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चचेरे भाई से सीलपैक चूत का उद्घाटन करवाया

वृत्ति चौधरी

02 Feb 2017 को प्रकाशित

चचेरे भाई से सीलपैक चूत का उद्घाटन करवाया
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हॉट वर्जिन गर्ल फर्स्ट सेक्स कहानी में लड़की ने बताया कि सहेलियों से चुदाई की बातें सुन सुन कर उसकी इच्छा भी चुदाई की होने लगी. उसका चचेरा भाई बांका जवान था.

यह कहानी सुनें.

दोस्तो, मैं हूं वृत्ति चौधरी.मैंने आपको पहले भी पिछली कहानीपशु चराते मिली पड़ोसन कुंवारी लड़की की सीलपैक चूतमें बताया था कि मेरा उद्देश्य सिर्फ और सिर्फ इस साइड पर एकदम असली कहानी लेकर आना है.

वैसे मेरी खुद की तो इतनी कोई सेक्स कहानी है नहीं जो मैं रोजाना आपको सुनाऊं.और ना मेरे पास इतनी अर्चना करने की शक्ति है कि मैं अर्चना में किसी से सेक्स करके आपको कहानी बता दूं!

तो मैंने यह तय किया कि क्यों न में अपनी मेरी सहेलियों की बहुत सेक्स कहानी को यहां इस साइट पर बताकर आपका मनोरंजन करूं.

वैसे मेरी स्कूल और कॉलेज की सहेलियां बहुत ही ज्यादा चुदक्कड़ थी.मैंने सोचा क्यों ना मैं उनकी भी असली सेक्स कहानी आप लोगों तक पहुंचाऊँ कि कैसे उन्होंने किसी को पटाया और उसके लंड का मजा लिया था.

वैसे यह सेक्स कहानी मेरी स्कूल फ्रेंड सरोज कासवान और और उसकी छोटी बहन किरण कासवान की है.जिसमें सरोज ने अपने चचेरे भाई गोविंद चौधरी के साथ सेक्स किया था. इसी के साथ उसकी छोटी बहन किरण कासवान ने भी उसी दिन ही गोविंद चौधरी के साथ सेक्स किया था!

यानी मेरे कहने का मतलब यह है कि इन दोनों बहनों ने एक ही दिन में एक ही साथ में अपने चचेरे भाई गोविंद चौधरी से चुदाई करवाई थी.

आगे की कहानी आप सरोज कासवान से सुने जो उसने खुद मुझे टाइप करके भेजी है.

दोस्तो, मैं सरोज कासवान … आज मैं आपको मेरी असली हॉट वर्जिन गर्ल फर्स्ट सेक्स कहानी सुनाऊंगी.

वैसे तो मुझे इस वेबसाइट के बारे में ऐसी कोई जानकारी नहीं थी.

वृति मेरी बचपन की फ्रेंड है.उसने मुझे इस वेबसाइट के बारे में बताया और कहा- मैंने भी अपनी असली सेक्स कहानी इस वेबसाइट पर भेजी है. अगर तुम चाहो तो तुम भी भेज दो ताकि लोगों को भी पढ़ने में मजा आए. उन्हें पता चले कि काल्पनिक सेक्स कहानी और असली सेक्स कहानी में कितना अंतर होता है.

तो मैं आपका ज्यादा समय खराब नहीं करते हुए सीधे ही अपनी सेक्स कहानी पर आती हूँ.

वैसे मेरी उम्र अभी 30 साल है. पर यह सेक्स कहानी आज से 9 साल पहले की हैं यानी मैं उस समय 21 साल की थी और मेरी छोटी बहन किरण उस समय 19 साल की थी.

मेरी शादी हुइ लगभग 6 साल हो गए.

लेकिन शादी से पहले ही हम दोनों बहनों ने सेक्स कर लिया था.

मैं बाड़मेर की ग्रामीण इलाके में रहती हूं और हम लोग दूर-दूर बसी ढाणियों के अंदर निवास करते हैं.मेरे परिवार हम दो बहनें और एक भाई है भाई बड़ा है.

पापा बाहर जॉब करते हैं और मम्मी घर पर काम करती हैं.

