रिश्तों में चुदाई

दो जवान बहनें चिंकी और रिंकी-5

लेखक: राजवीर वीरू दादा दिनांक: 29-07-2019 पठन समय: 5 मिनट

प्रेषक : राजवीर

सूरज उठा और कपड़े पहने और चला गया। दोनों बहनें भी उठी, कपड़े पहने, बिस्तर धोया, साफ़ किया और बाते करने लगी- साले को एक दिन में ही दो कच्ची सील तोड़ने का मौका मिल गया !

चिंकी ने कहा- चलो, एक बात तो है ! घर की बात घर में रही, कहीं बाहर जाने की जरुरत नहीं पड़ी और मजा भी मिल गया।

रिंकी ने कहा- हाँ, वो तो है।

तब से दोनों ने ठान लिया कि जहाँ मौका मिले वहाँ मजा ले लेंगी।

रिंकी के बारहवीं होने तक दोनों ने सूरज के लण्ड से मौज की और किसी को पता भी नहीं चला। बारहवीं के बाद रिंकी अपने मामा के घर चली गई, वहाँ कॉलेज में दाखिला ले लिया। वहाँ उसके मामा-मामी और उनका एक बेटा आलोक जिसकी उम्र 22 साल थी। यहाँ चिंकी अकेली रह गई और बारहवीं की पढ़ाई करने लगी। सूरज भी और कहीं चला गया था।

तो बात आती है पहले चिंकी की। रात को बस उंगली करती और सो जाती। कभी कभार पेन या मोमबत्ती से काम चलाती।

एक दिन चिंकी पानी पीने के उठी तो देखा उसका भाई महेश अपने मम्मी पापा के कमरे के आगे खड़ा अपना लण्ड सहला रहा है।

चिंकी अच्छा मौका देख कर बाहर गई और महेश से पूछा- क्या कर रहे हो?

वो घबरा सा गया और लण्ड कच्छे में डाल लिया।

चिंकी ने भी देखा तो उसके पापा उसकी अम्मी की गाण्ड में लण्ड डाल कर आगे-पीछे कर रहे है। यह देख चिंकी को भी मजा आने लगा। महेश उसके पीछे ही खड़ा था। चिंकी ने कच्छे के ऊपर से ही उसका लण्ड पकड़ लिया और दबाने लगी।

महेश बस चिंकी को देखता रह गया, महेश ने भी चिंकी के मम्मे उसके टॉप के ऊपर से पकड़ लिए और दबाने लगा। चिंकी सिसकारियाँ लेने लगी तो महेश उसे उठा कर अपने कमरे में ले गया और दरवाज़ा बंद करके सीधा उसके होंठ चूसने लगा और मम्मे दबाने लगा। चिंकी भी उसका पूरा साथ दे रही थी।

महेश ने उसका टॉप उतार प्रिया और उसके नंगे मम्मों को चूसने लगा।

चिंकी सिसकारियाँ ले रही थी और कह रही थी- चूस और चूस ! काट ले मेरे मम्मे।

फ़िर महेश ने चिंकी की पैंटी उतार दी और चूत चाटने लगा। चिंकी की चूत पानी छोड़ने लगी। वो उठी और महेश का लण्ड कच्छे से निकाल लिया और चूसने लगी, वो कभी लण्ड तो कभी गोलियाँ भी चूस रही थी।

तब चिंकी से रहा नहीं जा रहा था तो महेश से उसने कहा- अब और नहीं सहा जाता, चोद दो मुझे !

उसने अपना लण्ड उसकी चूत पर रखा और एक धक्का प्रिया तो एक ही धक्के में पूरा लण्ड अन्दर चला गया।

महेश हैरान था कि इसकी चूत की सील टूटी कैसे?

उसने पूछ ही लिया तो चिंकी ने कहा- बस उंगली से या मोमबत्ती से करती थी।

तो महेश ने कहा- रिंकी ने तो नहीं तोड़ दी जब तुम दोनों एक साथ करती थी?

तो चिंकी ने कहा- तुम हमें देखते थे?

तो महेश ने कहा- हाँ, देखता था।

चिंकी कहने लगी- तभी रात को कमरे में आकर हमारे साथ वो सब करते थे।

महेश भी हैरान- तो क्या तुम जाग रही होती थी उस वक्त?

तो चिंकी ने कहा- हाँ भाई, हम जाग रही होती थी और मजे ले रही होती थी।

और महेश का जोश और बढ़ गया और वो तेज तेज धक्के लगाने लगा। पन्द्रह मिनट चोदने के बाद दोनों लुढ़क कर लेट गए। कुछ देर आराम करने के बाद महेश चिंकी की चूची चूसने लगा और कहा- चिंकी, गाण्ड भी मारने दे।

तो चिंकी ने कहा- जब चूत नहीं छोड़ी तो गाण्ड भी मार लो।

चिंकी महेश का लण्ड खड़ा करने लगी और फिर महेश ने चिंकी की गाण्ड पर थोड़ा थूक लगाया और थोड़ा अपने लण्ड पर और एक धक्का प्रिया और दो धक्कों में ही उसकी गाण्ड में महेश का लण्ड उतर गया।

अब महेश ने आगे-पीछे करना शुरू किया।

चिंकी ने थोड़ी देर बाद कहा- अब तुम लेट जाओ, मैं ऊपर चढ़ कर गाण्ड में लूँगी।

तो महेश नीचे लेट गया और चिंकी ऊपर से उसका लण्ड गाण्ड में ले लिया और ऊपर-नीचे होने लगी। कुछ देर बाद चिंकी और महेश दोनों झर गए और आराम से लेट गए।

महेश ने कहा- क्यों चिंकी, मजा आया न?

चिंकी ने कहा- भाई, तुमने अपनी बहन को चोद प्रिया।

तो महेश ने कहा- अरे यार, थोड़ी देर के भूल जा कि हम भाई-बहन हैं बस तू एक लड़की है और मैं एक लड़का ! और फिर क्या तू यह नहीं चाहती थी? तुझे मजा नहीं आया?

तो चिंकी शरमा गई और महेश के गले से लग गई। फिर दोनों रात को रोज चुदाई का खेल खेलने लगे।महेश ने चिंकी को कई बार अपने दोस्त से चुदवाया और कभी कभार दोनों एक साथ चोदते थे।

तो यह तो हो गई चिंकी की दास्तान !

और अगली कहानी में रिंकी ने अपने मामा के घर क्या करती थी और कैसे करती थी।

कहानी जारी रहेगी।