होम पर वापस जाएं
भाई बहन पठन समय: 6 मिनट पढ़ा गया: 1,301 बार

गन्दी कहानी चचेरी बहन की चुत चुदाई की

सागर पटेल

03 Jun 2015 को प्रकाशित

गन्दी कहानी चचेरी बहन की चुत चुदाई की
कहानी सुनें

ऑडियो प्लेयर (Play Audio)

स्वर: लोड हो रहा है...

0:00
0:00

मेरा नाम सागर है, मुझे गन्दी कहानियाँ अच्छी लगती हैं. मैं अमदाबाद, गुजरात का रहने वाला हूँ, मैं एक वेल एजुकेटेड बॉय हूँ. मैं एक इंजिनियर हूँ. मेरी उमर 24 साल की है. मेरा बदन एकदम सुडौल है. मेरे लंड का साइज़ काफी अच्छा है जो भी लड़की देखे तो उसके मुंह में पानी आ जाए.

मेरे चाचा चाची और मेरी एक चचेरी बहन सूरत रहते हैं. बचपन से ही मेरी बहन मनीषी हमारे पास अमदाबाद रहने आती रहती है. उसकी उमर अभी 22 साल की है.. वो अभी पढ़ाई कर रही है. वो देखने में बड़ी मस्त लगती है. उसका फिगर 34-30-36 है.

यह दो साल पहले की बात है जब किसी रिश्तेदार के घर शादी में जाने के लिए मेरे चाचा और उसकी पूरी फॅमिली हमारे घर सूरत से अमदाबाद आई थी. तब मेरी उमर 22 साल और मेरी चचेरी बहन मनीषी की उमर 20 साल थी.

वो शादी हमारे घर से 25 किलोमीटर दूर रिश्तेदार के वहाँ थी. उस वक्त मेरे एग्जाम चल रहे थे, इसलिए मैं तो शादी में जाने वाला था ही नहीं!उस रात करीब सात बजे मेरी पूरी फॅमिली और चाचा चाची और मनीषी शादी में जाने के लिए तैयार हो गये लेकिन अचानक से मनीषी की तबीयत खराब हुई और उसे दवा देकर सुला प्रिया गया. चाचा और चाची और मम्मी पापा ने मुझे कहा कि अब मनीषी का ख्याल मुझे ही रखना पड़ेगा जब तक वे लोग शादी से वापिस ना आ जाएँ!यह कह कर वो सब शादी में चले गये और वे अगले दिन दोपहर को ही आने वाले थे.

रात के करीब 10 बजे थे, मनीषी भी मेरे कमरे में सोई हुई थी क्योंकि उसकी तबीयत खराब थी.मैं तो बुक्स लेकर बैठा पढ़ाई ही कर रहा था कि अचानक खिड़की से ज़्यादा हवा की वजह से मनीषी का ऊपर का टॉप उड़ कर उसके बड़े बूब्स के ऊपर आ गया, उसकी लाल रंग की ब्रा मुझे दिख गई.

उसके बाद मेरा पढ़ाई में ध्यान नहीं रहा और अपनी बहन के बड़े बूब्स देख कर मेरा लंड खड़ा हो गया. मैं अपने लंड को सहलाने लगा. लेकिन सहलाने से मन को सुकून नहीं मिला और मन में शैतानी जन्म लेने लगी.

थोड़ी देर बाद मैंने हिम्मत करके उसके बूब्स के ऊपर का टॉप ज़्यादा ऊपर किया. उसके मोटे मोटे बूब्स लाल ब्रा में मस्त दिख रहे थे. वो अभी सो रही थी और मैंने हिम्मत करके उसके पज़ामे का नाड़ा खोल प्रिया और उसके बूब्स ब्रा से बाहर कर दिए.मैं पहली बार किसी लड़की के बूब्स सहला रहा था.

फिर मैंने उसकी पेंटी में हाथ भी डाला. वो अभी भी सो रही थी. अब मैंने उसकी पेंटी और पज़ामा निकाल कर उसे नंगी कर लिया. वो अभी भी सो रही थी… मैंने पहली बार किसी लड़की की चूत को देखा था.

अब मैं अपने लंड पर तेल लगा कर उसे अपनी बहन की चूत में धीरे से डालने लगा. मैंने सोचा था कि वो जाग जाएगी… लेकिन वो भी शायद सोने का नाटक कर रही थी. अब मैंने मेरा पूरा लंड उसकी चूत में डाल प्रिया मुझे दर्द का अहसास हुआ मगर बहन की चुदाई के जोश में मैं आगे पीछे करने लगा. उस वक्त वो भी इस तरह से अरेंज हो गई कि मैं आसानी से उसकी चूत में लंड डाल सकूं!

