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भाई बहन पठन समय: 12 मिनट पढ़ा गया: 1,064 बार

खेत में चचेरी बहन की कुंवारी बुर फाड़ी

युवी मानसी

15 Aug 2020 को प्रकाशित

खेत में चचेरी बहन की कुंवारी बुर फाड़ी
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हॉट वर्जिन पोर्न स्टोरी में मैं अपनी चचेरी बहन की वासना जगा कर उसके नंगे बदन के साथ खेला, फिर उसे खेतों में चुदाई का नजारा दिखाकर चुदाई के लिए तैयार किया.

दोस्तो, आप सबको मेरा प्रणाम!मेरा नाम युवी है. मैं 21 साल का हूँ और मैं महाराष्ट्र से हूं.

यह मेरी पहली सेक्स कहानी है तो कुछ इधर उधर हो जाए तो मुझे मेल के जरिए जरूर बता देना ताकि आगे से मैं अपनी कमियों को सुधार सकूं.

मैंने अपनी चाचा की लड़की को कैसे चोदा, वो सुनिए इस हॉट वर्जिन पोर्न स्टोरी में!

मेरे चाचा की लड़की का नाम मानसी है. वो 19 साल की है, फिलहाल 12वीं कक्षा में पढ़ रही है. लेकिन लगती किसी पच्चीस साल की लड़की तरह है.उसका भरा हुआ फिगर 32-28-34 का है.

आप सोच रहे होंगे कि 12वीं कक्षा में पढ़ने वाली लड़की का फिगर ऐसे कैसे हो सकता है, तो कुछ तो ये गांव की खुली आवो-हवा के कारण था और कुछ मैंने उसे चोदकर भर प्रिया था.

हम लोग खेत में ही मकान बना कर रहते थे. उस वक्त मानसी को चुदाई के बारे में कुछ पता नहीं था.

एक दिन हमारे रिश्तेदारों में कोई गुज़र गया तो घरवाले सभी वहां चले गए और घर पर मैं और मानसी ही रह गए थे.

शाम को दिन ढले मानसी ने कहा- मुझे निस्तार करने (हगने) जाना है.आपको तो पता ही है कि गांवों में हगने के लिए बाहर खुले में ही जाना होता है.

जब मानसी बोली कि भैया मुझे हगने जाना है तो मैं बोला- चली जा.वो बोली- मुझे अकेले डर लगता है. मैं मम्मी के साथ हगने जाती हूं लेकिन अब मम्मी नहीं हैं, तो तुम मेरे साथ चलो. मुझे जोर से आई है.

उसके कहने पर मैं उसके साथ चल प्रिया.जहां हम लोग हगने जाते हैं, वहां जाने लगे.

मैंने सोचा कि चलो इस मौके का फ़ायदा उठाया जाए.

फिर थोड़ा आगे जाकर मैं रुक गया और मानसी से कहा- तुम अब थोड़ा आगे जाकर बैठ जाओ, मैं यहीं रुक जाता हूँ.वो बोली- नहीं, तुम मेरे साथ चलो, मुझे डर लगता है क्योंकि पांच दिन पहले मुझे यहां पर सांप नज़र आया था.

हम दोनों थोड़ा और आगे आ गए.वह वहीं मेरे सामने चड्डी नीचे सरका कर हगने बैठ गई.मैंने सामने बैठ गया.

मैंने उस समय उसकी भूरी बुर देखी. उसकी बुर पर एक भी बाल नहीं था.तब वह मेरे सामने नंगी बैठी थी उसको इस सबके बारे में ज्यादा ज्ञान नहीं था.

तब मैंने एक प्लान बनाया और कुछ देर बाद मैंने मानसी से पूछा- हो गया?उसने कहा- हां बस एक मिनट और.

फिर उसने मेरे सामने ही गांड धोई और बुर पर भी अपना हाथ फेरा.

मुझे वो सब बड़ा ही सेक्सी लग रहा था, मैं ध्यान से देखता रहा.

फिर उसने उठ कर चड्डी बुर पर चढ़ाई और पजामा पहन लिया.

अब हम दोनों घर की तरफ आने लगे.

मेरे दिमाग में उसकी कचौड़ी सी बुर ही चल रही थी.

मैंने उससे कहा- चलो हम कोई खेल खेलते हैं.उसने पूछा- कौन सा खेल?

मैंने कहा- इस बार एक नया खेल खेलते हैं लेकिन इसके कुछ नियम हैं.उसने पूछा- कैसे नियम?

मैंने कहा कि पहली बात तो तुम ये समझ लो कि इस खेल में जो कुछ होगा, वो हम दोनों के बीच ही रहेगा. उसके बारे में तुम किसी से कुछ नहीं कहोगी.वो मान गई.

उस दिन चूंकि घर पर कोई भी नहीं था, वह भी बोर हो रही थी तो झट से मान गयी.फिर हम दोनों घर आ गए.उसने कहा- चलो अब वह खेल खेलते हैं.

