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Hindi Chudai Kahani पठन समय: 16 मिनट पढ़ा गया: 786 बार

Mere Dost Ki Maa – Vimala Devi

mr.playboy

17 Jul 2014 को प्रकाशित

Mere Dost Ki Maa – Vimala Devi
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दिलवाला राहुल का आप सभी लण्डधारियों और चूत की रानियों को एक बार फिर से सलाम.

ये कहानी जो मैं आज लिखने जा रहा हूँ ये मेरे पक्के दोस्त बबलू की माँ विमला देवी के साथ में हुयी घटना है. आप सभी से निवेदन है की इस कहानी को पूरी पढ़ने के पश्चात ही आप सभी विमला देवी के स्तनों, चूत और कूल्हों की कल्पना करके पानी निकालें.

बबलू मेरे गाँव का पुराना पक्का दोस्त है, मैं काफी समय पहले शहर में शिफ्ट हो गया था, लेकिन अचानक मुझे किसी कारणवश गाँव में जाना पड़ा, गाँव में मेरे बड़े बड़े खेत हैं, दरअसल उन्ही खेतों के काम के लिए मुझे गाँव जाना पड़ा.

जब मैं गाँव पंहुचा तो देखा एक पतला सा काला कलूटा लड़का, उम्र लगभग मेरे बराबर 27 साल, गाल अंदर धसे हुए, आँखों के नीचे काले गड्ढे पड़े हुए, दिन दोपहर की गर्मी में एक पेड़ के निचे छाँव में बैठकर चिलम पी रहा था, पहले मेने उसे पहचान नहीं, मेने सोचा कोई मजदुर होगा, लेकिन उसने मुझे तुरंत पहचान लिया.

बबलू- ओर राहुल भाई कैसा है? बहुत दिनों बाद आया गाँव.

मैं- यार मेने तुझे पहचाना नहीं ?

बबलू- तू भी भेनचोद, दोस्त को भूल गया, भोसडीके बबलू हूँ, याद है बचपन में हम सरला बाइ के दूध देखकर अपना हिलाया करते थे ?

मैं- ओह भोसड़ीचोद बबलू, हरामी कैसा है तू? और ये क्या हालात बना दी अपनी तूने, चुतीया लग रहा है, भिखारी सा हो गया तू.

बबलू- तू मजाक बना ले भेन के लोडे, सुल्फा पी पी कर हालत ख़राब हो गयी यार सही में, पैसों का जुगाड़ नही हो पाता, माँ के गहने भी बेच दिए मेने बहिनचोद.

मैं- ये गलत बात है यार, विमला चाची कैसी है ? तबियत ठीक है ?

बबलू- हाँ यार ठीक ही है, बाप तो शहर चला गया था अभी तक लौट कर नहीं आया, वहां दूसरी शादी कर दी चोद्दे ने, माँ को अकेला छोड़ दिया, चल भाई घर चल, हमारे घर रहियो.

मैं- हाँ बिलकुल भाई चल, रात में दारु पिएंगे.

(दारु का नाम सुनकर बबलू के मुह में पानी आ गया, हम फिर बबलू के घर जाते हैं, उस समय घर पर कोई नहीं था)

मैं- चाची कहाँ है बे ?

बबलू- खेत में गयी होगी झाड़ काटने. आती होगी अभी, तू आराम कर तब तक मैं बाजार जाता हूँ कुछ समान ले आऊं. और सुन लोडे, मुझे देर हो जायेगी क्योंकि बाजार काफी दूर है यहाँ से. रात तक पहुँचूँगा, माँ आये तो बता देना.

मैं- ठीक है भाई, जल्दी आईयो.

(बबलू फिर अपनी एटलस साइकिल में चला जाता है, कुछ देर बाद एक सांवली, मोटी सी सुडौल औरत, उम्र लगभग 50 साल, लाल साड़ी और काला ब्लाउज पहने, अपने सर पर लकड़ियाँ लादे हुए, बड़ी बड़ी गांड मटकाते हुए, पसीने से तर बदर, घर की और आती है, ये सेक्सी मोटी बड़ी उम्र की औरत और कोई नहीं बल्कि मेरे पक्के दोस्त बबलू की कामुक मोटी ताज़ी माँ विमला देवी है..

