हॉट वाइफ फकिंग कहानी में कमसिन लड़की की कुंवारी गांड मार कर मैं घर आया तो मेरी बीवी वासना से भरी बैठी थी क्योंकि मैंने उसे उस लड़की को चोदने की इच्छा जाहिर की थी.
कहानी के नौवें भागकमसिन कुंवारी गांड में मोटा लंडमें आपने पढ़ा कि मैंने भाभी की मदद से उनके सामने ही किरण की गांड में लंड पेल कर उसकी कुंवारी गांड फाड़ दी।
अब आगे हॉट वाइफ फकिंग कहानी:
घर पहुँचते ही मेरी पत्नी मुझसे लिपट गई और बोली, “फोन पर बड़ा किरण-किरण बोल रहे थे!”मैंने उसे चूमते हुए कहा, “यार, तुम्हें तो पता है मैं मजाक कर रहा था!”
मेरी पत्नी मेरे लंड को सहलाते हुए बोली, “जी जानू, वो तो मुझे मालूम है! पर आपके मूसल को मालूम नहीं कि इसे सिर्फ मैं बर्दाश्त कर सकती हूँ!”वो आगे बोली, “किरण तो अभी ब.च्ची है! इसको तो किरण की माँ भी नहीं झेल पाएगी!”
मेरी प्यारी और भोली बीवी को कहाँ मालूम कि ये लंड थोड़ी देर पहले किरण को कली से फूल बनाकर आया है! फिर किरण की बातें करते हुए मेरी और मेरी पत्नी की घमासान चुदाई हुई।
मैं एक नंबर का चोदू हूँ, तो मेरी पत्नी मेरे लंड की दीवानी है।बहुत बार मैं बाहर की लड़कियों और औरतों की बातें करते हुए मेरी पत्नी की चुदाई करता हूँ।वो इस बार में बिल्कुल भी गुस्सा नहीं करती, क्योंकि वो सोचती है कि मैं सिर्फ उसी को चोद सकता हूँ।
अगले दिन मेरा ऑफिस में बहुत काम था इसलिए मैं भाभी के घर नहीं जा पाया।भाभी ने मुझे फोन करके बता प्रिया था कि किरण स्कूल गई है और स्कूल से सीधा अपने घर जाएगी।
भाभी ने ये भी बताया कि किरण की मम्मी भी बहुत खुश है क्योंकि उसका स्कूल जाना शुरू हो गया।
भाभी ने फोन पर बातों-बातों में अपनी चूत और गांड में मच रही खुजली के बारे में भी बताया।मैंने उसे काम का बोलकर किसी तरह टाल प्रिया।
शाम को ऑफिस से घर जाने के बाद मैं नॉर्मली कपड़े उतारकर अंडरवीयर और बनियान में सोफे पर बैठा टीवी देख रहा था।मेरी पत्नी पास में ही बैठी थी।
तभी किरण आ गई।किरण लाल रंग की छोटी सी स्कर्ट में थी जिसमें उसकी गोरी टाँगें पूरी नंगी थीं।
उसने ऊपर भी लाल रंग का टॉप पहन रखा था, जिसमें उसकी चूचियाँ कसी हुई थीं और उसका पेट नाभि से नीचे तक पूरा नंगा था।किरण गजब लग रही थी।
मैं उसे पलकें झपकाए बिना देख रहा था।
वो मेरी पत्नी के पास बैठते हुए बोली, “क्या कर रही हो भाभी?”मेरी पत्नी उससे बातें करने लगी।
किरण मेरी पत्नी के पास से उठकर मेरे पास बैठ गई और फिर इधर-उधर की बातें करने लगी।
मैं उसके अधनंगे बदन को घूरते हुए उसकी बातों का मजा ले रहा था।
किरण बहुत चुलबुली भी थी।वो एक जगह टिककर बैठती नहीं थी।कभी मेरे पास, कभी मेरी पत्नी के पास मँडरा रही थी।
हम तीनों किरण के स्कूल के बारे में और इधर-उधर की बातें कर रहे थे।
इस बार किरण जैसे ही कमरे में घूमते हुए मेरे पास आई, तो मेरी पत्नी हँसते हुए बोली, “क्या बंदरिया की तरह इधर-उधर मँडरा रही है! एक जगह टिककर बैठ जा ना! अगर अपने भैया के पास ज्यादा मँडराने का शौक है, तो उनकी गोद में ही बैठ जा!”
