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चुदाई की कहानी पठन समय: 10 मिनट पढ़ा गया: 991 बार

स्पोर्ट्स कैंप में मिली लड़की को गर्लफ्रेंड बनाकर चोदा

गजराज 07

15 Nov 2020 को प्रकाशित

स्पोर्ट्स कैंप में मिली लड़की को गर्लफ्रेंड बनाकर चोदा
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हॉट वर्जिन सेक्स कहानी में स्पोर्ट्स कैंप में एक लड़की से मेरी दोस्ती हो गयी. हम दोनों मूवी देखने गए तो रोमांटिक सीन आने से हम दोनों गर्म हो गए.

हाय दोस्तो, मेरा नाम आयुष है और मैं जयपुर, राजस्थान का रहने वाला हूँ.

मेरी उम्र 25 साल है, कद 5 फीट 11 इंच है और मेरी बॉडी स्लिम है.

ये हॉट वर्जिन सेक्स कहानी एक सच्ची घटना पर आधारित है.तब मैं कॉलेज में था.

उस वक्त मेरी एक गर्लफ्रेंड थी, जिसका नाम इशिता था.

उसका बदन बड़ा ही कमाल का था.उसकी 34″ की चूचियां और 36″ की गांड एकदम बवाल थीं.वह जब मटक-मटक कर चलती थी तो उसे दूध गांड देखने वालों के लंड एकदम से खड़े होकर उसे चोदने के लिए तड़प उठते थे.

आगे बढ़ने से पहले मैं आपको यह बता देता हूँ कि मेरी और उसकी सेक्स कहानी और मुलाकात कैसे हुई.

कॉलेज में एक बार स्पोर्ट्स कैंप था.मैं रात में देर तक प्रैक्टिस कर रहा था.

तभी वह मेरे करीब आई और उसने मुझसे पूछा- तुम यहां कब तक रहोगे?

मैं उसे देखकर एकदम से देखता ही रह गया!वह स्पोर्ट्स ड्रेस में बड़ी ही कमाल की आइटम लग रही थी … मेरा मन कर रहा था कि इसे अभी गले लगाकर पेल दूँ!

जब मैंने उसकी बात का कोई जवाब नहीं दिया.तब उसने दोबारा पूछा- कब तक हो तुम यहां?

तो मैंने कहा- जब तक आप कहो!मेरा जबाव सुनकर वह हंस पड़ी.

बस फिर ऐसे ही बातों-बातों में धीरे-धीरे हम दोनों फ्रैंकली बात करने लगे.

एक दिन मैंने उसे मूवी के लिए पूछा, तो वह फट से तैयार हो गई.हम दोनों मूवी देखने गए.

उसमें एक रोमांटिक सीन आया तो मैंने उसका हाथ पकड़ लिया.उसने जब कुछ नहीं कहा.तो मैंने धीरे से उसकी जांघों पर हाथ फेरना शुरू कर दिया.

उसने एक बार हल्का सा विरोध करके मुझे रोका.लेकिन मैंने दोबारा हाथ फेरना शुरू कर दिया.

इस बार उसने विरोध करना छोड़ दिया.तब मुझे समझ आ गया कि आग उसके बदन में भी लगी हुई है.

धीरे-धीरे मैंने उसकी टी-शर्ट के ऊपर से उसके मम्मों को टटोलना शुरू कर दिया.

क्या कमाल के मम्मे थे उसके!साली गैस सी भरी हुई थी उसके मम्मों में!

मेरे दूध सहलाने और दबाने से उसे मजा आने लगा और उसने मेरे हाथ पर अपना हाथ रख लिया.मैं समझ गया कि यह जोर जोर से दबवाने की कह रही है.

मैंने उसका दूध हॉर्न समझ कर खूब जोर से दबा दिया.उसके मुँह से कामुक आह निकल गई- आह … लगती है न!मैंने प्यार से सहलाया तो बोली- हां यह ठीक है.

मैं उसके दूध हौले हौले से मसलता रहा और उसके निप्पलों को मींजता रहा.वह भी धीरे-धीरे गर्म होती गई.

मैंने मौके का फायदा उठाकर उसे किस करना शुरू कर दिया.वह भी मेरा साथ देने लगी और मेरे मुँह में अपनी जीभ डालने लगी.

