होम पर वापस जाएं
रिश्तों में चुदाई पठन समय: 9 मिनट पढ़ा गया: 915 बार

सिर्फ़ अमन की ॠचा

richa619

18 Feb 2008 को प्रकाशित

सिर्फ़ अमन की ॠचा
कहानी सुनें

ऑडियो प्लेयर (Play Audio)

स्वर: लोड हो रहा है...

0:00
0:00

प्रेषिका : ॠचा ठाकुर

सबसे पहले मैं आपको अपने बारे में बता दूँ- मेरा नाम ऋचा है और मैं इंदौर में रहती हूँ, दिखने में मैं करीना कपूर जैसी हूँ मतलब शरीर से ! मेरे दूध छोटे पर काफी नाज़ुक, कोमल और आकर्षक हैं तो आप समझ सकते होगे कि मैं गज़ब की खूबसूरत हूँ !

अब जो मैं आपको बताने जा रही हूँ वो सच्ची कहानी है जो पिछले जून में मेरे साथ घटी।

मेरे मामा भोपाल में रहते हैं और मैं हर गर्मियों में उनके यहाँ जाती हूँ उनका एक लड़का है अमन, गोरा चिट्टा, लम्बे कद का, कुल मिलकर मॉडल की तरह दीखता है। उसकी उम्र 21 साल है।

तो बात शुरू होती है 12 जून को जब अमन मुझे और मेरी मम्मी को लेने स्टेशन आया मैं उसे एक साल बाद देख रही थी और वो मुझे देख कर दंग था क्योंकि मैं पहले से काफी ज्यादा सेक्सी दिखने लगी थी।

खैर हम घर पहुँचे और आराम किया। पर उस दिन वो हुआ जिसने मुझे बदल कर रख प्रिया।

मैं अमन के कमरे में उसके पीसी पर कुछ कर रही थी कि तभी वो नहा कर कमरे में आया। उसके बदन पर सिर्फ तौलिया ही था जो वो कमर से बांधे था।

क्या लग रहा था वो !

मैं तो बस उसे देखते ही रह गई और तभी पता नहीं कैसे उसका तौलिया खुल गया और मेरे सामने वो पूरा नंगा खड़ा था।

वो शर्म से लाल हो गया और झट से तौलिया लपेट लिया और मैं जोर जोर से हंसने लगी और कमरे से चली गई।

जैसे-तैसे दिन निकल गया और वो मेरे सामने नहीं आया शर्म के मारे ! पर मेरी आँखों के सामने उसका नंगा बदन और उसका छोटा सा लंड आ रहा था। काफी क्यूट सा था उसका लंड और शायद मेरे अन्दर की रांड जाग गई थी। मेरा मन था उसके लंड को छूने का ! पर वो गधा शर्म के कारण मेरे सामने ही नहीं आ रहा था !

13 जून की सुबह मैंने सोचा कि अब कुछ तो करना ही पड़ेगा !

और मैं सुबह उसके कमरे में चाय लेकर गई, उसे जगाया, उसने सबसे पहले मुझे देखा और घबरा गया। पर मैंने हंस कर कहा- बस यार, हो गया शरमाना ! भूल जाओ कल वाली बात !

और वहीं बैठ कर उससे बातें करने लगी। उस दिन मैं दिन भर उससे बातें करती रही ताकि वो खुल जाये।

और हुआ भी वही, हम धीरे-धीरे सेक्स की बातों तक आ गए। बस अब तो हद हो चुकी थी मेरी सब्र की ! पर घर में सब थे इसलिए कुछ कर नहीं सकती थी। फिर मैंने रात तक का इंतजार करना ठीक समझा !

रात को जब सब सो गए तब मैं उसके कमरे में गई, उसे जगाया और कहा- मुझे नींद नहीं आ रही ! थोड़ी देर बातें करो ना !

वो झट से उठ कर बैठ गया।

फिर मैंने उससे पूछ ही लिया- तुमने कभी वो सब किया है?

तो उसने कहा- नहीं !

उसने भी मुझसे यही पूछा, मेरा जवाब भी वही था !

