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Office Sex पठन समय: 16 मिनट पढ़ा गया: 812 बार

ऑफिस की लड़की को उसके फ्लैट में चोदा

विकास मिश्र

09 Oct 2018 को प्रकाशित

ऑफिस की लड़की को उसके फ्लैट में चोदा
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हॉट गर्ल जूनियर सेक्स कहानी में मेरे ऑफिस में एक नई लड़की आई. वह मुझे बहुत सेक्सी और गर्म लगती थी क्योंकि वह अक्सर मेरे पास घूमती रहती थी.

फ्रेंड्स, मैं राहुल मिश्रा आपके सामने अपनी वह सेक्स कहानी लेकर हाजिर हूँ जिसमें मैंने अपने ऑफिस की जूनियर कर्मी को उसके फ्लैट में जाकर चोदा था.

मेरे ऑफिस में एक दीक्षा नाम की लड़की ने जॉइन किया था.वह मेरी जूनियर थी; नयी नयी कॉलेज से पास आउट थी.

क्योंकि वह लड़की थी इसलिए उसे मेरे डिपार्टमेंट की लैबोरेट्री का काम प्रिया गया.वह थी तो छोटे कद की, पर उसकी बॉडी किसी पॉर्न एक्ट्रेस वाली थी.

सामान्यतया वह मुझे सर कह कर ही बात करती थी.जबकि मैं बस उससे एक साल ही सीनियर था.

उसकी आंखों से साफ लगता था कि उसमें सेक्स पावर काफ़ी ज्यादा है.

यह हॉट गर्ल जूनियर सेक्स कहानी इसी दीक्षा की है.

एक दिन मैंने उसे नोटिस कि वह ऑफिस में डार्क कलर का सूट पहन कर आई है और उसने अन्दर ब्रा नहीं पहनी है.मैंने उसके निप्पल ऊपर से ही देख लिए.लेकिन वह बिल्कुल भी शर्मा नहीं रही थी और बड़ी कॉन्फिडेंट भी थी.

हालांकि मैंने उसे कुछ नहीं कहा, पर उसकी आंखों ने मेरी वासना को पढ़ लिया था और वह सारे समय मस्त हिरनी सी फुदक फुदक कर अपनी चूचियों की आग से मेरे लौड़े को झुलसाती रही.

अब यह उसका रोज का काम हो गया था.

मैंने उससे कुछ भी नहीं कहा था, बस उसकी जवानी को देख देख कर अपने लौड़े को सहला लेता था.

ऐसे ही 6 महीने गुजर गए.

मैं ज्यादातर उसके बूब्स ही देखा करता था. उसके बूब्स 32 साइज़ के थे.मुझे लगता था कि वह मुझे कभी भी अपने दूध निहारते हुए नहीं पकड़ पाई है.

एक बार की बात है, मेरी सुबह की शिफ्ट थी, मतलब सुबह 6 से दोपहर 2 बजे तक.दीक्षा जनरल शिफ्ट में आती थी.

उसका सुबह 9 से 1 और फिर 3 से 6 बजे तक का ऑफिस रहता था.

उस दिन मुझे लैब में कुछ काम था तो मैं लैब की चाभी ढूंढने लगा लेकिन मुझे चाभी नहीं मिली.तो मुझे लगा लैब खुली होगी.

जब मैंने नीचे जाकर देखा, तो लैब खुली थी और अन्दर दीक्षा किसी से फोन पर बात कर रही थी.

मैं अन्दर गया तो दीक्षा ने फोन पर बोला कि वह बाद में बात करेगी.

दीक्षा- अरे सर … आप?मैं- हां कुछ काम था मुझे!

दीक्षा- बताइए न सर?मैं- लंच करने नहीं गयी तुम?दीक्षा- आज भूख नहीं लगी.‘ओके.’

फिर मैंने दीक्षा से कुछ सामान मांगा तो वह सामान लेकर मेरे पास आ गयी.

दीक्षा मेरे बहुत करीब आ गयी.मैं कुछ समझ नहीं पाया कि अचानक से ये क्या हो रहा है.

अपने हाथ वह मेरे हाथ से टच करने लगी.वह मेरे इतने करीब थी कि मैं उसके बालों की खुशबू को महसूस कर पा रहा था.

दीक्षा बस मेरे पास खड़ी थी.