हम दोनों का किस लगभग 5 मिनट तक चला.

उसके बाद मैंने उसकी टी-शर्ट ऊपर करने की कोशिश की तो उसने मुझे रोका और कहा- यहां नहीं, इधर बस इतना ही!मैंने बहुत जिद की, मगर वह नहीं मानी.

फिर हम दोनों वापस आ गए.

उस रात हमारी सेक्स चैट शुरू हुई और वह मुझसे खुलने लगी.उसके मन में भी सेक्स की आग भड़कने लगी थी.

आखिरकार वह वक्त भी आ ही गया जब चूत में लंड घुसना था.उसकी चुत और मेरे लंड के मिलन का समय आ गया.

हम दोनों ने मिलने के लिए एक होटल में कमरा बुक किया और मिलना तय किया.मैं मेडिकल स्टोर से कंडोम का पैकेट और एक पेनकिलर ले आया.

दोस्तो, पहली बार किसी लड़की के साथ सेक्स करने जा रहे हो तो पेनकिलर जरूर साथ ले जाना!

उसी शाम मैंने उसे क्लास से पिक किया और हम दोनों होटल के लिए निकल पड़े.

उस दिन पिंक टी-शर्ट और ब्लैक जींस में वह जबरदस्त माल लग रही थी.

होटल के रूम में जाते ही मैंने उसे अपनी बांहों में भर लिया और उसे किस करना शुरू कर दिया.धीरे-धीरे वह भी गर्म हो गई और मुझे किस करने लगी.

मेरा लंड तंबू की तरह खड़ा हो गया था और मुझे उसे जल्दी से चोदने का जी कर रहा था.

मैंने उसकी टी-शर्ट उतार कर फेंक दी.वह ब्लैक जालीदार ब्रा में आई थी और उसके उभरे हुए मम्मे उस ब्रा में कमाल लग रहे थे.

मैं उसे किस करते हुए उसके मम्मों को मसलने लगा और उसकी जींस उतार दी.उसने भी मेरे कपड़े उतार दिए.

वह ब्रा और पैंटी में एक लाजवाब माल नजर आ रही थी.मैंने देरी न करते हुए उसकी ब्रा और पैंटी भी उतार दी.

वह हंस कर बोली- थोड़ा सब्र करो न!मैंने कहा- सब्र नहीं होगा अब!

मैं उसके मम्मे मसलते हुए उसकी गुलाबी चूत चाटने लगा.वह गर्म हो गई थी और सिसकारियां लेने लगी.

करीब 10 मिनट तक उसकी चूत चाटने के बाद उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया.

फिर मैंने उसे मेरा लंड मुँह में लेने को कहा तो वह मना करने लगी.मैंने बहुत जिद की, मगर वह नहीं मानी.

फिर मैंने उसका हाथ पकड़ कर लंड उसके हाथ में दे दिया.वह मेरे लंड को अपने हाथों से सहलाने लगी.

मेरे लंड की साइज 6 इंच लंबा और 3 इंच मोटा है.मैंने उसे किस करते हुए दोबारा गर्म कर दिया.

वह कहने लगी- प्लीज जान, अब मत तड़पाओ, जल्दी से डाल दो अन्दर!मैंने उसकी चूत में उंगली को अन्दर-बाहर करना शुरू कर दिया.

उसकी चूत गीली हो गई थी.मैंने उसकी टांगों को थोड़ा फैलाया, लंड पर कंडोम पहना और उसकी चूत पर सैट कर दिया.

वह अपनी चुत पर गर्म सुपारा पाते ही गांड हिलाने लगी.उसकी गांड हिलने से चुत पर लंड का सुपारा मस्ती से चुम्मी ले रहा था.

चूंकि लौड़े में सख्ती ज्यादा थी तो उसे भी लंड के साथ खेल खेलने में मजा आ रहा था.

फिर मैंने उसके होंठों पर होंठ जमाए और एक जोरदार धक्का दे मारा.मेरा मोटा लंड उसकी चूत को चीरता हुआ आधा अन्दर घुस गया और उसके मुँह से जोरदार चीख निकलने को हुई.

