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दोस्त की एक्स GF को दो लड़कों ने चोदा

अजय फॉर फन

25 Nov 2020 को प्रकाशित

दोस्त की एक्स GF को दो लड़कों ने चोदा
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हॉट गर्ल पोर्न चुदाई कहानी में मेरे दोस्त की X GF ने मुझे मेसेज किया और मिलने की बात की. मेरा एक अन्य दोस्त उसे चोदना चाहता था. हम तीनों एक रेस्तरां में मिले.

यह रसीला वाकिया उस वक्त का है जब मुझे यानि विजय को और मेरे दोस्त सिद्धार्थ को मिलकर हमारे कॉलेज के दोस्त की एक्स को बजाने का मौका मिला था.

मैं और सिद्धार्थ बहुत अच्छे दोस्त थे और एक-दूसरे के बारे में खूब अच्छे से जानते थे.हम दोनों के बीच कुछ भी नहीं छुपा था. उसे मेरे हर कर्मकांड पता थे और मुझे उसके.

बस ये समझ लो कि मैंने और सिद्धार्थ ने मिल कर कई लड़कियां बजाई हैं.हम इतने अच्छे दोस्त थे और ये दोस्ती कॉलेज खत्म होने के बाद भी चालू है.

आइए उस घटना को इस हॉट गर्ल पोर्न चुदाई कहानी के जरिए जानते हैं.

कॉलेज के वक़्त हमारा एक दोस्त था, जिसकी गर्लफ्रेंड एक सेक्सी माल थी.उसका नाम रुब्बैया था.

चूंकि उस वक़्त वह हमारे दोस्त की माल थी, हमने कभी उसको चोदने की निगाह से नहीं देखा.

लेकिन उसने कई बार मुझे हिंट प्रिया था कि मैं उसको बजाऊं.चूंकि उस वक़्त दिमाग में उसको कभी चोदने का ख्याल नहीं आया इसलिए उसकी हरकतों को मैं इग्नोर कर प्रिया करता था.

फिर कुछ हालात ऐसे बने कि हमारे उस दोस्त से रुब्बैया का ब्रेकअप कॉलेज में ही हो गया क्योंकि रिलेशनशिप में रहते हुए वह हमारे ही एक जूनियर शशांक से चुदी थी.

ये बात सिर्फ मुझे और सिद्धार्थ को पता थी कि उनके ब्रेकअप का असली रीज़न यही था.बाकी लोगों को उन्होंने ब्रेकअप की अलग कहानी बताई.

कॉलेज खत्म हुए 7 साल निकल चुके थे और हम सब अपनी लाइफ में बिज़ी थे.बस सोशल मीडिया पर सब जुड़े थे, तो पता रहता था कौन कहां है और क्या कर रहा है.

मैं और सिद्धार्थ सेम सिटी में थे तो मिलते रहते थे.

एक दिन मेरे फेसबुक मैसेंजर पर रुब्बैया का ‘Hi’ आया.ये मेरे लिए चौंकाने वाली बात थी.

मैंने रिप्लाई किया- हैलो!जवाब आया- विजय, मुझे तुम्हारी मदद की जरूरत है.उसे मुझसे कुछ लीगल मदद चाहिए थी.

मैंने उसका काम करा प्रिया.वह बहुत खुश हो गई और बोली- थैंक्यू यार थैंक्यू सो मच … ज़रूरी काम था और कोई कर नहीं पा रहा था … तुमने करा प्रिया … थैंक्यू!मैंने बोला- अपने क्लाइंट से पैसे ही मैं काम करने के लिए लेता हूँ.

वह बोली- वाह सीधे क्लाइंट? दोस्त थे … ये भूल गए?मैं बोला- तुमने दोस्ती रखी नहीं, इसलिए मैं भी दोस्ती भूल गया … लेकिन हां, इस काम की पार्टी पेंडिंग है. मैंने फी भी कम चार्ज की है!यह कह कर मैं हंस प्रिया.