मैंने उससे फिर से कहा- ध्यान रहे कि किसी को कुछ भी नहीं बताना होगा. कसम खाओ.उसने कसम खाते हुए कहा कि मैं किसी को कुछ नहीं बताऊंगी.मैंने कहा- ठीक है चलो.

मैंने उसे घर के अन्दर जाने को बोला और मैं इधर उधर देखने गया कि आस पास खेतों में कोई काम तो नहीं कर रहा है.घरवाले तो रात तक आने वाले थे तो उनकी कोई चिंता नहीं थी.

मानसी को नए खेल में दिलचस्पी थी.मैंने अन्दर जाकर उससे कहा- अपना पजामा उतार दो.

उसने कहा- क्यों?मैंने कहा- यही तो खेल है.

उसने कहा- मुझे ऐसा खेल नहीं खेलना.मैंने उससे कहा- बहुत मजा आएगा, मेरी बात मान तो लो.

वो मान गई और उसने पजामा और चड्डी को उतार प्रिया.

मैंने इतनी नज़दीक से उसकी बुर को देखा.हाय उसकी बुर इतनी प्यारी बुर थी कि पंखुड़ियां एकदम गुलाबी थीं.

फिर मैंने उससे लेटने के लिए कहा, वो लेट गई.मैंने देर न करते हुए उसकी बुर पर मुँह लगाया और बुर को चाटने लगा.

वो कसमसाती हुई बोली- भैया, यह क्या कर रहे हो?मैंने पूछा- मजा आ रहा है?वो बोली- हां, बहुत अच्छा लग रहा है और करो ना!मैंने कहा कि यही तो खेल है.

मैं फिर से उसकी बुर को चाटने लगा.करीब दस मिनट के बाद उसकी बुर से शीरा की तरह का पानी निकला, उसका नमकीन स्वाद अलग ही किस्म का था.मुझे बुर रस चाट कर मजा आ गया.

फिर मैंने मानसी से कहा- तुम्हें लॉलीपॉप चूसना पसंद है ना?उसने कहा- हां बहुत.

मैंने पूछा- चूसोगी?उसने कहा- हां.

मैंने अपनी पैन्ट की जिप खोली और 7 इंच का लंड निकाल कर कहा- ये लो लॉलीपॉप … चूसो इसे!उसने कहा कि ये लॉलीपॉप नहीं है, मैं नहीं चूसूंगी.

मेरे बहुत समझाने के बाद वो मान गई और लंड चूसने लगी.मैं अपनी बहन से लंड चुसवाने का मजा लेने लगा.

करीब 20 मिनट में मेरे लंड ने हार मान ली.क्या मस्त चूस रही थी वो … मेरे लंड से पानी निकलने लगा था.

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मैं आंख बंद करके उसके सर को लंड पर दबाए रहा और वो लंड का पानी पी गई.

बाद में वो चटखारा लेती हुई बोली- बहुत मजा आया.

अब मैं उसके पैरों को फैला कर उसकी बुर में उंगली करने लगा.उसे दर्द होने लगा और वो मना करने लगी.

मैंने उससे कहा- अभी तो चूसने में मजा आया था अब और मजा आएगा.वो मजा आने की बात सुनकर मान गई.

लेकिन उसकी बुर इतनी टाइट थी कि एक उंगली बड़ी मुश्किल से जा रही थी.मैंने सोचा कि इसकी बुर में लंड डालने का रिस्क नहीं लिया जा सकता.

थोड़ी देर तक मैंने उससे लंड चुसवाया और उसकी बुर का एक और बार पानी निकालकर हम दोनों अलग हो गए और बाहर आंगन में आ गए.

मैंने मानसी से फिर से कहा- इस खेल के बारे में तुम किसी को भी मत बताना.

वो हंस कर कहने लगी- सिर्फ एक शर्त पर!मैंने कहा कि कौन सी शर्त?उसने कहा- ऐसा खेल हम रोज खेलेंगे.मैंने अपनी ख़ुशी दबाते हुए कहा- हां ठीक है, लेकिन यह खेल सिर्फ अकेले में ही खेल सकते हैं.

उसने कहा- ठीक है. खेत में खेल लेंगे.मैंने हामी भर दी.

फिर मैंने सोचा कि मैं इसकी बुर में लंड डाल नहीं सकता तो मुझे दूसरी चूत का इंतजाम करना पड़ेगा.उसी को देख कर शायद इसकी बुर फाड़ने का मौक़ा मिल जाए.मैं योजना बनाने लगा.

हमारे खेतों में एक औरत काम करने आती थी. उसका नाम विमला था.वो बड़ी रांड किस्म की औरत थी और उसी ने मुझे लंड चूत का खेल सिखाया था.