मैं बड़ी मुश्किल से उसे चिल्लाने से रोक पाया.

मैंने नीचे हाथ लगा कर देखा कि नीचे की क्या स्थिति है, क्योंकि कुछ गीला गीला सा लगने लगा था.

मैंने हाथ से टटोल कर देखा तो पाया कि उसकी चूत से खू.न बहने लगा था.

उसने भी मेरे हाथ को देख लिया था तो वह रोने लगी- प्लीज, मेरी फट गई है … अपना बाहर निकालो, मुझे बहुत दर्द हो रहा है!मैं भी डर गया कि साला क्या लफड़ा हो गया है … मैं उसी पल रुक गया.

फिर मैंने अपने लंड को चुत से बाहर निकाला, तो वह मुझसे अलग हो गई और मना करने लगी कि मुझे कुछ नहीं करना … प्लीज मुझे घर छोड़ दो!मैंने समझाया- यार, तुम सब समझती हो कि यह सब पहली बार में होता ही है … खून निकलने का अर्थ तो यह होता है कि तुमने मुझे खुशी दी है कि तुम एक कुंवारी लड़की थी. जान पहले बार सेक्स के बाद कुछ दर्द-वर्द नहीं होगा!

मेरे बहुत समझाने से वह मान गई.मैंने उसे दोबारा गर्म किया और उसकी चुत पर लंड सैट किया.

वह चुपचाप लंड के अन्दर जाने का इंतजार कर रही थी.इस बार उसके अन्दर एक भय था, पहले जैसी चुल्ल नहीं थी.

मैंने भी मौके की नजाकत को समझा और उसकी चूत में एक जोरदार धक्का दे मारा.इस बार लंड करीब 4 इंच अन्दर चला गया.

वह चिल्लाई, तो मैं वहीं रुक गया.

जब कुछ देर बाद उसका दर्द कम हुआ तो मैंने पूरा लंड एक ही धक्के में उसकी चूत में डाल दिया.हॉट वर्जिन सेक्स करने से दर्द से तड़पने लगी और उसकी चूत से फिर से खू.न बहने लगा.

दर्द ज्यादा हो रहा था तो उसकी आंखें आंसुओं से भर गई थीं.

कुछ देर बाद जब वह सामान्य हुई, तब मैंने लंड अन्दर-बाहर करना शुरू किया और उसे चोदने लगा.अब वह भी जोर-जोर से मदभरी सिसकारियां लेने लगी.

फिर मैंने उसे घोड़ी बनाया और चोदने लगा.करीब 10-15 मिनट तक मैंने उसे चोदा. तब तक वह दो बार झड़ चुकी थी.

एक-दो तेज धक्कों के बाद मैं भी उसकी चूत में ही झड़ गया.निढाल होकर मैं उसके ऊपर ही लेट गया.

थोड़ी देर बाद वह उठी और खुद को साफ करने वॉशरूम में गई.मैं भी उसके साथ अन्दर चला गया.

हम दोनों नंगे थे तो वहीं शॉवर के नीचे खड़े होकर मूतने भी लगे और लंड चुत को साफ करने लगे.

उसी दरमियान हम दोनों की चुदास पुनः भड़क गई और मैंने उसे वहीं अलग-अलग तरीकों से खूब चोदा.

अब वह मेरे साथ मस्ती से चुदवाती है और अगली बार मैं उसकीगांड मारने की तैयारीकर रहा हूँ.

अभी मैं उसकी गांड में उंगली करने लगा हूँ.फिर धीरे से बट प्लग लगा कर चुत चोदूंगा तो उसकी गांड ढीली हो जाएगी.

फिर जब मजे से गांड मारी जाएगी, तब उसकी सेक्स कहानी को आपके समक्ष प्रस्तुत करूंगा.हॉट वर्जिन सेक्स कहानी पर अपने विचार मुझ तक पहुंचाएंsupport@mohakkisse.com

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पाठकों की राय

2 टिप्पणियां

परवेज़

1 week ago

बहुत ही गजब का लिखा है लेखक भाई। आपका लिखने का स्टाइल बहुत बढ़िया है।

विपिन गौतम

4 weeks ago

कहानियों का ये संग्रह बहुत ही अच्छा है। आपका फैन हो गया हूँ।

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