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रिश्तों में चुदाई पठन समय: 5 मिनट पढ़ा गया: 1,061 बार

बहन की सास की चुदाई

अजनबी 24

12 Mar 2012 को प्रकाशित

बहन की सास की चुदाई
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प्रेषक : अजनबी

हाय दोस्तो !

मैं एक काल बॉय, उम्र २४, हाइट ६ फ़ीट, लंड ७” इंच, फिगर ३२-३४-३२, रंग गोरा !

आज मैं आपको अपनी पहली चुदाई के बारे में बताने जा रहा हूँ। बात उन दिनों की है जब मैं दिल्ली इंजिनियरिंग कॉलेज के आखिरी वर्ष में था। घर के सभी लोग गर्मियों की छुट्टियों में गाँव (नैगीताल) गये थे। घर की देखभाल और मेरे खाने के लिए मेरी छोटी बहन की विधवा सास घर में रहने आई थी। उसका फिगर ३२-३४-३२, कद में मेरे ही बराबर, उम्र ३९, गदराया बदन उसकी छाती और गाँड दोनो ही मस्त थे। एक बार जो देख ले, उसका लंड एक सेकेंड मे ही घोड़े का लंड बन जावे ! उसके पति को मरे काफ़ी साल हो गये थे, इसलिए वो काफ़ी सालों से लंड के लिए जुगाड़ देख रही थी।

तो दोस्तो, मैं भी काफ़ी दिनों से जिसको चोदने के सपने देख कर मूठ मरता था, आज मेरा सपना सच होगा, यह मुझे मालूम नहीं था। वो किचन में काफ़ी बार मुझसे जानबूझ कर अपनी चुचियाँ या अपनी गोल-मटोल गाँड किसी न किसी बहाने छुआ रही थी पर मैं उसकी इस हरकत को नज़र-अंदाज़ कर रहा था। मुझे सेक्स के बारे में कोई ज्ञान नहीं था।

रात का खाना खा कर हम दोनों अलग-अलग कमरे में सोने के लिए चले गये। एक घंटे तक उसको चोदने के बारे में सोच-सोच कर नींद नहीं आई, सो पेशाब करने के लिए उठा और पेशाब करने के बाद मैं उसके कमरे में गया तो मैंने देखा कि वो पेटिकोट और ब्लाऊज़ में सो रही थी। उन्हें देख कर मेरे शरीर में कम्पन सी होने लगी। मैं धीरे-धीरे उसकी तरफ बढ़ने लगा। मैं अपने आपको उसकी तरफ़ जाने से रोक नहीं पा रहा था। वो देखने में बिल्कुल मस्त थी।

मेरा लण्ड उसको देखते ही खड़ा हो गया था। मेरा एक हाथ उसकी टांग पर गया और धीरे धीरे उसके चूतड़ों तक पहुँच गया। मेरे शरीर में करंट सा दौड़ गया, इतने में ही वो जाग गई। जैसी ही वो जगी, मैं वहाँ से भाग लिया और अपने कमरे में आ गया। थोड़ी देर बाद वो मेरे कमरे में आई और आते ही बोली- तुम क्या कर रहे थे?

मैं एकदम डर गया, मेरा चेहरा लाल हो गया। मैं चुप रहा। वो मन ही मन खुश हो रही थी, मैंने हिम्मत करके कहा- आगे से ऐसा नहीं होगा !

इस पर वो बोली- क्या नहीं होगा?

मैंने मुंह नीचे झुका लिया।

वो बोली- अब शरमा रहा हैं ! जब शर्म नहीं आई जब मेरे गाँड मे अंगुल कर रहा था !

मैंने उससे कहा- मैंने जान बूझ कर नहीं किया ! मैं अपने आप को रोक नहीं पाया !

उसको पेटिकोट और ब्लाऊज़ में देख कर मेरा लण्ड फ़िर तन गया था, उसने एक नज़र से ही उसे देख लिया था। वो बोली- अब तूने मुझे गरम कर प्रिया है, तुझे मेरे को चोदना पड़ेगा।

मैंने कहा- मुझे क्या करना होगा?

उसने कहा- मेरे कपड़े उतार !

मैं डर गया, मैंने कहा- नहीं !

उसने कहा- उतार भोसड़ी के ! नहीं तो तेरी ऐसी तैसी करवा दूंगी !

मैंने फिर डरते डरते पेटिकोट, ब्लाउज व चड्डी उतारी, और फिर उसने अपनी चूची मेरे हाथों में थमा दी और कहा- ले बेटा मज़े कर !

मैं उसकी चुचियों को सहलाने लगा और मसलने लगा। मेरे शरीर में एक अलग सा अनुभव हो रहा था ! उसके मुँह से आहह उह्ह स स स स स की आवाज़ आ रही थी। धीरे-धीरे मैं उसके शरीर को चूमने लगा। मेरा लण्ड एकदम सख्त हो गया था, उसने नीचे कुछ नहीं पहना था, मेरा एक हाथ उसकी चूत में जा रहा था, वो एकदम गरम हो गई थी और गालियाँ दे रही थी- चोद साले ! चोद मुझे !

उसने मेरा लण्ड हाथ में ले लिया और मेरे सारे कपड़े उतार दिए। अब हम दोनों नंगे थे। उसने मुझसे पूछा- तूने पहले कभी चुदाई की हैं?

मैंने कहा- नही !

तब उसने कहा- अपना लण्ड मेरे चूत में डाल !

मैंने पूरी कोशिश की लेकिन लण्ड चूत में नहीं घुस रहा था, तब उसने अपनी गांड के नीचे तकिया लगाया, मुझे खड़ा करके लण्ड घुसाने को कहा। इस बार लण्ड का सु्पाड़ा चूत में घुस गया, मुझे ऐसा लग रहा था कि मैं स्वर्ग में हूँ ! उसके बाद एक झटके में ही लण्ड पूरा उसकी चूत में घुस गया ! तीन चार झटको में ही मैं झड़ गया। तब उसने बताया कि पहली बार ऐसा ही होता हैं, तुम सच बोल रहे थे कि तुम ने पहले चुदाई नहीं की हैं।

उस रात उसकी तीन बार चुदाई की, फिर तो जब भी मौका मिलता, मैं उसको चोदता।

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