मैं उसे कई बार खेत में चोद चुका था.दरअसल विमला ने ही मुझे चोदना सिखाया था. पहली बार उसी ने मेरे लंड को चूसा था, फिर खेत में लेट कर मेरे लंड को अपनी चूत में लिया था.

मगर मैं विमला को इस बात की जानकारी देना नहीं चाहता था कि मैं अपनी चचेरी बहन की बुर फाड़ना चाहता हूँ.मैंने योजना बनाई और अपनी बहन मानसी को खेतों में ले जाकर उसकी चूत चाटने और उससे लंड चुसवाने का कार्यक्रम जारी रखा.

हम दोनों लंड चूत चुसाई और चटाई का खेल खेलने लगे थे.लगभग दस दिन में ही मानसी एक पक्की रांड की तरह लंड चूसना सीख गई थी.

इस दौरान मैं उसकी बुर में उंगली भी करने लगा था जिससे वो भी अपनी बुर में उंगली करने लगी थी.उसकी बुर कुछ कुछ खुलने लगी थी.

मैंने एक दिन खेत से मूली लेकर उसकी बुर में मूली की तो उसे मजा आया.

दो दिन बाद मैंने उससे कहा कि अब मैं तुम्हें बुर में लंड कैसे डालते हैं, वो दिखाऊंगा.मानसी बोली- हां मुझे देखना है.

उसी दिन सुबह से गांव में एक जगह कुछ कार्यक्रम था.सभी को जाना था.

उस दिन मैंने विमला को कह प्रिया था कि आज चूत चाहिए!वो भी चुदने मचल रही थी.

मैंने उसे खेत में ले जाकर नंगी किया और उसकी चूची चूसते हुए उसकी चूत में लंड पेल प्रिया.वो आह आह करके मेरे लंड से चुदने लगी.उस समय मानसी छिप कर हम दोनों की चुदाई का लाइव पोर्न देख रही थी.

करीब बीस मिनट तक धकापेल चुदाई के बाद मैंने अपना लंड चूत से निकाल कर विमला के मुँह में दे प्रिया और उसने मेरे लंड का माल खा लिया.

हमारी चुदाई खत्म हो गई और विमला अपने कपड़े सही करके चली गई.

उसके जाते ही मानसी मेरे पास आ गई और मेरे नंगे लंड को चूसने लगी.

मैंने उसके एक दूध को दबाते हुए पूछा- मजा आया?वो बोली- हां भैया, अब जल्दी से मेरी बुर को भी लंड से छेद दो.

मैंने कहा- जल्दबाजी ठीक नहीं है. इसमें तुम्हें दर्द भी होगा और खून भी निकलेगा.वो बोली- हां तो अभी कोई नहीं है. तुम अभी ही कर दो.

मैंने सोचा कि बात तो ये सही कह रही है. इसके चिल्लाने की आवाज भी किसी को सुनाई नहीं देगी और खून की बात भी ये सम्भाल ही लेगी.मैंने उससे कहा- चल ठीक है … पहले लंड चूसो और इसे खड़ा करो.

उसने मेरे लंड को चूसा.लंड खड़ा हो गया.

अब मैंने उसकी फ्रॉक ऊपर करके चड्डी उतारी और बुर चाटने लगा.वो मचलने लगी और कहने लगी- विमला के जैसे लंड डालो.

मैंने उसकी बुर में थूक लगाया और लंड पर भी थूक लगाया और लंड का सुपारा बुर की फांकों में घिसने लगा.उसे मजा आ रहा था.

मुझे अभी भी चिकनाई कम लग रही थी.बगल में खेत में एक क्यारी में भिन्डी लगी थी.

मैंने हाथ बढ़ा कर दो भिन्डी तोड़ लीं और उन्हें मसल कर उनके अन्दर का लिसलिसा रस अपने लंड पर मल लिया.

ये देख कर मानसी ने भी अपनी बुर में एक भिन्डी का रस लगा लिया.मैंने बुर में लंड पेला तो उसकी आंखें बाहर आने लगीं.

मैंने उसके मुँह को अपने हाथ से दबाया और लंड पेल प्रिया.उसकी मां चुद गई और वो हाथ पैर पटकने लगी.

लेकिन मैं भी गबरू जवान था, मैंने मानसी को दबाए रखा और बुर फाड़ता चला गया.

कुछ देर में ही हॉट वर्जिन मानसी की बुर फ़ट गई और लंड अन्दर बाहर होने लगा.अब मानसी को दर्द की जगह मजा आने लगा था.

मैंने उस दिन काफी देर तक मानसी को चोदा और लंड का पानी बाहर निकाल प्रिया.

उस दिन में बहुत खुश था और मानसी को भी लंडचूत का खेलपसंद आ गया था.अब हम दोनों भाई बहन जब मन होता, चुदाई का खेल लेते.

ये थी मेरी चचेरी बहन की हॉट वर्जिन पोर्न स्टोरी.आपको कैसी लगी, प्लीज़ मेल से बताएंsupport@mohakkisse.com

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