जिसके ब्लाउज का गला काफी खुला है, जिसमे से उसके स्तनों की काली घाटी का नज़ारा साफ़ साफ़ दिख रहा है, यह दृश्य देखकर मेरा लण्ड जोर जोर से झटके मारने लगा, विमला के माथे से पसीने की बूंदे उसके गालों से होते हुए, फिर गले से और अंततः स्तनों की घाटी में समा रही थी, बहुत ही मनमोहक और लण्डमोहक दृश्य था, अचानक विमला की नज़र मुझ पर पड़ी)

विमला- अरे राहुल बेटा, तू कब आया, और बबलू कहाँ है ?

(मैंने श्रद्धा भाव से विमला के पैर छुए और प्रणाम किया, विमला ने मुझे आशीर्वाद दिया, और मुझे गले से लगा लिया जिसके फलस्वरूप उसका पसीना मुझे भी लग गया और जब मैं विमला के गले लगा तो उसके पसीने की भीनी भीनी खुशबू कम गंध ने मुझे पागल कर दिया, उसके कड़क निप्पल उसके ब्लाउज से दिख रहे थे क्योंकि उसने ब्रा नहीं पहना हुआ था, गाँव में अक्सर कोई भी औरत ब्रा नहीं पहनती थी)

विमला- कैसा है बेटा तू ? तू तो बड़ा हो गया रे, और तंदरुस्त भी, एक बबलू को देख, गलत संगत में पड़ गया है, उसका शरीर कमजोर हो गया सुल्फा पी कर.

मैं- हाँ चाची, मैं जब आया वो सुल्फा पी रहा था, मेने मना भी किया लेकिन नहीं माना.

विमला- तू तो हीरो हो गया शहर में रहकर, मुझे भी ले चल अपने साथ.

(चाची मजाक के मूड में थी, और मुझ से शरारत कर रही थी, मेने भी मौके का फायदा उठाया)

मैं- चल ले चाची मेने कहाँ मना किया, लेकिन मुझ से शादी करके चलियो.

विमला- चल हट बदमाश, शहर जाकर बदमाश हो गया तू.

मैं- मैं तो मजाक कर रहा हूँ चाची, गुस्सा न हो.

विमला- मैं तेरे लिए खाना बना दूँ, तू थक भी गया होगा, आराम कर लेना.

मैं- हाँ बना दे खाना, फिर खाने के बाद आराम कर लूंगा, तू सुना चाची कैसी है तू ? चाचा आता है घर ?

विमला(उदास होकर)- अरे वो कहाँ आता है कलमुहा, दूसरी शादी करके बैठा है सहर में, मेरी जिंदगी नरक बना दी उस आदमी ने तो.

मैं- कोई बात नहीं चाची, कभी कभी जीवन में ऐसी विकट परिस्थिति आती है, हमें बड़ी होश्यारी और सूझबूझ से उसका सामना करना चाहिये, मैं हूँ चाची तेरे साथ तू चिंता मत कर.

विमला- वो तो मुझे पता है तू है मेरे साथ लेकिन जो तेरे चाचा मुझे दे सकते हैं वो तू नहीं दे सकता.

मैं- मतलब ?

विमला- तू रहने दे राहुल बेटा, तेरे समझ नही आएगा, एक औरत की मजबूरी कोई नहीं समझ सकता, मैं तेरे लिए खाना बनाती हूँ.

मैं- चाची रुक तो, देख मैं तेरे लिए क्या लाया हूँ शहर से.

(मैं विमला के लिए लिपस्टिक, चूड़ियाँ, बिंदी, कंगन, पजेब, जालीदार नाईटी लेकर आया था, जिसे देखकर विमला खुश हो गयी लेकिन नाईटी देखकर वो सकपका गयी)

विमला(नाईटी दिखाते हुए) – ये क्या है ?? मैं ना पहनने वाली इसे, कैसा गन्दा है ये, इसमें शरीर दिखेगा पूरा.

मैं- ओहो चाची, अच्छा है ये, शहर में औरतें सब यही पहनती हैं घर पर, और वैसे भी यहाँ तेरे-मेरे अलावा कौन देख रहा है हमे.

