होम पर वापस जाएं
जवान लड़की • पठन समय: 13 मिनट • पढ़ा गया: 394 बार

मेरे फट्टू भाई के दोस्त ने मुझे चोदा

पागल गरिमा 26

18 Jun 2020 को प्रकाशित

मेरे फट्टू भाई के दोस्त ने मुझे चोदा
कहानी सुनें

ऑडियो प्लेयर (Play Audio)

स्वर: लोड हो रहा है...

0:00
0:00

हॉट न्यूड गर्ल चुदाई स्टोरी में पढ़ें कि मैं बहुत सेक्सी हूँ. मेरे ऊपर जवानी झूम कर चढ़ी है. मेरे भाई के दोस्त मुझे घर आकर ताड़ते हैं. मैं भी खेली आई हूँ तो मेरी चूत में सनसनी होने लगती है.

यह कहानी सुनें.

दोस्तो, मेरा नाम गरिमा है. मेरी उम्र इक्कीस साल की है. मेरे भाई का नाम विकास है और उसकी उम्र 19 साल है.

यह हॉट न्यूड गर्ल चुदाई स्टोरी मेरी जवानी की है. मैं बहुत सेक्सी माल हूँ.

मेरे भाई से कई लड़के दोस्ती मेरी वजह से करते हैं और फिर उसी बहाने से घर आ जाते हैं. उसके ये दोस्त मेरे घर में आकर मुझे ताड़ते हैं.

मैं सब समझती हूँ. मैं भी खेली आई हूँ, इस सबको तब से समझने लगी हूँ, जब से मेरे ऊपर जवानी झूम कर चढ़ी थी.

मेरा भाई विकास डरपोक है इसी लिए उसके कुछ दोस्त उसे बहन से सम्बन्धित गालियां भी देते हैं, पर वो उनसे कुछ नहीं कह पाता.मगर मैं जब भी बहन की गालियां सुनती हूँ तो मेरी चूत में सनसनी होने लगती है.

एक दिन मैं खिड़की के पास बैठी थी.तभी मैंने देखा कि विकास अपने दोस्त अनवेश के साथ नीचे खड़ा था. अनवेश एक बीस साल का लम्बा और काला लड़का था.वो दो साल फेल होने की वजह से भाई की क्लास में था.

अनवेश उससे बोल रहा था- विकास यार, मेरा एक नया दोस्त बना है, उसकी बहन मस्त माल है.विकास बोला- कौन है भाई, मुझे भी मिला … तू तो रोज ही लड़कियां चोदता रहता है.

अपने भाई के मुँह से यह बात सुन कर मैं चौंक गयी.

अनवेश बोला- भाई, पर वो तो दोस्त की बहन है ना!विकास बोला- तो क्या हुआ भाई, माल किसी की भी बहन हो … चोदने में क्या दिक्कत?

अनवेश बोला- हां यार तू सही कह रहा है. कल की सुन. क्या हुआ कि मैं उस दोस्त के घर गया था. उसकी बहन मेरे लिए पानी लायी. पर जैसे ही वो झुकी, तो उसके चूचे साफ दिखने लगे थे. मैं उसे घूरता रहा और ये उसने भी देख लिया था. वो मुझे देखते हुए कुछ बोली तो नहीं बस मुँह बना कर चली गयी. उसका चूतिया भाई भी मेरे पास बैठा रहा, उसको कुछ पता नहीं चला.

अनवेश के मुँह से ये सुनकर मुझे कुछ कुछ अजीब सा लगा क्योंकि यह सब मेरे साथ कल हुआ था. अनवेश जब कल घर आया था, तो वो सब हुआ था.

मैं समझ गयी कि अनवेश मेरी ही बात कर रहा है.

विकास बोला- भाई चलते हैं, इस रंडी को तो मुझे भी चोदना है.मेरा भाई विकास अभी तक समझ नहीं पाया था कि अनवेश उसकी बहन की ही बात कर रहा था.

अनवेश बोला- भाई एक बात बोलूं, तू बुरा तो नहीं मानेगा, चल छोड़ चूतिये मान भी जाएगा तो क्या उखाड़ लेगा. उसकी बहन बिल्कुल तेरी बहन जैसी माल है. उसको देखते ही तेरी रंडी बहन की याद आ गयी थी. लौड़ा खड़ा हो गया था.

यह सुनते ही मेरा शरीर गर्म हो गया था. मुझे गाली सुनना पसंद है.

