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पड़ोसी • पठन समय: 7 मिनट • पढ़ा गया: 465 बार

पड़ोस में आई जवान लड़की की गांड चुदाई

स्वपनिल अवस्थी

08 Sep 2013 को प्रकाशित

पड़ोस में आई जवान लड़की की गांड चुदाई
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हॉट गर्ल ऐस्स सेक्स कहानी में एक दिन मैं सोकर उठा और घर की बालकोनी में आया तो मैं अपना लंड खुजा रहा था. तभी सामने वाले घर की बालकोनी में एक नई लड़की दिखी.

नमस्ते दोस्तो! मेरा नाम कुल्लू (कौशिक शुक्ला) है और मूल रूप से मैं कानपुर का रहने वाला हूँ।कानपुर में मैं एक छोटी-मोटी नौकरी करता था लेकिन बेहतर भविष्य और अधिक रोजगार की तलाश में मुझे गुरुग्राम (गुड़गांव) शिफ्ट होना पड़ा।

सच कहूँ तो, इसी शहर ने मेरे जीवन के “सेक्स के सफर” की शुरुआत हॉट गर्ल ऐस्स सेक्स कहानी से की।

गुरुग्राम के एक नामी बी.पी.ओ. (BPO) में मेरी नौकरी लग गई थी।मैंने वहीं पास में एक फ्लैट किराये पर ले लिया।

जिस फ्लोर पर मैं रहता था, उसी माले पर सामने वाले फ्लैट में एक छोटा सा परिवार रहता था— एक शादीशुदा जोड़ा, जिनका कोई बच्चा नहीं था।चूंकि मेरी नाइट शिफ्ट की ड्यूटी थी इसलिए मैं अक्सर पूरा दिन घर पर ही रहता था।

एक दिन की बात है, मैं अपनी बालकनी में खड़ा होकर ताजी हवा ले रहा था।गर्मी और पसीने की वजह से मैं अपने पजामे के ऊपर से ही अपने लंड पर खुजली कर रहा था।

तभी मेरी नजर सामने वाली बालकनी पर पड़ी।वहाँ एक बेहद खूबसूरत लड़की खड़ी होकर फोन पर बात कर रही थी।

जब उसने मुझे अपने प्राइवेट पार्ट को सहलाते हुए देखा, तो वह शर्माने के बजाय धीमे से हंस दी!

वह कोई और नहीं, बल्कि उस पड़ोसी कपल की ननद “अनु” थी, जो कुछ दिनों के लिए अपने भाई के घर आई थी।अनु का रंग दूध जैसा गोरा था, उसकी कमर पतली (लगभग 28 इंच) थी और उसके उभरे हुए चूचे (32B) किसी को भी पागल करने के लिए काफी थे।

जब उसने फोन रखा, तो हमारी बातचीत शुरू हुई।

“क्या नाम है आपका?” मैंने मुस्कुराते हुए पूछा।“मेरा नाम अनु है!” उसने अपनी नशीली आँखों से देखते हुए जवाब प्रिया।

हमने थोड़ी देर और बात की और फिर नंबरों का आदान-प्रदान हुआ।

चैटिंग का सिलसिला शुरू हुआ तो पता चला कि अनु की जल्द ही शादी होने वाली है।

मैंने मौके का फायदा उठाया और उसे उसी दिन अपने फ्लैट पर आने का न्योता दे प्रिया।

थोड़ी आना-कानी और नखरों के बाद वह आखिरकार मान गई।उसने मैसेज किया, “जब मेरी भाभी जॉब पर चली जाएंगी, तब मैं तुमसे मिलने आऊंगी!”

अगले दिन सुबह के करीब 9:30 बज रहे थे, तभी मेरे फ्लैट की डोरबेल बजी।मैंने दरवाजा खोला तो सामने अनु खड़ी थी।

वह अंदर आई और बोली, “भाभी ऑफिस चली गई हैं, इसलिए मैं आ गई!”मैंने बिना एक पल गंवाए उसे अंदर खींच लिया और कसकर बाहों में भर लिया।

मैं पागलों की तरह उसके होंठों को चूमने लगा।मेरा एक हाथ उसके लोअर के अंदर घुस गया और मेरी बीच वाली उंगली सीधे उसकी गरम और गीली चूत के दानों को सहलाने लगी।

“छोड़ो मुझे कुल्लू! यह क्या कर रहे हो!” उसने शुरू में छुड़ाने की कोशिश की।

लेकिन मेरा जोश और उसकी बढ़ती सांसें बता रही थीं कि उसे भी मजा आ रहा है।

कुछ ही मिनटों के हल्के विरोध के बाद अनु ने पूरी तरह समर्पण कर प्रिया।

जब 5 मिनट बाद मैंने उसे अपनी बाहों से आजाद किया, तो वह बनावटी गुस्से में मुझे गालियां देने लगी।

“इतनी जल्दी क्या है? कहीं भाग थोड़ी रही हूँ!” उसने अपनी शर्ट ठीक करते हुए कहा, “यहाँ चुदने ही तो आई हूँ, आराम से चोदो न!”