वैसे मुझे 12वीं किए हुए लगभग 3 साल हो गए थे लेकिन मुझे कभी भी चुदवाने का मौका नहीं मिला था.मेरी सभी सहेलियां उस समय किसी ना किसी से चुदाई करवा चुकी थी.

मेरी समस्या यह थी कि हमारे घर दूर होते हैं. किसी से मिलने का मौका तो मिलता नहीं है.और स्कूल टाइम में भाई साथ में रहता था जिससे किसी लड़के से रास्ते में चुदाई करवाना भी आसान नहीं था.पड़ोस में भी ऐसा कोई लड़का था नहीं जिससे चूत की गर्मी शांत करवा लूं!

लेकिन मेरी चुदाई करवाने की उत्तेजना हमेशा मेरे मन में रहती थी.उस समय पापा बाहर जॉब करते थे घर में मैं मम्मी और मेरा बड़ा भाई ही थे!

भाई भी जॉब के लिए बाहर ही रहता था तो घर में हम दोनों बहनें और मम्मी ही रहती थी.हम दोनों बहनें आपस में मस्ती मजाक करती थी और एक दूसरी को लड़का लड़की बनकर चुदाई करके मन को तसल्ली देती थी.रात को साथ में सोती हुई भी एक दूसरी की चूत में अंगुली करती थी और बूब्स मसलती थी और एक दूसरे को घोड़ी बनाकर भी चोदती थी.लेकिन कोई लड़का नहीं मिल रहा था चुदाई करवाने के लिए!

घर से दूर-दूर होने के कारण काफी डर भी रहता था.हमारे से नजदीक घर मेरे चाचा का घर था जो लगभग 1 किलोमीटर दूर था.

चाचा के एक लड़का और एक लड़की थी. चाचा जी खुद टीचर हैं और चाची भी टीचर है.

मेरी और गोविंद की बहुत अच्छी दोस्ती थी.हम बचपन में ही साथ खेलते थे, साथ पढ़ते थे और कभी-कभी मस्ती मजाक भी करते थे.

बचपन में हम दूल्हे दुल्हन का खेल भी खूब खेले थे. कई बार घोड़े घोड़ी बनाकर भी गोविंद हमारे को धक्के लगाता था और टच करना आदि सब नॉर्मल होता था.हम कई बार दोपहर को उसके घर में साथ ही सोते थे.

यानी गोविन्द मेरा लाड़ला भाई था, मैं उसका बहुत ख्याल रखती थी, वो भी मेरा बहुत ख्याल रखता था.

जब भी मैं उसके घर जाती थी, हम दोनों साथ में ही खाना खाते थे. इतना लाड़ला वो अपनी सगी बहन का भी नहीं था जितना वो मेरा था.वो कई बार मेरी गोदी में सिर रख कर सोता था!

और मेरी हर बात वो मानता था लेकिन कभी भी मेरे भी मन में उसके प्रति गलत ख्याल नहीं थे.उस समय चुदाई करने को हम समझते नहीं थे, उसके प्रति उस ऐसा कोई ख्याल नहीं आया था.

लेकिन अब मन में हमेशा रहती थी क्यों न भाई से चुदाई कर ली जाए.मेरी सहेलियों ने भी मुझे भाई से ही चुदवाने की सलाह दी थी कि वह इतना प्यार करता है तो वो मना भी नहीं करेगा.और मेरी ज्यादातर सहेलियां अपने चचेरे ब्रदर से चुदाई करवाती थी, तब मैं भी सोचा क्यों ना मैं भी ट्राई कर लूं.

पर बड़ी समस्या थी उसे पटाना!क्योंकि वो बहुत ज्यादा खूबसूरत था और उसकी गर्लफ्रेंड भी बहुत थी जिसकी वो काफी अच्छे से चुदाई करता था.और अमीर परिवार से होने के कारण उसे पैसों की भी कोई दिक्कत नहीं थी.

गोविंद बहुत अच्छा और नेक दिल इंसान था, वह बहुत ही अच्छी और सहज भाषा में बात करता था.

उसकी वैसे 3/4 तो स्कूल समय में गर्लफ्रेंड थी लेकिन मैंने कभी उसे चोदते नहीं देखा था, मुझे भी किसी ने बताया था.

