हेल्लो दोस्तो,आपने मेरी चुदाई की कई कहानीअजनबी शहर में कामवालीपढ़ी और मुझे काफी सारे मेल्स भी आये! आपका बहुत-बहुत धन्यवाद!तो दोस्तो, मैं फिर पेश करता हूँ अपनी चुदाई की नई कहानी …
कई बार चुदाई करने के बाद अब मैंने सोच लिया कि इसमें जो मज़ा है वो और किसी चीज़ में नहीं है!तो मैंने सोचा कि क्यूँ ना कॉल बॉय बन कर अपना चुदाई का शौक पूरा किया जाये! इससे मुझे कुछ पैसे भी मिल जायेंगे और चुदाई भी करने को मिलेगी!लेकिन सवाल था कि यह सब कैसे होगा?
यह जानने के लिए पढ़िये आगे की कहानी:
मैं मुंबई में रहता हूँ! मेरी उम्र 21 साल, कद 6 फीट और रंग मध्यम है! मेरी बॉडी एवरेज है और मेरे हथियार का साइज़ 6” है!मुझे चोदने का बहुत शौक है!
एक दिन मैं ब्लू फिल्म देख रहा था।तब मेरे मन मैं एक ख्याल आया कि क्यों न किसी लड़की को आज होटल में ले जाकर चोदूं!
मैं एक लड़की को पैसे देकर उसे होटल में ले गया और वहां से घर में फ़ोन करके बताया कि मैं आज दोस्त की बर्थडे पार्टी के लिए जा रहा हूँ, इसलिए मैं कल सुबह आऊंगा!
दोस्तो, मेरे दिन आर्थिक तौर पर बहुत ख़राब चल रहे थे!मैंने उस रात उस लड़की को बहुत चोदा!जब मैंने दूसरा राउंड लिया तो वो लड़की जोर से रोने लगी!मैं हैरान हो गया कि जो लड़की धंधा करती है वो मेरे लंड के कारण रो रही थी!चोदने के बाद उस लड़की को मैंने अपनी प्रॉब्लम बता दी.
वो लड़की बोली- तुम किसी जिगोलो जैसे काम क्यूँ नहीं करते? तुम में वो जोश है और तुम्हारा हथियार भी बहुत तगड़ा है!
मैं सोचने लगा!जब मैंने उससे पूछा कि यह सब होगा कैसे?तब उसने कहा- वो सब मेरे ऊपर छोड़ दो!
सुबह ही मैंने उसका नंबर और नाम लिया.उसका नाम प्रिया था.
एक दिन के बाद मैंने प्रिया को कॉल किया.मुझे उसने नटराज होटल में बुलाया और मेरे वहां पहुँचने पर बताया- तुम्हें एक डॉक्टर के यहाँ कल रात को जाना है.
उसने मुझे उस पहली कस्टमर के बारे में जानकारी और उसका पता बताया.मुझे एक सिन्धी डॉक्टर की बीवी आरती को चोदना था, जिसकी उम्र 23 साल थी. वो एक घरेलू औरत थी जिसका पति दिल का विशेषज्ञ था, उसकी उम्र 31 साल की थी!
प्रिया ने कहा- आरती को मैंने जब तुम्हारे बारे में बताया तो आरती ने तुम्हारे साथ रात गुजरने की जिद पकड़ी है!
आरती का रंग गोरा है. उसकी हाईट 5’7” और उसने तुम्हारे लिए रुपये दिए हैं!प्रिया ने वो पैसे मेरे हाथ में दिए!पैसे और सारी जानकारी मैंने प्रिया से ली और मैंने प्रिया को मेरे दिल में आये हुए डर के बारे में बताया!
प्रिया ने कहा कि आरती के पति किसी कोर्स के लिए दो दिन के लिए सुबह दिल्ली जा रहे हैं.तब मैं निश्चिंत हो गया.
उस रात मुझे नींद नहीं आई!
मैं शाम के 6 बजे घर से निकला और माँ को कहा- माँ, आज मैं नहीं आने वाला! मेरी राह मत देखना!
मैं शाम 7 बजे उस पते पर पहुंचा और दरवाजे की घंटी बजायी तो सामने एक औरत आई.मैंने वो कोड बोला जो प्रिया ने मुझे बताया था.तब मुझे उसने अन्दर बुला लिया.
मैं समझ गया कि वही आरती है!
आरती ने दरवाजा बंद कर दिया.शायद वो भी मेरा इंतजार कर रही थी.
अन्दर जाने के बाद उसने कहा- तुम तो रात 10 बजे आने वाले थे?
मैंने कहा-पहली बार मुझे किसी ने रुपये दिए हैं, जिसके लिए मैंने कुछ नहीं किया! इसीलिए सोचा कि उसका सब पैसा चुकता होना चाहिए, सो मैं जल्दी आया!
आरती मुस्काई और मैं पागल हो गया क्यूंकि आरती (जितना प्रिया ने बताया) उससे बहुत ज्यादा खूबसूरत थी!