वह हंसी और बोली- चलो, दोनों मिलते हैं जल्दी … दे दूँगी पार्टी!

फिर नॉर्मल बातें होने लगीं कि कौन किसके टच में है, किससे बात होती है.तो बातों-बातों में उसे पता चल गया कि सिद्धार्थ भी मेरे ही शहर में जॉब कर रहा है.वह बोली- चलो, नाइस सिद्धार्थ से भी मिल लूँगी!

मैं बोला- डन … साथ ही पार्टी कर लेंगे.हमारी बात खत्म हो गई.

लगभग 3 महीने तक कोई बात नहीं हुई.और एक दिन मैसेज आया ‘मैं शुक्रवार को तुम्हारे शहर आ रही हूँ … मिलते हैं.’

हमने जगह और टाइम डिसाइड किया.

हम तीनों मिले और बैठकर बातें करने लगे.दो पैग तक कॉलेज की नॉर्मल बातें खत्म हो चुकी थीं.

इधर मैं बता दूँ कि वह वन पीस पहन कर आई थी और पहले से कहीं ज़्यादा टंच माल हो गई थी.खुद को एकदम शेप में किया हुआ था उसने.

उसकी चूचियां और गांड वन पीस में उभर कर बाहर आ रही थीं और ऐसे निमंत्रण दे रही थीं कि अभी के अभी ही चोद दो इसे!

वह मेरे बगल में बैठी थी और सिद्धार्थ मेरे सामने.अब हम तीनों खुलने लगे थे.

उसने बोला- तो फिर कैसी चल रही ज़िंदगी?मैं बोला- सूखी.

सूखी कह कर मैं हंस प्रिया.वह भी हंसने लगी.

फिर बोली- क्यों? तुमको कब से सूखेपन की समस्या होने लगी? बारिश कराओ, कहीं जंग न लग जाए चीज़ों को अच्छी चीज़ें ख़राब नहीं होनी चाहिए!

मैं बोला- क्या करूँ … अच्छे खिलाड़ी मिल नहीं रहे. सब कमज़ोर निकल रहे. क्यों सिद्धार्थ?सिद्धार्थ मेरी तरफ़ देखकर हंसा और बोला- बात तो सही है.

फिर मैं बोला- अपना बताओ. तुम्हारी तो सूखी नहीं है न!वह मेरे दो अर्थी अंदाज को सुनकर ‘हो हो’ करके हंसी और बोली- ये तो सही कहा … मुझे भी कई दिनों से अच्छे खेलने वाले नहीं मिले.यह बोलते हुए उसने मेरी जांघ को हल्के से सहलाया और फिर हाथ हटा लिया.

वह बोली- यार, स्पेशल वाली सिगरेट मिल जाती तो पार्टी कम्पलीट हो जाती!मैं बोला- उसके लिए मेरे फ्लैट चलना पड़ेगा. आफ्टर-पार्टी कर लेते हैं फ्लैट पर … सब है!

हम तीनों एग्री हो गए.बिल पे करके पार्किंग से गाड़ी निकाली.

मैं और सिद्धार्थ आगे बैठ गए और वह पीछे.

मैंने उसे सिगरेट दे दी और वह सुलगा कर मजा लेने लगी.

थोड़ी देर गाड़ी में सन्नाटा रहा.फिर मैं बोला- नवीन से कब ब्रेकअप हुआ?वह बोली- वह तो कॉलेज के बाद ही हो गया था.

मैं बोला- क्यों?तो वह बोली- खिलाड़ी अच्छा नहीं था ना!हम सब हंसने लगे.

मैं बोला- हमें क्या पता तुम अच्छी खिलाड़ी हो … देखा थोड़ी है खेलते हुए!यह कह कर मैं भी उसके जैसे ‘हो हो’ करके हंसा.