गोविंद की बहन मेरे साथ मेरी क्लास में ही पढ़ती थी और गोविंद 19 साल का था, वह मेरी छोटी बहन किरण के साथ पढ़ता था.

अब मैं आपका समय खराब किए बिना सीधे कहानी पर लेकर आती हूं.

एक बार हुआ यूं था कि मेरी मम्मी भी तीन-चार दिन के लिए मेरे ननिहाल में गई थी क्योंकि मेरी नानी क्या देहांत हो गया था.

तो गोविंद को मेरी मम्मी ने बोल प्रिया- रात को हमारे घर ही सोना तीन चार दिन … क्योंकि किरण सरोज अकेली हैं, वे डरेंगी.तो उसने हां कर प्रिया- मैं शाम को आ जाऊंगा.

दिन में मेरी मम्मी 12:00 बजे चली गई.

तब मैंने किरण से कहा- क्यों न अपन गोविंद को ही पटाकर उससे ही चुदाई करवा लें? और यह अब अच्छा मौका है.तो किरण ने भी हां कर दी- तुम ही पटा लेना, मैं बाद में शामिल हो जाऊंगी इसमें. पहले उसको शक नहीं होना चाहिए.

किरण भी चुदाई के लिए तड़प रही थी पर कोई मौका नहीं मिल रहा था.

वैसे अब तीन-चार दिन गोविंद हमारे पास ही रहने वाला था.इस कारण उस से दिन मैं भी गोविंद को पटाने की सोचने लगी.

गोविंद के आने से पहले मैंने टाइट जींस और टॉप पहना जिसमें बूब्स एकदम स्पष्ट दिखाई दे रहे थे.और किरण ने भी सलवार और कुर्ता पहना था गुलाबी रंग का!

वैसे मैं आपको बताना भूल गई हमारे बारे में.मेरे बूब्स 32″ के थे गांड 36″ की और कमर 30″ की थी.मैं सुंदर थी और बाल हमेशा लगभग खुला ही रखती थी जो कि मेरे कमर तक आते थे.मैं बहुत सेक्सी लगती थी और कोई मुझे देखकर मुझे चोदने का मन मैं सोचता होगा.

किरण की उम्र उस समय 19 साल थी और उसके बूब्स 28″ के कमर 26″ की और गांड 32″ की थी.

फिर शाम के समय 6:00 बजे के आसपास गोविंद आया.आते ही उसने मुझे देखा तो ऐसा महसूस हुआ कि वह मुझे देखता ही रह गया था.

फिर मैंने उसे पानी पिलाया और किरण को चाय बनाने का बोल प्रिया.किरण चाय बनाने चली गई.

फिर थोड़ी बहुत बातचीत हुई और मैं बेडरूम में चली गई.वो भी वहीं आ गया और टीवी देखने लगा था.हम दोनों आपस में बातें करने लगे.काफी तेरे दर-उधर की बातें हुई.

मैं उसकी गोदी में सिर रख कर टीवी देख रही थी.मैंने यह महसूस किया कि वो बार बार मेरे स्तनों की ओर देख रहा था. उसने एक दो बार टच भी किए थे लेकिन मैंने उसे कुछ नहीं कहा था.

फिर हमने खाना खाया, रात को 8:00 के आसपास हम सोने चले गए.

हम तीनों ही एक ही रूम में लेट गए.बीच के पलंग पर गोविंद, उसके दाहिनी तरफ चारपाई पर मैं और बाईं तरफ की चारपाई पर किरण सो गई.

लेकिन मैं और गोविंद अभी भी टीवी देख रहे थे इस कारण नींद नहीं आई थी.

गोविंद मेरी गोदी में सिर रख कर टीवी देख रहा था.उसे वहीं पर नींद आ गई थी या फिर नींद का नाटक कर रहा था.

फिर मैंने उसको वहीं पलंग पर सही से सुला प्रिया और मैं भी वही पास में सो गई.वैसे गोविंद को इससे कोई दिक्कत नहीं थी क्योंकि उसने पहले ही कहा था एक ही पलंग पर हम तीनों सो जायेंगे!

