नमस्कार दोस्तो, मैं काशी आपके सामने अपना एक और सच्चा अनुभव लेकर आया हूँ. पहले मैं आप सभी का शुक्रिया अदा करना चाहूँगा कि आप सभी ने मेरी कहानीपति से निराश आशा की चुदाईखूब सराही.
अब अपनी ताजा कहानी पर इस आशा के साथ आता हूँ कि मेरी चुदाई की यह कहानी आपको पसंद आएगी.
अभी मेरी चुदाई की दास्तान चल ही रही थी कि एक दिन मुझे कोमल (पुरानी गर्लफ्रेंड) का कॉल आया.
उसने कहा- मुझे आपसे मिलना है.मैंने उसे बताया कि मैं अभी ग्वालियर में हूँ.उसने कहा कि वो दस दिन के लिए अपने मायके आई हुई है और मुझसे मिलने की इच्छुक है, अगर मिल सकें तो!
मैंने उसने मिलने के लिए हां कर दी, मैं 2 दिन बाद आगरा आ गया और उसके फ़ोन का इंतज़ार करने लगा. तीसरे दिन रात को एक बजे उसका कॉल आया. उसने बताया कल वो पूरे दिन के लिए मिल सकती है और कल के बाद शायद न मिल पाए.
मैंने काफी देर बात की और कल मिलने की सोच कर मेरे लंड महाराज तनने लगे.
अगली सुबह मैं उठा, नहा धो कर तैयार हो कर उसकी बताई गई जगह पर पहुँच गया. जब मैंने उसे देखा, तो देखता ही रह गया था. ये वो कोमल नहीं थी, जिसकी मैंने सील तोड़ी थी. अब उसका पूरा शरीर भर गया था… उसके चुचे तन चुके थे.
मैंने उसे बाइक पे बिठाया और उसके हाल चाल पूछता हुआ बाइक चलाने लगा. हम दोनों एक मॉल में आ गए.
वहां काफी देर इधर उधर की बात करने के बाद उस ने बताया कि मैं आज भी तुमसे बहुत प्यार करती हूँ, पर अब इस रिश्ते को आगे नहीं चला सकती. मैंने जो आप को प्रॉमिस किया था, उसे पूरा करने आई हूँ.
मैं उस की बात बिल्कुल नहीं समझ पा रहा था. मैं थोड़ा सवालिया सा हुआ, तब उसने बताया कि अब मेरे पति बच्चा करने की बोल रहे हैं.. और जिस दिन आपने मेरी सील तोड़ी थी, तब मैंने आपको प्रॉमिस किया था कि मेरा पहला बच्चा आपका ही होगा. तो अब मैं आपसे बच्चा लेने के लिए आई हूँ.
मैंने उस की बात सुनी तो उसका मुँह देखता ही रह गया. उसने मुझे गले लगा लिया. मैं बहुत खुश हुआ जैसा मैं चाह रहा था, बिल्कुल वैसा ही हुआ.मैंने उस से कहा- तो फिर कब करना है?उसने कहा- आज ही.. क्योंकि मेरे पीरियड खत्म हुए दस बारह दिन हो गए हैं.
उसे किसी ने बताया था कि पीरियड के बारह दिन के बाद चुदाई करने से बच्चा ठहरने सबसे ज्यादा चांस होते हैं!
बात भी सही थी तो मैंने भी उसकी हां में हां मिला दी और उसे अपने फ्लैट पे ले गया. जैसे ही हम अन्दर पहुँचे, मैं आपे से बाहर हो गया और उसे बुरी तरह चूमने चाटने लगा. जब मैं उसके बोबों को दबा रहा था तब एक असीम आनन्द मिल रहा था. दस मिनट की चुम्मा चाटी के बाद हम लोग बिस्तर पर बैठ गए.
फिर धीमे से मैंने उसके शर्ट को उतारा तो उस के चूचों को देखता ही रह गया. जो मैंने 32 इंच के छोड़े थे, आज वो 36 इंच के हो गए थे और काली ब्रा में क़यामत ढा रहे थे. मैं उन्हें ब्रा के ऊपर से चूसने लगा और दबाने लगा. वो सिसकारियां ले ले ले कर पागल हुए जा रही थी.
उसके मुँह से ‘शशशशश.. आआआ.. उह यस..’ की आवाज़ निकले जा रही थी.
फिर एक एक करके मैंने अपने सारे कपड़े उतारे और उसके कपड़े भी उतार दिए. जब मैंने उसे नंगी किया तो एक चीज़ और मुझे बहुत अच्छी लगी कि मैंने उसे एक साल पहले चोदा था और आज भी उसे याद है कि मुझे चूत पे झांटें बहुत पसंद हैं. उसकी चुत अब भी काली काली झाँटों भरी थी.मैंने उससे पूछा- ये क्यों?तब उसने बताया कि आपको याद हो न हो, पर मुझे याद है कि आपको चूत पर झाँटें पसंद हैं.
फिर मैं उसके ऊपर लेट के उसके निप्पलों के साथ खेलने लगा. अब मुझे भी काफी तज़ुर्बा हो गया था. जब उसने मेरा लंड पकड़ा तो उसकी आंखें चमक उठीं. वो लपक कर उठी और लंड देख कर बोली कि ये इतना मोटा कैसे हो गया?
