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भाई बहन पठन समय: 7 मिनट पढ़ा गया: 485 बार

बहन के साथ है जीवन के आनन्द

अंकित जैन

22 Jul 2011 को प्रकाशित

बहन के साथ है जीवन के आनन्द
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अपनी बहन के साथ सेक्स करना बुरा नहीं है अगर आप दोनों अपनी मर्जी से करते हैं क्योंकि हर इन्सान को खुश रहने का हक़ है।

मेरी बहन दीक्षा मुझसे 3 साल बड़ी है और वो बहुत सेक्सी है, 38-28-36 रंग गोरा। उसकी शादी नहीं हुई है। उससे मैं कभी भी फ्रैंक भी नहीं रहा था।

छः महीने पुरानी बात है। वो कभी रात को मेरे पास भी सो जाया करती थी तो मैंने एक दिन कोशिश की। जब वो रात को गहरी नींद में सो रही थी, उसने 2 पीस वाला गाऊन पहना था और अन्दर ब्रा भी पहनी थी। रात के 2 बजे की बात है, मैं उठा और कमरे की लाइट जला दी। दीक्षा सो रही थी, उसके वक्ष साफ दिख रहे थे। मुझे थोड़ा सा डर भी लग रहा था कि वो मुझे देख ना ले पर मैंने हिम्मत से उसके स्तन पर हाथ रखा, पहले गाऊन के ऊपर रखा। सच में ऐसा लग रहा था कि किसी गुब्बारे पे हाथ रख प्रिया हो। फिर मैंने उसके गाऊन के अन्दर हाथ से रखा। सच में ऐसा मज़ा आया कि जैसे मैं जन्नत से भी बहुत अच्छी जगह पे आ गया हूँ।

मैंने धीरे-धीरे उसके स्तन दबाए और फिर दोनों हाथ से दोनों स्तन को दबाने लगा। सच में बहुत अच्छा लग रहा था मुझे। फिर मैंने उसके गुलाबी होठों को चूमा। आहा! इतना मज़ा आया। फिर उसकी गर्दन पर चूमा। इतने में मुझे लगा कि शायद वो जाग गई है और सोने का नाटक कर रही है। मुझे इससे और हिम्मत मिल गई। मैंने उसका गाऊन नीचे से ऊपर किया, उसकी गोरी और चिकनी टांगें मुझे दिख रही थी।

इतने में वो उठ गई और बोल पड़ी- यह क्या कर रहा है तू?मैं डर गया और एक मिनट के लिए कुछ बोल ना सका।इतने में वो बोल पड़ी- तू रुक क्यों गया? कर ना! मैं कब से इस सब के लिए तड़प रही थी! आजा! आज हम ऐसा हनीमून मनाएँगे जो आज तक किसी ने ना मनाया होगा!

मुझे यह सुनकर बहुत मजा आ गया। फिर हम चूमा चाटी करने लग गए, एक दूसरे के होठों को चिपका कर एक दूसरे की जीभ से अन्दर ही अन्दर मज़ा कर रहे थे और मैं साथ में उसके स्तन भी दबा रहा था। फिर मैंने उसके गाऊन का ऊपर का कपड़ा उतार प्रिया। मुझे इतना अच्छा लग रहा था, उसको ऐसा मेरा देखना उसको भी बहुत अच्छा लग रहा था। वो सिसक सिसक कर बोल रही थी- मुझे प्यार कर! मुझे प्यार कर!

उसका ऐसा कहने से मुझे जोश चढ़ रहा था और मेरा लण्ड बिल्कुल खड़ा हो गया। मैंने उसका गाऊन पूरा उतार प्रिया और अब वो सिर्फ पैन्टी और ब्रा में मेरे सामने थी और मैं सिर्फ चड्डी में! मेरी चड्डी में से मेरा लण्ड साफ़ दिखाई दे रहा था। मेरी बहन ने मेरे चड्डी उतार दी और मेरे लण्ड को देखने लगी और एक दम से उसने मुँह में ले लिया और बरफ के लड्डू जैसा चूसने लगी।

मुझे भी बहुत मज़ा आ रहा था। वो मेरा लण्ड चूस रही थी और मैं उसके स्तन दबा रहा था। वो 15 मिनट तक उसको चूसती रही। फिर मैंने उसकी ब्रा और पैन्टी उतार दी और उसकी चूत को चाटने लगा। वो आऽऽ आऽऽ आ कर के सिसकने लगी और मुझे बोलने लगी- अब अन्दर डालो!

