होम पर वापस जाएं
भाई बहन पठन समय: 6 मिनट पढ़ा गया: 220 बार

घर में चुदाई का मज़ा लिया

जस करन

06 Jan 2009 को प्रकाशित

घर में चुदाई का मज़ा लिया
कहानी सुनें

ऑडियो प्लेयर (Play Audio)

स्वर: लोड हो रहा है...

0:00
0:00

हाय दोस्तो.. आज जो मैं आपको कहानी बताने जा रहा हूँ.. यह मेरी रियल स्टोरी है..

बात तब की है.. जब मैं 12वीं में पढ़ता था.. तब मेरी जवानी छलकने लगी थी। मेरी एक बहन है.. वो भी मस्त माल बन चुकी थी.. वो भी कॉलेज़ में पढ़ती थी.. उसका नाम स्वाति है।मेरी मॉम और डैड दोनों सरकारी जॉब में हैं।

कमसिन जवानी की उम्र में ही उसके मम्मे काफ़ी बड़े हो गए थे। घर में वो ज्यादातर टी-शर्ट और पजामा पहन कर ही रहती थी। उसकी चूचियां एकदम उठी हुई रहती थी क्योंकि टी-शर्ट के अन्दर वो ब्रा नहीं पहनती थी। जिससे उसके मम्मे पूरे सामने की तरफ उठे हुए दिखते थे.. बहुत बड़े-बड़े खरबूज जैसे लगते थे। मेरा दिल करता था कि बस लपक कर पकड़ लूँ।मैं रोज उसके नाम की मुठ मारा करता था।

अब तक मुझे सेक्स के बारे में बहुत कुछ पता चल गया था। रोजाना मुठ मार-मार कर मेरा लंड भी काफ़ी लंबा और मोटा हो गया था। मैं बस यही सोचता था कि काश स्वाति को एक बार मैं नंगी देख लूँ। मैंने बहुत ट्राई किया.. लेकिन देख नहीं पाया।

एक बार हमारे मामा जी के लड़के की शादी थी.. तब हमारे दोनों के एग्जाम चल रहे थे.. इस कारण हम दोनों ही शादी में जा नहीं पाए। मॉम-डैड भी एक दिन के लिए ही गए.. वो सुबह जल्दी चले गए थे.. उन्हें शाम को वापिस आना था।

सुबह हम दोनों भाई-बहन एग्जाम देने के लिए स्कूल चले गए.. लेकिन जब वापिस आए.. तो बहुत तेज बारिश हो रही थी।

हम वापिस आते-आते पूरी तरह से गीले हो गए.. वाइट शर्ट गीली होकर स्वाति के बदन के साथ चिपक गई थी। अन्दर उसकी ब्रा साफ दिखाई दे रही थी।

घर पहुँच कर हमने कपड़े चेंज कर लिए। मेरा लंड पूरा खड़ा था.. मैंने जानबूझ कर अपना अंडरवियर निकाल प्रिया और वैसे ही पजामा पहन लिया.. जिसमें से मेरा लंड साफ फूला हुआ दिखाई दे रहा था। स्वाति ने भी अपनी ब्रा उतार दी थी और टी-शर्ट और पाजामा पहन लिया था।

हम दोनों खाना खाकर टीवी देखने लगे.. स्वाति की नज़र बार-बार मेरे खड़े लंड पर जा रही थी।थोड़ी देर के बाद मैंने टीवी बंद कर प्रिया और स्वाति सो गई।

उसकी गाण्ड मेरी तरफ थी.. मैंने पीछे से उसकी गाण्ड के ऊपर हाथ रखा और दबाने लगा.. स्वाति ने कोई हरकत नहीं की तो मेरी हिम्मत बढ़ गई।फिर धीरे-धीरे मैंने उसकी गाण्ड पर अपना लंड लगाया.. मुझे बहुत मज़ा आने लगा। मैंने अपने पजामे से लंड बाहर निकाल लिया और पूरे ज़ोर से उसकी गाण्ड पर लगाने लग गया।

अचानक उसकी नींद खुल गई और वो उठ कर बैठ गई। मैं एकदम से बहुत डर गया.. लेकिन वो कुछ नहीं बोली.. बल्कि मेरे लंड को बहुत गौर से देखने लगी।मैंने स्वाति को लंड पकड़ने के लिए कहा तो वो शर्मा गई, उसने अपने दोनों हाथ अपने मुँह पर रख लिए।मैंने धीरे से उसके हाथ को पकड़ा और अपने लंड पर रख प्रिया और हिलाने लगा।एक हाथ से मैं उसके मम्मों को दबाने लगा.. तो वो भी बहुत गर्म हो गई थी।

मैंने उसे नीचे लेटा लिया और होंठों पर चुम्बन करने लगा। दस मिनट तक हमने लिप किस किया।फिर मैंने स्वाति की टी-शर्ट उतार दी.. वाआऊऊऊओ.. क्या नजारा था.. स्वाति के मम्मे बहुत ही गोरे ओर मोटे थे।