जब मुझसे कंट्रोल नहीं हुआ तो मैं उसके बूब्स दबाने लगा.

दो सेकंड तो दीक्षा भी कुछ नहीं बोली.पर तभी उसने मुझे धक्का देकर पीछे हटा प्रिया.

मैंने देखा कि लैब में झाड़ू पौंछा वाला आया हुआ था और वह रूम क्लीन कर रहा था.वह कुछ भी देख नहीं पाया था.

फिर 5 मिनट तक मैं और दीक्षा वहीं खड़े रहे थे और पौंछे वाले का जाने का इंतजार कर रहे थे लेकिन उसे तो टाइम लगने वाला था.

फिर दीक्षा लैब से बाहर जाने लगी और पीछे मुड़कर मुझे देख कर मुस्कुराई.

उस हॉट गर्ल की मुस्कुराहट से मेरी धड़कन तेज हो गयी.बहुत गजब का फिगर था उसका!

मैं उसके पीछे पीछे गया.और वह लेडीज बाथरूम में चली गयी.मैं भी बाथरूम में अन्दर गया.

दीक्षा वॉशबेसिन के सामने खड़ी थी.

मैंने पीछे से उसे पकड़ा और उसकी गर्दन पर किस करने लगा.दीक्षा भी मुझे किस करने लगी.

मैंने उसे दरवाजे पर सटा प्रिया और उसके होंठ और गले को चाटने लगा.दीक्षा- आआहह.

मैं उसके बूब्स शर्ट के ऊपर से ही मसलने लगा.

दीक्षा ने अपनी शर्ट के बटन खोल दिए.

उसने लाल ब्रा पहनी थी.मैंने उसकी ब्रा नीचे खिसकाई और उसके दूध दबाने लगा.

दीक्षा- आहह.

उसके दूध काफ़ी बड़े और मुलायम थे.मैं कस कसके उसके दूध दबा रहा था और उसके होंठों को भी पी रहा था.

दीक्षा भी पूरी मदहोश थी और किस कर रही थी.

फिर मैंने उसकी पैंट का बटन खोला और उसकी पैंट नीचे कर दी.अब मैंने दीक्षा की पैंटी में हाथ डाल प्रिया.

दीक्षा बस चूमाचाटी में बिज़ी थी.

मैंने दो उंगलियां उसकी चूत में डाल दीं. उसकी चूत बहुत गीली थी. मैंने धीरे धीरे उसकी चूत में फिंगरिंग शुरू कर दी.दीक्षा- आआहह … आहह … सर!

मैंने फिंगरिंग और तेज कर दी.दीक्षा- आअहह … आहह सर!

मैं उसे दीवार से सटा कर चूमाचाटी कर रहा था और उसकी चूत में फिंगरिंग चालू थी.दीक्षा- उम्म्म्म आआहह … सर.

हम दोनों खूब कस कसके किस कर रहे थे और मैं दीक्षा की चूत में फिंगरिंग का मजा ले रहा था.उसकी चूत का दाना बेहद मस्त था.

दीक्षा के निप्पल बहुत टाइट हो गए थे और दूध भी टाइट थे.उसकी सांसें तेज हो गयी थीं.और तभी उसका रज निकल गया.दीक्षा शांत हो गयी.

फिर उसने कपड़े सही किए और चली गयी.उसके बाद से मैंने और दीक्षा ने खूब फोन सेक्स किया.

फिर एक दिन दीक्षा ने बताया कि उसकी फ्लैटमेट घर जा रही है और 10 दिन बाद आएगी.मैं- क्या इरादा है तुम्हारा?दीक्षा- इरादा तो पता लगा ही चुके है आप!

मैं- तो आज आऊं तुम्हारे रूम पर?दीक्षा- रात 11 बजे के बाद आना वर्ना कोई देख लेगा तो प्राब्लम हो जाएगी.मैं- तुम दरवाजा खुला रखना, मैं सीधे अन्दर आ जाऊंगा.दीक्षा- ओके, आप आने से पहले एक घंटी मार देना.

मैं रात सवा ग्यारह पर दीक्षा के रूम में चला गया.वह बहुत साफ सफाई से रहती थी.

दीक्षा- अरे आ गए आप … बैठिए … पानी लेंगे!उसकी औपचारिकता देख कर मेरे होंठों पर मुस्कुराहट आ गई.