मैंने आरती को कहा- अब अपना काम शुरू करें?तो आरती ने मुझे कहा- मैं दो मिनट में आती हूँ, तुम बेडरूम में जा के बैठो!और मुझे बेडरूम की तरफ इशारा किया!
मैं बेडरूम में जा बैठा.आरती 10 मिनट के बाद दुल्हन की साड़ी पहन के हाथ में गिलास ले आई.वह मेरे पास आकर बैठी और दूध का गिलास मुझे दिया.
मैंने पूछा- यह क्या है?उसने कहा- मैं अभी तक कुंवारी हूँ! मेरे पति ने आज तक सुहागरात का मज़ा मुझे नहीं दिया!
वो मेरी तरफ ऐसे देख रही थी जैसे कह रही हो “वो सब आज तुम्हें ही करना है!”
मैंने वो दूध आधा पिया.उसके बाद उसने बाकी का पीया.
झुग्गी से झूमर तक का सफ़र
मैंने देखा कि बेड पूरा फूलों से सजाया था. मैंने उसे कस के अपनी बाँहों में लिया और उसे किस करने लगा.जहाँ मेरे होंठ रुकते थे, वहां उसे किस करता था.
उसके बाद मैंने उसकी साड़ी और चूड़ियाँ उतार दी.अब वो मेरे सामने ब्लाउज में थी!
मैंने उसके गर्दन को चूमा और उसके स्तन दबाने लगा.
आरती सिसकारने लगी.मैंने ब्लाउज खोल दिया.उसके वक्ष देख के मैं बहुत गरम हो गया.
मैंने उन्हें चूसना और मसलना शुरू किया.तब आरती के मुंह से ‘आआह्ह उफ्फ … दबाओ और जोर से’ निकलने लगा.
मैं चूसते चूसते नीचे की तरफ गया.आरती और सिसकारने लगी.
मैंने उसकी पैंटी खोली और उसकी चूत चाटने लगा.
थोड़ी देर के बाद आरती ने अंदर डालने के लिए कहा.मैंने अपने कपड़े निकाल दिए और अपना लंड हाथ में लेकर खड़ा रहा.
आरती आँखें फाड़-फाड़ के उसे देख रही थी.थोड़ी देर के बाद वो प्यासी शेरनी की तरह झपट पड़ी, वो मेरे लंड को चूसने लगी!
थोड़ी देर के बाद मैंने लंड उसके मुंह से निकाल कर उस पर दो कंडोम चढ़ाये.मैंने आरती की चूत को सहलाते हुए कहा- आरती, इसे अंदर लो!
मैं आरती की कमर को पकड़ कर लंड उसकी चूत पे रगड़ने लगा.आरती आह्ह करने लगी और मैंने उसके बूब्स को पकड़ कर एक जोर का झटका दिया.
लंड चूत का बाहरी किनारा ले के फिसल गया.आरती कुतिया की तरह चिल्लाई, उसने मुझे उसके बदन से दूर धकेल दिया!
मैं वापस उसको समझा कर उस पर चढ़ गया.इस बार मैंने सही निशाना लगाया तो आधा लंड चूत में घुस गया.आरती चिल्लाई- हाय भगवान्! प्लीज़, इसे निकाल लो!
मैंने दूसरा झटका दिया, लंड पूरा अंदर तक घुस गया.
तभी मैंने देखा कि आरती की आँखों से आंसू निकल आये.उसके बाद मैंने चोदना शुरू किया.मेरे हर एक झटके पर आरती चिल्लाती थी.
अब 10 मिनट के बाद आरती मेरा साथ देने लगी.
थोड़ी देर के बाद मेरी स्पीड बढ़ने लगी.
जैसे ही मैंने आखरी झटका दिया, मेरे अंडकोष जोर से पीछे हो गए और लंड बहुत अंदर तक चला गया.मेरा पानी निकाल गया था
थोड़ी देर के लिए हम वैसे ही लेटे रहे!आरती ने बेड की चादर की ओर इशारा कर के कहा- आज मेरा कुंवारापन टूट गया!चादर खून से लाल हो गई थी!
फिर मैंने बाथरूम में जाकर कंडोम हटाया और फिर नीचे सो गया.
आरती ने मेरे ऊपर चढ़ कर दूसरे दौर के लिए तैयारियां की!
जब मेरा लंड खड़ा हो गया तब मुझे भी बहुत तकलीफ होने लगी और उस रात आरती ने मुझे अपना पति मानकर मेरे साथ 4 बार सम्भोग किया.
सुबह मुझे जाना था पर सिन्धी लड़की ने मेरी पूरी पॉवर चूस ली थी.मैं दोपहर को नींद से उठा.
आरती भी उठ गई!उसने मुझे लम्बा किस किया और कहा- नाश्ता करके जाना!
हम एक साथ नहाये और फिर आरती ने नाश्ता बना के मुझे दिया.
मैं दोपहर काम पर गया!
दोस्तो! आपको मेरी यह कहानी कैसी लगी? मुझे आपके कमेंट्स का इंतजार रहेगा।