फिर उसने मुझसे पूछा- तुम उस दिन मुझे नंगा देखकर हंसने क्यों लगी थी?

तो मैंने उसे बताया- मैंने पहली बार लंड देखा किसी बड़े लड़के का ! और इतने बड़े लड़के का इतना छोटा सा? तो मुझे हंसी आ गई।

तो उसने मुझे बताया- वो उस वक़्त सो रहा था……

मैं फिर हंस पड़ी !

तो उसने कहा- हाँ, सो रहा था ! जब जगता है तो हैवान बन जाता है लगभग ७ इंच का !

उसकी ऐसी बाते मेरे अन्दर आग लगा रही थी पर मुझे नहीं पता था क्या करना है !

फिर उसने पूछा- देखोगी जगता हुआ लंड ?

मैंने हाँ कह प्रिया !

तो उसने कहा- पर ऐसे वो जागेगा नहीं ! कुछ करना होगा !

मैंने कहा- ठीक है ! बताओ !

तो अमन ने अपने होंठ मेरे होंठो पर रख दिए और जोर जोर से चूसने लगा।

मेरा पहला चुम्बन !

बता नहीं सकती !

आग में घी का काम कर गया, मैं बैचैन हो गई और उसका साथ देने लगी। अन्तर वासना डॉट कॉम

दस मिनट तक वो मुझे चूमता रहा और फिर धीरे-2 मेरी कमर और पेट सहलाने लगा और फिर उसके हाथ जैसे ही मेरे दूध पर आये- हाय राम ! क्या बताऊँ? सांसें जैसे रेलगाड़ी की तरह चलने लगी। उसने पहले मेरा टॉप उतार प्रिया और ब्रा के ऊपर से ही दूध दबाता रहा। कुछ देर में उसने मेरी कैपरी भी उतार दी और मेरी चूत पर हाथ फेरने लगा। मैं तो जैसे उसकी गुलाम हो गई। वो जो भी कर रहा था मैं बिना ना-नुकुर के करने दे रही थी।

उसका हाथ मेरी चड्डी में गया और मेरी पूरी चड्डी गीली थी ! पता नहीं क्या निकल रहा था !

उसने झट से मेरी ब्रा और चड्डी उतार दी और अपना मुँह मेरी चूत पर रख प्रिया।

हाय ! उफ्फ्फ्फफ्फ़ ! मैं अचानक जन्नत में थी !

उसकी जुबान मेरी चूत के अन्दर भी जा रही थी, वो मेरी चूत को पागलों की तरह चाट रहा था और मैं पता नहीं क्या क्या बड़बड़ा रही थी।

दस मिनट तक मेरी चूत को चाटने और चूमने के बाद वो एकदम से उठ कर खड़ा हो गया और मैं पलंग पर छटपटाने लगी और उसके तरफ तरसी निगाहों से देखने लगी।

वो झट से पूरा नंगा हो गया और जो लंड मैंने सुबह देखा था उससे बिल्कुल उल्टा दिख रहा था उसका लंड- बड़ा और सच में हैवान !

उसने मुझे उठने का इशारा किया, मैं उठ गई।

उसने फौरन लंड मेरे मुँह में डाल प्रिया और चूसने को कहा। मैंने वैसे ही किया। कुछ अलग ही अहसास था वो !

3-4 मिनट के बाद उसने मेरे बाल पकड़े और मेरा सर अपने लंड पर दबाने लगा और जोर जोर से झटके मारने लगा।

कुछ देर बाद मेरे मुँह में बाढ़ आ गई- यह उसका वीर्य था, मेरा पूरा मुँह भर गया उसके वीर्य से !

मैंने थूकने की कोशिश की पर उसने वैसे ही मुझे पलंग पर लिटा प्रिया, उसका लंड अब भी मेरे मुँह में था और मुझे सब कुछ निगलना पड़ा। गर्म, गाढ़ा, कुछ नमकीन और कड़वा सा स्वाद था उसका !

