इंडियन बीवी की चुदाई

थैंक्स हबी डार्लिंग- 2

लेखक: सनी वर्मा दिनांक: 17-11-2022 पठन समय: 14 मिनट

Hindixxx वाइफ सेक्स कहानी में सुहागरात मनाने के बाद दोनों पति पत्नी को सेक्स में इतना मजा आया कि वे मौक़ा मिलते ही चुदाई करने लगते.

कहानी के पहले भागकुंवारी दुल्हान की सुहागरात की कहानीमें आपने पढ़ा कि अरेंज मैरिज के बाद सुहागरात सेक्स का मजा दुल्हन और दुल्हे ने लिया अपने अपने जीवन का पहला सेक्स करके. सुहागरात मनाने के लिए दोनों होटल गए थे.

अब आगे Hindixxx वाइफ सेक्स कहानी:

सुबह 8 बजे करीब काम्या की आँख खुली.बाहर से उजाला आ रहा था.

दोनों नंगे एक दूसरे से चिपटे पड़े थे.

काम्या विजय को देख कर मुस्कुराई.उसका लंड पूरा तना हुआ था.

काम्या आहिस्ता से उठी और फ्रेश होकर आई.

विजय अभी भी सो रहा था और लंड पूरा मुस्तैद था.

काम्या आहिस्ता से बेड पर चढ़ी और उसने विजय के लंड को बड़े प्यार से मुंह में ले लिया और चाटना शुरू कर दिया.

विजय की आँख खुल गयी.उसने काम्या को अपनी ओर भींच लिया.

काम्या ने उसका लंड अपनी चूत में करना चाहा पर विजय को फ्रेश होने का प्रेशर बना हुआ था.उसने माफ़ी मांगते हुए वाशरूम का रुख किया.

नीचे ब्रेकफास्ट का टाइम हो गया था.दोनों अपने कपड़े पहनकर नीचे नाश्ता करने आये.

नवविवाहित जोड़े को जो भी देखता वो उन्हें शुभकामनाएं देता.

एक जोड़े ने हँसते हुए उन्हें मुबारकबाद दी और विजय को उसकी गर्दन पर बने लाल लाल निशानों को दिखाते हुए एक जोरदार मुस्कान दी.विजय ने झेंपते हुए कहा- ये तो कुछ नहीं है, इसने तो मेरी पूरी पीठ पर हाईवे बना दिए हैं.सब हंस पड़े.

नाश्ता करके जब ऊपर रूम में आये तो विजय ने काम्या को चिपटा लिया.दोनों चुदासे हो रहे थे.

विजय ने अपने और काम्या के कपड़े उतार फेंके.

अबकी बार कुछ नया करने का मन था.

काम्या बोली- चलो शावर लेते हैं, वहीँ कुछ नया ट्राई करेंगे.कहकर काम्या विजय की पीछे पिट्ठू बन कर लटक गयी उसके मम्मे विजय की पीठ पर दबाव बना रहे थे और उसकी गर्म चूत उसकी कमर को जला रही थी.

काम्या ने हँसते हुए विजय का चेहरा पीछे किया और चूमते हुए बोली- चलो बाथरूम में.

विजय ने उसे शावर के नीचे खड़ी कर दिया.गर्म पानी की फुहार के नीचे दोनों चूमाचाटी में लगे थे.

ऊपर से पड़ती गर्म पानी की छीटें उनकी जिस्म की आग को और भड़का रही थी.

काम्या नीचे बैठ गयी और विजय का लंड मुंह में ले लिया.वह बड़े मन से लंड चूस रही थी.

विजय खड़ा खड़ा उसके मम्मे मसल रहा था.

अब विजय ने काम्या को खड़ी होने को कहा और उसे आगे दीवार पर हाथ रख कर झुका कर घोड़ी बनाया और पीछे आकर अपने लंड पर बॉडी लोशन लगा कर उसकी चूत में पेल दिया.

अब उसने धक्के लगाने शुरू किये.काम्या को मजा तो आ रहा था पर उसके हाथ बार बार टाइल से फिसल रहे थे.उसने विजय से नीचे लेटने को कहा.

विजय नीचे लेटा तो काम्या उसके लंड को अपनी चूत में सेट कर के बैठ गयी और लगी उछलने.