अब विकास की फट गयी थी क्योंकि ये सब अनवेश मेरे बारे में बोल रहा था.पर मैं गर्म हो चुकी थी.

मैं अब खिड़की पर बैठी अपनी चूत सहलाने लगी और मेरी चूत भी गर्म हो चुकी थी.तभी अनवेश बोला- चल बे चूतिए ऊपर तेरे घर में चलते हैं. बड़ी प्यास लग रही है.

विकास बोला- अरे यार, शॉप से पानी की बोतल ले लेते हैं.अनवेश बोला- अबे चूतिए ऊपर चल न … तेरी रांड बहन को भी ताड़ लेंगे.

मैं ये सब सुनकर खुश हो गयी और मैंने मूड बना लिया कि आज अनवेश को फिर से अपने चूचे दिखाऊंगी और साले को गर्म करूंगी.

मैंने उस वक्त छोटी सी स्कर्ट पहनी थी और ढीला सा टॉप. मैंने उन दोनों के ऊपर आने से पहले अपनी पैंटी हटा दी. मैंने ब्रा पहले से ही नहीं पहनी थी.

वो दोनों ऊपर घर के बाहर आए और बेल बजाई.मैंने दरवाजा खोला और दोनों को अन्दर आने का कहा.

अनवेश ने पानी की बात कहते हुए मुझे ताड़ा.मैं उसे बिठा कर किचन में पानी लेने जाने लगी.

तभी अनवेश मुझे जाते हुए देख कर बोला- विकास देख बे … क्या मस्त गोरी टांगें हैं इस रांड की … मन तो कर रहा है, साली को यहीं पटक कर चोद दूँ.विकास चुप रहा, कुछ नहीं बोला क्योंकि वो अनवेश से डरता था.

मैं पानी लेकर आयी और मैंने पूछा- क्या हुआ अनवेश, तुम कुछ बोल रहे थे क्या?मैं झुक कर पानी देने लगी और मेरे चूचे अनवेश के बिल्कुल सामने झूलने लगे थे.

अनवेश मेरे दूध घूरने लगा और बोला- छोड़ो दीदी … आप शर्मा जाओगी.मैं बोली- तू बोल, मैं शर्माती नहीं हूँ.अब मेरा भी मन चुदने का कर रहा था.

तभी विकास टॉपिक चेंज करके बोला- दीदी तू हमारे लिए चाय बना दे. तब तक हम दोनों कंप्यूटर पर गेम खेलते हैं.तभी अनवेश मेरे मम्मे ताड़ता हुआ बोला- गरिमा दीदी, मुझे तो आप दूध पिला दो. चाय इसको ही दे देना.मैंने भी मुस्कुरा कर बोल प्रिया- ठीक है तुम दूध पी लेना.ये कह कर मैंने अपने एक मम्मे को हाथ से खुजाते हुए दबा प्रिया.

मेरा भाई विकास भी समझ गया था कि आज उसकी बहन इसके काले लंड से चुदने वाली है.

मैं दो कप में चाय लेकर गयी और जैसे ही चाय रखने के लिए नीचे झुकी.

अनवेश मेरे चूचों को देखते हुए बोला- दीदी मैं तो बस ये वाले दूध पियूंगा.मैंने उसकी बात को नजरअंदाज करके कहा- किचन से अभी लाती हूँ.

ये कह कर मैंने अनवेश को आंख मारी और उसे किचन में आने का इशारा कर प्रिया.मैं गांड मटकाती हुई किचन में जाने लगी.

अनवेश विकास से बोला- ओए चूतिए, तू यहीं बैठ … मैं तेरी रांड बहन के दूध पीकर आता हूँ.

मैं किचन में खड़ी हो गई थी.अनवेश आया और बोला- दीदी दूध निकालो, पीना है.मैं स्माइल करके बोली- अब तो बचा ही नहीं है दूध.

यह भी पढ़ें (Recommended)

कोटा की कमसिन कली-2

तभी अनवेश ने झटके से मुझे पीछे से पकड़ा और बोला- साली रंडी ज्यादा नाटक मत कर … तुझे चोदने के लिए ही तो मैंने तेरे चूतिए भाई से दोस्ती की है.ये कह कर वो मेरे मम्मों को दबाने लगा.

मैं बोली- आह छोड़ो दर्द हो रहा है.मुझे वो किचन से बाहर ले गया, जहां विकास बैठा था.

वो विकास से बोला- देख बे चूतिए इस रांड की वजह से ही मैंने तुझसे दोस्ती की थी. आज ये माल मेरे नीचे आएगी … मेरा लंड चूसेगी.