मैं तो बस दीक्षा को देखता ही रह गया.उसने काले रंग की साड़ी पहनी थी और बैकलैस ब्लाउज.खुले बालों में वह एकदम कयामत लग रही थी.

दीक्षा किचन से मेरे लिए पानी ले आई और झुक कर देने लगी.

मैंने पानी लिया और दीक्षा के बूब्स की तरफ देखकर कहा- आज पानी से प्यास नहीं बुझेगी!दीक्षा- तो कैसे बुझेगी?इतना कह कर वह खाली गिलास किचन में रखने के लिए चली गयी.

मैं तो बस उसकी बॅक ही देखता रह गया.बहुत गोरी थी वह … और ब्लैक साड़ी और खूबसूरत बना रही थी उसे.

मैं किचन में गया और पीछे से उसे पकड़ लिया.

दीक्षा- अरे!मैं- बहुत खूबसूरत हो तुम दीक्षा.दीक्षा- अच्छा …

वह सिंक में गिलास साफ कर रही थी और मैं उसे पीछे से पकड़े हुए था लेकिन उसे कोई फर्क नहीं पड़ रहा था.

मैंने दीक्षा की पीठ पर किस कर ली.

दीक्षा- काम नहीं करने देंगे मुझे आप?वह मेरी तरफ मुड़ी.

मैंने दीक्षा को कमर से पकड़ कर अपनी तरफ कर लिया.

दीक्षा थोड़ी सी घबरा गयी और उसके मुँह से बस ‘अरे …’ निकल पाया.उसी वक्त मैंने दीक्षा के होंठों को किस कर लिया.

‘ये करूंगा आज!’दीक्षा- अच्छा, इतनी अच्छी लगती हूँ क्या मैं आपको?

मैंने दीक्षा को उठा कर किचन की स्लैब पर बैठा प्रिया और उसे किस करने लगा.दीक्षा भी मुझे किस कर रही थी.

मैं दीक्षा के चेहरे को हाथ में लेकर भरपूर किस कर रहा था; मैं उसके होंठों को पागलों की तरह चूस रहा था.मैंने उसके होंठों को, चेहरे को और गले को भी किस किया.

इस तरह करीब 10 मिनट तक मैंने दीक्षा को चूसा और उसके ब्लाउज का हुक खोलकर ब्लाउज को उतार प्रिया.अब दीक्षा सिर्फ़ ब्लैक ब्रा में थी.

दीक्षा- आहह … पागल कर देते हैं आप तो!मैं- अभी तो और पागल होगी तुम.!

यह कह कर मैंने दीक्षा को गोद में उठा लिया और उसके रूम में जाने लगा.दीक्षा सिर्फ़ मेरी आंखों में देख रही थी.

मैंने दीक्षा को बेड पर गिरा प्रिया और उसके ऊपर आ गया.दीक्षा ऊपर से सिर्फ़ ब्लैक ब्रा में थी और आधी साड़ी में.

मैं- आज तुम्हारे दोनों दूध पियूंगा.दीक्षा- कुछ आता ही नहीं हैं इसमें!

मैं- कितनी सेक्सी लग रही हो तुम!दीक्षा- अच्छा!मैं- हां!

दीक्षा- असली चीज़ देखी कहां है आपने?मैं- तो दिखाओ फिर!

दीक्षा- ब्रा उतारो तब दिखेगी.मैं- ऐसे नहीं, रिक्वेस्ट करो पहले!

दीक्षा- सर, प्लीज मेरी ब्रा उतारिए ना. आज आपको कुछ दिखाना और पिलाना है.

मैंने दीक्षा की ब्रा उतार दी. उसके दूध 32 इंच के थे. खूब सॉफ्ट और वाइट, ब्राउन निप्पल.

वह बस लेटी थी.मैंने उसके दोनों दूध दबाने शुरू कर दिए.

दीक्षा- आआ अहह.मैं- कैसा लगा?

दीक्षा- आह कस कसके दबाइए न!मैं दीक्षा के दोनों दूध कस कसके दबा रहा था और उसके निप्पल भी चूस रहा था.

दीक्षा- उउफ्फ़ … उम्म्म्मा.

मैं- और दबाऊं?दीक्षा- हां.

मैं दीक्षा के दोनों दूध मसल रहा था और चूस रहा था.

दीक्षा- आआहह.