वह नशे की टुन्नी में बोली- हां तो खेल कर देख लो!मैं बोला- आज 2 खिलाड़ी हैं … अनफेयर गेम हो जाएगा!वह बोली- कोई नहीं … पहली बार एक्स्ट्रा प्लेयर के साथ भी खेल लूँगी!

मैंने सिद्धार्थ को बोला- गाड़ी रोकना भाई … संगत ले लूं जरा इसकी.गाड़ी रुकते ही मैं पीछे आ गया और उसकी बगल में बैठ गया.

मैं उसके गले में हाथ डालकर बैठ गया और उसके होंठों को चूस-चूसकर खाने लगा.उसकी जांघ पर हाथ फिराने लगा और बोला- सही बात है … तुम तो छोटे-बड़े हर खिलाड़ी के साथ खेल लेती हो!

वह बोली- मतलब?मैं बोला- मतलब तुम समझती हो यार!

मैंने फिर उसकी वन पीस ऊपर खिसकाई और हाथ पैंटी में डालकर 2 उंगलियों से चूत की दरार को सहलाने लगा.मैं बोला- सिद्धार्थ, नवीन सही से बजा नहीं पाया रुब्बैया को … आज हमें दोस्त की लाज रखनी होगी!

ये बोलकर मैंने रुब्बैया को एक जोरदार किस किया और हाथों से चूचियां मसल दीं.

ये सब सिद्धार्थ देख रहा था और बोला- अब तू चला गाड़ी … हम 15 मिनट में घर पहुंच जाएंगे. मुझे पीछे आने दे.

सिद्धार्थ अलग मूड में था.रुब्बैया उसकी फैंटेसी थी और आज चूत मिल रही थी.मेरा भाई कैसे कोई मौका छोड़ देता!

सिद्धार्थ पीछे आया और उसके होंठों को चूस-चूस कर उसका रस निकालने लगा.फिर वह बोला- रुब्बैया डार्लिंग, चल लंड चूस!

रुब्बैया बोली- यहां अभी? नहीं यार सिद्धार्थ!सिद्धार्थ बोला- चल चूस ना!

उसने अपना लंड बाहर निकाल प्रिया.लंड तनकर एकदम टाइट हो रखा था.

रुब्बैया ने झुककर लंड मुँह में लिया और चूसने लगी.सिद्धार्थ उसकी चूत को सहलाने लगा, उसमें उंगली करने लगा.

अब हम सोसाइटी के करीब थे.मैं बोला- चलो गाइज … शो इज़ ओवर!

वे दोनों अलग हुए और नॉर्मल होकर बैठ गए.मैंने गाड़ी सोसाइटी की पार्किंग में लगाई.

रात का एक बज रहा था.पार्किंग बिल्कुल सुनसान थी.

गाड़ी खड़ी करके मैं पीछे की सीट पर आ गया.अब रुब्बैया हम दोनों के बीच थी.

मैंने और सिद्धार्थ ने एक साथ उसकी गर्दन को चाटना शुरू कर प्रिया.सिद्धार्थ ने उसकी पैंटी निकाल कर अलग की और चूत सहलाने लगा.

मैंने उसके बूब्स को दबाना शुरू कर प्रिया.वह मस्ती में पागल हो चुकी थी

रुब्बैया बोली- प्लीज़ … फ्लैट पर चलते हैं कोई आ जाएगा यहां!मैं बोला- कोई नहीं आएगा … और अभी तो रात लंबी है रुब्बैया … अभी से मत डरो!

सिद्धार्थ बोला- रुब्बैया, चुदाई के पहले राउंड से पहले तैयार कर रहे हैं तुम्हें!

हम दोनों की कामकला के आगे उसकी एक न चली.उसने हथियार डाल दिए और हम दोनों का लंड सहलाने लगी.