जबाव देने की जरूरत न समझते हुए मैं उसे अपने नीचे दबाए हुए रगड़ने लगा, मैं कभी उसकी गर्दन चूमता, कभी दूध चूसता और साथ ही एक हाथ से उसकी चूत में उंगली करने लगा.
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फिर मैंने महसूस किया कि उसकी फुद्दी काफी फ़ैल सी गई है, तो मैंने उससे पूछा. उसने बताया कि उसका पति उसे बेनागा चोदता है.
अब मैं और तेज़ तेज़ उसकी चूत को सहलाने लगा और वो पागलों की तरह ‘ई ई आ ऊही माँ शशशशश..’ करने लगी. उसने मेरे हाथ पे पानी छोड़ दिया. अब मैं भी पागल हुए जा रहा था. मैंने देर न करते हुए उसे सीधा लिटा कर उसकी गांड के नीचे तकिया लगा कर जो अपना लंड उसकी चूत में डाला, तो फक की आवाज़ के साथ लंड सीधे चूत की दीवार को चौड़ा करता हुआ पूरा अन्दर तक चला गया. कोमल की गहरी चीख निकल गई. मैंने उसके निप्पलों को दबाते हुए चूस चूस कर उसे थोड़ा नार्मल किया.
मैंने पूछा कि तू तो डेली चुदवाती है फिर चीखी क्यों?उसने बताया कि उसके पति का इतना मोटा नहीं है.
मैं फिर धीरे धीरे उसे रौंदने लगा. मैंने अपनी रफ़्तार बढ़ाई ही थी कि वो फिर से ढेर हो गई और एकदम शान्त सी लेट गई. वो पल कभी नहीं भूल पाउँगा, जब उसकी चूत की लहर में मेरा लंड गोता लगा रहा था.
फिर थोड़ी देर बाद मैंने उसे घोड़ी बनाया और उसके चूचों को पकड़ के ताबड़तोड़ ठोकरें मारने लगा.
अब तो वो भी मेरा खुल के साथ दे रही थी- और तेज़ प्लीज.. और तेज़ आग निकाल दो आज इसकी.. पूरी फाड़ दे यार इसे.. और तेज़..
दस मिनट की ताबड़तोड़ चुदाई में मैं थोड़ा थक सा गया था तो मैंने उसे अपने ऊपर आने को कहा.
उसने आसन बनाया और टप से मेरे लंड को पकड़ के चूत पे रख कर बैठ गई. लंड लीलते ही वो तेज़ तेज़ गांड हिलाने लगी. मैं उसके मम्मों के साथ खेलने का मज़ा ले रहा था.
दोस्तों मेरा अपना अनुभव है, जो मज़ा एक नई लड़की नहीं देती, वहीं एक शादीशुदा चुदी चुदाई चूत देती है. उसके जैसा सुख कोई चुत नहीं दे सकती.
वो कुछ देर बाद सीधी होकर लेट गई और मैं उसके ऊपर आ गया था.
अब मैं उसकी चूत के साथ उसके निप्पलों की भी मस्त खबर ले रहा था. मेरा भी होने वाला था तो मैंने कोमल को बताया कि मेरा होने वाला है, तो वो अपनी गांड हिला हिला कर और मेरा साथ देने लगी.
वो मस्ती से चीखने लगी- भर दो मेरी चुत को.. एक बूँद भी बाहर न निकल पाए..
मेरा सारा पानी उसकी चूत को लबालब भर बैठा और मैं कम से कम दस मिनट तक उसके ऊपर ऐसे ही लेटा रहा ताकि उसके गर्भ धारण की सम्भावानाएं बढ़ जाएँ!
दोस्तो, उस दिन मैंने उसे एक बार और चोदा और फिर उसकी चूत को भर दिया. उसने बताया कि उसे अब बहुत दर्द हो रहा है, ऐसे तो उसके पति ने भी कभी नहीं चोदा है.मैंने उसे गले लगा कर थोड़ा प्यार जताया और उसे छोड़ आया.
डेढ़ दो महीने बाद उसका फोन मेरे पास आया, उसने मुझे बताया कि वो गर्भवती है.वो बहुत खुश थी. मुझे भी यह बात सुन कर बहुत प्रसन्नता हुई.समय बीता और नौ महीने बाद कोमल ने एक सुन्दर बेटी को जन्म दिया.कोमल को पूरा यकीन है कि वो बेटी मेरी ही है हमारे सच्चे प्यार की निशानी!हालांकि अभी तक मैंने अपनी बेटी को देखा नहीं है फिर भी मुझे उम्मीद है कि वो कुछ तो मेरे जैसी दिखती होगी.
दोस्तो, विदा चाहता हूँ. आप मुझे बताना कि आपको मेरे साथ हुआ ये अनुभव कैसा लगा.मेरी प्यारे भाई लोगों को सलाम और मस्त चूतों को प्रणाम!धन्यवाद जी.आप मुझे मेल कर सकते हैंsupport@mohakkisse.comमेरा Facebook अकाउंट है.Facebook.com/bp.yauvanshi