मैंने करीब 10 मिनट दीक्षा के दूध मसले और चूसे.

दीक्षा एकदम मदहोश सी हो रही थी.

मैं- कुछ गीला हुआ?दीक्षा- सब कुछ गीला हो गया.

मैं- दिखाओ और क्या गीला हुआ?दीक्षा- खुद ही देख लो.

मैं- कहो तो सुखा दूँ?दीक्षा- वह ऐसे वैसे नहीं सूखेगी … अब तो उसका इलाज करना पड़ेगा.मैं- ठीक है. मेरा पास एक औजार है, उससे इलाज कर देता हूँ.

वह हंस दी.

मैंने दीक्षा की साड़ी और साया उतार प्रिया.वह सिर्फ़ ब्लैक पैंटी में थी.

मैंने दीक्षा की चूत उसकी पैंटी के ऊपर से मसली.

दीक्षा- उफफ्फ़ … देखा कितनी गीली है!मैं- पैंटी उतार दूँ?दीक्षा- हां.

मैं- क्या है पैंटी में?दीक्षा- आपको नहीं पता क्या?मैं- जो भी है, आज उसे पी जाऊंगा पूरा!दीक्षा- जैसे फोन पर पीते हो न … वैसे?

मैं- उसे भी अच्छी तरह से.दीक्षा- अच्छा!

मैंने देर ना करते हुए दीक्षा की पैंटी उतार दी.उसकी चूत एकदम क्लीन शेव थी.

मैंने उसकी दोनों टांगें फैलाईं और उसकी चूत को चाट लिया.बहुत नमकीन थी.

दीक्षा तड़प उठी- आज तो आप मार ही डालेंगे!मैं- और क्या!

दीक्षा ने अपनी दोनों टांगें पूरी फैला दीं और बोली- लीजिए जन्नत की सैर करें.

मैंने दीक्षा की चूत पूरा मुँह में भर लिया और चूसने लगा.दीक्षा- आअहह … मर गई … बहुत गुदगुदी हो रही है.

मैं कस कसके दीक्षा की चूत चूस रहा था और फिंगरिंग भी कर रहा था.वह बस आहें भर रही थी और मेरा सिर अपनी चूत पर दबाए जा रही थी.

मैंने करीब 15 मिनट तक दीक्षा की चूत चूसी और चाटी.उसकी चूत में से बहुत पानी आ रहा था.

दीक्षा- सर, मेरा होने वाला है!यह बोल कर दीक्षा का रस निकल गया और वह ढीली पड़ गयी.मैंने उसका पूरा रस पी लिया.

बहुत गजब माल थी वह!

मैं- आह सच में मज़ा आ गया.दीक्षा- हां … मुझे भी अब आपका वाला पीना है.मैं- पी लो.

दीक्षा ने मेरे लंड अपने हाथ में लिया और चूसने लगी.बहुत गजब तरह से चूस और चाट रही थी वह!

मैं- दीक्षा तुम्हारे मुँह के अन्दर ही कर दूँ?दीक्षा- हां.

मैंने दीक्षा के बाल पकड़े और उसके मुँह में ही लंड को अन्दर बाहर करने लगा और जल्द ही दीक्षा का मुँह मैंने अपने लिक्विड से भर प्रिया.

दीक्षा मेरा सारा पानी पी गयी.वह मेरे लंड को पागलों की तरह चाट रही थी और बॉल्स को मुँह में भर कर चूस रही थी.

दीक्षा- सर, चलिए 69 पोजीशन ट्राइ करते हैं.फिर हम दोनों 69 की पोजीशन में लेट गए.

मैं दीक्षा की चूत चूस रहा था और वह मेरा लंड.थोड़ी देर बाद दीक्षा बोली- सर अब मेरे खेत में हल चलाओ.

यह कहती हुई वह सीधी होकर लेट गयी.हम दोनों बिना कपड़ों के थे.

दीक्षा बोली-बिना कंडोम के चुदाईकरना.मैं दीक्षा के ऊपर आ गया.

दीक्षा- मेरी ज़मीन थोड़ी सूख गयी है. गीला कर दो आप!

मैंने चूत चूसने के बाद दीक्षा के होंठों को अपने होंठों में भर लिया और उसके दूध मसलने लगा.दीक्षा- आहह.