सिद्धार्थ ने उसका एक पैर उठाया और उसकी चूत पर मुँह लगा प्रिया, चूत को खाने लगा.रुब्बैया मजे के नशे में मुझसे लिपटने लगी.

मैंने और सिद्धार्थ ने उसे काफी देर तक गर्म किया.

रुब्बैया लंड के लिए एकदम पागल हो चुकी थी.उसके चेहरे पर चुदाई का नशा झलक रहा था.वह मस्त होकर अपने शरीर को सहला रही थी.

अब बारी थी चुदाई की.उसकी चूत की खुदाई की अब हम उसे लेकर फ्लैट के अन्दर आ गए.

मैं आफ्टर-पार्टी की तैयारी करने लगा और सिद्धार्थ ने रुब्बैया को अपना लंड मुँह में दे प्रिया.वह सिद्धार्थ का कड़क लंड माहिर खिलाड़ी की तरह गटकने लगी.

सिद्धार्थ के बारे में आपको बता दूँ कि चोदने में माहिर है मेरा भाई.वह चोदता नहीं, हपक हपक कर चोदता है.उसको लड़की को सहला-सहला कर चोदने की आदत है.

अब सिद्धार्थ ने पैग बनाना शुरू किया और रुब्बैया अब मेरा लंड चूसने लगी.

सिद्धार्थ बोला- रुब्बैया, तूने तो देख लिया है विजय का लंड लेने की फिराक में तो कॉलेज से थी तू. अब कैसा लग रहा भाई का लंड लेकर?

रुब्बैया बोली- तुम्हें कैसे पता मैंने विजय का लंड देखा है?सिद्धार्थ बोला- हमें ये भी पता है डार्लिंग … तू हमारे जूनियर शशांक से भी ठुकी है!

वह चौंक गई और बोली- तुम लोग साले सब जानते हो. ठुकी नहीं … ठुकना पड़ा उस हरामी से, बहनचोद से मैं धोखे में ठुक गई थी.मैं बोला- धोखा एक बार होता है, बार-बार नहीं रंडी, तुझे शशांक ने रंडी की तरह बजाया है. इसलिए रुब्बैया बेब्स … हमसे बकचोदी नहीं, हम दोनों बाप हैं बकचोदी के … ये तो जानती ही हो!

वह मुस्कुरा दी.

अब सिद्धार्थ सोफे पर बैठ गया और रुब्बैया को बोला- लंड पर बैठ जा मेरी गुड़िया!रुब्बैया सिद्धार्थ की तरफ़ पीठ करके मस्त होकर उसकी लंड पर बैठ गई.

पूरा लंड सिद्धार्थ का उसकी चूत के अन्दर था.सिद्धार्थ का चेहरा बता रहा था कि चूत मस्त थी उसकी.

सिद्धार्थ उसकी गर्म चूत पाकर जोश में आ गया.उसने पीछे से दोनों हाथों से उसकी चूचियां पकड़ लीं और चूची दबा-दबाकर उसे चोदने लगा.रुब्बैया भी लहरा-लहराकर सिद्धार्थ से चुदने लगी.

सिद्धार्थ उसे चोदते-चोदते बोला- सुनाओ फिर अपनी बकचोदी की कहानी … कैसे चुद गई!

अब मैंने रुब्बैया को सिद्धार्थ के लंड से उठाया और सोफे पर उल्टा पटक प्रिया, अपना लंड उसकी चूत में उतार प्रिया.क्या गहरी चूत थी उसकी … लंड को तली ढूँढने में वक़्त लगा.

मैंने उसके बाल पकड़ कर उसकी गर्दन को चूमना शुरू किया और 3-4 मिनट उसकी धकम-पेल चुदाई की.

उसकी चूत के होंठ मेरे लंड को हर झटके बाद चूम रहे थे.मेरा लंड उसकी चूत में बोरिंग कर रहा था. चूत पानी छोड़ रही थी और फच-फच की आवाज़ कर रही थी.