विमला- नहीं रे, बबलू आएगा देखेगा तो उसे अच्छा ना लगेगा.

मैं- बबलू को मैं समझा दूंगा चाची, वो मेरी बात पक्का मानेगा देखना क्योंकि मैं उसके लिए भी कुछ लाया हूँ.

विमला- अच्छा और क्या क्या लाया है तू शहर से ?

मैं- वो उसके और मेरे मतलब की चीज़ है. तू नाईटी पहन ले जा, और लिपस्टिक और चूड़ी भी पहन लियो.

(दरअसल मैं दारु की बात कर रहा था, विमला नाईटी पहनती है, उसके साथ साथ अपने बड़े फुले हुए होंठों पर लिपस्टिक लगाती है और लाल चूड़ियाँ भी पहनती है, जब वो मेरे सामने आती है तो मेरा लण्ड एक दम से बौखला जाता है, उसके निप्पल नाईटी में साफ़ दिख रहे थे, उसने अंदर ब्रा नहीं पहनी थी, और वो नाईटी जालीदार थी तो अंदर का बदन साफ़ साफ़ दिख रहा था.

गाँव की औरत का गठीला बदन और सुडौल वक्ष उस नाईटी में बहुत ही कामुक और हिज़ड़े का लण्ड खड़े कर देने वाला लग रहा था, होंठों पर सुर्ख लाल लिपस्टिक, हाथों में चूड़ियाँ, पैरों में पजेब, माथे में बिंदिया, ऐसा लग रहा था जैसे कोई नई नवेली दुल्हन हो, लेकिन विमला ऐसे दृश्य में इस दुनिया की सबसे बड़ी रांड लग रही थी, जिसे देखकर कोई भी उसका भाव पूछ सकता था)

विमला- कैसी है ये बेटा.

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मैं- उफ्फ्फ चाची, तू छा गयी सही में, दीवाना बना दिया तूने मुझे.

विमला- चुप बदमाश कहीं का. मुझे ये अच्छी ना लगी, इसमें पूरा बदन दिख रहा है, बबलू देखेगा नाराज़ होगा.

मैं- रहने दे चाची, बबलू को तुझ से ज्यादा मैं जानता हूँ, कहीं बबलू को तू पसंद न आ जाये, हा हा हा

विमला- बड़ा बदमाश हो गया तू शहर में रह कर. हरामी कहीं का.

मैं- गाली मत दे चाची, वरना देख ले.

विमला- वरना क्या करेगा तू ?

(चाची मेरे बहुत करीब आ जाती है, उसकी साँसे मेरी साँसों से टकराती है, उसके विशालकाय स्तन मेरी छाती में दब जाते हैं)

विमला- बता क्या करेगा, बोल, चाची से जबान लडाता है

मैं- मैं कर दूंगा फिर मत बोलना, देख ले चाची

(मैं चाची के सुर्ख लाल होंठों को देखे जा रहा था)

विमला- हिम्मत है तो कर के दिखा ?

मैं- एक बार और गाली दे, तेरी कसम कर दूंगा.

विमला- हरामी कहीं का अब कर के दिखा, दे दी गाली

(तभी मैं चाची के दोनों हाथ की बाहें पकडकर उसके होंठ पर अपने होंठ रख देता हूँ, और काट देता हूँ, करीब 5 मिनट तक मैं उसके होंठ चूसता हूँ, उसमे से खून भी निकल रहा था मैं वो भी पी लेता हूँ, वो छुटने का प्रयास करती है लेकिन असफल रहती है)

विमला- हाय राम, हरामी क्या कर दिया तूने, होंठ काट दिया मेरा, शहर में ये सब सीखा तूने, कुत्ते इसलिए आया तू गाँव, अब बबलू मेरे होंठ देखेगा तो क्या कहेगा

मैं- चाची, मैं प्यार करता हूँ तुझ से, तू बहुत सेक्सी है, शादी कर ले मेरे साथ, बबलू को बेटा बना दे मेरा.

विमला- क्या बोलता है रे, ऐसा अनाप शनाप ना बोल, तू बेटे जैसा है मेरा, बबलू के भाई जैसा है तू.