उसकी यह बात सुनकर मेरा लंड पत्थर जैसा सख्त हो गया।मैंने तुरंत अपने सारे कपड़े उतार फेंके और उसे भी साथ नहाने को कहा।

अनु भी अब पूरी तरह मूड में थी।उसने अपने सारे कपड़े उतार दिए और नंगी होकर बाथरूम में आ गई।

फुहारे के नीचे खड़े होकर मैंने उसके बदन पर साबुन मला और अपनी उंगलियां उसकी चूत में डालकर जोर-जोर से हिलाने लगा।अनु की कमर ऊपर की ओर उचकने लगी और कुछ ही देर में वह झड़ गई।

जब उसकी बारी आई, तो मैंने अपना लंड उसके मुँह के पास किया.पर उसने मना कर प्रिया, “नहीं! मैं मुँह में नहीं लूंगी!”

लेकिन उसने अपने कोमल हाथों से मेरे लंड को पकड़कर इतनी जोर से हिलाया कि मेरा भी सारा पानी बाथरूम के फर्श पर बह गया।नहाने के बाद हम दोनों तौलिया लपेटकर बिस्तर पर आ गए।

तभी मेरे दिमाग में एक शरारत सूझी।मैंने सोचा कि आज इसकी गांड की सील तोड़नी है।

“अनु, जरा घोड़ी बनो तो!” मैंने उसे आदेश प्रिया।मैं उसकी चूत में उंगली कर रहा था और अचानक मैंने अपनी एक उंगली उसकी टाइट गांड के छेद में घुसा दी।

वह दर्द के मारे उछल पड़ी।“नहीं कुल्लू! गांड की चुदाई मत करो, बहुत दर्द होगा!” वह चिल्लाई।

पर मैंने उसे कसकर दबोच लिया था।जब तक अनु कुछ और कह पाती, मैंने अपने लंड का सुपारी जैसा टोपा उसकी तंग गांड के छेद पर सेट कर प्रिया।मैंने एक जोरदार धक्का मारा और मेरा आधा लंड उसकी गांड के अंदर सरक गया।

अनु की आँखों से आंसू निकल आए पर हवस मुझ पर सवार थी।मैंने बिना रुके अपना पूरा 6 इंच का लंड उसकी गांड की गहराई में उतार प्रिया!

वहदर्द भरी चुदाईसे रोती रही, चिल्लाती रही, पर मैं उसे बेदर्दी से चोदता रहा।

थोड़े समय के बाद हॉट गर्ल ऐस्स सेक्स का दर्द कम हुआ और वह भी गांड मटका कर मेरा साथ देने लगी।वह दो बार झड़ चुकी थी।

अब मेरी बारी थी।मैंने अपनी रफ्तार बढ़ा दी और तेज झटके मारने शुरू किए।मेरा पूरा शरीर अकड़ गया और मैंने अपना सारा गर्म माल उसकी गांड के अंदर ही छोड़ प्रिया।

तभी अचानक अनु का फोन बज उठा।वह उसकी भाभी का फोन था।

“अनु! मैं घर के कुछ जरूरी कागज भूल गई हूँ, जल्दी से उनकी फोटो खींचकर भेज दो!” भाभी ने दूसरी तरफ से कहा।हमारी मस्ती वहीं रुक गई।

अनु ने जल्दी-जल्दी अपने कपड़े पहने और अपने फ्लैट की ओर भाग गई।

गांड की वह पहली चुदाई का अनुभव आज भी मुझे रोमांचित कर देता है।आपको मेरी लघु कथा कैसी लगी?हॉट गर्ल ऐस्स सेक्स कहानी पर अपने विचार मुझे मेल और कमेंट्स में बताएंsupport@mohakkisse.com

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पाठकों की राय

3 टिप्पणियां
म

मुन्ना राज

3 months ago

बहुत ही गजब का लिखा है लेखक भाई। आपका लिखने का स्टाइल बहुत बढ़िया है।

म

मिस्टर सिंह

3 months ago

कहानी बहुत ही शानदार थी, अंत तो लाजवाब था।

ज

जॉन ऑनलाइन

3 months ago

कहानियों का ये संग्रह बहुत ही अच्छा है। आपका फैन हो गया हूँ।

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