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चुदाई की कहानी • पठन समय: 3 मिनट • पढ़ा गया: 929 बार

घर में ही

sjagmohen

09 Jan 2013 को प्रकाशित

घर में ही
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प्रेषक : जग मोहन

पंजाब में वैसे तो औरतें काफी सेक्सी होती हैं पर वो आम तौर पर अपनी फिगर को सेक्सी नहीं रख पाती, मोटी थुल-थुल सी हो जाती हैं। अपने पहरावे और चाल को भी ऐसा ही कर लेती हैं।

बचपन से ही मैं अपनी माँ को देखता आया हूँ। सुब कुछ वैसा होने के बाद भी वो मुझे लन लेने की काफी शौकीन लगती थी।

एक दिन जब मैं काफी छोटा था, रात को अचानक मेरी नींद खुली, मैंने देखा कि मेरी माँ नीचे पड़ी हाय-हाय कर रही है और मेरे पिताजी उसके ऊपर चढ़ कर हिल रहे हैं। मैंने सोचा कि शायद वो उसे मार रहे हैं।

मैंने शोर मचा प्रिया जिससे बाकी भाई-बहन की नींद भी खुल गई। मेरी माँ ने जल्दी से कपड़े पहने और कहने लगी- पिताजी जी टाँग मेरे ऊपर आ गई थी इसलिए मेरी आवाज निकल गई।

मेरे बाकी के भाई जो उम्र में मुझ से बड़े थे, उनकी समझ में बात जल्दी आ गई होगी कि माँ की चुदाई हो रही थी, इसलिए वो जल्दी फिर से सो गए। मुझे उस वक़्त इन बातों का पता नहीं था, नहीं तो शोर न मचा कर आराम से अपनी माँ की चुदाई देखता, जिसका मुझे बड़ा होने पर बहुत अफ़सोस रहा।

ऐसे ही एक बार बाहर बरसात पड़ रही थी, मेरे पिताजी चारपाई पर लेटे हुए थे, माँ उनके पैर दबा रही थी, पिताजी ने अपने शरीर पर चादर ली हुई थी। मैंने ध्यान से देखा कि मेरी माँ चादर के नीचे से हाथ डाल कर पिताजी का लन पकड़ रही थी। बार बार ऐसा करके खुश हो रही थी। अब मैं समझ गया था कि यह चुदने के लिए तैयार है। मैं जानबूझ कर अनजान सा बन कर बाहर आ गया। मेरे बाहर आते ही पिताजी ने दरवाजा बंद कर लिया।

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मम्मा की तरह

मैं अब बाहर से अंदर का नजारा देखने लगा। मेरी माँ बड़े चाव से लन अपने मुँह में लेकर चूप(चूस) रही थी। पिताजी जी उसके मम्मे पकड़ कर दबा रहे थे। थोड़ी देर बाद पिताजी ने उसका नाला(नाड़ा, इजारबंद) खोला और माँ जल्दी से चारपाई पर लेट गई। उसने अंपने हाथ में काफी बड़ा लन पकड़ा हुआ था। मैं पहली बार इतना बड़ा लन देख कर बड़ा खुश था। फिर मेरी माँ तो लन लेने के लिए तड़फ रही थी। थोड़ी देर बाद सारा लन मेरी माँ की चूत में था, वो बड़े आनंद से इसे ले रही थी और अपना मम्मा पकड़-पकड़ कर पिताजी के मुँह में दे रही थी, तो अब मुझे पता चला कि उस रात भी मेरे पिताजी माँ को ऐसे ही स्वर्ग की सैर करा रहे थे, मैं ही नहीं समझा था।

ऐसे मेरे पिताजी ने मेरी माँ की पूरी तस्सली करवाई, खूब लम्बा लन काफी देर तक उसकी फुद्दी में डाल कर उसको मजा प्रिया।

अब मुझे पता चल गया था कि औरतें खुद लन लेने की काफी शौकीन होती हैं, दिन के वक्त भोली-भाली सी बन कर फिरती हैं जैसे उन्हें कुछ नहीं पता !

सभी लोग पहले घर में ही चुदाई देखते हैं पर बताते नहीं।

आगे फिर लिखूंगा।

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पाठकों की राय

2 टिप्पणियां
ब

बिंदास हंक

4 months ago

अगला भाग जल्दी से अपलोड कर दो भाई, अब और इंतज़ार नहीं होता।

v

vinod06

4 months ago

बहुत ही गजब का लिखा है लेखक भाई। आपका लिखने का स्टाइल बहुत बढ़िया है।

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