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Group Sex Story पठन समय: 12 मिनट पढ़ा गया: 192 बार

लड़ाई का बदला मौज़ भरी चुदाई

अरविन्द कुमार

24 Apr 2015 को प्रकाशित

लड़ाई का बदला मौज़ भरी चुदाई
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आज बीना जैन करीब 42 साल की है, उनके पति की जब मौत हुई थी तो उनकी इकलौती बेटी सिर्फ आठ साल की थी। बीना जैन ने अपनी लड़की स्वीटी को लड़के की तरह पाला।

आज स्वीटी 19 साल की हो गई है। बीना के पति एक स्थानीय पार्टी के नेता थे, अपनी मौत के बाद वे इतनी सम्पत्ति छोड़ गए थे कि बीना अपना और स्वीटी का खर्चा आराम से चला रही थी। इसके अलावा बीना एक एन जी ओ और महिलाओं के लिए एक हेल्थ सेण्टर भी चला थी जिससे भी अच्छी कमाई हो जाती थी, नेता की पत्नी होने के कारण बीना के बड़े बड़े अफसरों, पुलिस वालों और नेताओं से अच्छी पहचान थी। बीना अपनी सेहत का पूरा ध्यान रखती थी इसलिए 42 साल की होने के बावजूद वह सिर्फ 30 साल की लगती थी। बीना ने स्वीटी को भी जूडो कराटे की ट्रेनिंग दे रखी थी, बीना चाहती थी कि उसकी लड़की स्वीटी एक लड़के की तरह निडर और हिम्मत वाली बने।

बीना रोज सवेरे सात बजे अपने बंगले के सामने वाले मैदान में जोगिंग और टहलने के लिए जाती थी, साथ में स्वीटी को भी साथ ले जाती थी। बीना जैन जिससे भी मिल कर बात करती तो स्वीटी की बढ़ चढ़ कर तारीफ़ करती थी, बीना कहती- यह मेरी बेटी नहीं, मेरा बेटा है। अगर कहीं झगड़े की नौबत आयेगी तो स्वीटी एक साथ चार चार लड़कों से निपट सकती है और चारों पर भारी पड़ेगी।

ऐसी बातें सुन सुन कर स्वीटी भी लोगों से बेकार, बिना बात पर पंगे लिया करती थी लेकिन लोग बीना के पुलिस से संबंधों के कारण चुप रह जाते थे। वैसे तो बीना खुद को काफी शरीफ दिखाती थी लेकिन लोग जानते थे कि बीना कई लोगों के लौड़े ले चुकी है, एक औरत को जवान बने रहने के लिए रोज चुदाई करवाना जरूरी है, लण्ड का पानी डाले बिना जवानी का पौधा मुरझा जाता है।

एक दिन शाम के समय बीना के घर के सामने वाले मैदान में एक पेड़ के पास चार लड़के पेशाब कर रहे थे और लम्बे लम्बे लंड निकाल कर पेशाब झटक रहे थे। उस समय स्वीटी अपने मकान के वरांडे में थी। पहले तो उसे बड़े बड़े लंड देख कर मजा आया, वह लड़कों के लंड गौर से देखती रही। लेकिन जब लड़के जाने की तैयारी करने लगे तो अचानक स्वीटी ने अपनी मम्मी को चिल्ला कर बुलाया जो उस समय घर में ही थी।

जैसे ही बीना पास आई तो स्वीटी बोली- देखो मम्मी, ये लड़के मेरी तरफ अपने लंड दिखा कर इशारे कर रहे थे।

बीना स्वीटी को अपने साथ उन लड़कों के करीब गई और गालियाँ देने लगी, बीना बोली- मादरचोदो, अगर तुम्हारे लंड में इतनी जवानी उबल रही है तो अपनी माँ बहन की चूतों में घुसा दो ! अगर किसी ने मेरी लड़की तरफ लंड निकाला तो उसी लंड को पकड़ कर तुम्हारी गांड में घुसा दूँगी।

बेचारे लड़के यह सुन कर सन्न रह गए, फिर भी बीना का का मन नहीं माना। उसने स्वीटी से कहा- स्वीटी उठ, लगा एक एक तमाचा इन हरामियों के गालों पर !

फ़ौरन स्वीटी ने सबके गालों पर ऐसा झन्नाटेदार तमाचा लगाया कि लड़कों के गाल लाल हो गए। धीरे धीरे काफी भीड़ जमा हो गई इसलिए और झगड़ा बढ़ने के भय से लड़कों ने खिसकने में ही अपनी भलाई समझी। लेकिन जाते जाते वे स्वीटी और बीना को गुस्से की नजर से घूरते रहे।

घर जाकर लड़कों ने अपमान का बदला लेने की योजना बनाई, उनके पड़ोस में एक आवारा किस्म का लड़का गुड्डू रहता था। उसके साथ मिलकर कुल चार लड़के इस योजना में शामिल हो गये। उन्हें पता था कि रात को बीना और स्वीटी अकेले सोती हैं। नेता की पत्नी होने से बीना रात को नौ बजे ही दोनों नौकरानियों की छुट्टी कर देती थी, रात को भी चौकीदार उस बंगले पर सिर्फ एक बार गश्त लगाता था।