अब मैंने उसे उठाया और बेड के कोने पर बैठकर चुदाई के मजे ले रहे सिद्धार्थ की गोद में उसका सिर रख प्रिया.उसकी टांगों को हल्का सा खोला और उसकी चूत में लंड घुसा प्रिया.फिर से उसकी चूत में लंड गाड़ने लगा. सिद्धार्थ झुककर उसकी चूची को पीने लगा और रुब्बैया उसका लंड चूसने लगी.

मैं बोला- अब बताओ … कैसे धोखे से चुद गईं आप … मेरी एक्स भाभी!भाभी शब्द पर मैं, सिद्धार्थ और रुब्बैया तीनों हंसने लगे.

रुब्बैया लंड चूसते-चूसते बोली- एक दिन दोपहर में मैं सो रही थी. नवीन बाहर था … और दिन में मैं आंखों पर ब्लाइंडफोल्ड लगाकर सोती हूँ क्योंकि मुझे सोने के लिए पूरा अंधेरा चाहिए. कई बार नवीन मुझे ऐसे ही ब्लाइंडफोल्ड लगाए- लगाए भी चोद देता था और मैं सोते-सोते चुद लेती थी. क्योंकि नवीन का लंड था तो गांड … पर उसमें लंबा दौड़ने की ताकत नहीं थी, तो वह 15 मिनट चोदकर निपट लेता था. अब इतनी देर के लिए कोई अपनी नींद क्यों खराब करे!

उसकी बात सुनकर मैं बोला- क्या बात है … ऊंचे विचार … आगे बढ़ो कन्या!सिद्धार्थ हंसने लगा.

रुब्बैया ने अपनी चुदाई की कहानी सुनानी शुरू की:

उस दिन भी मैं ब्लाइंडफोल्ड लगाकर सो रही थी. नवीन कहीं बाहर गया था. अचानक मेरे होंठों को हल्के-हल्के कोई चूमने लगा. मेरी गांड को दबाने लगा.मुझे लगा नवीन होगा.

मैं बोली- सोने दो ना यार नवीन … अच्छी नींद आ रही है. तुम तोड़कर खराब ही करते हो हमेशा!मेरा ये स्टेटमेंट चुदाई का निमंत्रण था … ये मुझे बाद में पता चला.

ये सुनकर शशांक ने सबसे पहले मेरे शॉर्ट्स को पैंटी के साथ बदन से अलग किया, अपने लंड को एक बार में पूरा कसके मेरी चूत में उतार प्रिया.टी-शर्ट के अन्दर हाथ डालकर बूब्स को ब्रा के ऊपर से सहलाने लगा और मेरी गर्दन को चूमने लगा.

मुझे लगा नवीन होगा.लेकिन थोड़ा शक भी हुआ क्योंकि नवीन का बड़ा था और जो लंड मेरी चूत में दौड़ रहा था, वह उससे छोटा था.फिर मैं आधी नींद में थी, सो नवीन मानकर चुदने लगी. मैं ये सोचकर चुद रही थी कि थोड़ी देर ही नींद खराब होगी, फिर आराम से सो लूँगी.

लेकिन ये चुदाई नवीन से अलग थी. कोई मुझे भूखे भेड़िए की तरह चोद रहा था.अब मेरी नींद खुल चुकी थी और मैं समझ गई थी कि कोई और चोद रहा है. लेकिन मैंने ब्लाइंडफोल्ड नहीं हटाया क्योंकि भूखी तो मैं भी थी.सोचा पहले चुद लेती हूँ … परिचय बाद में कर लूँगी.

अब सोने का नाटक करती हुई मैं बोली- सोने दो नवीन … और लंड को निकालो.यह कह कर मैंने उसके लौड़े को अपने हाथ से हटा प्रिया.

वह चुप रहा.तो मैंने वापस से करवट बदल कर शशांक के ऊपर एक टांग फेंक दी और उससे चिपक कर सो गई.

