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जवान लड़की पठन समय: 5 मिनट पढ़ा गया: 899 बार

गर्म चूत चुदाई वाली सर्दी की रात

कवीर राज

06 Jul 2023 को प्रकाशित

गर्म चूत चुदाई वाली सर्दी की रात
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मेरे भाई कोटा में किसी गाँव में टीचर हैं। मेरा वहाँ आना-जाना बना रहता है। उस गाँव में मैं कई सामाजिक कार्यक्रमों में भाग ले चुका हूँ.. तो गाँव वाले मुझे खूब बुलाते हैं।

यह बात 2010 की जनवरी की है.. उस गाँव में कोई कार्यक्रम था और भाई किसी काम से घर से बाहर गया था। मैंने मंच का संचालन किया और मैंने किसी मिलने वाले से बोल प्रिया कि मैं उसके घर सोने आऊँगा.. मेरे बिस्तर कमरे में लगवा देना।

गाँव के लोग जल्दी सो जाते हैं, मैं 11 बजे उसके घर सोने गया तो मैंने देखा सभी सो रहे हैं।मैंने आवाज़ लगाई तो कोई जबाव नहीं आया.. पर उसके दरवाजे खुले हुए थे।वो एक छोटा किसान है.. उसकी उम्र करीब 40 बरस की है। उसकी बड़ी लड़की आरती की उम्र 18 साल है और दो छोटे लड़के भी हैं। उसके पास सिर्फ एक ही कमरा है। सर्दी बहुत अधिक थी और गाँव में लाइट भी नहीं थी।

मैंने देखा कि मेरा बिस्तर ज़मीन पर लगा था और कोई दो जने भी नीचे रजाई ओढ़ कर सो रहे थे। मेरा बिस्तर भी उनके बिस्तर से लगा हुआ था। मैं चुपचाप सो गया।

कुछ देर बाद मुझे महसूस हुआ कि मेरी रज़ाई पतली है और कोई कंबल भी नहीं है। मुझसे रहा नहीं जा रहा था। सर्दी बहुत ज़्यादा तेज थी.. मैं ठिठुरने लगा।

अंत में मैंने सोचा कि बगल वाले की रज़ाई में थोड़ा किनारा ले लेते हैं। जैसे ही मैं उसकी रज़ाई में घुसा.. वो तो बहुत ही गरम थी.. कसम से मज़ा आ गया।

मेरा हाथ जहाँ टकराया.. वह कोई नरम चीज़ थी। मैंने हाथ घुमाया तो पाया कि वह तो आरती की जाँघ है। नींद में मैं उसकी रजाई में घुस तो गया.. लेकिन मेरी गाण्ड फटने लगी। मैं आरती से चिपक कर सोने लगा.. तो वह नींद में अलसाई सी आवाज में बोली- आ गए..मैंने कहा- अरे तुम अभी तक जाग रही हो?तो वो बोली- जब तुम आए थे.. तब मैं पेशाब करके ही आई थी।मैंने कहा- मुझे ठंड लग रही थी.. तो मैं आ गया।

जैसे ही मैं अपनी रज़ाई में जाने लगा.. तो उसने मेरा हाथ पकड़ लिया.. बोली- यहीं सो जाओ।मैंने कहा- यदि गड़बड़ हो गई तो?वो बोली- वहाँ ठंड ज़्यादा है.. बीमार हो जाओगे।

जैसे ही मैं उसकी रज़ाई में पूरी तरह घुसा.. तो वो मुझसे चिपक गई।बाप रे मेरी तो साँसें हीं थम सी गईं। उसने अपने पाँव को मेरी जांघों पर रख दिए। मुझे पता था कि आरती कुछ लड़कों से चुदवा चुकी है।

आरती की साँसें मेरी साँसों से मिल रही थीं।अब धीरे-धीरे मैं भी मदहोश होने लगा। आरती बहुत ही सुंदर लड़की है और उसका फिगर भी 34-32-36 का है। हमारे आपस के संबंध अच्छे हैं.. तो मैंने पहले कभी उसके बारे में ऐसा कुछ नहीं सोचा था।

अब मैं आरती को किस करने लगा.. उसके होंठ बहुत ही रसीले थे.. लगता था कि कोई आम की फाँक हो।मैंने आरती को नंगी कर प्रिया और उसने भी मुझे नंगा कर प्रिया।एक तो जनवरी की सर्दी.. ऊपर से लड़की का नंगा बदन.. मुझे तो लग रहा था कि मानो क़यामत ही आ गई हो।

आरती के मम्मे बहुत ही मस्त हो रहे थे और मैं उन्हें पागलों की भाँति चूम रहा था। आरती सिसकियाँ भर रही थी.. पर हम रज़ाई में अन्दर थे और मैंने कमरे की कुण्डी भी लगा रखी थी।

आरती की चूत का गीलापन मेरी जांघों पर महसूस हो रहा था। करीब आधा घंटे तक रोमांस करने के बाद मैं आरती की चूत को चाटने लगा।वाह.. क्या मस्त पानी था.. आरती की चूत को चाट-चाट काट मैंने लाल कर प्रिया।

अब वो भी मेरे लंड को दबा रही थी और कह रही थी- आह्ह.. अब मुझे जल्दी से चोद दो.. अब सहन नहीं होता।मैंने आरती के पैरों को फैलाया और अपना 8 इंच का लंड आरती की चूत में घुसा प्रिया। आरती की सिसकारियाँ शुरू होने लगीं। मैंने उसके होंठों पर होंठ लगा दिए।

मैं उसको काफी देर तक चोदता रहा.. सच्ची दोस्तों साली की चूत चोदने में मज़ा आ गया।उसके बाद हम दोनों एक-दूसरे से नंगे ही चिपक कर सो गए।दोस्तो, बहुत शानदार नींद आई..सुबह आरती जल्दी जाग गई और मुझसे बोली- अपना बिस्तर मुझसे दूर खिसका कर आराम से सो जाओ।मैंने वैसा ही किया।

सुबह उठा तो आरती दूध लेकर आई और बोली- नींद कैसी आई।मैंने उसे किस किया और कहा- यह तो शुरूआत है।

इसके बाद क्या हुआ और कैसे और चुदाई हुई.. वो सब भी लिखूँगा पर पहले आप तो लिखिए कि आप सभी को मेरी कहानी कैसी लगी।मुझे ईमेल ज़रूर लिखें।support@mohakkisse.com

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पाठकों की राय

3 टिप्पणियां

अर्जुन बिग कॉक

1 month ago

कहानियों का ये संग्रह बहुत ही अच्छा है। आपका फैन हो गया हूँ।

समीर खान

2 months ago

कहानी बहुत ही शानदार थी, अंत तो लाजवाब था।

राहुल मेहरा

2 months ago

अगला भाग जल्दी से अपलोड कर दो भाई, अब और इंतज़ार नहीं होता।

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