अब ऊपर से गर्म फुहार पड़ रही थी नीचे चुदाई हो रही थी.

पर बाथरूम के फर्श पर बेड वाला मजा नहीं आ रहा था.ये बात विजय के मुंह से गलती से निकल गयी.

अब काम्या उठ खड़ी हुई और अपने हाथ में ढेर सारा बॉडी लोशन लगाया और लगी विजय के लंड को जोर जोर से मसलने.विजय तो परेशान हो उठा.

काम्या उसे आज अपने हाथों से खलास करने पर तुली हुई थी. वो कह रही थी की अब तो आ रहा है न मजा.सच में अब विजय को मजा आ भी रहा था.

जल्दी ही विजय ने एक मोटी फुहार छोड़ दी.सारा वीर्य काम्या के चेहरे और मम्मों पर जा पड़ा.

विजय हंसता हुआ खड़ा हुआ और अपना लंड धोने लगा.

काम्या बोली- तुम्हारा तो हो गया. अब मेरा क्या होगा? मेरी चूत में तो आग लगी है.

इसका रास्ता भी काम्या ने ही निकाला.

उसने विजय से कहा- ऊपर खड़े होकर शावर रोड में से फुहार वाला पार्ट खोल दो.

उसके खुलते ही शावर रोड से मोटी धार आने लगी.काम्या ने नीचे लेट कर अपनी टांगें चौड़ा दीं.

अब शावर की मोटी धार सीधे उसकी चूत की फांकों पर पड़ रही थी.कुछ ही पलों में काम्या मचलने लगी.उसे ऐसी फील आ रही थी मानो कोई मोटा लंड उसकी चूत में घुस रहा है.

थोड़ी देर मचलने के बाद काम्या भी हाँफते हुए शांत हो गयी.Hindixxx वाइफ सेक्स का पूरा मजा ले चुकी थी.

वो बदन पौंछ कर बाहर निकले ही थे कि काम्या के पिता का फोन आ गया.

वे बस हाल चाल पूछ रहे थे.

उनसे जल्दी से बात करके चुदाई की थकान से निबटने को दोनों एक दूसरे के आगोश में फिर सो गए.

तीन दिन बाद दोनों हनीमून के लिए कश्मीर निकल गए.

कश्मीर की हसीन वादियों ने उन दोनों ने अपने इश्क को बहुत हसीन अंजाम दिया.

अभी उनकी शादी को मात्र एक हफ्ता ही हुआ था और उन्होंने इससे पहले कभी सेक्स नहीं किया था.पर अब वो दोनों बिना सेक्स के एक पल भी नहीं रह पाते थे.

रूम के हर फर्नीचर पर उन्होंने सेक्स ट्राई किया.बेड तो चलो अलग बात है, चाहे काउच हो या चेयर, रूम हो या पहाड़ों की ओर खुली बालकनी… हर जगह अलग अलग पोज़ में उन्होंने सेक्स किया.

विजय अगर कदकाठी से मजबूत था तो काम्या भी खो खो प्लेयर रही मांसल जिस्म की मालकिन थी.उसका बदन कसा हुआ था और गजब की चुस्ती थी उसमें.

चूँकि उन्होंने तय किया था कि बच्चा अभी नहीं तो कंडोम के जितने भी पैकेट वो साथ लाये थे, वो तो कभी के खत्म हो गए थे.अब उन्हें मार्किट से थोक में और लेने पड़े.

यूज़ड कंडोम को उन्होंने फ्लश करना शुरू कर दिया.

इसका अंजाम भी अगले दिन ही आ गया.टॉयलेट का पाइप चोक हो गया था.कंडोम फंस गए थे किसी वजह से.

होटल के स्वीपर्स ने पाइप लाइन खोलते समय होटल के उस मेहमान को बड़ी गालियाँ दी होंगी, जिसकी वजह से पाइप लाइन चोक हो गयी थी.

विजय काम्या के मम्मों का दीवाना हो गया था.काम्या उसे टोकती- मेरे तो पहले से ही बड़े हैं, तुम उन्हें और बड़ा कर दोगे चूस चूस कर!

