चमक रही है, इसको ठोकने में भी बहुत मजा आएगा.नेहा- तो हो जाओ शुरू और चाटो मेरी चुत को.

दोनों 69 के पोज़ में लेट गए और एक-दूसरे को चुसाई का मजा देने लगे.

थोड़ी देर बाद दीपक ने नेहा के पैरों को उल्टी दिशा में मोड़ प्रिया और उसकी चुत पर लौड़ा टिका कर एक झटके में लौड़ा घुसा प्रिया.

नेहा- आह… आह सस्स… मामू क्या करते हो उफ्फ… आपको पता है ना आपका आ लंड कितना बड़ा है इसस्स… मेरी तो जान निकाल देते हो आह…दीपक- मेरी नेहा रंडी, कितनी बार तो चुद चुकी है, अब कैसा दर्द… ले संभाल मेरे झटके… तू अब लंड ले साली उहह उहह ले लंड अपनी चिकनी चुत में खा… अह…नेहा- आह… चोदो आह… फाड़ दो मामू उफ्फ… ये चुत आपकी ही है… अह… ज़ोर से चोदो आह…

करीब 15 मिनट तक दीपक दे दनादन नेहा की चुत का भुर्ता बनाता रहा… तब कहीं जाकर वो झड़ी और उसकी चुत अब शांत हो गई थी. मगर दीपक वैसे ही धकापेल लगा हुआ था.नेहा- आह… बस भी करो मामू… आह… अब थोड़ा पैरों को आराम दे दो आह…दीपक ने चुत से लौड़ा निकाल कर नेहा को पकड़ कर बैठा प्रिया और लौड़ा उसके मुँह में घुसा प्रिया.

दीपक- ले नेहा डार्लिंग मेरे लंड से चख ले अपनी चुत का स्वाद. अब तेरी चुत तो गई काम से और अभी मेरे लंड में बहुत जान बाकी है… क्यों ना तेरी गांड को भी आज खोल ही देता हूँ. फिर तूपक्की चुदक्कड़बन जाएगी, जहाँ चाहे लंड घुसवा लेना.

नेहा ने लंड को अच्छे से चूस कर चिकना किया, उसके बाद वो गांड फैला कर घोड़ी बन गई- लो मामू आपकी नेहा की गांड हाजिर है… घुसा दो अपना लंड और कर दो इसका भी मुहूर्त अपने लंबे लंड से.दीपक- तू बस हाथों को टाइट रखना, कहीं नीचे मत लेट जाना, नहीं तो मजा नहीं आएगा.नेहा- आप डालो तो बाकी जो होगा देखा जाएगा. अब तो बस गांड मरवाना ही है.

दीपक ने नेहा की गांड के छेद पर अच्छे से थूक लगाया, फिर अपनी एक उंगली उसमें घुसेड़ने लग गया, वो वाकयी बहुत टाइट गांड थी… मगर धीरे-धीरे उसने उंगली अन्दर घुसा ही दी.

नेहा- आह ससस्स मामू आह… उंगली से ही दर्द हो रहा है आह… आज तो आपका लंड मेरी जान लेकर रहेगा.दीपक- कुछ नहीं होगा जान ये तो शुरूआत है. तूने जब चुत में ले लिया तो यहाँ भी ले लेगी. तू बहुत हिम्मत वाली लड़की है.

थोड़ी देर तक दीपक उंगली से ही नेहा की गांड मारता रहा, जब उसको लगा अब गांड चिकनी हो गई तो उसने दोबारा लंड पर थूक लगाया और लंड को हाथ से पकड़ कर गांड के छेद पर दबाने लगा. थोड़ी देर कोशिश करने के बाद सुपारा गांड में घुस गया और नेहा दर्द से बिलबिलाने लगी, मगर उसने दाँत कस कर भींच लिए और वैसे ही डटी रही.

दीपक को लंड को आगे सरकाने के लिए बहुत ताक़त लगानी पड़ रही थी. जब उसका 3″ लौड़ा गांड में समा गया, तो इसके बाद वो रुक गया. अब दीपक ने नेहा की कमर को कस के पकड़ा और ज़ोर से एक दे झटका मारा.नेहा- एयाया एयाया मर गई आह… मामू उफ्फ अब्ब… बहुत दर्द हो रहा है आह…दीपक- यार नेहा, बस एक झटका और झेल ले… तेरी गांड बहुत टाइट है वैसे तो लंड अन्दर जाएगा भी नहीं… बस थोड़ा सा और बर्दाश्त कर ले तू, फिर दर्द नहीं होगा.नेहा ने कराहते हुए कहा- उफ्फ… ठीक है आह… मामू अब आपको जो करना है आह… जल्दी करो… आह… मेरी गांड में बहुत जलन हो रही है आह… सस्स आह…

दीपक ने आधे लंड को बाहर निकाला, जो गांड में था, फिर पूरी ताक़त से वापिस अन्दर डाला. अबकी बारगांड फाड़ता हुआ पूरा अन्दर घुस गयाऔर नेहा की जोरदार चीख निकल गई. मगर घर में कोई था नहीं, तो डर किस बात का. उसकी आँखों से आँसू बहने लगे, सर चकराने लगा मगर उसने हिम्मत नहीं हारी. वो वैसे ही घोड़ी बनी रही और दीपक उसकी गांड को स्पीड से चोदने लगा.

कुछ मिनट तक दीपक ज़ोर-ज़ोर से नेहा की गांड में लंड अन्दर-बाहर करता रहा. अब नेहा को थोड़ा सा दर्द कम लगा तो उसने दीपक को उत्तेज़ित करने के लिए मादक सिसकारियां भरना शुरू कर दीं, साथ में उसको उकसाने लगी ताकि उसका पानी जल्द निकल जाए और उसकी जान छूटे.

दीपक अभी भी स्पीड से गांड मारने में लगा हुआ था और नेहा बोले जा रही थी- आह… मामू सस्स आपका लंड बहुत अच्छा है… आह… चोदो… फाड़ दो मेरी गांड को… नहीं आह… ज़ोर से करो.

ऐसे ही दस मिनट और निकल गए और अब गांड की गर्मी लंड को पिघलने लगी थी. अब दीपक का खुद पे काबू नहीं था उसकी नसें फूलने लगी थीं और एक के बाद एक पिचकारी उसके लंड से छूटने लगीं, जो नेहा की गांड में मलहम का काम कर रही थीं.जब लंड से सारा रस बह गया, तो दीपक ने लौड़ा बाहर निकाल लिया. लंड फूच्च की आवाज़ से निकला और नेहा उस मीठे दर्द से सिहर गई.

दीपक ने फौरन अपनी जीभ गांड पे लगा दी और उसको चाटने लगा ताकि नेहा को आराम मिल जाए. थोड़ी देर चाटने के बाद दीपक नेहा को अपने सीने से चिपका कर लेट गया.

मेरे प्यारे साथियो, आप मुझे इस भांजी की गांड की चुदाई की कहानी पर कमेंट्स कर सकते हैं.

support@mohakkisse.comगांड की चुदाई की कहानी जारी है.