फिर मैंने कहा- नहीं, अलग अलग सो जाते हैं. हो सकेगा तो मैं आ जाऊंगी साथ में.लेकिन उसे पहले ही नींद आ गई थी!

वैसे उसके हमारे घर आने के बाद मैंने यह महसूस किया था कि गोविंद बार-बार मेरे बूब्स और गांड की और कुछ ज्यादा ध्यान दे रहा था.शायद उसका भी मुझे चोदने का मन हो गया था.

रात को सोते हुए मैंने जानबूझकर गोविंद के पैर पर अपना पैर रखा और धीरे-धीरे रगड़ने लगी.उसकी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई या फिर उसने भी नींद में होने का नाटक किया था. पता नहीं चला.

फिर मैंने अपना हाथ उसके लंड पर रख प्रिया.तो मैंने देखा कि उसका लंड खड़ा हुआ हुआ था.इसका मतलब यह था कि उसके भी मन में जरूर कुछ न कुछ सेक्स वाली भावना है.

मैं धीरे धीरे उसके लंड पर हाथ फेरने लगी.वो काफी बड़ा हो रहा था. लगभग 8 इंच मोटा और 3 इंच मोटा महसूस हो रहा था.

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लगभग 10 मिनट बाद उसने भी मेरे बूब्स पर हाथ रख कर उसे मसलना शुरू किया.वह भी अब जाग गया था.

ऐसा काफी देर तक चलता रहा. मैंने कोई प्रति क्रिया नहीं दी.तो उसने अपना हाथ मेरी नाभि पर फेरना शुरू किया.

उसके बाद धीरे-धीरे टांगों के बीच पेट के ऊपर से होते हुए वह मेरी चूत को सहलाने लगा था.हालांकि अभी तक वो पैन्ट के ऊपर से सहला रहा था.

ऐसा करते-करते उसने मेरी जींस के बटन खोलने की एक हाथ से कोशिश की.लेकिन खुले नहीं.

तब मैंने सोचा कि क्यों न मैं खुद ही खोल दूं.लेकिन इस तरह अचानक सामने नहीं!

तब मैंने करवट बदली.तो वह एकदम चौंक गया, उसे लगा कि शायद मैं जाग रही हूँ.

मैंने करवट बदल कर मेरी जींस के बटन खोले और जिप को भी नीचे खिसका प्रिया ताकि गोविंद को चूत तक जाने में आसानी हो.

काफी देर तक एक दूसरे से अलग रहे.फिर उसने वापस से अपना हाथ बूब्स पर रख प्रिया और धीरे-धीरे करते नीचे लेकर गया.उसने देखा कि मेरी पैन्ट के बटन तो खुले हैं. तो उसने अंडरवियर तक अपना हाथ डाल प्रिया.उस समय मेरी उसमें चूत काफी गीली थी.तब उसने मुझे धीरे से पूछा.मैंने कहा- पूरी उतार दे, बड़ा अच्छा लग रहा है.

लेकिन मैंने खुद मेरी जींस और पेंटी घुटनों तक नीचे खिसका दी.गोविंद ने मेरी चूत पर हाथ फेरना शुरू किया तो मैंने भी उसकी जींस को नीचे खिसका कर उसके लंड पर हाथ फेरना शुरू किया.

मुझे भी अच्छा लग रहा था.

उसने कहा- धीरे धीरे फेर!मैंने कहा- मेरे ऊपर ही आ जा!

फिर ऊपर आने के बाद मैंने उसकी पैन्ट और कमीज को उतार कर फेंक दिए.और मैंने भी उसके लंड पर हाथ फेरना शुरू कर प्रिया.

वो मुझे किस करने लगा, जोर-जोर से मेरे बूब्स मसलने लगा.

तब उसने मुझे पूछा- यह किरण जागेगी तो नहीं?मैंने कहा- नहीं जागेगी लेकिन जाग गई तो कोई बात नहीं.

फिर धीरे-धीरे ऐसे करते-करते उसने मेरी टॉप को निकाल प्रिया और फिर मेरी ब्रा को भी निकाल कर फेंक प्रिया.