काम्या खुद भी मजबूत कदकाठी की थी तो वो भी विजय को थका कर ही मानती.विजय कितनी भी चुदाई कर लेता, काम्या का मन कभी नहीं भरता.वो विजय को दमदार चुदाई के लिए हमेशा उकसाती.

पर काम्या बहुत प्यार करती थी विजय से.ऐसे लिपट कर सोती जैसे कोई छोटी बच्ची हो.

कुल मिला कर दोनों बहुत खुश थे.

हनीमून से आने के बाद पंद्रह दिनों बाद विजय अपनी ड्यूटी पर चला गया.जाने के दिन से पहले रात भर दोनों गले लगकर रोते रहे.पर फौजी की ड्यूटी थी … जाना तो था ही.

जल्दी ही विजय ने अपनी पोस्टिंग ऐसे स्टेशन पर करा ली जहां वो अपनी पत्नी को अपने साथ रख सकता था.

काम्या का अपना काम जो उसने कुछ दिन के लिए छोड़ दिया था, वो फिर से चल पडा.उसका काम तो ऑनलाइन था.

अब उनकी जिन्दगी की रूमानियत और बढ़ गयी.दिन में दोनों अपनी अपनी ड्यूटी निभाते और फिर शाम से देर रात तक एक दूसरे में खोये रहते.

उनका सेक्स रेट औसतन से ज्यादा था.ऐसा जब विजय या काम्या अपने दोस्तों के बीच बैठते तो उन्हें अहसास होता.

काम्या विजय को सेक्स में हर तरह का सुख देती.विजय इधर उधर की किताबें पढ़कर या पोर्न देखकर कभी भी किसी नए अंदाज़ में सेक्स करना चाहता तो काम्या उसका पूरा साथ देती.

आम औरतें पीछे से नहीं करने देतीं अपने पति को, पर काम्या ने कभी मना नहीं किया.हालांकि विजय ने खुद ही पीछे से ज्यादा करने को मना कर दिया.

काम्या के मम्मे ऐसे भारी थे कि वो विजय का लंड अपने मम्मों के बीच दबा कर उसका माल निकाल देती.

काम्या विजय का लंड ऐसे चूसती कि उसे मुंह में ही खलास करना है.

रात को किसी पार्टी में उन्हें जाना होता तो वहां से वापिस आने की जल्दी जितनी विजय को होती, उससे ज्यादा काम्या को होती.वे तो गाडी में ही शुरू हो जाते.बस घर पहुँचने का इंतज़ार तो कपड़े उतारने का होता.

ऐसे ही जिन्दगी अपनी रफ़्तार पर चलती रही.

शादी के एक साल बाद ही काम्या को लगने लगा कि उन्हें अब बच्चा कर लेना चाहिए.काम्या की मां ने कहा कि वे बच्चा कर लें तो पाल तो वो देंगी उसे.

अब तो काम्या और विजय के सेक्स को और पर लग गए.अब तो सेक्स के पीछे एक उद्देश्य भी था.

जल्दी ही काम्या गर्भवती हो गयी और समय आने पर उसे एक सुंदर सी बेटी हुई.

बेटी के होने के बाद काम्या की जिन्दगी ही बदल गयी.अब वह अपना पूरा समय बेटी को देने लगी.

उसकी मां ने बहुत कहा की वो आ जाती हैं उसके पास!पर कर्नल राजवीर सिंह को हृदय की गंभीर बीमारी थी तो काम्या ने मना कर दिया उन्हें आने को.ऐसे ही वक्त निकलता गया.

काम्या और विजय अपनी सेक्स की भूख बेड पर पूरा मिटाते थे.उन दोनों को शादी के इतने दिनों बाद भी बिना भड़कीला सेक्स किये नींद नहीं आती थी.

कपड़े पहन कर तो दोनों कभी सोये ही नहीं.विजय बेड पर कभी भी काम्या को कपड़े पहनने ही नहीं देता था तो अब तो काम्या को भी आदत हो गयी थी.वो बेड पे आते आते अपने कपड़े उतार फेंकती और नंगी ही बेड में घुसती जहां अपना लंड सहलाता विजय उसका इंतज़ार कर रहा होता.