रात को जब बीना और स्वीटी सो चुके तो गुड्डू एक रस्सी लाया उससे हुक लगा कर पहले गुड्डू फिर उमेश, अजय और विनोद चाट पर चढ़ गए। फिर खिड़की खोलकर बीना के बेडरूम में घुस गए, एक बेड पर बीना और दूसरे पर स्वीटी सो रही थे।

रात को कमरे में नाईट लेम्प जल रहा था, बीना मेक्सी और स्वीटी सलवार-कमीज पहने थी। गुड्डू ने पहले चुपचाप धीरे धीरे बीना की मेक्सी ऊपर खिसका कर उतार दी, फिर स्वीटी की सलवार-कमीज उतार दी। दोनों के शरीर पर सिर्फ पेंटी रह गई, बीना और स्वीटी की चूतें और तने हुए बोबे देख कर सबके लंड सांप की तरह फनफना रहे थे।

गुड्डू ने आराम आराम से बीना की चड्डी भी नीची सरका दी लेकिन बीना को पता नहीं चला। बीना चूत से मस्त खुशबू आ रही थी और चूत से रस जैसा कुछ लगा हुआ था। शायद बीना कही किसी से चुदवा कर आई थी इसलिए बेखबरी से सो रही थी।

उमेश से रहा नहीं गया उसने एक उंगली बीना की चूत में घुसा दी और उसकी चूचियाँ दबाने लगा। बीना को पहले तो मजा आया, उसे सपने में लगा कि वह किसी अपने यार का लंड चूत में ले रही है, जब विनोद ने बीना की गांड में भी उंगली डाली तो बीना जाग गई और चौंक कर पलंग पर बैठ गई, उसने देखा कि सामने चार चार लंड तैयार हैं, डर कर बीना ने पूछा- तुम लोग कौन हो और क्या चाहते हो?

गुड्डू बोला- साली देख कर भी पूछ रही है? सामने लंड और हमारे सामने चूतें हैं, क्या हम भजन करने आये हैं? हम आज तेरी और तेरी बेटी को अपने लंड का स्वाद देने आये हैं। अगर हमारी बात नहीं मानी तो यहीं तुम्हारी लाश छोड़ कर चले जायेंगे, बात मान जाओगी तो तुम्हें मजा आयेगा। जब माँ चुदवायेगी तो बेटी को और मजा आयेगा, तुम फ़िक्र नहीं करो, हम लोग अनुभवी चोदू हैं, तुम्हें हमारे लंड जरूर पसंद आयेंगे। फिर तुम लोग हमसे हमेशा चुदवाती रहोगी। इसलिए हम पहले तुम्हें अपने तरीके चुदाई करेंगे, एक तुम्हारे मुँह में एक गांड में और एक चूत में लंड डालेगा। तुम भी याद करोगी इस नई सुहागरात को ! तब तक एक आदमी स्वीटी की चूत गर्म करेगा। सवेरे तक हमारा कार्यक्रम चलेगा, अगर आप राजीखुशी नहीं मानेगी तो हम मजबूर होकर जबरदस्ती करेंगे। हम तो अपने लंड का पानी तुम्हारी चूतों और गांडों में डाले बिना नही मानेंगे, आप फ़ौरन सारे कपड़े उतार दे। अब हमारे लंड को सब्र नहीं हो रहा है।

बीना खुशी खुशी तुरंत नंगी हो गई, सारे लड़के यह देख कर खुश हो गए कि बीना बड़ी जल्दी आसानी से चुदवाने को राजी हो गई। तीनों ने अपनी अपनी पोजीशन बना ली। विनोद को गांड मारने का बड़ा शौक था इसलिए उसने अपना लंड बीना की चूत में डालने के लिए अपने ऊपर चढ़ा लिया। ताकि नीचे से उमेश उसकी छूट में लंड घुसा सके।

बीना अजय का लंड चूसने लगी, उसे पहली बार स्वर्ग जैसा आनन्द आ रहा था, वह गपागप लंड लेने लगी। विनोद का लंड लंबा होने के कारण बीना की गांड में दर्द होने लगा, वह ओय… ओय… उफ़… उफ़… अरे… अरे… करने लगी।

विनोद बोला- आप चिल्लाना बंद करके मेरे लंड का कमाल देखें.. आज मैं आपकी गांड को गेट बना दूँगा। आप हमेशा मेरे लंड को याद रखेंगी।

अजय ने बीना के मुंह में पेशाब कर प्रिया जिसे बीना स्वाद लेकर पी गई, फिर तीनों ने बदल बदल कर बीना की चुदाई चालू कर दी।