वह मेरे 32″ के आम के जैसे गोल-गोल बूब्स मुंह में लेकर चूसने लगा.उसे काफी मजा आ रहा था.शायद उसकी किसी भी GF के इतने बड़े बूब्स नहीं थे.इस कारण वो आम की तरह मेरे बूब्ज़ चूस रहा था.

ऐसा करते-करते मैंने भी उसकी बनियान भी उतार दी और और उसने खड़े चड्डी उतार दी और पूरी तरह से नंगा हों गया.

फिर उसने मुझे भी पूरी तरह नंगी कर प्रिया.अब हम दोनों पलंग पर एकदम पूरे नंगे थे जो हवस की एकदम प्यासे थे.

मेरे भाई के सामने उसकी बहन की एकदम सील पैक चूत भी लंड का दर्शन करने के लिए इंतजार कर रही थी.जिस चूत को 21 साल तक किसी ने छुआ तक भी नहीं था, वो आज 8 इंच के लंड से उद्घाटन के लिए तैयार थी!

फिर उसने बिना देर करते हुए लंड पर काफी सारा थूक लगाया और मेरी गांड के नीचे तकिया लगा प्रिया.तब मेरे भाई ने अपने लंड को अपनी कुंवारी बहन की चूत के छेद पर से सेट करके एक धक्का प्रिया तो उसका लंड जो बहुत मोटा था, मेरी चूत की फांकों को चीरते हुए लगभग 2 इंच अंदर घुस गया.

मुझे बहुत दर्द हुआ, मैंने उसे रुकने को कहा.तो मेरे दर्द को महसूस करते हुए वह रुक गया.

और थोड़ी देर बाद उसने दूसरा झटका प्रिया जिससे 4 इंच लंड मेरे जिस्म के अंदरघुस गया.फिर तीसरे झटके में पूरा लंड में चूत के अंदर समा गया और मेरी जोर से चीख निकल गई.

शायद किरण को भी आवाज सुन गई, वो आवाज सुनकर जाग गई लेकिन उसने सोने का नाटक किया क्योंकि उसे पता था कि आज की चुदाई का दिन आ गया है.

लेकिन गोविंद को डर गया कि किरण जग जाएगी तो क्या करेगी, पता नहीं!तो मैंने कहा- यह रात को नींद में कभी जगती नहीं. चाहे इसके चाहे पूरे कपड़े उतार दो तो भी!तब उसने कहा- यह तो अच्छी बात है. इसको भी नंगी करते हुए चोदने का प्लान बनाएंगे कल परसों!

फिर उसने जोर-जोर धक्के लगाने शुरू किए, लगभग 10 मिनट की मेरी जबरदस्त चुदाई की.हॉट वर्जिन गर्ल फर्स्ट सेक्स के बाद वह मेरी चूत में झड़ गया और मेरे ऊपर ही लेट गया.

मेरे को बहुत ज्यादा असहनीय दर्द हो रहा था और उठा भी नहीं जा रहा था क्योंकि मूसल के जैसा उसका औजार मेरी चूत फाड़ चुका था!

थोड़ी देर बाद उसने दूसरे राउंड का सेक्स शुरू किया और मुझे जबरदस्त तरीके से चोदा.

इस बार मेरी चूत भी फच फच की आवाज कर रही थी.

उस रात उसने चार राउंड सेक्स किया और हम दोनों नंगे सो गए.

गोविंद ने तो नंगे सोने को मना किया था कि किरण जागेगी तो घर वालों को बता देगी.तो मैंने कहा- ऐसा कुछ नहीं, कुछ नहीं बताएगी. हम दोनों का कई महीने का प्लान था कि तुझसे चुदाई करवाने का!

सुबह 5:00 बजे के आसपास किरण जाग गई और पशुओं का दूध निकालने के लिए घर से बाहर गई.

तब तक मेरी नींद खुल गई, मैंने गोविंद के लंड को मसल कर खड़ा किया और उस पर बैठकर उछलने लगी.

जब मैं लंड पर बैठकर उछल रही थी, तभी किरण वापस आई.मुझे चुदती देखकर वह थोड़ी सी शरमाई.मैंने कहा- कोई बात नहीं, तू भी आ जा.

उसके बाद गोविंद ने किरण की भी सील पैक चूत का उद्घाटन किया और सुबह दो राउंड सेक्स उसके साथ भी किए.और एक राउंड मेरे साथ सेक्स किया.