उसने लंड मेरे मुँह से निकाला और फिर से मेरे होंठों को चूमने लगा।

पर इस बार उसने एक उंगली मेरी चूत में डाली। चूत गीली थी और उंगली आसानी से अन्दर चली गई। वो उंगली अन्दर-बाहर करने लगा और मैं बैचैन होने लगी।

उसने सोया हुआ लंड फिर मेरे मुँह में डाला और चूसने को कहा। कुछ ही देर में वो फिर खड़ा हो गया, उसने लंड मेरी चूत पर रखा और ऊपर ही रगड़ने लगा। मेरी सांसें बहुत तेज़ हो गई थी और दिल की धड़कन बढ़ गई थी। मैं सोच रही थी कि मैं सच में एक लड़के के नीचे हूँ और चुदने ही वाली हूँ !

अमन ने लंड चूत के छेद पर रखा, मुझे चूमा और कहा- तुम आठवीं हो !

और अपने होंठ मेरे होंठों पर रख दिए और अपने लंड को जोर का धक्का प्रिया। मैं दर्द से तड़प गई, चीखना चाहा पर उसके होंठों ने मेरे होंठो को सिल रखा था। थोड़ी देर वो बिना हिले रुका रहा और फिर एक धक्का मारा लंड को ! इस बार आधा लंड अन्दर था।

मैं अहसास कर सकती थी उसके लंड का अपनी चूत में !

फिर उसने जोर से धक्के देने शुरू किये और 5 मिनट बाद होंठ हटाये।

अब मेरा दर्द मज़े में बदल गया था और मेरे मुँह से आह्ह्ह उम्ह्ह्ह ओह्ह्ह्हह्ह्ह्ह की आवाज़ें आ रही थी।

अब उसने धक्कों की गति बढ़ा दी और बहुत देर तक मुझे चोदता रहा। करीब 15 मिनट बाद मैं झड़ गई पर वो नहीं रुका।

कुछ देर बाद वो भी झड़ गया और उसके वीर्य से मेरी चूत भर गई।

मैंने उसे अपनी बाहों में भर लिया और उसे चूम लिया इतना प्यारा अहसास दिलाने के लिए !

हम दोनों लेटे रहे और उसने मुझे बताया- वो तौलिया मैंने जानबूझ कर गिराया था।

वो मुझे चोदना चाहता था !

हम बातें करते रहे और मैं उसके सीने पर सर रखकर कब सो गई पता ही नहीं चला !

उस रात के बाद कई दिन आये जब उसने मुझे चोदा और मुझे ख़ुशी दी।

सच कहूँ तो वो प्लेबॉय है पर मैं उसे प्यार करने लगी हूँ………..

कहानी कैसी थी !ज़रूर बतायें !

आपकी, जी नहीं, सिर्फ मेरे अमन की ऋचा

कहानी पर अपनी प्रतिक्रिया दें (React to Story)

इसी श्रेणी से अन्य कहानियाँ

शबाना की चुदास
रिश्तों में चुदाई

शबाना की चुदास

यह कहानी शबाना नाम की एक लड़की ने मुझे भेजी थी, जो मैं आप के सामने उन्हीं के शब्दों में पेश कर रहा हूँ.

13 मिनट 467
फूफा जी का बड़ा लंड दोबारा चूत में लिया
रिश्तों में चुदाई

फूफा जी का बड़ा लंड दोबारा चूत में लिया

आपकी प्यारी कोमल भाबी का सारे प्यारे प्यारे लंड और चुत को प्यार भरा चुंबन.. दोस्तो आपने पिछली पोर्न कहानीफूफा जी के हब्शी लौड़े से चूत की चुदाई करवा लीमें पढ़ा कि कैसे मैंने रात को फूफा जी का नशे की हालत का फ़ायदा उठा कर उनका बड़ा हब्शी लंड अपनी चुत ...

14 मिनट 763
भांजी ने घर में नथ खुलवाई -3
रिश्तों में चुदाई

भांजी ने घर में नथ खुलवाई -3

रात को खाना इत्यादि में ग्यारह बज गए तो मैंने रीना रानी को इशारा किया कि अपने रूम में जाये!

8 मिनट 682

पाठकों की राय

0 टिप्पणियां
इस कहानी पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!
🔒 सुरक्षा कारणों से कॉपी करने की अनुमति नहीं है।