जवान लड़की

कामुक लड़की ने सारी सीमाएं लांघी

लेखक: शमशेर सिंह दिनांक: 30-04-2026 पठन समय: 10 मिनट

हॉट इंडियन स्कूल गर्ल की कुंवारी बुर की चुदाई करने का मजा मैंने लिया अपनी क्लासमेट के साथ. उसकी सभी सहेलियों के बॉयफ्रेंड थे. एक दिन मैंने उसे प्रोपोज किया.

यह मेरी पहली कहानी है हॉट इंडियन स्कूल गर्ल की … तो आपको विनती है कि कृपया मुझे सहयोग देना।

मेरा नाम अक्षित राणा है और मैं हरियाणा का रहने वाला हूं। मैं 19 साल का अच्छा दिखने वाला लड़का हूं।मैं आप से अपने स्कूल समय का अनुभव सांझा करना चाहता हूं।

मैं पढ़ाई में कुछ अच्छा था जिस कारण से मेरी अपनी कक्षा में अध्यापकों के सामने मेरी अच्छी इमेज़ थी।

मेरी कक्षा में बहुत सी लड़कियां थी जिनमें से वो भी एक थी जिसका नाम सिमर था.

सिमर बहुत सुंदर थी, उसका जिस्म बेहद ही खूबसूरत था, उसका गोरा रंग था और बड़े बड़े कूल्हे थे और पतली कमर थी.उसका कोई बॉयफ्रेंड भी नहीं था।वो भी पढ़ाई में अच्छी थी और मैं और वो काफी हद तक अच्छे दोस्त थे।

एक दिन की बात हैं जब आधी छुट्टी हो गयी तो मेरे कुछ दोस्त बाहर घूमने चले गए.और कुछ अपने घर खाना खाने चले गए क्योंकि गांव के स्कूल में बच्चे घर से खाना न लाकर घर ही खाना खाने चले जाते हैं।स्कूल नज़दीक गांव में ही था.

मेरा सिर थोड़ा सा दर्द हो रहा था तो मैं कक्षा कक्ष में ही बैंच पर बैठा था कि तभी मैंने थोड़ा सा सिर ऊपर किया तो मैंने देखा कि वो मेरे सामने खड़ी थी.उसने मेरे से पूछा- क्या हुआ?मैंने उत्तर दिया- मेरा थोड़ा सिर दर्द हो रहा है.

इतना सुनते ही सिमर मेरे पास आकर बैठ गई और मेरे से बात करने लगी।

मैंने उससे पूछा- तुम्हारी बाकी सहेलियों कहां गयी?तो उसने बताया कि मेरी सारी सहेलियों के पास बॉयफ्रेंड हैं और वो सब उनके साथ दीवारों के पीछे जाकर होंठ चुसवा रही होंगी.

यह सुनकर मेरी हंसी निकल गई.

उसने मुझे पूछा- क्या हुआ?तो मैंने हंसते हुए कहा- तो क्या हो गया … आप भी बॉयफ्रेंड बना लो और आप भी किसी कर लेना.

तो उसने कहा- मेरे को किसी लड़के को कहने में शर्म आती है कि मेरा बॉयफ्रेंड बन जाओ .

तभी मेरे दिमाग में विचार आया कि यह मौका हाथ से जाने नहीं देना चाहिए तो मैंने थोड़ा घबराहट में और थोड़ा शरमाते हुए कहा- मेरे बारे में क्या विचार है?वह शर्मा कर बाहर चली गयी.

तो मैं भी घबरा गया कि अब क्या होगा.मैं घबराहट में वहीं बैठा बैठा विचलित होता रहा. मैं छुट्टी होने तक परेशान रहा कि कहीं वो किसी को बता न दे!

जब छुट्टी हुई तो उसने मेरी तरफ आंखों से इशारा किया कि वो कल सोच कर बताएगी।मैं पूरी रात परेशान रहा कि कल क्या होगा.

जब मैं अगली सुबह स्कूल गया तो मैंने देखा कि वह पहले ही कक्षा कक्ष में थी।मैंने नज़र नीचे रखी.

तभी मेरे सभी साथी और उसकी सहेलियां बाहर घूमने जाने लगे तो उसने अपनी सहेलियों के साथ जाने से मना कर दिया कि वह कक्ष में ही रूकेगी.उसने मेरे को भी धीरे से रुक जाने का इशारा किया.