मैं तो पागलों की तरह उन पर टूट पड़ा और एक चूचा मुँह में लेकर चूसने लगा। फिर मैंने अपना एक हाथ उसके पजामे में डाल प्रिया और उसकी फुद्दी को मसलने लगा, उसकी फुद्दी पूरी गीली हो चुकी थी।

स्वाति ने मेरे कपड़े भी उतार दिए।थोड़ी देर में हम दोनों बिल्कुल नंगे थे.. मैं पहली बार स्वाति को नंगा देख रहा था.. मुझसे रहा नहीं जा रहा था।उसकी फुद्दी पर अभी बाल हल्के हल्के आए थे.. छोटे-छोटे से भूरे भूरे थोड़े से बाल थे।

उसकी फुद्दी पूरी गीली हो चुकी थी.. मैंने अपनी जीभ से उसे चाट लिया और जीभ उसकी फुद्दी में डालने लगा। उसे भी बहुत मजा आ रहा था.. उसने मेरे सिर को अपनी फुद्दी के ऊपर पूरा दबा रखा था। फिर मैंने उससे लंड मुँह में डालने के लिए कहा और वो मेरे लंड को पागलों की तरह मुँह में लेने लगी।

मैं उसके मुँह में ही झड़ गया और वो मेरा सारा पानी पी गई। फ़िर थोड़ी देर हम दोनों ऐसे ही लेटे रहे और मैं उसके मम्मों को दबाता रहा।फिर मैंन उसे उल्टा लेटा कर उसकी गाण्ड चाटने लगा.. वो पागल हुए जा रही थी, उसने कहा- अब लंड डालो न अन्दर भैया..

यह सुनकर मुझसे रहा नहीं गया और मैंने अपने लंड को उसकी गाण्ड पर रख प्रिया लेकिन मेरा लण्ड अन्दर नहीं जा रहा था.. बहुत टाइट गाण्ड थी उसकी।फिर मैंने उससे सीधा लेटाया और उसकी फुद्दी में डालने की ट्राई की.. लेकिन वहाँ भी नहीं गया।

फिर मैंने उसकी फुद्दी पर क्रीम लगाई.. और अपने लंड पर भी मल ली।अब मैं धीरे से अन्दर डालने लगा.. थोड़ा सा लौड़ा अन्दर घुस गया।

स्वाति को बहुत दर्द हो रहा था.. वो चिल्ला रही थी.. लेकिन मैंने उसकी तरफ ध्यान नहीं प्रिया और एक धक्के से पूरा लंड उसकी फुद्दी में पेल प्रिया।वो रोने लग गई.. थोड़ी देर ऐसे ही मैं उसके ऊपर लेटा रहा और उसे चूमता रहा।

फिर धीरे-धीरे आगे-पीछे करने लगा.. अब उसका दर्द कुछ कम हुआ.. और उसे मजा आने लगा।फिर 10 मिनट बाद उसकी फुद्दी में ही मैं झड़ गया।

हम दोनों को उस दिन बहुत मज़ा आया। उसके बाद फिर उसी दिन हमने एक बार और सेक्स किया.. अब तो बड़ी आसानी से लंड अन्दर चला गया था।

फिर रात को मॉम-डैड आ गए.. लेकिन हमारा सेक्स उसके बाद फिर चलता रहा जो आज भी चल रहा है।

आपको यह कहानी पसन्द आई? अपने कमेन्ट भरे मेल जरूर कीजिएगा!support@mohakkisse.com

कहानी पर अपनी प्रतिक्रिया दें (React to Story)

इसी श्रेणी से अन्य कहानियाँ

चूत एक पहेली -52
भाई बहन

चूत एक पहेली -52

अब तक आपने पढ़ा..

9 मिनट 621
अपने चोदू को माँ का पति बनवाया-2
भाई बहन

अपने चोदू को माँ का पति बनवाया-2

इस सेक्स कहानी के प्रथम भागअपने चोदू को माँ का पति बनवाया-1में आपने पढ़ा कि अपनी माँ लीना की चूत चुदाई होती देख बेटी अमीषा की चूत में भी खुजली होने लगी, उसकी कामुकता जाग उठी. उसने यह बात अपनी सहेली साधना को बतायी तो उसकी सहेली ने अपने भाई से ही अमीष...

12 मिनट 235
सगे मामा की जवान बेटी की चुदाई
भाई बहन

सगे मामा की जवान बेटी की चुदाई

Xxx सिस्टर सेक्स कहानी में मेरे मामा की बेटी बहुत सेक्सी माल है. उससे मेरी अच्छी पटती थी. मैं उसे चोदना चाहने लगा था. मैं उससे बॉयफ्रेंड गर्लफ्रेंड की बात की और बात बन गयी.

14 मिनट 529

पाठकों की राय

0 टिप्पणियां
इस कहानी पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!
🔒 सुरक्षा कारणों से कॉपी करने की अनुमति नहीं है।