थोड़ी देर शशांक ने कुछ नहीं किया.सोचा होगा कि कहीं जाग न जाऊं.

जब मुझे लगा कि वह डर के भाग न जाए, तो हिम्मत देने के लिए मैंने अपनी कमर हिलाई और लंड से चूत चिपका कर सोने का नाटक करने लगी.

सिद्धार्थ बोला- साली, लंड तुझे मेरे भाई का पसंद था तो उसका ही ले लेती, ब्रेकअप तो ना होता!

रुब्बैया बोली- तेरे दोस्त विजय ने ली ही नहीं … अब क्या चूत खोल देती इसके आगे? इसके लंड की बात करके बोल प्रिया इसको इसके मुँह पर कि लंड अच्छा है … गांड मटका ली, इसकी जांघ सहला दी, चूची इससे चिपका ली, अब इसके लंड पर आकर बैठ तो नहीं जाती ना? इसको भी हिंट देना होगा ना … जब लगा ये लेगा नहीं चूत, तो क्या करती? भूख तो मिटानी थी … बिना मेहनत के मिल रहा था, अच्छा लंड तो ले लिया!

मैं बोला- कोई बात नहीं रांड … अब तो मज़ा आ रहा ना?वह बोली- बहुत अब तक की सबसे शानदार चुदाई है ये मेरी … कमाल हो तुम दोनों!

अब मैंने पोजीशन बदली.उसे पीछे से पकड़ कर उठाया और अपने ऊपर लिटा कर उसकी पीठ अपनी छाती से चिपका ली.

फिर रुब्बैया को उछाल-उछाल कर उसकी गांड मारने लगा.सिद्धार्थ के सामने उसकी चूत थी. सिद्धार्थ ने अंगूठे में थूक लगाया, उसकी चूत का छेद गीला कर रहा था और चूत में अंगूठा घुसा रहा था.

वह बोली- प्लीज़ … एक साथ दोनों मत बजाओ … कभी नहीं किया ये!मैं बोला- ब्लाइंडफोल्ड समझ लो डार्लिंग शशांक का लंड चूत में लेकर ही पता लगा था ना … बढ़िया है आगे भी चुदना है.

उसके बाद सिद्धार्थ ने उठकर चूत पर लंड सैट किया और हम दोनों मित्र उसकी चूत और गांड फाड़ने लगे.

हॉट गर्ल पोर्न चुदाई में पागल होकर मस्तियाने लगी थी.मैं उसकी गर्दन चूम रहा था, एक हाथ से उसकी चूची दबा रहा था.

सिद्धार्थ उसके होंठों का रस पी रहा था और एक हाथ से उसकी चूची दबा रहा था.

रुब्बैया चुदाई की मस्ती में चूर हो चुकी थी.हम दोनों की चुदाई ने उसकी अकड़ पूरी तरह ढीली कर दी थी.उसकी बॉडी अकड़ने लगी, गांड सिकुड़ने लगी और फिर वह ज़ोर से झड़ गई.

हम दोनों ने उसे चोदना छोड़ प्रिया, उसे उठाकर बेड पर ले आए और लेट गए.

मैं बोला- चल, दोनों का लंड चूस और आगे बता शशांक का .. क्या हुआ फिर?

उसने हम दोनों के लौड़े पकड़े और गपागप चूसने लगी.क्या माहिर रांड थी वह … हम दोनों का लंड कमाल का चूस रही थी.

वह बोली- इस हरकत से शशांक समझ गया कि मुझे चुदना है … मैं भूखी हूँ. पहले ही मैंने शशांक को नवीन समझ कर ताना मारा था और शशांक को बता चुकी थी!