पर मैं इतनी जल्दी नहीं डालना चाहता था। मैं उसे और गरम करना चाहता था। मैं उसकी पूरी बॉडी को किस करने लगा, चाटने लगा। फिर मुझे कमरे में शहद की बोतल दिखी, मैंने उसे उठाया और उसके दोनों स्तनों पर और चूत पर डाल प्रिया और चेहरे पर भी और फिर उसके चेहरे को चाटने लगा जीभ से! मुझे बहुत मजा आने लगा। फिर उसकी चूचियों को चाटने लगा क्योंकि मैंने शहद डाल प्रिया था इसलिए चूसने में बहुत मज़ा आने लगा और चूत को चाटने में सच में ऐसा आनंद आ रहा था कि सोचा अगर यह सब जीवन में ना किया होता और मैं मर जाता तो मेरा इस जीवन में आना व्यर्थ हो जाता।

फिर मेरी बहन इतनी गर्म हो चुकी थी कि उससे रहा ना गया, उसने मेरे लण्ड को पकड़ के डालना चालू कर प्रिया। बस मैं इसी का इन्तज़ार कर रहा था। मैं तो पहली बार सेक्स कर रहा था पर शायद मेरी बहन किसी से चूत चुदाई करा चुकी थी।

मैंने पूछा कि पहले किसके साथ सेक्स किया है तूने?उसने बोला- विकास के साथ!मैं भौंचक्का रह गया क्योंकि विकास मेरी मासी का लड़का है, मैंने बोला- मजाक मत कर!उसने कहा- मैं मजाक नहीं कर रही हूँ, रानू भी विकास के साथ सेक्स करती है!रानू विकास की बहन है.

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मैं बोला- क्या बात है! चलो अच्छा है!मैंने दीक्षा को बोला- क्या रानू को पता है कि तूने विकास के साथ किया है?उसना बोला- हाँ!फ़िर मैंने उसको बोला- क्या रानू दीदी मेरा साथ करेंगी?उसने बोला- बिल्कुल करेगी!

मैं ख़ुशी से पागल हो गया क्योंकि रानू दीदी बिपाशा बसु से भी ज्यादा सेक्सी है, सेहत, कद और फिगर सभी में!

फिर मैंने दीक्षा को चोदना चालू कर प्रिया। मुझे भी थोड़ा सा दर्द हो रहा था अन्दर डालने में। और अब मैंने उसके पूरा अन्दर डाल प्रिया था। मुझे उसने कहा- धीरे धीरे अन्दर बाहर कर!

मैं वैसे ही करने लगा, मुझे भी बहुत मज़ा आने लगा। साथ में मैं उसकी चूचियाँ दबा रहा था और चूम भी रहा था। फिर वो झ्ड़ने लगी और मैं भी! तो मैंने अपना लण्ड बाहर निकालने की कोशिश की पर दीक्षा ने मुझे निकालने नहीं प्रिया और हम दोनों झड़ गए। मेरा वीर्य उसके अन्दर ही रह गया।

मैंने उसको बोला- अब क्या होगा? आप प्रेगनेंट हो जाएंगी!उसने बोला- डर मत! सब गोली आती है, मेरी आदत है।

उसके बाद हम दोनों एक दूसरे से लिपट गए और किस करने लगे और फिर सो गए क्योंकि हमारा मम्मी पापा बाहर रहते थे, इसलिए हमें कोई डर नहीं था।

फिर सुबह बहन पहले उठ गई थी तो उसने उठते ही मुझे उठाया और उठते ही हमने एक बार फ़िर वही किया जो रात में किया था।हम दोनों भाई बहन बिल्कुल नंगे थे, मैंने उसको बोला- चल अपन साथ में नहाते हैं!मेरी बहन बोली- बिल्कुल!

और साथ में नहाने का आनंद क्या है यह तो आपको पता ही है।

फिर उसने मुझे बोला- अपन दोनों अब आज के बाद पति-पत्नी जैसे रहेंगे!मैंने बोला- क्यों नहीं!फिर उसका बाद जब भी हम उठते, मिलते, घर आते तो किस करते हैं और हम भी बहन हर रोज़ सेक्स करते हैं।

मेरे साथ कई और भी दिलचस्प कहानियाँ हैं, आपको यह कहानी अच्छी लगी या नहीं, मुझे ईमेल करें!support@mohakkisse.com

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