अब उनकी बेटी भी बड़ी हो गयी थी.उसका मन डॉक्टर बनने का था तो काम्या उसकी पढ़ाई के सिलसिले में दिल्ली आ गयी.

उसके माता-पिता की मृत्यु हो चुकी थी, उनका मकान काम्या के नाम ही था.पर हर दूसरे हफ्ते या तो एक दो दिन के लिए विजय काम्या के पास आ जाता या काम्या विजय के पास चली जाती और इन दो दिनों में वो अपनी चुदाई की हसरतें पूरी करते.

कई बार दोनों ही सोचते कि शादी के इतने दिनों बाद भी उनकी सेक्स की चाह इतनी क्यों है, फिर वो उसे भगवान् का प्रसाद मान लेते.

इस बीच विजय की ड्यूटी भी असाम में लग गयी.असल में उसका प्रोफाइल ही आतंकियों से निबटने का था.

अब काम्या और विजय के बीच फोन सेक्स होने लगा.विजय काम्या को इतना उत्तेजित कर देता कि काम्या को अपनी चूत उंगली से शांत करनी पड़ती.

काम्या की बेटी विशाखा डॉक्टर बन गयी.वो आगे की पढ़ाई के लिए विदेश चली गयी.

अब काम्या बिल्कुल अकेली थी.काम्या विजय को दबाव देने लगी कि वो वी आर ऐस लेकर जॉब छोड़ दे.विजय भी कहता कि वो जल्दी ही ऐसा करेगा.

पर नियति को कुछ और मंजूर था.एक दिन अचानक काम्या पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा.

विजय ने आसाम में आतंकियों से लोहा लेते वीरगति पायी थी.

काम्या तो मानो मर सी गयी.वो हर समय रोती रहती.

पर अकेली जान कब तक रोती.काम्या ने अपने दुःख को दफ़न कर जिन्दगी को दोबारा जीने का मन बनाया.

उसने दोबारा बैंकिंग लोन्स के लिए काउंसलिंग शुरू कर दी.उसकी प्रोफाइल इतनी मजबूत थी कि\ उसके पास काम की भीड़ लग गयी.कुछ तो उसके काम की जरूरत थी, कुछ काम्या को शुरू से ही बनने सँवरने का शौक था तो काम्या ने अपने ऊपर दोबारा ध्यान दिया.

कुछ ही दिनों में उसका व्यक्तित्व पहले की भाँती चमक उठा.बहुत ग्रेस था उसके व्यक्तित्व में.

उसे देख कर कोई नहीं कह सकता था कि उसकी उम्र 48 की है और दिन भर मुस्कुराने वाली यह महिला रात भर तकिये में सर देकर रोती है.

काम्या ने अपने को बहुत अच्छा मेन्टेन कर रखा था.काम्या किसी पल भी विजय की यादों से दूर नहीं हो पा रही थी.

अब वो हस्ताक्षर भी काम्या विजय के नाम से करती थी.

काम्या ने एक बहुत अच्छा ऑफिस बना रखा था.ऑफिस में स्टाफ बैठते थे.

काम्या अधिकतर काम ऑनलाइन करती या कोई इम्पोर्टेन्ट क्लाइंट आता तो मीटिंग के लिए ऑफिस आती.

उधर विशाखा की जॉब वहीं के एक बड़े हॉस्पिटल में लग गयी.उसने काम्या को बहुत कहा कि वो भी उसके पास आ जाए.पर काम्या ने साफ़ मना कर दिया.

विशाखा ने थक हार कर काम्या को बता दिया कि वह अपने साथ काम करने वाले एक अंग्रेज डॉक्टर को पसंद करने लगी है और वो दोनों अभी शादी तो नहीं करेंगे. पर साथ रहते हैं.

काम्या ने इसे नियति मान लिया और अपनी स्वीकृति दे दी.

काम्या ने अपने को फिट रखने के लिए मोर्निंग वाक और योग को कभी नहीं छोड़ा था.पैसे की कोई कमी थी नहीं.

योग, एक्सरसाइज और बैलेंस्ड डाइट की वजह से काम्या को बढती उम्र कहीं छू भी नहीं गयी थी.उसकी त्वचा का कसाव और चमक आज भी उसकी सहेलियों के लिए उत्सुकता का विषय थीं.

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