मैंने अपना लंड दीक्षा की चूत में डाल प्रिया.दीक्षा- आआहह … बहुत बड़ा है आपका … धीरे धीरे करें!

मैं- काफ़ी टाइट चूत है तुम्हारी!दीक्षा- तो आज आप ढीला कर दो.

मैं- कैसे करूं ढीला?दीक्षा- मेरे खेत में हल चला कर.

मैं- साफ साफ बोलो ना!दीक्षा- पहले आप बोलिए, आपका क्या मन है?मैं- मेरा तो मन है कि तुम्हें पूरी रात चोदूं!

दीक्षा- पूरी रात चोदेंगे आप मुझे?मैं- हां दीक्षा.

दीक्षा- कैसे चोदेंगे?मैं- जैसे लेटी हो तुम. वैसे ही पूरी रात नंगी किए हुए ही चोदता रहूँगा.

दीक्षा- नंगी तो आप पहले ही कर चुके हैं. अब बस चुदाई करें.

मैंने दीक्षा की चुदाई तेज कर दी.दीक्षा- आहह.

मैं- कैसा लग रहा है?दीक्षा- थोड़ा दर्द हो रहा है.

मैं- अभी मज़ा आएगा तुम्हें!दीक्षा- आपको मज़ा नहीं आ रहा?

मैं- पहले दिन ऑफिस में देखा था तुम्हें. उसी दिन से मन था तुम्हें प्यार करने का.

दीक्षा- अब तो आपका सपना पूरा हो रहा है ना!

मैं- तुम बिना कपड़ों के ज़्यादा हॉट लगती हो दीक्षा.

दीक्षा- आप भी. मुझे पता ही नहीं था कि आपका इतना बड़ा है.मैं- अब तो पता चल गया.दीक्षा हंसती हुई- हां सर … आहह.

मैं- मज़ा आया?दीक्षा- बहुत … और अन्दर डालिए न!

दीक्षा की पूरी चूत खुल चुकी थी.मैं लंड आराम से अन्दर बाहर जा रहा था.

दीक्षा- उफ्फ़.मैं- क्या हुआ?

दीक्षा- बहुत अच्छा लग रहा है सर … मैं तो समझो जन्नत की सैर कर रही हूँ.

अब मैंने दीक्षा की दोनों टांगें हवा में कर दीं और फिर से उसकी चुदाई करने लगा.दीक्षा- आअहह सर …

उसकी चूत बहुत पानी छोड़ रही थी और चुदाई करने से खूब आवाज़ आ रही थी.दीक्षा- आआहह.

मैं दीक्षा के दूध भी मसल रहा था और उसकी चुदाई भी कर रहा था.दीक्षा- आहह … सर अब डॉगी स्टाइल में करिए ना!

मैंने दीक्षा को घुटनों के बल बैठाया और पीछे से उसके बाल पकड़ लिए.फिर उसे डॉगी स्टाइल में चोदना शुरू कर प्रिया.

दीक्षा की चूत लगातार पानी छोड़ रही थी और उसे काफ़ी मज़ा भी आ रहा था.

मैं- तुम्हारे दूध कितना झूल रहे हैं दीक्षा!दीक्षा- तो पकड़ लीजिए ना!

मैंने पीछे से दीक्षा के दूध पकड़ लिए और ताबड़तोड़ चोदने लगा.

दीक्षा- आहह.मैं- और तेज!दीक्षा- हां सर और तेज … आह.मैं- और?दीक्षा- हां और.

मैं- ले साली … अब पूरी दुरंतो का मजा ले तू!दीक्षा- आहह … सर मेरा होने वाला है … आह.

बस यह कह कर दीक्षा का रस निकल गया और वह ढीली होकर लेट गयी.उसी के बाद मैं भी झड़ गया.

दीक्षा- कैसा लगा मुझे टेस्ट करके?मैं- बहुत गजब हो तुम!

दीक्षा- थक गए या और मज़े लेने हैं?मैं- अभी मजा पूरा कहां हुआ मेरी जान। अभी तो सारी रात चोदना है तुम्हें!

दोस्तो, इस तरह से दीक्षा सारी रात मेरे लंड के नीचे मचलती रही.और यह सिलसिला आज भी जारी है.

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9 मिनट 865

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1 टिप्पणी

मापा

2 months ago

अगला भाग जल्दी से अपलोड कर दो भाई, अब और इंतज़ार नहीं होता।

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