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पड़ोसी पठन समय: 7 मिनट पढ़ा गया: 450 बार

बीवी की सहेली को चोदा पूरी रात

अजय पाल

18 Oct 2008 को प्रकाशित

बीवी की सहेली को चोदा पूरी रात
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हॉट सेक्स विद वाइफ फ्रेंड का मजा मैंने पूरी रात तब लिया जब मेरी बीवी मायके गयी और पड़ोसन में रहने वाली सहेली ने मुझे खाने पर बुलाया. उसने अपने आप से पहल करके मुझसे सेक्स किया.

मेरा नाम विकास (बदला हुआ) है।मैं पुणे का रहने वाला हूँ।

मैं शादीशुदा हूँ मगर नई–नई चूत का स्वाद मुझे बहुत पसंद है।इसलिए मैं जहां भी जाता हूँ चूत के जुगाड़ में लग जाता हूँ।

यह हॉट सेक्स विद वाइफ फ्रेंड की बात एक साल पहले की है।

मैं पहले जहां रहता था वहां पड़ोस वाले कमरे में एक परिवार रहता था।उस परिवार में 3 लोग रहते थे– पति–पत्नी और उनका 6 साल का बेटा।

मेरी बीवी और उस घर की औरत यानि भाभी की आपस में काफी बनती थी।

उनके पति प्राइवेट नौकरी करते थे।उनकी शिफ्ट कभी दिन में तो कभी रात में बदलती रहती थी।

कुछ दिन ऐसे ही बीत गए।

फ़िर मेरी बीवी को गाँव जाना था तो वह 2 दिन बाद अपने भाई के साथ गाँव चली गई।वह अपने मायके में 1 महीने के लिए रहने गई थी।

रोज आते–जाते भाभी से मुलाकात होती और मेरी नज़रें उनसे मिल जाती थी।फ़िर कुछ दिनों बाद एक दिन उनके पति की रात की शिफ्ट चालू हो गई एक महीने के लिए!

तब उनके पति ने मुझसे कहा– यार, एक काम है, कर दोगे?मैंने बोला– कहिए तो!

उसने बताया– मेरी रात की शिफ्ट चालू हो गई है तो थोड़ा ध्यान रखना घर का!मैंने कहा– ठीक है!

फ़िर उसने कहा– खाना हमारे घर ही खा लिया करो जब तक तुम्हारी बीवी नहीं आती।मैंने कहा– ठीक है!

फ़िर मैं नौकरी पर चला गया।रात को जब मैं घर आ रहा था तो भाभी ने मुझे बुलाया और बोलीं– आज से आप खाना यहीं खा लिया कीजिएगा!मैंने कहा– ठीक है! आता हूँ कपड़े बदल के।

फ़िर मैं कपड़े बदलने के लिए अपने घर आ गया।कपड़े बदलते–बदलते मैं सोचने लगा कितने दिन से इन्हें चोदने का मन था, अब शायद सपना पूरा हो जाए।

भाभी के बारे में मैं आप सब को बता दूं कि उनका आकार 36-32-40 होगा।एकदम मस्त माल!

फ़िर मैं कपड़े बदल कर उनके घर गया और खाना खान के लिए बैठ गया।उन्होंने उस समय साड़ी पहनी हुई थी और उनकी चूचियां काफी सख्त लग रही थी।

मैं बस उनको ही देखे जा रहा था और उन्हें यह पता चल गया था।हम खाना खाने लगे और मैं खाते–खाते उनकी चूचियों को घूर रहा था।

उन्होंने भी अपनी चूचियां दिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी।थोड़ी देर में खाना खत्म हुआ और मैं चलने लगा।

तब उन्होंने बोला– थोड़ी देर रुको, कुछ काम है आप से!मैं बोला– ठीक है!और फ़िर मैं वहीं बैठ गया।

उनका बेटा सोने चला गया था क्योंकि उसे सुबह में स्कूल जाना था।

फ़िर वे 5 मिनट बाद आई और बोलीं– क्या आप मेरी मदद कर दोगे?मैं बोला– कैसी मदद?

वे बोलीं– मुझे पता है आप अपनी बीवी को कैसे खुश करते हो, मुझे भी कर दो!मैंने बोला– यह कैसे होगा क्योंकि आपका बेटा …!

तभी वे मुझे बीच में ही टोकते हुए बोलीं– वह मैं संभाल लूंगी!तब मैंने बोला– ठीक है फ़िर आ जाना आप काम ख़त्म करके!उन्होंने बोला– ठीक है!

मैं अपने घर में आ गया और कपड़े निकाल कर सिर्फ कच्छे में हो गया हमेशा की तरह!

