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हास्य रस- चुटकुले • पठन समय: 3 मिनट • पढ़ा गया: 851 बार

गणपत राय

गणपत राय
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एक बार गणपत राय नाम का आदमी एक अंग्रेज़ के पास जाता है और अपनी नौकरी की अर्जी देता है।

कुछ देर बाद अंग्रेज़ अफसर गणपत राय को अपने कमरे में बुलाता है और कहता है- हाँ टो गांड फट रहाय? (गणपत राय)

अफसर की बात सुन गणपत राय बोला- नहीं सर, ज्यादा नहीं फट रही !

अंग्रेज़- क्या ज्यादा नहीं? बोलटा है, तुम्हारा अर्जी में लिखा है !

गणपत राय- ठीक है, माई-बाप, लिखा है तो फट रही होगी !

अंग्रेज़- तुम डेली मराता हैय? (तुम दिल्ली में रहता है)

गणपत राय- नहीं साहब, कभी-कभी !

अंग्रेज़- गांड फट रहा, इधर आओ, क्या कभी-कभी बोलता है, देखो तुम्हारा अर्जी में लिखा हुआ है कि तुम डेली मराता हैय !

गणपत राय- ठीक है माई-बाप, लिखा है तो मराता होगा !

इंटरव्यू के बाद गणपत को एक शर्त पर नौकरी दी जाती है कि वह अंग्रेज़ अफसर के घर के वो सभी काम करेगा जो उसे कहे जायेंगे।

नौकरी के पहले दिन अंग्रेज़ अफसर गणपत राय को बुलाता है और कहता है- गांड फट राह?

गणपत राय- जी मालिक !

अंग्रेज: आज टुमको तीन काम करने का हैय !

गणपत राय- हुकुम सरकार !

अंग्रेज- तुम पहले अमारी बेटी को स्कूल में चोदेगा (छोड़ेगा), फिर हमारी बीवी बाज़ार को चोदेगा और बाद में हमको दफ़तर में चौदेगा।

गणपत राय- माफ़ करना सरकार, आपकी बेटी और बीवी तो ठीक है, लेकिन मैं आपको नहीं चोद सकता !

अंग्रेज़ (गुस्से से)- गांड फट रहाय, टुमको हमको चोदना (छोड़ना) ही पड़ेंगा !

गणपत राय- सरकार ऐसा जुल्म न करें !

अंग्रेज़- गांड फट रहाय, अगर टुम हमको नहीं चोदेगा तो हम टुमको नौकरी से निकाल देगा !

गणपत राय- ठीक है, सरकार जो हुकुम !

कुछ दिन बाद अंग्रेज़ अफसर की पत्नी कपड़े बदल रही थी तो उसकी ब्रा का हुक टूट जाता है तो वह गणपत राय को बुलाती है और उससे कहती है- गांड फट रहा, इदर आओ !

गणपत राय- जी मालकिन !

मालकिन- गांड फट रहाय, हमारा पीचे से गांड (गाँठ) मारो !

गणपत राय- यह क्या कह रही हैं मालकिन?

मालकिन- गांड फट रहा है, जल्दी से गांड (गाँठ) मारो, हमको लेट होता हैं !

गणपत राय- नहीं-नहीं मालकिन, अगर मैंने ऐसा किया तो, साहब हमको कच्चा खा जायेंगे !

मालकिन- गांड फट रहा, अगर टुमने जल्दी से हमारी गांड नहीं मारा, तो हम टुमको कच्चा खा जायेगा !

गणपत राय- ठीक है मालकिन, जो हुकुम !

जैसे ही गणपत राय मालकिन की गांड में लंड डालता है, तो मालकिन चिल्लाने लगती है- गांड फट रहाय, गांड फट रहाय !

गणपत राय- मेम साहब गांड मराएगा, तो गांड फटेगा ही !

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