इंडियन गर्ल चुदाई कहानी में दीदी के देवर की शादी में काफी लोग इकट्ठे ट्रेन में जा रहे थे. उन्हीं में से एक लड़की से मेरी दोस्ती हो गयी. ट्रेन में हमने चूमा चाटी भी कर ली.
नमस्कार दोस्तो, मैं विराज … मैं कानपुर के रहने वाला हूँ.मेरा रंग गोरा है, लंबाई 5 फुट 2 इंच है और मैं देखने में काफी स्मार्ट हूँ.मेरे लंड का साइज काफी अच्छा है.यह 7 इंच लंबा और 3 इंच मोटा है.
आज आप लोगों के सामने अपनी सेक्स कहानी लेकर आया हूँ.इस इंडियन गर्ल चुदाई कहानी में मैंने लिखा है कि अपनी बुआ की लड़की की चुदाई कैसे की.
यह बात आज से 4 साल पहले की तब की है जब मैं दिल्ली से बीएससी कर रहा था.
उन दिनों मेरी दीदी के घर में उनके देवर की शादी थी.मेरी दीदी मुझसे 5 साल बड़ी हैं. उनकी शादी पंजाब के एक छोटे से शहर में हुई है.
मुझे शादी की वजह से अपनी दीदी के घर जाना था.इस शादी में मेरे साथ मेरे रिश्तेदार भी जा रहे थे.
मेरे घर से कुछ दूर रेलवे स्टेशन है, वहीं से मेरी ट्रेन छूटना थी.कानपुर से लुधियाना जाने वाली हमारी गाड़ी शाम 5 बजे की थी.
सभी लोग रेलवे स्टेशन पर पहुंच चुके थे.मेरे साथ मेरे बुआ फूफा, उनकी देवरानी और बुआ की ननद की लड़की भी थी.
उसका नाम रिचा था.रिचा देखने में बहुत खूबसूरत थी.उसकी उम्र 19 साल थी, रंग गोरा, काले लंबे बाल थे.उसके होंठ गुलाब की पंखुड़ियों की तरह लाल थे.उसका फिगर मानो रानी मुखर्जी की तरह था.उसके शरीर का साइज कुछ यूं था … सीना 34 इंच का, कमर 28 इंच की और हिप लगभग 36 इंच की रही होगी.
मेरी नजर जब रिचा पर पड़ी, तो मैं उसे देखता ही रह गया.
उस वक्त मैं प्लेटफार्म की एक बेंच पर बैठा था.वह मेरे पास आने लगी.
उसे अपनी तरफ आते देख कर मेरा दिल बड़ी जोर जोर से धड़कने लगा.मुझे पता ही नहीं चला कि कब वह मेरे पास आ गई और मेरे बाजू में आकर बैठ गई.
उस समय मेरी सांसें बहुत जोर जोर से चलने लगी थीं.अब उसने मुझसे बोला- हैलो, मेरा नाम रिचा है.
साथ ही उसने मुझसे हाथ मिलाने के लिए अपने हाथ को आगे बढ़ा प्रिया.मैंने भी उससे हाथ मिलाते हुए कहा- मेरा नाम विराज है. आप कहां रहती हो?
तो उसने मुझे बताया- अरे पहचाना नहीं, मैं आपकी बुआ की ननद की लड़की हूँ.मैंने कहा- ओह मुझे पता ही नहीं था.
वह- ओके … और बताओ कि आप आजकल क्या कर रहे हो?मैंने कहा- मैं दिल्ली में रह कर पढ़ाई कर रहा हूँ.
उसके बाद वह इधर उधर की बातें करने लगी.
कुछ देर बाद उसने मेरे बाजू में सर रख प्रिया.तभी मैंने महसूस किया कि उसका एक दूध मेरे बाजू से दब रहा है.
मैंने अपना फ़ोन निकाला और उसके साथ की सेल्फी लेने के लिए अपने मोबाईल का कैमरा चालू कर प्रिया.
वह देखने लगी.लेकिन तब भी उसने सीधे बैठने का कोई उपक्रम नहीं किया.वह वैसी ही टिकी हुई बैठी रही.
उसने बस अपने होंठों पर एक मुस्कान बिखेर दी थी ताकि फ़ोटो में वह अच्छी दिखे.
मैंने उसके साथ फोटो खींच ली.
अब मैंने देखा कि और मेरे साथ और ज़्यादा सट कर बैठ गई.उसने मेरा हाथ भी अपने हाथ में पकड़ लिया.मैं उस समय कुछ नहीं बोला.
तभी हमारी ट्रेन आने की घोषणा हो गई और ट्रेन के आते ही हम सभी लोग ट्रेन में बैठ गए.कुछ ही देर में सब लोग अपनी अपनी सीट पर बैठ गए थे.