‘फिर?’‘फिर शशांक ने बेशर्म बनकर मुझे सीधा किया और मेरे ऊपर आ गया. मेरी टी-शर्ट निकाली और बूब्स को बिना ब्रा उतारे ही खाने लगा. हाथ पीछे कमर पर लाकर ब्रा का हुक खोला, निकाल कर अलग किया और चूचियां निचोड़-निचोड़ कर पीने लगा.’

‘हम्म … आगे बता…’‘मैं रंडी की तरह बोली- नवीन … आराम से चोद न … तो शशांक ने दांत से मेरा कान काट लिया और लंड चूत में पेलकर ज़ोर-ज़ोर से चोदने लगा. ये मेरे लिए अलग एक्सपीरियंस था.

‘कैसा अलग एक्सपीरियंस?’‘अरे कोई मुझे अच्छे से चोद रहा था. बहुत दिनों बाद चूत की आग बुझ रही थी. मैंचुदाई की मस्तीमें चूर होकर सिसकारियां ले-लेकर चुदने लगी थी.’

‘फिर …’‘फिर उसके बाद शशांक ने मेरी चूत को खूब चाटा … जैसे चाशनी लगी हो उस पर, उसने मुझे हर तरीके से एक घंटा चोदा!’

‘हम्म …’

‘जब झड़ने वाला था, तो उसने मेरी आंखों से ब्लाइंडफोल्ड उतार प्रिया.मैं चुदाई के चरम पर थी.उसे देखकर मैं कुछ रिएक्ट नहीं कर पाई और उसी से चुदती रही.’

‘वह तो पहले ही समझ गया होगा कि तू उससे चुदना पसंद कर रही है!’‘हां, तभी साले ने अपना पूरा माल मेरी चूत में निकाल प्रिया और खड़े होकर कपड़े पहने और निकल गया!’

‘उसके बाद क्या हुआ?’‘उसके बाद तो उस हरामी ने मुझे रांड बना प्रिया बहनचोद ने … ऐसे ब्लाइंडफोल्ड करके मुझे अपने टीचर से भी ठुकवा प्रिया. इस बात से उसने मुझे डरा डरा कर कई लोगों से चुदवाया और अपना काम निकलवाया. बाद में नवीन को पता लग गया और हम अलग हो गए!’‘हम्म …’

‘उसके बाद शशांक का भी मुझ पर कंट्रोल चला गया और मैं फ्री बर्ड हो गई.’सिद्धार्थ ने फ्री वर्ड सुनकर जोर का अट्टाहस किया और बोला कि हां तू सच में फ्री बर्ड ही हो गई है.

उसके बाद हमने और सिद्धार्थ ने उस बर्ड को फ्री करके 3 दिन तक उड़ा उड़ा कर चोदा … चुदाई की सारी रीमाएं तोड़ दीं.

फिर मैंने उसे तीन दिन अकेले भी चोदा, साथ में भी चोदा. मतलब जैसे चाहा, वैसे चोदा और फिर उसे विदा कर प्रिया.

वह भी हम दोनों से चुदवा कर बहुत खुश थी.

तो दोस्तो, यह थी हमारी रीयल सेक्स कहानी.हॉट गर्ल पोर्न चुदाई कहानी आपको कैसी लगी? प्लीज मेल करके ज़रूर बताएंsupport@mohakkisse.com

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Hello dosto, ye meri pehli story hai. Agar aapko meri ye story pasand aaye, to mujhe mail zaroor kare, taaki Mai aage aur stories likh saku.

10 मिनट 1,011

पाठकों की राय

3 टिप्पणियां

डार्क किंग

3 months ago

सच में बहुत ही हॉट और उत्तेजक कहानी है भाई। मजा आ गया पढ़कर।

मैं मस्तराम

3 months ago

कहानियों का ये संग्रह बहुत ही अच्छा है। आपका फैन हो गया हूँ।

अभिषेक रूल्स

4 months ago

बहुत ही गजब का लिखा है लेखक भाई। आपका लिखने का स्टाइल बहुत बढ़िया है।

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