मैं बस मन ही मन हंस रही थी.अनवेश बोला- इसके फोटो देख कर तो पूरे कॉलेज के लड़के अपना लंड हिलाते हैं. सब इसे अपनी रखैल बना कर चोदना चाहते हैं.

तभी विकास मिमिया कर बोला- अनवेश भाई, गरिमा दीदी मेरी बहन है. हम दोनों तो आपके उस दोस्त की बहन को चोदने चल रहे थे ना!अनवेश बोला- चूतिये, वो लड़की तेरी बहन गरिमा ही है. इसी के चुच्चे देखे थे मैंने. तुझे तो अपनी इस बहन को औरों से भी बजवानी चाहिए. पर तू फ़िक्र मत कर, अब मैं हूँ ना. मैं रोज अपने दोस्तों से इस रांड को चुदवाऊंगा.

मैं सब सुन रही थी, मुझे मज़ा आ रहा था.तभी अनवेश ने मुझे खड़ा किया और मेरे होंठों पर अपने होंठ रख कर काटने लगा.

वो बोला- दीदी, मैंने आपके नाम से बहुत मुठ मारी है. आज यकीन नहीं होता कि तू मेरे लंड से चुदने वाली है.

होंठ काटते काटते वो मेरे चुच्चे भी दबाने लगा और मेरा हाथ अपने लंड के ऊपर रख कर मुझसे लंड सहलवाने लगा.

उसका लंड काफी बड़ा और तना हुआ लग रहा था.अब मैं भी उसे सपोर्ट करने लगी और उसे किस करने लगी.मैंने उसका लंड बड़े प्यार से पकड़ लिया और लंड की मालिश करने लगी.

लंड पकड़ते देख कर अनवेश बोला- देख बे विकास … तेरी बहन को लंड लेने की कितनी जल्दी हो रही है. साली कितनी मस्ती से मेरा लंड सहला रही है.

तभी मैं बोली- अनवेश, मैं भी काफी समय से तुम जैसे मर्द से चुदना चाह रही थी.

अनवेश ने ये सुनते ही मुझे उल्टा कर प्रिया और मेरा टॉप उतारने की जगह सीधा फाड़ प्रिया.टॉप हटते ही मेरे चुच्चे एकदम से बाहर आकर खुली हवा में फुदकने लगे थे.

मैंने ब्रा नहीं पहनी थी इसलिए मेरे चूचे देख कर अनवेश की आंखों में वासना के डोरे तैरने लगे थे.

अनवेश ने झट से मेरे एक चूचे को पकड़ा एयर उसे मुँह में दबा कर चूसने लगा.

पूरी ताकत से मेरे चूचे चूसते हुए वो बोला- विकास, ये रांड तेरे साथ घर पर ही रहती है, साले तू ऐसे माल के साथ कैसे कण्ट्रोल करता है. मैं होता, तो अपनी ऐसी हॉट बहन को रोज चार बार चोदता. साले हिजड़ा है क्या तू?

विकास चुप था मगर वो मेरी चूचियों को देखे जा रहा था.शायद उसे भी अपनी बहन की चूचियों के साथ अनवेश का खेलना अच्छा लग रहा था.

फिर अनवेश ने मेरी स्कर्ट उतार दी और मुझे बिना पैंटी के देख कर बोला- साली एकदम छिनाल है … बहन की लौड़ी को चुदने की इतनी जल्दी है कि रंडी ने ब्रा पैंटी कुछ नहीं पहनी है. विकास सच में तेरी बहन तो बड़ी मस्त माल है रे!

ये कह कर उसने मेरी चूत में हाथ डाल प्रिया और चूत की पुत्तियां पकड़ कर मींजने लगा.मैं एकदम से मचल उठी और मेरी चूत लंड लंड करती हुई अपना पानी बहाने लगी.

चूत का पानी महसूस करते ही अनवेश ने मुझे सोफे पर गिराया और अपना खड़ा लंड मेरी रसीली चूत में लगा प्रिया और मेरी एक टांग उठाकर मेरी चूत में लंड डालने लगा.

वो लंड पेलते हुए बोला- आह साली गरिमा रंडी … तेरी तो पूरी चूत ही खुली हुई है. तू कितनों से चुद चुकी है रांड!मैं हंस दी और उसके लंड को अपनी चूत में सही निशाने पर लगा कर बोली- अब पेल दे साले.

