होम पर वापस जाएं
भाभी की चुदाई • पठन समय: 6 मिनट • पढ़ा गया: 1,189 बार

भाभी की चूत पहले से चुदी हुई थी

सरदार जी

22 Jul 2025 को प्रकाशित

भाभी की चूत पहले से चुदी हुई थी
कहानी सुनें

ऑडियो प्लेयर (Play Audio)

स्वर: लोड हो रहा है...

0:00
0:00

वैसे मूलत: मैं गाजीपुर के एक गाँव का रहने वाला हूँ, पर पापा की नौकरी कानपुर में लगने के कारण हम लोग यहीं रहने लगे।लेकिन हमारे यहाँ शादी-ब्याह अब भी हमारे गाँव से ही होते हैं।

यह कहानी 3 साल पहले की है, जब मैं ग्रेजुऐशन कर रहा था।

मेरे भईया एक कंपनी में काम करते थे। उनकी शादी आज से छ: साल पहले हुई थी, पर गौना (विदाई) नहीं हुआ था। तीन साल बाद जब गवना होने को आया, तो मेरे भईया की नौकरी एक कंपनी में लग गई थी और उन्हें ट्रेनिंग के लिए बाहर जाना पड़ा, जिसके कारण वो अपने गवने में न आ सके।

सारी रस्में निभा कर हमारी भौजी घर आ गईं।सब लोग खुश थे बस भौजी को छोड़कर.. जो उनके चेहरे पर साफ झलक रहा था।

मैं समझ गया कि इनका मुँह क्यों लटका है, मैंने उन्हें प्यार से समझाया। अब वो अपने भाग्य को कोसने के अलावा करती भी क्या..?

फिर जैसे तैसे करते बिना सुहागरात हुए बात बीत गई। हँसमुख स्वभाव होने के कारण हमारी उनसे खूब बनने लगी।

कुछ दिन बीतने के बाद हम लोग कानपुर आ गए। हम लोग यहाँ और खुल गए, इतना कि अब हम लोग हमेशा साथ-साथ रहते थे। कभी-कभी तो वो मुझे किस भी कर लेती थीं, मुझे अच्छा लगता था।

एक दिन मैं उनके कमरे में दोपहर में सो रहा था, भाभी अपना काम करने में लगी थीं।काम निपटाकर वो भी आकर बगल में लेट गईं।

मेरी नींद खुली तो देखा भाभी गहरी नींद में सो रही थीं, उनकी साड़ी का पल्लू हट गया था, उनकी मोटी-मोटी चूचियाँ कमाल की लग रही थीं।

मैं भाभी के बारे में बता दूँ कि मेरी भाभी एकदम चौकस माल हैं। गोरे-गोरे गाल.. मोटी-मोटी चूचियाँ.. एकदम तंदुरूस्त माल.. दिखने में एकदम सोनाक्षी सिन्हा।

उनकी चूचियों को देखकर मेरा 6″ इंच का लण्ड खड़ा हो गया।मैंने उनकी चूचियों पर धीरे-धीरे हाथ फेरा।

जब कोई भी प्रतिक्रिया नहीं हुई तो आहिस्ता-आहिस्ता दबाने लगा, फिर धीरे से ब्लाउज के हुक खोल दिए।अब जालीदार ब्रा में कैद चूचियाँ मस्त लग रही थीं।

मैंने ब्रा का एक हुक खोल प्रिया, जैसे दूसरे पर हाथ लगाया कि झट से उन्होंने मेरा हाथ पकड़ लिया और मना कर प्रिया और दोबारा न करने की हिदायत दे दी।

मैं डर गया कि कहीं मम्मी से न बता दें, पर भाभी ने ऐसा कुछ न किया। मैं अब उनसे दूर रहने लगा।

एक दिन मम्मी किसी काम की वजह से गाँव चली गईं।उसी दिन मेरे सर में बहुत तेज दर्द हो रहा था.. तो भाभी मेरा सर दबाने लगीं।

वो मुझे दुलारते हुए कहने लगीं- अले अले मेरे लाल को क्या हो गया।और उन्होंने मेरे गाल पे दो तीन किस कर दिए।

मैं समझ गया कि आज भाभी का मूड है, मैं भी उनको चूमने लगा।उन्होंने मेरी जीभ को अपने मुँह के करीब ले लिया और होंठों से चूसने लगीं।

मैंने भाव खाते हुए कह प्रिया- अब बस करो।लेकिन वो बेतहाशा चूसने लगीं.. फिर धीरे से मेरे लोवर में हाथ डालकर मेरा लण्ड पकड़ लिया और लौड़े की तरफ मुँह करके उसे अपने में भर कर चूसने लगीं।

मेरा मूड खराब हो गया, मैं उनके बाल पकड़ कर उनका सर जोर-जोर से हिलाने लगा।पहली बार ये सब करने कारण मैं जल्दी ही उनके मुँह में झड़ गया, भाभी सारा माल पी गईं।मुझे तो वे मंझी हुई खिलाड़ी लग रही थीं।

