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चुदाई की कहानी पठन समय: 13 मिनट पढ़ा गया: 476 बार

मेरी हॉट चुत को मेरे यार ने दोबारा चोदा

नेहा पाण्डेय

09 Nov 2018 को प्रकाशित

मेरी हॉट चुत को मेरे यार ने दोबारा चोदा
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मेरी हॉट चुत की चुदाई की पहली कहानीप्यार का कामुकता भरा अहसासको सराहना देने के लिये आप सभी का शुक्रिया। मैं सबको रिप्लाई तो नहीं कर सकती पर जिन पाठकों ने मेरी कहानी की सच्चाई के बारे में पूछा है उन्हें बताना चाहती हूँ कि ये मेरी जिन्दगी की बीती हुई घटनाएं हैं जिनको मैं बस शब्दों में बयाँ कर रही हूँ।

अब कहानी पर आती हूँ।

अगले दिन मुझसे सही से चला नहीं जा रहा था, इस वजह से मैंने आफिस से छुट्टी ले ली और घर पर आराम करने लगी।

थोड़ी देर में अनु का फ़ोन आया वो मुझसे मिलना चाहता था तो मैंने उसे अपने फ्लैट पर बुला लिया और सारे काम निपटा कर नहाने चली गयी।सबसे पहले मैंने अपनी हॉट चुत को गर्म पानी से साफ किया जो अब ठीक हो गयी थी। मैंने नहा कर एक नाइटी पहन ली जो मेरी जांघों तक ही थी और कन्धों पर पतली सी पट्टी थी। इसमें से मेरी नंगी चुची आधी दिख रही थी।

अनु आ गया और मुझे देख कर अपनी बांहों में भर लिया, इस बार मैंने भी उसे अपने से चिपका लिया और उसे अपने गर्म जिस्म का अहसास कराया।मैंने नाईटी के अन्दर ब्रा और पैंटी नहीं पहनी थी तो मेरी चुची अनु को महसूस हो रही थी। मैंने अनु को बैठने को बोला और उसके लिये चाय बनाने चली गयी।

अनु सोफे पर बैठ कर मेरा इन्तजार कर रहा था, मैं चाय के साथ कुछ खाने को लेकर आयी और अनु के सामने झुक कर टेबल पर रखने लगी। अनु मेरे नाईटी के अन्दर मेरी चुची को देखने लगा जो मुझे अच्छा लग रहा था तो मैं कुछ देर तक जानबूझ कर उसे अपनी नंगी चुची दिखाती रही!

अब मैं अनु के सामने सोफे पर बैठने के लिये सोफे पर पड़ा सामान हटाने के लिये झुकी तो अनु को पीछे से मेरी चिकनी गांड और जांघों के बीच छिपी हुई चूत दिखने लगी जिससे अनु का लंड खड़ा होने लगा।मैं सोफे पर बैठ कर अनु से बात करने लगी, उस वक्त अनु अपने लंड को सहला रहा था जो मैं मुस्कुराती हुई देख रही थी।

फिर अनु ने मुझे एक गिफ्ट दिया.मैंने पूछा- ये किसलिए?तो उसने बताया कि उसका प्रमोशन हो गया है ऑफ़िस में… इसके लिये!

मैं बहुत खुश हुई और मैंने गिफ्ट खोल कर देखा तो उसमें आई फ़ोन 7 था, जिसे देख कर मैं बहुत ज्यादा खुश हुई और उछल कर अनु को गले से लगा लिया।

अब अनु ने मेरे पुराने फोन से सिम निकाल कर आई फोन में डाला और मुझे फ़ोन के फीचर दिखाने लगा और मैं उसकी गोद में बैठ गयी जिससे उसका लंड मेरी गांड में महसूस होने लगा। अनु ने मुझे पीछे से पकड़ रखा था और उसका हाथ मेरे नाइटी के अन्दर मेरे पेट को सहला रहा था। मैं बस फोन को देख रही थी और उसकी हरकत का मजा ले रही थी।