किरण मेरे पास आकर मेरी गोद में चूतड़ रखने के स्टाइल में होकर बोली, “भाभी, बैठने को क्या है! अगर आपको ऐतराज ना हो, तो मैं तो बैठ जाती हूँ! भैया की गोद में तो मैं बैठ ही सकती हूँ!”मेरी पत्नी और किरण की बात सुनकर मैं तो शॉक्ड था।
तभी मेरी पत्नी बोली, “ठीक है, मुझे क्या ऐतराज होगा! तू चाहे तो बैठ सकती है!”इतना सुनते ही किरण फट से अपनी गांड मेरे लंड के ऊपर टिकाकर बैठ गई।
किरण जितनी तेजी से मेरी गोद में बैठी, उतनी ही तेजी से उछलकर खड़ी हो गई क्योंकि मेरा लंड उसको देखकर पहले ही अंडरवीयर में खड़ा हो चुका था।
शायद अचानक चूतड़ों की दरार में खड़े लंड की ठोकर से किरण वापस उठने को मजबूर हो गई थी।
किरण को ऐसे उठते देखकर मेरी पत्नी जोर से हँसते हुए बोली, “अरे, क्या हुआ? तुम तो ऐसे उठ गई, जैसे करंट लगा हो!”तब किरण बिना कोई जवाब दिए बोली, “ठीक है भाभी, मैं चलती हूँ!”
तभी मेरी पत्नी ने उसे नीचे गिरे हुए पेन को उठाकर देने को कहा।किरण की पीठ मेरी तरफ थी।
जैसे ही वो नीचे झुकी, उसकी स्कर्ट पीछे से पूरी ऊपर उठ गई जिससे किरण के चूतड़ों की दोनों गोलाइयाँ मेरे सामने नंगी हो गईं।
मुझे किरण की चूत की ढकी हुई सफेद पैंटी भी दिख गई।ये नजारा देखकर मेरा हाथ अपने आप लंड पर चला गया।
उधर किरण ने पेन मेरी पत्नी को पकड़ाते हुए कहा, “ठीक है भाभी, मैं चलती हूँ!”फिर वो मेरी तरफ देखकर मुस्कुराते हुए बोली, “बाय भैया!”
मैंने भी लंड को छोड़कर हाथ हिलाकर उसे बाय बोला।
उसके जाते ही मेरी पत्नी उठकर मेरी टाँगों के बीच नीचे जमीन पर घुटने टिकाकर बैठते हुए अंडरवीयर साइड में करके लंड को बाहर निकालकर बोली, “ओह, लगता है मेरे बाबू को कुंवारी चूत की खुशबू मिल गई! इसलिए ये इतने अकड़े हुए हैं!”
फिर मेरी पत्नी लंड को चूमते हुए बोली, “बाबू, आप सिर्फ मेरे हो! आप इधर-उधर थोड़ा बहुत मुँह मार सकते हो, पर याद रखना, आप किसी को प्यार नहीं कर सकते!”
फिर मेरी पत्नी लंड को चूसने लगी।वो गड़प-गड़प लंड चूस रही थी।
मेरा लंड दो मिनट में पूरा तन गया।मेरी पत्नी ने लंड चूसते-चूसते अपनी जींस और पैंटी उतार दी और खड़ी होकर अपने हाथ पर थूककर, थूक को अपनी चूत पर मसलकर, एक हाथ से लंड पकड़कर उस पर अपनी चूत टिका दी और, “आह सीसी!” करते हुए लंड पर बैठती चली गई।
फिर उसने पूरा लंड लेकर अपनी गांड को हिलाकर मेरी गोद में खुद को सेट किया और आराम से बैठते हुए मेरे होंठ चूमकर बोली, “जानू, एक बात बताओ, किरण को गोद में बिठाकर कैसा लगा?”
मैंने उसकी टी-शर्ट उतारकर उसके दोनों बूब्स को मसलते हुए कहा, “यार, मजा आ गया! साली जैसे ही मेरी गोद में बैठी, मेरा लंड सीधा उसकी चूत की फाँकों में लगा! इसलिए साली रंडी एक झटके से वापस उठ गई! अगर दो मिनट और लंड पर बैठ जाती, तो उसकी चूत की लंड से मसाज तो कर ही देता! साली की चूत से पानी निकाल देता बिना लंड अंदर डाले ही!”
मेरी पत्नी हँसते हुए अपनी कमर उठाकर लंड को पूरा बाहर निकालते हुए वापस अंदर लेकर बोली, “आह जानू, बहुत मोटा और लंबा है आपका!”
फिर मेरी पत्नी धीरे से आँखें खोलकर बोली, “आपको मालूम है, किरण घर जाकर अपनी चूत का पानी निकाल रही होगी!”मैंने उससे पूछा, “तुम्हें कैसे मालूम?”
मेरी पत्नी बोली, “देखो, जैसे आपका लंड उसकी चूत को छूकर खड़ा हो गया, वैसे ही ये उसकी फाँकों में भी तो लगा! कोई भी औरत या लड़की अगर उसकी चूत को कोई लंड एक बार छू दे, तो वो कंट्रोल नहीं कर सकती!”
फिर मेरी पत्नी मेरे लंड पर अपनी गांड उछालते हुए बोली, “आह जानू, किरण आपके लंड को याद करके चूत में अंगुली कर रही होगी! उफ्फ, मुझे बहुत मजा आता है, जब कोई आपके लंड को याद करके अपना पानी निकालती है! उफ्फ जानू, कितना मस्त लौड़ा है आपका!”