मैं अपने दोस्तों को मैदान में छोड़ कर बहाना बना के कक्ष में चला आया.और मैंने पाया कि वह मेरी जगह पर बैठी थी.मेरे को कक्ष मे आते देख कर वह मंद-मंद मुस्कुरा दी.

मैं उसके पास जाकर बैठ गया तो उसने अपना हाथ मेरे हाथ पर रखा और मेरे कान के पास आकर बोली- हां, मैं तुम्हें अपना बॉयफ्रेंड बनाने के लिए तैयार हूं।

मैंने खुशी से उसकी आंखों में देखा तो उसकी आंखों में एक अलग सी चमक थी और वह हां में सर हिला रही थी।

तब मैंने खुशी से उसका हाथ चूमकर उसे आई लव यू कहा.वह थोड़ी सी शर्मा गयी।

तभी प्रार्थना की घंटी बज गयी।

मैंने आधी छुट्टी के वक्त अपने दोस्तों से अलग होकर उससे मिलने की सोची और फिर मैंने उसको चुपके से पर्ची में सारा प्लान बता दिया.उसने भी मुझे चुपके से मुझे हां में इशारा किया।

आधी छुट्टी होते मैं सिर दर्द का बहाना बनाकर कक्ष मे ही रुक गया और वो अपने हिंदी के काम का बहाना बना कर कक्ष में रुक गयी.

करीब 5 मिनट में कक्ष ख़ाली सा हो गया.मैंने धीरे से जाकर खिड़कियां व दरवाजा हल्का सा बंद कर दिया ताकि किसी को शक न हो.

फिर मैं उसके पास जाकर बैठ गया और उसकी तरफ देखा और मुस्कुराया.मैंने अपना एक हाथ उसके हाथ पर रख दिया और दूसरे हाथ को उसकी गर्दन पर फेरने लगा.

वो भी मदहोश होकर कहने लगी- कोई आ जायेगा।मैंने कहा- कोई नहीं आएगा.

फिर मैं अपना हाथ उसके बालों में डालकर अपने होंठों को उसके होंठों के पास ले गया और फिर हल्के किस के साथ शुरुआत की.वह भी मेरा साथ देने लगी.

मैं उसका कभी ऊपर वाला और कभी नीचे वाला होंठ चूसने लगा.वह भी चुम्बन में मेरा पूरा-पूरा साथ दे रही थी.

मैं अपना दूसरा हाथ उसके बदन पर फेरने लगा.वह धीरे-धीरे गर्म होने लगी.

मैं करीब 15 मिनट तक यूं ही उसके होंठों को चूसता रहा।फिर अचानक ही मेरी नज़र मेरी कलाई पर बंधी हुई घड़ी पर गयी तो मैंने देखा कि घंटी बजने में 5 मिनट ही रह गये हैं.हम जल्दी से सेट होकर बैठ गये।

मैंने उसको कहा- कल स्कूल न आकर कोई भी बहाना लगा कर मेरे घर ठीक 10 बजे पहुंच जाना।उसने कहा- मैं सोच कर बताऊंगी.मैंने कहा- पूरी छुट्टी तक बता देना.उसने हां में जवाब दिया।

फिर देखते ही देखते घंटी बज गई।

2.30 बजे जब छुट्टी की घंटी बजी तो मैंने हल्के से उसे इशारा किया तो उसने भी हां में इशारा किया।

मैं बहुत खुश था क्योंकि मेरा घर गांव के बाहर की तरफ आता है और कल मेरे घर पर कोई नहीं था।अब मुझे बस कल 10 बजे का इंतजार था।मैं खुशी के मारे फूला नहीं समा रहा था।

मैं सुबह उठा तो मैं बुखार का बहाना बनाकर स्कूल नहीं गया.जब मैंने देखा कि सभी अब घर से जा चुके हैं तो मैं जल्दी से नहा धोकर तैयार हो गया।

10 बजे तो हमारे दरवाजे पर एक दस्तक हुई.मैंने जाकर देखा तो वह सिमर थी.

मैंने अपने आप को कंट्रोल में रखा और उसको अंदर बुलाया.वह अंदर आई तो मैंने जल्दी से अलग बगल देख कर दरवाजा बंद कर दिया.