यह भी पढ़ें (Recommended)

चूत शृंगार-6

शायद वो पहले से चुदाई हुई थी, कुछ देर बाद मैं झड़ गया. मैं अंदर ही झड़ गया था. मैंने अपना लंड बहन की चूत से निकाला तो देखा कि उस पर थोड़ा खून लगा हुआ था और लंड छिला हुआ आ दिखा रहा था, दर्द का अहसास तो मुझे था ही… तो यह मेरे ही लंड का खून था.

काफी रात हो चुकी थी तो मैं वहीं सो गया.सुबह को 4 बजे मैं तो सो रहा था लेकिन वो जाग गई और मेरा लंड सहलाने लगी.

तभी मैं अचानक जाग गया. मैंने उसकी आँखों में आँखें डाल कर देखा तो वो शरमा गई.मैंने कहा- क्या कर रही हो?वो बोली- क्या सिर्फ़ तुम ही कर सकते हो? मैं नहीं?

और मेरा पूरा 7 इंच का लंड मुंह में ले लिया. कुछ देर चूसने के बात उसने मुझे पूरा नंगा कर प्रिया और वो खुद भी पूरी नंगी हो गई, मेरे लंड के ऊपर बैठ गई.अब मुझे सही मज़ा आ रहा था… और शायद उसे भी… अब वो चुदवाते हुए झुकती थी तो मुझे चूमती थी, मैं उसके बूब्स भी दबा रहा था.

कुछ देर ऐसे ही किया और उसके बाद फिर मेरे लंड से उतर कर लंड चूसने लगी.अब मेरी बारी थी, मैंने उसे बिस्तर पर लिटाया और मैं उसके ऊपर आकर उसके होंठों को चूमने लगा और मेरे लंड को फिर से डाल प्रिया उसकी चूत में… मेरा लंड मेरी बहन की चूत में खूब मजे से आ जा रहा था.

थोड़ी देर बाद उसे ज्यादा मजा आने लगा और मुझे भी… मेरा पानी उसकी चूत में छूट गया.मुझे इस बात की चिता थी कि उसे बच्चा ना ठहर जाए लेकिन उसे इस बात की कोई चिंता नहीं लग रही थी. मैंने उसे पूछा तो बोली- सुबह उठ के अनवॉंटेड 72 की गोली ला देना!

तब से लेकर आज तक इन 2 सालों में मैंने उसे कई बार चोदा… कभी मैं सूरत चला जाता तो कभी वो अमदाबाद आ जाती.उसने मुझे चुदाई के खूब गुर सिखाये हैं.

आपको मेरी ये सच्ची और गन्दी कहानी कैसी लगी? ज़रूर मेल कीजिए मुझे!support@mohakkisse.com

कहानी पर अपनी प्रतिक्रिया दें (React to Story)

इसी श्रेणी से अन्य कहानियाँ

चूत शृंगार-6
भाई बहन

चूत शृंगार-6

“क्या मालूम मेमसाब सोती है कि देखती है। वैसे देखती जरूर होगी। जब कोई कमरे में चिल्ला-चिल्ला कर चुदे तो नींद किसको आता होगा। जरूर देखी होंयेगी। मैं तो रोज नाइट शो देखता हूँ।”“तेरा दिल नहीं करता चोदने को, जब तू माँ को चुदते देखता है?”“अरे मेमसाब अपन...

9 मिनट 719
मेरी छोटी बहन
भाई बहन

मेरी छोटी बहन

मैं विकास आज़ आपको अपनी सच्ची कहानी बताने जा रहा हूं।

6 मिनट 561
भाई बहन की चुदाई के सफर की शुरुआत-7
भाई बहन

भाई बहन की चुदाई के सफर की शुरुआत-7

दोस्तो, मेरी कहानी जिसमें मैंने अपनी सगी बहन को चोदा, के छः भाग आ चुके हैं, मुझे काफी मेल आ रहे हैं, सभी ने मेरी सेक्स कहानी की तारीफ की है पर मैं आपको बता दूं कि यह कहानी पूरी तरह से काल्पनिक है.

22 मिनट 968

पाठकों की राय

0 टिप्पणियां
इस कहानी पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!
🔒 सुरक्षा कारणों से कॉपी करने की अनुमति नहीं है।