वो आगे बोली, “कैसे तड़फ रही होगी वो आपके लंड को याद करके! उफ्फ सीसी, आह जी, फक मी हार्ड!”हॉट वाइफ फकिंग का मजा लेती हुई लंड पर कूदते हुए बोली, “जानू, जब किरण पेन उठाने के लिए झुकी थी, तो आपने क्या-क्या देखा?”
मैंने मेरी पत्नी का दोनों हाथ से गला पकड़कर नीचे से लंड उसकी चूत में पेलते हुए कहा, “उसके दोनों गोल-गोल चूतड़ और सफेद पैंटी से ढकी हुई फूली-फूली चूत! आह, काश उसकी चूत के भी दर्शन हो जाते!”
मेरी पत्नी बोली, “जितना दिखा, उससे सब्र करना सीखो! उसकी चूत देखने के बाद आप उसमें अपना लंड डालने का बोलोगे, जो मैं होने नहीं दूँगी!”
मैंने मेरी पत्नी को गोद में उठाकर खुद सोफे पर लेटते हुए उसे अपने ऊपर बिठा लिया और उसकी कमर में हाथ डालकर उसे अपने ऊपर गिराते हुए कहा, “तुमने अपने मजे के लिए मुझे उसके चूतड़ दिखाए! वो मेरे से आधी उम्र की है! और तो और, तुम जानती थी कि उसे देखकर मेरा लंड हार्ड था और मैं अंडरवीयर में बैठा हुआ था!”
मैंने आगे कहा, “फिर भी तुमने जानबूझकर उसे उकसाते हुए मेरी गोद में बिठा प्रिया! क्या ये सही है?”मेरी पत्नी बोली, “जानू, आप जब दूसरी औरत या लड़की को देखकर जानवर की तरह मेरी चुदाई करते हो, तो मुझे बहुत मजा आता है! और रही बात सही या गलत की, मुझे उससे कोई फर्क नहीं पड़ता!”
फिर मैंने और मेरी पत्नी ने जमकर चुदाई की।फिर कुछ दिनों तक मैंने घर पर किरण का नाम भी नहीं लिया क्योंकि मैं नहीं चाहता था कि मेरी पत्नी को कोई शक हो।
और फिर कुछ दिनों तक किरण भी हमारे घर नहीं आई।
मुझे जब भी टाइम मिलता, मैं किरण और भाभी को जमकर चोदता।
ऐसे ही कोई एक साल निकल गया।
किरण का बदन मेरे लंड के पानी से और भी ज्यादा निखर चुका था।वह अब पूरी मेरी रंडी बन चुकी थी।
किरण की चूत और गांड का छेद मेरे लंड की ठुकाई से बुरी तरह फैल चुके थे।उसके बूब्स पहले से डबल हो गए थे और उसके चूतड़ भी पूरा आकार लेकर देखने वाले को ये चुगली कर देते थे कि ये बहुत बड़े लंड से अपनी गांड मरवाती होगी।
उधर भाभी भी मुझसे चुदवाकर बहुत खुश थी।गली-मोहल्ले में किरण की निखरती जवानी के चर्चे होने लगे थे।
किरण की माँ उसकी निखरती जवानी देखकर चिंतित थी।ये बात मुझे भाभी ने कई बार बताई कि किरण की माँ उनको बोलती रहती है कि किरण के लिए कोई लड़का देखो।
जितनी तेजी से किरण का बदन खुल रहा था, उसे देखकर किसी की भी लड़की की माँ चिंतित हो सकती है।पर इन सब से बेपरवाह किरण मेरे लंड की बिना रुके सवारी करते हुए जवानी के मजे लूट रही थी।
किरण को सिर्फ एक बात ने अब तक बचा रखा था, वो था उसकी पढ़ाई।किरण जितना चुदवाने में होशियार थी, उतनी ही पढ़ाई में भी तेज थी।जब वो कॉलेज में टॉप आती, तो लोगों की बातें थोड़ी कम हो जातीं।
मेरी पत्नी भी किरण के बारे में मुझसे कई बार बोल चुकी थी।मेरी पत्नी को भी शक था कि वो बहुत बड़ी चुदक्कड़ बन चुकी है।
मेरी पत्नी का शक सही भी था क्योंकि एक साल से मैंने किरण की चूत और गांड को इतनी बुरी तरह पेला था कि चुदाई के टाइम उसकी चूत से अब फच-फच की आवाजें आने लगी थीं।
लड़की की चूत से फच-फच की आवाजें तभी आती हैं, जब चूत का भोसड़ा बन जाए।और उसकी गांड का हाल तो ऐसा हो चुका था कि उसका छेद हमेशा खुला रहने लगा था।
पर किरण मेरी अब भी फेवरेट बनी हुई थी क्योंकि वो मेरे कहने पर और लड़कियों को मेरे लंड के नीचे ले आती थी।
पाठको, भाभी ने मुझसे आस-पास की दूसरी लड़कियों को भी चुदवाया, और किरण ने अपनी कई सहेलियों को भी।
जिनके बारे में मैं आपको अपनी आने वाली कहानियों में बताऊँगा।तब तक आप इस हॉट वाइफ फकिंग कहानी पर अपने विचार मुझे तक भेजें।support@mohakkisse.com