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जवान लड़की पठन समय: 6 मिनट पढ़ा गया: 136 बार

इंडियन कॉलेज गर्ल का कौमार्य भंग

काशी

04 Jul 2015 को प्रकाशित

इंडियन कॉलेज गर्ल का कौमार्य भंग
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मैं भी उसे खुल कर सब बताता था कि मैं सिर्फ हर लड़की को चुदाई की नज़र से देखता हूँ।धीरे-धीरे वो मेरे करीब आती गई और एक दिन उसने मुझसे पूछा- अभी आप की कोई गर्लफ्रेंड है?

तो मैंने उसको ‘हाँ’ में जवाब दिया.. तब भी वो मुझसे एक ही बात बोल रही थी- आप अच्छे हर बात सच बताते हो और लड़के तो झूठ बोल देते हैं।

फाइनली उसने मुझसे ‘लव यू Love You’ बोल दिया.. तो मैंने उससे कहा- मैं सोच कर बताऊंगा।फिर सुबह उसका कॉल आया तो मैंने उससे कहा- ठीक है.. हम किसी दिन मिलते हैं।

फिर हम लोग पूरी रात फ़ोन पर बात करने लगे। अक्सर रात में हम दोनों फ़ोन सेक्स करने लगे, वो अब तक कभी चुदी नहीं थी।मैं अपना लण्ड हाथ में लेकर हिलाता.. तो फ़ोन को लौड़े के ऊपर रखकर सड़के की आवाज़ सुनाता था.. वो भी अपनी चूत में उंगली करती थी.. तो ‘पच.. पच..’ की आवाज़ आती थी।

मैं अपनी बाइक पर लेकर गया.. अब से पहले मैंने उसे कभी बाइक पर नहीं बैठाया था।जब मैं उसका इंतज़ार कर रहा था.. तब एक वो मेरे सामने से आई और उसे देखते ही मेरे लण्ड महाराज हरकत में आ गए।

पहले मैं उसे होटल ले गया.. वहाँ जाकर पहले हम दोनों ने खाना खाया.. फिर उसी होटल में एक रूम बुक किया और कमरे में चले गए।

जैसे ही मैं कमरे में अन्दर गया तो सबसे पहले उसने मुझे गले लगाया। फिर कम से कम 10 मिनट हम एक-दूसरे के होंठों को चूसते रहे।मुझे मेरा लंड आज से पहले कभी इतना ज्यादा टाइट नहीं लगा था।फिर मैंने उसको बिस्तर पर पटका और उसकी कमीज को उतार दिया। कसम से दोस्तों.. सफ़ेद ब्रा में कैद उसके 34 के साइज़ के दूध मेरे सब्र का इम्तिहान ले रहे थे।

फिर मैंने अपने सारे कपड़े उतारे.. वो मेरा लौड़ा देख कर डर सी गई।फिर मैंने उसकी सलवार और पैन्टी उतारी.. तो उसकी चूत देख कर मैं पागल हो गया था।एकदम अनचुदी चूत.. जिस पर रेशमी बाल.. उसकी शान बढ़ा रहे थे।

मैंने उसकी चूत पर अपना हाथ रखा तो वो ‘स्सीईई.. सीईईई ईईई..’ की आवाज़ करने लगी।मैं तो खेला हुआ खिलाड़ी था.. तो मैंने पहले उसको गर्म करना ठीक समझा।मैंने उसके मम्मों को चूसना शुरू किया तो वो मछली की तरह ‘उईई ईई ईईई..’ की आवाज़ निकालने लगी।

कुछ ही पलों में वो मेरा खुल कर साथ देने लगी और अब वो मेरे लंड को अपने हाथ में लेकर हिला रही थी।उसने मुझे पूछा- मैं झेल जाऊँगी?जब मैंने ‘हाँ’ में जवाब दिया..तो उसने कहा- ठीक है.. कर लो.. आज से ये जान तुम्हारी.. मुझे आप पर भरोसा है।