(फिर में चाची को पकड़ लेता हूँ और अपने सीने से जकड लेता हूँ, और उसके गालों, गले और कन्धों पर चूमने लगता हूँ और उसके गले में जोर से काटता हु जिससे उसके गले में निशान छूट जाता है)

विमला- अह्ह्ह्ह्ह.. हाये मार डाला काट दिया रे हरामी ने छोड़ मुझे हरामी, बदमाश, मादरचोद

मैं- चाची आज जी भर के प्यार कर लेने दे इस आशिक़ को, तू बहुत ही झबराहट लग रही है मेरी जान.

विमला- मत कर बेटा कुछ मेरे साथ, छोड़ दे मुझे भगवान के लिए. अह्ह्ह्ह्ह.. ओह्ह्ह्ह्ह.. ह्हह्हहररारामी!!!

(फिर मैं विमला की नाईटी जबरदस्ती फाड़ देता हूँ और उसके विशालकाय वक्ष को आज़ाद कर देता हूँ, उसके बूब्स झूलने लगते हैं, 50 साल की औरत के लटके हुए बूब्स बहुत मस्त लगते हैं और मैं उसके निप्प्ल को चूसने लगता हूँ, और दूध को निचोड़ने लगता हूँ)

विमला- अह्ह्ह्हह्ह्.. उफ्फ्फ्फ्फ.. राहुल बेटा, क्या करता है रेरेह्ह्ह्ह्ह.. ओहोहोहिहो ऐसे ही चूस ले बेटा, चूस और चूस जोर जोर से चूस

(अब विमला मेरा साथ देने लगती है, उसकी सिसकारियाँ ऐसे लग रही थी जैसे पुरे गाँव में गूंज रही हो, एक 50 साल की औरत बहुत सालों से चुदाई से वंचित थी उसके अंदर बहुत ही कामुक वासनाएं भरी थी, वो करहा रही थी, गिडगिड़ा रही थी, चोदने के लिए भीख मांग रही थी)

विमला- राहुल, हाईईईईए.. मेरे बेटेटेटेटे.. अह्ह्ह्ह्ह.. और ना तड़पा, डाल दे अंदर अपना हथौड़ा बेटा

मैं- रुक जा जान आज तुझे संतुष्ट कर दूंगा, बस तेरा आशीर्वाद चाहिए.

विमला- मेरा आशीर्वाद तेरे अह्ह्ह्ह्ह.. साथ हिहिहिहि है उफ्फ्फ्फ्फ.. बेटा मत तड़पा अह्ह्ह्ह्ह..

मैं- तुझे और तड़पाउंगा मेरी रानी, जब तक तू मुझ से भीख न मांगे तब तक नहीं चोदुंगा जान

विमला- हाये रेरेरेरेरे.. मैं भीख मांगती हूँ मरर राजाअह्ह्ह्ह्ह.. चोद डाल मुझे, अपने बच्चे की माँ बना दे, बबलू को एक भाई दे दे अह्ह्ह्ह्ह..

मैं- ठीक है मेरी रान्ड, आज तेरी कोख में अपना वीर्य डाल दूंगा रण्डी और नौ महीने बाद बच्चा देखने आऊंगा.

विमला- इस घर में एक बार फिर किलकारियाँ गूंजेंगी बेटा, अह्ह्ह्ह्ह.. ओहोहोहोहो.. डाल जल्दी डाल, खेलना बंद कर, असली काम कर जल्दी, अब सहन ना होता रे मुझ से अह्ह्ह्ह..

मैं- तैयार हो जा जानेमन मेरा लवड़ा लेने के लिए.

(फिर मैं विमला को बिस्तर पर लेटाता हूँ और लण्ड को उसकी चूत में जिसकी झांटे सफ़ेद थी रखता हूँ और एक जोरदार झटका मारता हूँ जिससे लण्ड चूत की गहरी खायी में समा जाता है)

विमला- आआआआआ.. अह्ह्ह्ह्ह.. मआरर डालाललाला.. अह्ह्ह्ह्ह.. ओहोहोहोहो.. उफ्फ्फ.. उईईईईई.. अम्मा!!!