धीरे धीरे अनु अपने हाथ से मेरे निप्पल को सहलाने लगा और पीछे से मेरे एक चुची को दबाने लगा। इससे मैं उत्तेजित हो गयी और मेरी चूत से पानी निकलने लगी जो अनु के लंड को गीला करने लगी।अब अनु ने अपने दोनों हाथ से मेरी चुची को पकड़ लिया और सहलाने लगा फिर दबाने लगा। मुझे बहुत अच्छा लग रहा था पर मैंने अनु से कुछ नहीं कहा और बस फ़ोन को देखती रही।इस बीच अनु ने मेरी नाईटी के स्ट्रिप को कंधे से नीचे उतार दिया और मेरी पीठ पर चुम्बन करते हुए मुझे फ़ोन के बारे में बता रहा था।

अब उसका लंड ज्यादा टाइट हो गया था जिससे मुझे थोड़ा अनकम्फर्ट लगा और मैं कमर हिला कर उसे ऐडजस्ट करने लगी।अब उसका लंड पैंट के ऊपर से ही मेरी गरम चूत की फांकों में फंस गया जिससे मेरी आँखें बंद हो गयी और मैं पलट कर अनु को किस करने लगी उसके जीभ को चूसने लगी। अनु ने अपने एक हाथ से मेरी चुची को दबाना जारी रखा और दूसरे हाथ से मेरी जांघों को सहलाने लगा, बीच बीच में वो हल्का हल्का मेरी चूत को रगड़ देता जो मुझे और मजा दे रहा था, मेरी चुत हॉट हो रही थी.

अब मैं समझ गयी कि मैं दुबारा चुदने वाली हूँ जिसके लिये मैं भी तड़प रही थी।

अनु ने मेरी नाइटी को नीचे कर दिया और मेरा निप्पल चूसने लगा. मैं निप्पल चुसवाती हुई अनु को सहला रही थी और उसके टीशर्ट को ऊपर उठाने लगी जिसे मैंने खींच कर निकाल दिया। अब मैं और अनु दोनों ऊपर से बिल्कुल नंगे थे।

मैं अनु की गोद में बैठ कर उसे अपना निप्पल चुसवा रही थी। मैंने आँखें बंद कर ली थी और अनु मेरे निप्पल के साथ साथ पूरा जिस्म चाट रहा था। मैं यह बर्दाश्त नहीं कर पायी और झड़ गयी जिससे अनु की पैंट गीली हो गई लंड पर से।अनु मुझसे बोला- यार, तुमने मेरी पैन्ट गीली कर दी।

मैंने अनु के पैंट के साथ साथ उसकी चड्डी भी निकाल दी। अब अनु मेरे सामने नंगा सोफे पर बैठा हुआ था, उसके लंड में चमक थी।अनु ने मेरी बची हुई नाईटी निकाल दी, अब मैं बिल्कुल नंगी अनु के सामने खड़ी थी, अनु मेरे जिस्म को सहला रहा था और मैं उसके लंड को।

अब अनु झुक कर मेरी चूत को सूंघने लगा जिससे उसकी गर्म सांसें मेरी चूत को और मजा देने लगी। मैंने अपनी एक टांग सोफे पर रख दी और उससे अपनी हॉट चुत चटवाने लगी।

लेकिन तभी अनु को उसके पापा का फ़ोन आ गया तो वो फ़ोन पर बात करने लगा।

इस बीच मैं सोफे पर लेट गयी और अनु का लंड चाटने लगी। उसके लंड पर लगा प्रीकम मुझे बहुत अच्छा लग रहा था तो मैंने उसके लंड को मुँह में लेकर चूसना शुरु कर दिया। अनु मेरे सिर को पकड़ कर अपने लंड से मेरे मुँह को चोदने लगा। मुझे अच्छा लग रहा था और मैं अपना मुँह चुदवा रही थी।