फिर मैंने थोड़ा पीछे होकर अपने लण्ड पर थूका।दोस्तो, अक्सर लोग लिखते हैं.. पहली बार में ही ‘मैंने लंड मुँह में दे दिया…’ अक्सर भारतीय लड़कियां आसानी से लंड चूसती नहीं हैं।

मैंने लौड़े पर थूकने के बाद उसकी चिकनी चूत पर थोड़ा थूक लगाया और अपने हाथ में लंड पकड़ कर उसकी चूत पर सैट किया और आगे तो धकेला.. तो लंड फिसल गया।

और वो जोर से चीख उठी- आआआ आआआह..मैंने उसको किस किया और पूछा- दर्द हुआ?तो वो बोली- हाँ.. थोड़ा आराम से करो..।

मैंने धीरे से फिर लंड को उसकी चूत पर सैट किया और धीरे से झटका दिया.. तो मेरे लंड का टोपा उसकी चूत की फांकें फाड़ते हुए घुस गया.. और वो चिल्ला उठी।

मैं कुछ देर ऐसे ही पड़ा रहा और उसके निप्पलों के साथ खेलता रहा।वो कुछ ही पलों में थोड़ी नार्मल हुई।मैंने फिर धीरे-धीरे टोपा ही अन्दर को चलाया.. तो वो उसकी अनचुदी चूत में जगह बनाता चला गया।

फिर मैंने एक तेज़ झटका दिया.. तो उसकी सील टूट चुकी थी और वो मुझसे बुरी तरह लिपट गई।मैंने अपने लंड को उसकी चूत में डले रहने दिया, कुछ देर बाद उसे धक्के लगाने लगा.. तो वो अब सीत्कारों के साथ मेरा साथ देने लगी ‘और तेज़.. तेज़.. स्स्स्स स्स्स स्सस्स स्स.. स्स्स्स..’वो मस्त आवाज़ निकालने लगी।

मुझे भी मज़ा आ रहा था.. पर अभी उसे ये नहीं पता था कि उसकी चूत से खून भी निकला है।मैं उसे दबा कर चोदे जा रहा था.. वो भी मुझे अपनी चूत उठा-उठा कर चुदवा रही थी।तभी वो ‘स्सस्स.. आआ आआआअ..’ की आवाज़ तेज़ करने लगी.. तो मैं समझ गया कि इसका काम होने वाला है।

अब मैंने अपने झटकों की रफ़्तार बढ़ा दी और वो ‘सीईईई ईईईई..’ की आवाज़ करती हुई झड़ गई और बेसुध होकर लेट गई।अभी मैं झड़ा नहीं था तो थोड़ा रुकने के बाद मैंने उसकी चूत में फिर से घमासान मचा दिया.. और धमाकेदार चुदाई के बाद उसकी चूत में ही झड़ गया।

झड़ने के बाद मैं भी थोड़ी देर के लिए लेट गया।

जब वो उठी तो तो उसने खून देखा.. तो वो घबरा गई।तो मैंने उसे समझाया कि पहली बार में चूत में से खून आता ही है..उसने मुझे किस किया और कहा- तुम मुझे धोखा मत देना.. आज से मैं आपकी हूँ.. क्योंकि अपने मेरा ‘कौमार्य भंग’ किया है.. और मुझे अब कली से फूल बना दिया है।

मैंने फिर उसे किस करके उसके चूचों को चूसा और उससे प्रॉमिस किया.. फिर एक बार और चुदाई की।

बाद में मैं उसे उसके घर के पास छोड़ आया और जब वो जा रही थी तो उससे ठीक से चला भी नहीं जा रहा था।जब मैंने उसे फ़ोन करके पूछा- घर पर किसी को शक हुआ?

तो उसने बताया- हाँ मम्मी ने पूछा था कि क्या हुआ तो मैंने पीरियड आने की बोल दी।इस तरह मैंने एक न्यू सील पैक चूत का मुहूर्त किया।दोस्तो.. चूत तो बहुत मारी थीं.. पर इसकी चूत ने मुझे अपना कुछ अलग सा दीवाना सा बना दिया था।

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