उस समय जब स्वीटी सो रही थी तो गुड्डू ने स्वीटी की पैंटी निकाल दी। स्वीटी की कुंवारी बिना बाल की चूत देख कर चारों मस्त हो रहे थे।

कमरे में चुदाई की आवाजें ‘फच… फच… फच… फच…’ गूँज रही थीं।

तभी गुड्डू ने स्वीटी को उठा कर पलंग के पास खड़ा कर प्रिया जहाँ बीना तीन तीन लौड़ों से चुदवा रही थी। स्वीटी को विश्वास नहीं हो रहा था कि उसकी मम्मी इतनी बड़ी चुदक्कड़ है। उसका मुंह खुला का खुला रह गया, उसे कुछ समझ में नहीं आया। वह सिर्फ मम्मी की चूत और गांड में आदर बाहर होने वाले लम्बे लम्बे लंड देख कर ताज्जुब मान रही थी और सोचने लगी कि अगर यही लंड मेरी चूत में डाले जायेंगे तो क्या होगा।

चुदते चुदते बीना बोली- स्वीटी, डरो नहीं, ये लोग मेरा कुछ भी नहीं बिगाड़ सकेंगे, ये अच्छे लड़के हैं, अपना काम कर रहे हैं। आज मुझे तुम्हारे पापा की याद आ रही है, वे तो अब नहीं हैं लेकिन इन लोगों ने मुझे खुश कर प्रिया, ऐसा मजा मुझे आज तक नहीं मिला। बेटी, चुदाई से बड़ा कोई सुख नहीं है, औरतें तो एक लंड के लिए तरस जाती हैं, यहाँ तो घर में ही चार चार तगड़े लंड मिल गए, इस मौके का पूरा फ़ायदा लेना चाहिए।

स्वीटी बोली- मम्मी, मैं भी आपकी बेटी हूँ, मैं भी आपकी तरह चुदवाना चाहती हूँ। जब शादी के बाद भी चूत में लंड घुसेगा तो आज क्यों नहीं। आप ही तो कहती हैं कि चूत सिर्फ चुदाने के लिए बनी है, चाहे किसी का लंड हो, मजा एक सा आता है।

स्वीटी बोली- शायद तुम्हें पता नहीं है कि ‘मेरे बारे में मम्मी सबसे कहती हैं कि मेरी बेटी एक साथ चार चार को निपटा सकती है !’ इसलिए माँ तरह मैं बारी बारी सबसे चुदवाऊँगी और सबका लंड लूंगी।

तब तक बीना का एक दौर हो चुका था, सबने मिल कर स्वीटी को पलंग पर गिरा लिया और पागलों की तरह चोदने लगे। जब स्वीटी की चूत फटी तो वह चिल्लाई, बीना बोली- बेटी, लंड का अपमान नहीं करो, उसे आराम से अपनी चूत और गांड में जाने दो, तभी असली में वही मजा आयेगा जो मैं ले चुकी हूँ।

स्वीटी धक्के पर धक्का सहने लगी, वह मस्त होकर नीचे से अपनी चूत उछाल कर लंड अन्दर लेने लगी।

एक घण्टे के बाद स्वीटी की चूत वीर्य से भर गई, वीर्य बाहर रिसने लगा तो बीना ने अपनी बेटी की चूत से सारा वीर्य चाट लिया।

बीना बोली- मेरी एक दिन की खुराक मिल गई। यही है मेरी जवानी का राज ! अगर तुम लोग हमेशा मेरी इसी तरह से चुदाई करते रहोगे तो स्वीटी तुम में से जिस का लंड पसंद करेगी, तो मैं उसी से स्वीटी की शादी करवा दूंगी।

लेकिन एक शर्त है कि शादी के बाद भी तुम सब स्वीटी के साथ मुझे भी अपने लंड का मजा देते रहोगे।

स्वीटी को उमेश का लण्ड पसन्द आया क्योंकि उसके वीर्य से स्वीटी की चूत भर गई थी, वह बोली- मुझे भी वीर्य पीने के फायदे पता चल गए हैं।

उस रात तीन बार चुदाई का दौर चला, बीना और स्वीटी की चूतें और गांड सूज गई थी। बाद में बीना ने अपना वायदा पूरा किया और स्वीटी की शादी उमेश से करा दी। आज उमेश अपने उन सभी दोस्तों के साथ स्वीटी की जमकर चुदाई कर रहा है। स्वीटी एक तरह से सबकी सांझी पत्नी बन कर रह रही है, उसे लण्डों की कोई कमी नहीं रही !

कभी कभी जब बीना की चूत गर्म हो जाती है तो वह इन्हीं लोगों को बुला कर अपनी गर्मी शांत कर लेती है।

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पाठकों की राय

2 टिप्पणियां

सैंडी 1990

1 month ago

सच में बहुत ही हॉट और उत्तेजक कहानी है भाई। मजा आ गया पढ़कर।

संजय सैंडी

2 months ago

कहानी बहुत ही शानदार थी, अंत तो लाजवाब था।

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