चुदाई के बाद मैंने चाय बनाई और हम तीनों ही नंगे बैठकर चाय पीने लगे.

उसके बाद मैं घर का काम करने लग गई.हालांकि काफी तेज दर्द महसूस हो रहा था, चलने में भी काफी परेशानी हो रही थी.

फिर हम फ्रेश वगैरा हुए.उसके बाद हम तीनों ने एक साथ ही स्नान किया और एक एक राउंड सेक्स स्नान करते हुए भी किया.

और उसके बाद हम दोनों बहनों ने मिलकर खाना बनाया.हम उस दिन पूरे दिन नंगे रहे थे.

हमने खाना खाया और दोपहर आकर पलंग पर नंगे ही आ गए.फिर दोपहर को भी एक बार फिर से हमने दो राउंड और चुदाई की.

लेकिन अब चुदाई से गोविंद थक गया था.वैसे हम दोनों ने उसके लंड को पूरा ही निचोड़ लिया था लेकिन अब भी हमने उसके लंड को मसल मसल कर खड़ा करके उसके ऊपर बैठकर उछलने लगी थी.हमें तो मजा आ रहा था लेकिन गोविंद की हालत खराब हो गई थी.

तब हम तीनों सो गए.

लगभग 4:00 बजे उठे, फिर वापस से लंड चूसना शुरू किया.फिर किरण ने फ्रीज में से आम निकाल कर आम रस बनाया और हम तीनों ने पीया.

गोविंद को अब वापस एनर्जी आ गई.इस कारण हम दोनों उसके लंड के ऊपर बैठकर उछल कूद करने लगी.

हम दोनों में यह प्रतियोगिता चल रही थी कौन ज्यादा देर तक चुदाई करवायेगी.लेकिन दोनों ही हार मानने वालों में से नहीं थी.

इस तरह हमारा पहला दिन सेक्स करते हुए गुजर गया.

रात को भी हम नंगे सोए तथा जब भी मन करता तब वो हमें चोद देता.

दूसरे दिन सुबह गोविंद किरण को घोड़ी बनाकर चोद रहा था.वह बड़ी स्पीड से चोद रहा था और काफी मजा आ रहा था उसको चुदाई में!क्योंकि लड़की की बड़ी गांड हो तो घोड़ी बनाकर पेलने में मर्द को काफी मजा आता है.

फिर उसने हम दोनों को कहा- मुझे गांड भी मारनी है.तो मैंने कहा- मार लो, कोई दिक्कत नहीं!

उसके बाद उसने मुझे घोड़ी बनाया और मेरी गांड मारने लगा.लेकिन गांड मारते हुए उसको काफी दर्द हो रहा था और मुझे भी … क्योंकि मेरी गांड काफी ज्यादा टाइट थी.

इस तरह चार दिन तक हमारे भाई ने हम दोनों बहनों की खूब गांड और चूत चोदी.बहुत ही शानदार मजा आया.

उसके बाद 3 साल तक हम दोनों बहनों ने भाई से चूत और गांड मरा मरा कर दोनों छेद काफी बड़े करवा लिए.

उसके बाद हमारी शादी हो गई.शादी के बाद भी मैं जब भी कभी घर जाती हूं तो गोविंद मेरी चूत और गांड जरूर मारता है, बोलता है कि तेरी बड़ी गांड और फिगर मस्त है इस कारण काफी ज्यादा मजा आता है.

मैं भी उसे मना नहीं करती हूं.

लेकिन किरण ने शादी के बाद यह सब बंद कर प्रिया था.वो अपने पति से ही चुदाई करवाती है.

मैं अब तो दो बच्चों की मां भी बन गई हूं.लेकिन हमारा भाई और बहन का प्यार अभी भी वैसे ही है.

हमारे तीनों के अलावा हमारे इस सेक्स वाले रिश्ते को कोई नहीं जानता है.

चलो दोस्तो, आप सभी वृति की जीमेल पर बताना कि कैसी लगी मेरी हॉट वर्जिन गर्ल फर्स्ट सेक्स कहानी?और कोई सुझाव है तो जरूर बताना!support@mohakkisse.com

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