(फिर चुदाई प्रारम्भ होती है, मैं लण्ड को अंदर बाहर करता हूँ, उसने अपनी दोनों मोटी मोटी टाँगे मोड़ कर मेरी पीठ ने रखी दी, और विमला मेरे होंटों को, गाल को, गले को मस्ती में चूमे जा रही थी और सिसकारियाँ ले रही थी, आहें भर रही थी, चुदाई चल रही थी, उसकी चूड़ियों की खनखन और पजेब की आवाज़ से कमरा स्वर्गमय हो गया था, चूड़ियों की खनखनाहट से मेरा जोश और बढ़ गया और मेने अपनी रफ़्तार बुलेट ट्रेन की तरह कर दी)

विमला- अह्ह्ह्ह्ह.. अह्ह्ह्ह्ह.. अह्ह्ह्ह.. ओहोइऊओइ.. उईईईईईई.. उम्म्म्म्म हाये रेरेरेरेरेरेरे.. अह्ह्ह्ह.. धीरे धीरे हरआआआआमी उफ्फ्फ मर गयी अम्मा, मार डाला राहुल तूने, कर कर, और चुदाई कर, बना दे अपने बच्चे की माँ मुझे, दे दे एक और बबलू अह्ह्ह्ह्ह.. मैं झड़ने वाली हूँ बेटा, मैं आईईईई मैं आईईईई.. मैं आईईईई.. अह्ह्ह्ह्हह्ह्ह्ह्!!!

(और अंततः विमला झड़ जाती है और ढेर सारा पानी छोड़ती है जिससे मेरा लण्ड गीला और चिपलादार हो जाता है इससे मुझे और आनंद की अनुभूति होती है और मैं फचापच चुदाई करते करते चाची की चूत में झड़ने वाला होता हूँ)

मैं- मैं भी आया रंडी चाची, मैं आने वाला हूँ तेरी चूत में, झड़ने वाला है मेरा माल, अह्ह्ह्ह भेन की लोड़ी, भेनचोद रंडी, अह्ह्हह्ह्ह्हह्ह मेरी पत्नी, मेरे होने वाले बच्चे की माँ, मैं आयाअह्ह्ह्ह्हह्ह्ह्ह्ह..

(और मैं अपना सारा माल चाची चूत के अंदर छोड़ देता हूँ, हम दोनों ऐसे ही पसीने से लतपत एक दूसरे के ऊपर पड़े रहते हैं, चाची अभी भी सिसकारी भर रही थी, मेरा लण्ड चाची की चूत में ही था, 2 घण्टे हम ऐसे ही सोये रहते हैं)

(फिर बबलू घर आता है, अपनी माँ को नाईटी में देखकर वो गुस्सा करता है लेकिन मैं उसे दारु पिला देता हूँ और रात में फिर से विमला चाची की चुदाई करता हूँ, 9 महीने बाद चाची की चूत से एक लड़के का जन्म होता है.

गाँव में किसी को पता नहीं था कि ये किसका लड़का है तो गाँव वाले ऐसे ही धारणा बना देते हैं कि ये बबलू का कुकर्म है और इस वजह से बबलू का मुह काला करके पुरे गाँव में घुमाया जाता है, लेकिन बबलू को पता चल गया था कि उसका भाई मेरा ही बच्चा है.

बबलू को गाँव वालों ने इस गंदे काम के लिए चप्पल से पीटा और मुह काला करके पुरे गाँव में घुमाया, और उसकी माँ को रंडी घोषित कर दिया, लेकिन मेने एक दिन चुपके से रात को उसकी माँ को अपने साथ शहर भगा ले आया और विमला से शादी कर ली, लेकिन बबलू को पता नहीं उसकी माँ कहाँ है.

गाँव वालों ने उसे उसकी माँ को गायब करने के दोष में उम्र कैद सुना दी है और अब बबलू जेल में है और उसकी माँ विमला मेरे साथ शहर में खुश है, हमने अपने बच्चे का नाम बबलू रखा है और अब विमला काफी मस्त और मोर्डन बन चुकी है, मेने विमला के लिए एक ब्यूटी पार्लर खोल दिया है जहाँ विमला देह व्यापार करके भी कुछ पैसे कमाती है और हम दोनों का गुज़ारा हो जाता है).

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