उस वक्त तक शाम हो गई थी तो बुआ बोलने लगीं कि विराज मैं तेरे लिए कचौड़ी लाई हूँ, खा ले!उन्होंने सभी को कचौड़ियां दे दीं और हम सभी खाने लगे.
उसके बाद बुआ बोलीं- मैं बहुत थक गई हूँ, तो मैं तो लेटने जा रही हूँ.उनके सीट पर जाते ही सब लोग अपनी अपनी सीट पर जाकर बैठ गए.
रिचा भी मेरे सामने वाली सीट पर जा कर बैठ गई.उसने जीन्स और शर्ट पहनी हुई थी … तो बड़ी कयामत लग रही थी.
हम सब लोगों ने थोड़ी बहुत बातें की और सोने लगे.
फिर जब थोड़ी देर बाद मेरी आंख खुली तो मैंने देखा कि रिचा जग रही थी.
मुझे जगा हुआ देख कर उसने कहा- मुझे नींद नहीं आ रही है, आप अपने फोन में मूवी चलाओ … हम लोग साथ में देखते हैं.मैंने पूछा- कैसी मूवी लगाऊं?उसने कहा- कोई लव स्टोरी लगा लो!
मैंने उल्लू एप्प में जाकर सेक्सी सी मूव लगा दी.कुछ देर देखने के बाद ही वह गर्म होने लगी, उसकी सांसें तेज चलने लगीं.
वह मेरे बगल में ऐसे चिपक कर बैठी थी कि उसका एक चूचा मेरे कंधे से दब रहा था.उसने मेरी ओर देखा, फिर उसने पूरे डब्बे में नजर घुमाई और देखा कि सभी लोग सो रहे हैं.उसके बाद उसने मुझे किस कर लिया.
तो मेरी हिम्मत जाग गई.मैंने उसके गले में हाथ डाल प्रिया और उसके एक चूचे को दबाने लगा.
उसके चूचे बहुत टाइट थे, मुझे दबाने में बड़ा अच्छा लग रहा था.फिर मैंने उसके होंठ पीना शुरू कर दिए.वह भी मेरे होंठों को खाने लगी.
लगभग 20 मिनट तक मैं उसे किस करता रहा और उसके चूचे दबाता रहा.
उसके बाद वह वह उठ कर जाने लगी.तो मैंने कहा- मैं तुम्हें पंजाब चल कर बहुत सारा प्यार दूंगा.वह बोली- हां मुझे इंतजार रहेगा.
अब वह अपनी बर्थ पर जाकर सो गई.हम लोग सुबह सुबह पंजाब पहुंच गए.
हमें लेने स्टेशन पर जीजा जी आ गए थे.जीजा जी से मेरी पटरी मेल खाती थी.हम दोनों आपस में हर तरह की बात शेयर कर लेते थे.
वे मुझसे अलग खड़े होकर बात करने लगे.मैंने जीजा से सारी बात बताई और उनसे कहा- यार जीजू, मुझे एक अलग रूम चाहिए.
जीजा जी मुस्कुरा कर बोले- पहले घर तो चल मेरी जान!हम सब जीजा जी के घर पहुंच गए.
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मैंने सब लोगों के पैर छुए और सोफे पर बैठ गया.दीदी हम सभी लोगों के लिए नाश्ता ले आईं और सभी ने नाश्ता किया.
उसके बाद मैं और जीजा जी दोनों लोग छत पर निकल गए.मैंने पीछे से रिचा को इशारा कर प्रिया.
हम लोग ऊपर वाले माले पर पहुंच गए.उधर बना हुआ कमरा खाली था.
जीजा जी ने मुझसे कहा- तुम दोनों इस कमरे में रुको, मैं अभी आता हूँ.
तभी जीजा जी छत पर सिगरेट पीने निकल गए और हम दोनों रूम में आ गए.
मैंने एसी चालू किया और बेड पर लेट गया.रिचा भी मेरे बगल में लेट गई.हम दोनों एक दूसरे से लिपट गए.
मैं रिचा को किस करने लगा.मेरा एक हाथ उसकी चूचियों पर चला गया.
जब मैंने उसकी चूचियां दबाईं, तो बहुत टाइट थीं.वह गर्म होने लगी और उसके मुँह से कामुक सिसकारियां निकलने लगीं.
वह कहने लगी- उह आह विराज मैं तुमसे बहुत प्यार करती हूं … आई लव यू!मैंने भी उससे आई लव यू टू कहा.
अब धीरे धीरे मैंने उसके सारे कपड़े निकाल दिए. वह मेरे साथ सिर्फ ब्रा ओर पैन्टी में रह गई.उसके गोरे बदन पर काले रंग की ब्रा और पैन्टी कहर ढा रही थी.