अब अनु ने फ़ोन रख दिया और मेरे मुँह को चूत समझ कर मेरे गले तक अपना लंड घुसा देता फिर थोड़ी देर मेरे गले को चोद कर निकाल देता। अनु ने 15 मिनट तक मेरे मुँह को चोद चोद कर अपना प्रीकम पिलाया। उसके बाद अनु ने मुझे उठा दिया और सोफे पर लिटा कर मेरी हॉट चूत को सूंघने लगा। फिर अपनी दो उंगलियाँ मेरी चूत में डाल कर जीभ से मेरी भगनासा को चाटने लगा।मैं अनु से बोली- अब मत तड़पाओ!तो अनु बोला- आज मैं कुछ नहीं करूंगा।

इससे मुझे अच्छा नहीं लगा और मैं उठ कर जाने लगी तो अनु ने मेरा हाथ पकड़ लिया और मुझे अपने ऊपर खींच लिया। मेरी दोनों टांगें फैला कर अपनी गोद में बिठाया जिससे उसका खड़ा लंड सीधा मेरी चूत के अन्दर चला गया और मैं चिल्ला दी।उसने तुरन्त मुझे अपनी बांहों में जकड़ कर मेरे मुँह में अपना मुंह डाल दिया। मेरी चूत आज दुबारा फट गयी थी, मेरी चूत से खून निकलने लगा।

मैं उसके लंड पर बैठी रही और उसके बालों को नोचने लगी कि वो मुझे छोड़ दे पर उसने नहीं छोड़ा और मुझसे पूछने लगा- यार तुझे आज भी दर्द हो रहा है?मैं- हाँ यार, दर्द हो रहा है, निकाल लो प्लीज।अनु- मैं तो नीचे हूँ तुम ऊपर हो, खुद उठ जाओ।

तो मैं थोड़ा सा ऊपर हुई फिर अनु ने मेरी कमर में अपनी बांहें कस ली जिससे उसका बचा हुआ लंड भी मेरी गर्म चुत के अन्दर घुस गया और मैं दुबारा दर्द से तड़प उठी।अब अनु मेरे निप्पल को चूसने लगा और मेरी कमर को सहलाने लगा, इससे मैं थोड़ा नॉर्मल हुई, मुझे अच्छा लगने लगा और मैं चूत में यार के लंड का मजा फील करने लगी।मैंने अनु को चूमना शुरू कर दिया और अपनी कमर को हिलाने लगी।

अनु बोला- आज मैं तुमको नहीं चोदूँगा, तुम खुद चुदोगी।और मुझसे पूछा- क्या तुम चुदना चाहती हो?मैंने उसके होंठों को चूसते हुए कहा- हाँ, बहुत तेज तेज चुदना चाहती हूँ।

तो अनु ने मुझे सिखाया और कहा- अपनी कमर पीछे ले जा कर झटके दो।मैंने वैसा ही किया और कमर को आगे पीछे करके चुदवाने लगी। मैं अनु के कन्धों को पकड़ कर जोर जोर से झटके मारने लगी और उसके होंठों को काटने लगी।

इस बीच मैं जोर से झड़ने लगी और अनु ने मेरे निप्पल को दबा दबा कर मेरी चूत का पूरा रस अपने लंड पर ले लिया। अब मैं उसके ऊपर निढाल होकर गिर गई और सुस्ताने लगी।

अनु ने मेरी गांड के छेद को अपनी एक उंगली से रगड़ना शुरू कर दिया जो मुझे दुबारा उत्तेजित करने लगा, मैं फिर से अपनी कमर हिलाने लगी और गांड रगड़वाते हुए चुदने लगी।

अब अनु ने मुझे थोड़ा ऊपर उठा दिया और नीचे से ओप्पर को चूतड़ उछाल उछाल कर मेरी चूत में लंड मारने लगा। उसका यह स्टाइल और उसका लंड मुझे इतना मजा दे रहा था कि मैं बता नहीं सकती।