अनवेश बोला- विकास, तेरी गरिमा दीदी को तो बहुतों ने चोदा है रे … ये तो नेशनल हाईवे निकली साली … न जाने कितने ट्रक इसकी चूत रगड़ कर निकल गए.

ये बोलते हुए अनवेश ने झटका मार प्रिया जिससे उसका लंड एक बार में ही मेरी चूत की गहराई में घुसता चला गया.

मैंने एक मीठी आह के साथ अनवेश का लंड अपनी चूत में गड़प कर लिया.अनवेश मुझे धकापेल चोदने लगा.

मुझे चूत चोदते हुए अनवेश ने मेरी चूचियों का रस पीने का मजा लेना शुरू कर प्रिया.वो कभी मेरी चूत में लंड जड़ तक ठोक कर मेरे होंठ चूसने लगता तो कभी मेरे चूचे चूसने लगता.

मुझे बेहद मजा आ रहा था.मैं अपने सगे भाई के सामने पूरी नंगी होकर उसके दोस्त से चुद रही थी.

बीस मिनट तक मैं अपनेभाई के सामने नंगीपड़ी चुदती रही.

फिर कुछ ही देर में अनवेश ने अपना वीर्य मेरी चूत में गिरा प्रिया और मुझे चूम कर बोला- आह रांड बड़ा मजा देती है तू … अब तो जब भी आऊंगा, बस ऐसे ही चूत देती रहना.

मैंने भी उसे चूमा और कहा- मुझे भी तेरे लंड से चुदने में मजा आ गया अनवेश … आते रहना.अनवेश- हां मेरी जान … अब तो आना जाना लगा ही रहेगा.

वो मेरे ऊपर से उठा और अपने लंड को मेरे टॉप से पौंछ कर साफ करके अपने कपड़े पहनने लगा.कुछ देर बाद वो मुझे चूम कर अपने घर चला गया.

मैं अब भी नंगी लेटी हुई अपनी चूत में से अनवेश का रस निकाल कर चाट रही थी और मेरा भाई विकास मुझे रंडी के जैसे हाल में पड़ा देख कर मुस्कुरा रहा था.मैंने उसे उंगली से इशारा करके अपने करीब बुलाया.वो झट से मेरे करीब आ गया.

मैंने उससे कहा- बहनचोद बनेगा क्या?वो हंस प्रिया.मैंने भी हंस कर उसे अपने ऊपर खींच लिया.

दोस्तो, आपको मेरी हॉट न्यूड गर्ल चुदाई स्टोरी पसंद आयी होगी. तो प्लीज कमेंट में जरूर बताएं. अगली बार मैं आपको विकास के साथ क्या हुआ, वो लिखूँगीsupport@mohakkisse.com

कहानी पर अपनी प्रतिक्रिया दें (React to Story)

इसी श्रेणी से अन्य कहानियाँ

मकान मालिक की बेटी की कामुकता
जवान लड़की

मकान मालिक की बेटी की कामुकता

मेरा नाम माधव शर्मा है, मैं इंदौर में पढ़ाई करता हूँ और यहाँ किराये के एक रूम में रहता हूँ।मेरी हिन्दी पोर्न स्टोरी की घटना आज से चार माह पहले की है जब मैं अपने नए रूम में रहने के लिए आया था, अभी दो दिन हुए थे यहाँ पर, एक दिन शाम के टाइम में सो कर ...

9 मिनट 679
कोटा की कमसिन कली-2
जवान लड़की

कोटा की कमसिन कली-2

पिछले भाग में आपने पढ़ा कि कैसे मैंने और मेरी कोटा की फेसबुक फ्रेण्ड साक्षी गोयल ने रात भर होटल में चुदाई की।अब आगे..

7 मिनट 401
सेक्सी पड़ोसन की गीली चूत चुदाई का मजा
जवान लड़की

सेक्सी पड़ोसन की गीली चूत चुदाई का मजा

GF देसी चुत चुदाई का मजा मुझे गाँव की एक चालू लड़की ने प्रिया. मैं उसके साथ वाले घर में किराए पर रहता था. मैं अक्सर उसे देखता था तो हमारी दोस्ती हो गयी.

14 मिनट 454

पाठकों की राय

1 टिप्पणी
स

सेक्सी लौड़ा

4 months ago

बहुत ही उत्तेजक और रोमांचक कहानी लिखी है भाई। मजा आ गया।

🔒 सुरक्षा कारणों से कॉपी करने की अनुमति नहीं है।