तभी रिचा ने मेरी शर्ट निकाल दी और मेरी जीन्स में हाथ डाल कर मेरे लंड को सहलाने लगी.मेरा लंड पहले से ही कड़ा हो गया था. उसने मेरे लंड को हाथ लगाया तो वह और ज्यादा फनफना उठा.
रिचा- ऊई मम्मी … यह तो बड़ा स्ट्रॉंग लग रहा है!मैंने कहा- हां बाहर निकाल कर देखो.
उसने चैन खोली और लंड को बाहर निकाल लिया.मैंने उससे आंख से इशारा किया कि लंड चूसो.
वह बिना किसी हिचक के लंड को अपने मुँह में लेकर पीने लगी.
पहले वह धीरे धीरे लंड चाट रही थी.फिर उसका मूड बन गया तो वह वह मेरे लंड को मस्ती से अन्दर तक ले लेकर चूसने लगी थी.अब मैं जन्नत में घूम रहा था.
फिर उसने मेरी जीन्स पूरी निकाल दी और चड्डी भी हटा दी.मैं भी पूरा नंगा हो गया था.
अब वह मुझसे कहने लगी- प्लीज़ विराज मुझे चोद दो!
देर न करते हुए मैंने उसे सीदही लिटा प्रिया और उसकी चूत में अपना लंड सैट कर प्रिया.
मैंने उसकी चूत की फांक में लंड के सुपारे को रख कर उसे देखा, तो उसने अपनी मुँडी हां में हिला दी.
मैंने उसी पल मैंने एक जोर का झटका दे प्रिया.मेरा लंड आधा उसकी चूत में घुसता चला गया.
वह दर्द से चिल्ला उठी ‘ऊई मम्मी मर गई!’
मैंने उसका मुँह दाब लिया और धीरे धीरे अपना लंड चलाने लगा.कुछ देर बाद उसे अच्छा लगने लगा और अब वह भी मेरा सहयोग करने लगी.
मैंने उसके एक दूध को अपने होंठों में दबाया और अपनी स्पीड बढ़ा दी.कुछ देर बाद वह कहने लगी- विराज दूसरी वाली मुसम्मी में भी रस है.
मैंने कहा- हां रानी, मुझे पता है. तुम अपने हाथ से पकड़ कर चुसवाओ.वह ओके कह कर मुझे अपने हाथ से निप्पल पकड़ कर मेरे मुँह में देने लगी.
हम दोनों की आंखें एक दूसरे को देख रही थीं तो वासना का सैलाब उमड़ रहा था.
वह भी मजे से अपने दूध को बदल बदल कर मुझसे चुसवा रही थी और मजा ले रही थी.दूध चूसने के साथ साथ मैं दस मिनट तक उसे मस्त चोदता भी रहा.
फिर उसका पानी निकल गया, तो वह निढाल हो गई.मैं लंड चलाता रहा.
कुछ देर बाद मेरा भी पानी निकल गया.फिर हम दोनों ने अपने कपड़े पहने और कमरे से निकल कर छत पर चले गए.
छत पर जाकर हम लोग जीजा जी से बात करने लगे.
कुछ देर बाद वह नीचे चली गई और जीजा जी मुझसे पूछने लगे- क्या हुआ?मैंने आंख दबाते हुए कह प्रिया कि झण्डा फहरा प्रिया!
वे चौंक गए- अरे, इतनी जल्दी काम भी उठा प्रिया!मैंने कहा- हां जीजू … बड़ीप्यासी थी साली… जल्दी ही निकल गई.
जीजू ने कहा- प्यासे की प्यास बुझाना बड़े पुण्य का काम होता है.हम दोनों हंसने लगे.
फिर जीजू ने कहा- अब आगे क्या प्रोग्राम है!मैंने कहा- अभी और बजाऊंगा!वे कुछ नहीं बोले.
मैंने कहा- आपका मन है क्या?इंडियन गर्ल चुदाई की बात सुन कर उनकी आंखें चमक उठीं.
मैंने रिचा को फोन लगाया और उससे कहा कि तुम छत पर आ सकती हो!वह बोली- हां क्यों क्या बात है?
मैंने कहा- जीजू तुमसे बात करना चाह रहे हैं.वह बोली- ओके आती हूँ.
उसके बाद रिचा ऊपर आई और जीजा जी ने उसे मेरे साथ मिल कर किस तरह से चोदा, वह बड़ी मस्त घटना है.हम दोनों ने रिचा की सैंडविच चुदाई का मजा भी लिया था. वह सब अगली कहानी में लिखूँगा.
तो दोस्तो, आज की मेरी इंडियन गर्ल चुदाई कहानी आपको कैसी लगी. प्लीज़ मुझे मेल से जरूर बताएंsupport@mohakkisse.com