फिर कुछ देर बाद उसने मुझे सोफे पर लिटा दिया और मेरे ऊपर लेट कर अपने लंड से मेरी चूत फाड़ने लगा। इस बीच मैं दुबारा झड़ गयी और इससे कमरे में फच फच की अवाज गूँजने लगी।

अब अनु भी झड़ने के करीब आ गया तो वह तेज तेज झटके मारने लगा।उसने मुझे पूछा- नेहा डार्लिंग, कहाँ लोगी मेरा माल?तो मैंने उसे बोला- अपना लंड मेरे मुँह में डाल दो।

अनु उठ गया और मैंने उसके लंड को अपनी नाइटी से पौंछा और फिर चू सने लगी उसके लंड को जिससे उसका लंड फूलने लगा और मेरे मुँह को अपने वीर्य से भरने लगा।मुझे उसका टेस्ट बहुत अच्छा लग रहा था तो मैं अनु के वीर्य को पीने लगी और फिर उसका लंड चाट कर साफ कर दिया।

अब अनु सोफे पर मेरे साथ नंगा बैठ गया और हम दोनों एक दूसरे को देखने लगे।अनु मुझसे पूछने लगा- नेहा मजा आया?मैं बोली- बहुत ज्यादा।अनु- हमेशा चुदोगी मुझसे?मैं- कैसे?अनु- मुझसे शादी करोगी?

मैं चुप रही, सोचने लगी कि क्या बोलूं?तो मैंने अनु से कहा- अभी नहीं! फिर कभी इस बारे में सोचेंगे. अभी मैं बस तुम्हारे साथ लाइफ को एन्जॉय करना चाहती हूँ।अनु ने कहा- ठीक है नेहा।और मुझे अपने गोद में बिठा कर किस करने लगा।

फिर थोड़ी देर बाद अनुराग चला गया और मैं नंगी ही सो गयी।

जब मेरी नींद खुली तो देखा कि मेरा फोन बज रहा है. मेरे ऑफ़िस से फ़ोन आया जो मेरे बॉस का था, उसने बताया कि उसने अपने बेटे की बर्थडे पार्टी रखी है और मुझे आना है।मैंने हाँ कहा और मैं पार्टी में जाने के लिए तैयार होने लगी और मैंने एक मॉडर्न ड्रेस पहन ली पार्टी के लिये जिसमें से मेरी आधी चुची नंगी दिख रही थी और मेरी नंगी बांहें उस पर चार चाँद लगा रही थी।

मुझे इस तरह देख कर मेरे ऑफ़िस के सभी लड़कों के मुँह में पानी आ गया और सब अपना लंड रगड़ने लगे।फिर मैं बॉस के पास गयी उनको बधाई दी तो उसने मुझे अपनी बांहों में भर लिया और गले से लगा कर मेरे नितम्बों को हल्का सा दबा दिया।मैं थोड़ी अचकचा सी गई कि बॉस मेरे साथ ये क्या कर रहे हैं लेकिन मुझे बुरा नहीं लगा, मैं उनसे बात करने लगी.

तभी अनुराग का कॉल आ गया और मैंने उससे 2 मिनट बात की तो बॉस ने देखा कि मैं आई फ़ोन 7 यूज़ कर रही हूँ।इससे उन्होंने नए फोन की पार्टी मांग ली.मैं मना नहीं कर पायी और अगले दिन उनको अपने फ्लैट पर पार्टी के लिये आने को बोल दिया।

अगले दिन बॉस ने मुझसे पार्टी में क्या ले लिया ये अगली हॉट कहानी में बताऊंगी।पहले आप बताएं कि आपको मेरी हॉट चुत की दूसरी चुदाई में मजा आया या नहीं!support@mohakkisse.com

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पाठकों की राय

2 टिप्पणियां

धीरेन्द्र राठौर

2 weeks ago

कहानियों का ये संग्रह बहुत ही अच्छा है। आपका फैन हो गया हूँ।

राहुल मोदी

3 weeks ago

अगला भाग जल्दी से अपलोड कर दो भाई, अब और इंतज़ार नहीं होता।

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