यह भी पढ़ें (Recommended)

Bhabhi Ki Chut Ka Swaad

मैं वहीं लेट गया।भाभी मेरा लंड सहलाती रहीं, कुछ ही मिनट में मेरा फिर से खड़ा हो गया।

भाभी बोलीं- तुमने तो मजा ले लिया.. अब मुझे भी शांत कर दो।

मैंने तुरंत ही उनके और अपने कपड़े निकाल फेंके, अब हम दोनों एकदम नंगे हो गए।

मैंने उनको अपने दोनों हाथों में उठाया और उठा कर बिस्तर पर पटक प्रिया।

उनकी एक चूची को मुँह में भर लिया.. दूसरी को हाथ से मसलने लगा। बारी-बारी से दोनों को चूसने के बाद मैंने उनकी बुर में एक उंगली डाली।

भाभी थोड़ा सा उचकीं, मैं उंगली अन्दर-बाहर करने लगा। फिर दो और उंगलियां डाल दीं.. भाभी सिसियाने लगीं और ‘आह.. आह.. और जोर से करो…’ करने लगीं।

फिर उनकी चूत से पानी निकलने लगा और मैं उनकी चूत को चाटने लगा।मैं सारा पानी पी गया।

भाभी बोलीं- अब नहीं रहा जाता अब अन्दर डाल दो।मैंने पूछा- क्या?तो कहने लगीं- अपना लण्ड डालो.. और क्या अपना सर डालोगे?

मैं मुस्कुराया और कहा- लो आज ठंडी हो जाओ.. आज मना लो अपनी सुहागरात।वो भी कहने लगीं- हाय मेरे राजा, मेरा तो तू ही आज के बाद असली पति होगा।

मैं खुश था कि आज पहली बार नई चूत से लंड का उद्घाटन करूँगा।

खैर.. मैंने जैसे अन्दर डाला.. भाभी ने जोर से सीत्कार भरी और बोल उठीं- आह.. मेरे राजा आज पूरी जान लगा के चोद दे।

मैंने भी पेल-पेल कर धक्के लगाए। वो चिल्लाने लगीं ‘आह.. आह.. आह.. ईईई.. औ..और.. जोर से.. हाय.. मेरी जान.. फाड़ दे इसे.. उम्.. उम्..’

कमरे में ‘फच्च.. फच..’ की आवाज गूँज रही थी।

मैंने फिर उनकी बालों को पकड़ा और कहा- उठ मादरचोद.. बैठ मेरे लण्ड पर और कूद..वो मेरे लंड पर बैठकर कूदने लगीं।

मैं उनकी दोनों चूचियों को दबा रहा था। कई मिनट तक अलग-अलग ढंग से चोदने के बाद मैं उन्हीं की बुर में झड़ गया और उन्हीं के ऊपर लेट गया।

इसके बाद कुछ देर मजा करने के बाद हम दोनों सो गए।

यह थी मेरी भाभी के साथ सुहागदिन की कहानी। आशा करता हूँ पसंद आई होगी।support@mohakkisse.com

कहानी पर अपनी प्रतिक्रिया दें (React to Story)

इसी श्रेणी से अन्य कहानियाँ

भाभी चूत चुदवा कर मेरी बीवी बनी -1
भाभी की चुदाई

भाभी चूत चुदवा कर मेरी बीवी बनी -1

हमारे घर में किसी चीज की कोई कमी नहीं है। मैं आपको बता दूँ कि हमारे गाँव में हमारी 30 एकड़ जमीन है.. जो ऐशो आराम से जीने के लिए बहुत होती है।

6 मिनट 398
Bhabhi Ki Chut Ka Swaad
भाभी की चुदाई

Bhabhi Ki Chut Ka Swaad

Hii dosto, mera naam Rohit hai or main mumbai ka rehne wala hoon, dosto agar koi ladki ya housewife mere saath freindship karna chahti ho to mujhe mail kare, meri mail id hai “support@mohakkisse.com”, aaj main aap sabko apni ek sachi sex story sunane j...

6 मिनट 347
मेरी सेक्स कहानी से मिली मुझे एक मस्त आइटम- 3
भाभी की चुदाई

मेरी सेक्स कहानी से मिली मुझे एक मस्त आइटम- 3

Xxx पेनफुल सेक्स कहानी में पढ़ें कि जब NRI भाभी की चूत में मेरा मोटा लंड घुसा तो उसे बहुत दर्द हुआ. फिर भी उसें मजा आया और वो दोबारा चुदना चाहती थी.

15 मिनट 799

पाठकों की राय

0 टिप्पणियां
इस कहानी पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!
🔒 सुरक्षा कारणों से कॉपी करने की अनुमति नहीं है।