फिर मैंने उसको कस कर गले लगा लिया उसने भी मुझे बहुत जोर से अपने सीने से लगा लिया।

मैंने उसको चाय-नाश्ता करवाया.उसने मुझे बताया कि वह घर से ग्रुप स्टडीज के बहाने यहां आई है.

करीब 10 मिनट यूं ही हमने बातों में ज़ाया कर दिए.

फिर मैंने उसका हाथ पकड़ कर उसे अपनी ओर खींच लिया.वह मेरे सीने से सट गयी.

मैंने अपने होंठ उसके होंठों पर रख दिए और धीरे धीरे चूसने लगा.वह भी पूरे मज़े ले लेकर मेरे होंठों को चूसते हुए मनमोहक सिसकारियां निकलने लगी.

तभी मैं अपना एक हाथ उसकी पीठ पर फेरने लगा और दूसरे हाथ से उसके कूल्हों को सहलाने लगा.वह मदमस्त होती जा रही थी.

मैंने उसका कुरता निकाल दिया।वह कुछ शर्मा गयी, उसने नीचे शमीज वगैरह कुछ नहीं पहना था.

मैं उसकी चूचियों को मसलने लगा जो काफी नर्म थी.

कुछ देर बाद मैंने अपनी भी टीशर्ट उतार दी.

वो हॉट इंडियन स्कूल गर्ल मेरे जिस्म से सटकर मेरी गर्दन पर किस कर रही थी.

फिर मैंने उसको पूरी नंगी होने को कहा तो उसने फटाफट अपनी सलवार उतार दी.अब मेरे सामनेपूरी नंगी लड़कीखड़ी थी.

उसने मेरी तरफ देख कर मुस्कुराते हुए अपने पास बुलाया.मैं फटाक से अपना लोवर उतार कर उसके जिस्म को ज़ोर ज़ोर से चूसने व मसलने लगा.

जल्दी ही मैंने उसे बेड पर लिटा दिया और हम 69 की पोजीशन में आ गए.पर पहले तो वह मेरे लण्ड को मुंह में ले नहीं रही थी पर बाद में मेरे ज्यादा कहने पर वह मान गयी।

अब मैं उसकी चूत को चाट रहा था, साथ में उंगली कर रहा था.वह मेरे लण्ड को चूस रही थी.

करीब 5 मिनट चुत चटवाई व लण्ड चुसाई के बाद वह काफी गर्म हो गई और कहने लगी कि वह चुदने के लिए तैयार है.

मैंने उसकी टांगें चौड़ी कर दी और अपने लण्ड को उसकी गुलाबी गदराई चुत की फांकों के बीच लण्ड का सुपारा सेट कर के धीरे धीरे धक्का दिया.तो सिमर के थूक से चिकने हो चुके लण्ड का सुपारा चूत के अंदर चला गया.

सिमर की एकदम आह की आवाज निकल गई.तो मैं समझ गया कि उसको दर्द हो रहा है.मैंने उसके होंठों को अपने होंठों से बंद कर दिया.

फिर कुछ देर बाद जब उसने गांड उचका के लण्ड अंदर करने का इशारा किया तो मैंने एक झटके में सारा लण्ड उसकी मुलायम चुत में घुसेड़ कर चुदाई शुरू कर दी।

अब उसका दर्द कुछ कम हो गया था और उसे मज़ा भी आ रहा था तो मैं भी जोश में आ कर ज़ोर ज़ोर से धक्के मारने लगा.

कुछ देर ऐसे ही चुदाई करने के बाद मैंने उसको घोड़ी बनने को कहा तो वह भी जल्दी से बन गयी.

तब मैंने ध्यान दिया कि उसकी चुत से खून आ रहा था. पर मैंने ज्यादा गौर नहीं कि क्योंकि मुझे पता था कि पहली बार ऐसा होता है.

मैंने घोड़ी बनाकर उसकी जम कर चुदाई की.फिर करीब 15 मिनट बाद वो और मैं एक साथ ही झड़ गए.मैंने अपने वीर्य को उसकी गान्ड के ऊपर ही छुड़वा दिया।

चुदाई के बाद हम दोनो एक साथ नहाए।

फिर करीब 20 मिनट के बाद वह अपने घर चली गयी।

तो कैसी लगी दोस्तो … मेरी हॉट इंडियन स्कूल गर्ल कहानी?मुझे मेल करें।support@mohakkisse.com