थोड़ी देर बाद भाभी आई और दरवाजा खटखटाया।मैंने दरवाजा खोला।

उन्होंने अंदर आते ही दरवाजा बंद किया और मुझ पर टूट पड़ी।हम दोनों एक–दूसरे को चूमने लगे।

मैंने उन्हें चूमते हुए उनके कपड़ों को निकालना शुरू कर प्रिया।पहले साड़ी उतारी, फ़िर पेटीकोट और अंत में उनका ब्लाउज भी उतार प्रिया।

हम अभी भी एक–दूसरे को चूमे जा रहे थे खड़े–खड़े!

फ़िर मैं उन्हें चूमते हुए उनकी चूचियों को दबाने लगा।मैं उनकी गर्दन पर चूमने और काटने लगा।

वे मेरा लंड सहलाने लगी।

थोड़ी ही देर में उन्होंने मेरा कच्छा उतार प्रिया और मैंने भी उन्हें पूरी तरह से नंगी कर प्रिया।

मैंने उन्हें लंड चूसने को कहा तो वे सीधा नीचे बैठ गई और पूरा लंड अपने मुंह में ले लिया और उसे चूसने लगी।5 मिनट लंड चूसने के बाद वे बोलीं– अबमुझे चोदोजल्दी से, मुझसे रहा नहीं जा रहा है।

मैंने उन्हें वहीं जमीन पर लेटाया और टांगें खोल कर अपने लंड को उनकी चूत पर सेट किया और सीधा उनकी चूत में घुसा प्रिया।उनकी सिसकारी निकल गयी- उम् … आह … हाँ!शुरू में मैंने आराम–आराम से चोदना शुरू किया और फ़िर रफ़्तार बढ़ा दी।

वे जोर जोर से आनन्द भरी आवाजें करने लगी- आह हाँ … हाँ … पेलो … अंदर तक घुसाओ … मजा आ रहा है … हाँ हाँ!

मैं भी खूब जोर लगा कर भाभी की गर्म चूत में लंड पेल रहा था, हॉट सेक्स विद वाइफ फ्रेंड का मजा ले रहा था.

करीब 10 मिनट की चुदाई के बाद हम दोनों साथ में झड़ गए।

तब हम दोनों बिस्तर पर लेट गए और एक दूसरे को चूमने लगे.

थोड़ी देर आराम करने के बाद वे मेरा लंड चूसने लगी।इस बार मैंने उन्हें कुतिया बनाने को कहा.

वे बेड पर कुतिया के आसन में हो गयी.भाभी के विशाल चूतड़ मुझे आमंत्रित कर रहे थे.

मैंने भाभी के कूल्हों को खूब चाटा, उन पर दांतों से काटा.

भाभी की गांड का झुर्रियों वाला छेद मेरे सामने था.मैंने उस पर उंगली से छुआ तो भाभी सिहर गयी, बोली- वहां क्या कर रहे हो?तो मैंने कहा- आप बस मजा लो.

मैं कुछ देर भाभी की गांड के छेद को सहलाता रहा, फिर मैंने उनकी चूत में उंगली डाल कर उंगली गीली की और वह उंगली भाभी की गांड में घुसाने लगा.शुरू में तो भाभी ने मुझे रोका, आनाकानी की.पर मैंने भी हिम्मत नहीं हारी और अपनी उंगली करीब 1 इंच गांड में घुसा दी.

भाभी को इससे मजा आया और वे अपने चूतड़ पीछे को धकेलने लगी.मैंने अपनी उंगली और अंदर घुसनी चाही तो भाभी को दर्द हुआ और उन्होंने मुझे उंगली निकालने को कहा.

तब मैंने भी सोचा कि अब तो भाभी मिलती ही रहेंगी, इनकी गांड का मजा फिर कभी ले लूंगा.

मैंने अपने लंड का निशाना भाभी की चूत में लगाया और लंड अंदर पेल प्रिया.वे बोली- आह हां … मजा आ गया!

तब मैंने कुतिया बना कर भाभी को 20 मिनट तक चोदा।

उस रात उन्होंने 3 बार मुझसे चुदवाया.और फ़िर 1 महीने तक मैंने उन्हें कैसे–कैसे चोदा वह कभी और बताऊंगा।हॉट सेक्स विद वाइफ फ्रेंड की कहानी आपको कैसी लगी?मुझे मेल और कमेंट्स में बताएं.

तब तक के लिए विदा दोस्तो!support@mohakkisse.com

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पाठकों की राय

3 टिप्पणियां

हितेश सेक्सी

1 month ago

कहानी बहुत ही शानदार थी, अंत तो लाजवाब था।

दीवाना तेरा

1 month ago

बहुत ही गजब का लिखा है लेखक भाई। आपका लिखने का स्टाइल बहुत बढ़िया है।

जीत सिंह

2 months ago

कहानियों का ये संग्रह बहुत ही अच्छा है। आपका फैन हो गया हूँ।

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