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Hindi Chudai Kahani पठन समय: 14 मिनट पढ़ा गया: 521 बार

Institute Ki Teachers Ke Sath Group Sex

mohitbajaj

29 Sep 2016 को प्रकाशित

Institute Ki Teachers Ke Sath Group Sex
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हेल्लो दोस्तों, मैं मोहित बरनाला पंजाब से हूँ, अपने मेरी पहली स्टोरी पड़ी होगी, रिया के साथ मेने कैसे मजे किए और वहां से मेरी कॉल बॉय बनने की शुरवात हुई.

जो लोग मुझे नहीं जानते मैं उनको अपने बारे मैं बता दूं, मैं मोहित हूँ, मेरी उम्र २८ साल है, रंग गोरा है, दिखने मैं स्मार्ट हूँ और अब मैं एक प्रोफेशनल कॉल बॉय बन चूका हूँ.

किसी बी मैडम को मेरी से सर्विसेज लेनी है, तो आप मेरे को मेल कर सकती हो, सटिस्फैक्शन की पूरी गरंटी वरना रुपया बापस, अब ज्यादा टाइम न लेते हुए सीधा रियल सेक्स स्टोरी पर आतां हूँ.

जब मैं और रिया सुबह उसके घर से ऑफिस आए तो रिया नै मुझे इंस्टिट्यूट पर छोड़ दिया, और वो अपने ऑफिस चली गई, मैं अपने इंस्टिट्यूट मै एंटर कीआ, और पहले ही मेरी काव्य मैडम के साथ मुलाकात हुई.

मैंने मैडम को हाई बोला, उसने मुझे हाई बोला, मैंने कहा मैडम कैसे हो आज आप बहुत अच्छे लग रहे हो, उसने कहा अच्छा! मैने कहा हाँ मैडम.

मैडम की आयु ४० थी, ब्रेस्ट साइज ३६ और बड़ी गांड उस दिन बहुत क़यामत लग रही थी, मैडम ने मुझे क्लास में मेरे को अपने खड़े लंड को पेनट में मसलते हुए देख लिआ था.

इसी लिए आज उनके बात करने का स्टाइल चेंज था, आंखे बहुत निशली लग रही थी, जैसे मुझे कुछ कह रही हो, मैं समज गया था की लोहा गर्म है, बस सिक्स लगाने की जरूरत है.

अब फिर मैं क्लास में आ गया और मैं लास्ट बेन्च पर बैठा था, फिर काव्य मैडम अंदर आई, वो क्लास मैं मेरे को ढूंढ़ने लगी, की मै कहा बैठा हूँ, और जब उसने मुझे लास्ट बेंच पर देखा, तो उसने कहा मोहित आगे फस्ट बेंच पर बैठो, मै आगे बेंच पर चला गया.

उस दिन मैडम मेरे को अपने बूब्स के क्लीवेज बहुत दिखा रही थी, जे बात मैंने नोट की और जिस से मेरा लंड टाइट हो गया था, और मेरा हाथ अपने लंड पर था, जो मैडम ने देख लिया था, जब वो सबको पड़ा रही थी.

तो मैंने जान बूझ कर सवाल पूछा, ये मैडम कैसे होगा, तो वो मेरे पास आई और समझाने लगी, धीरे से उसने अपना हाथ मेरे लंड पर रखा और जोर से दबा दिआ.

जब वो निचे झुकी और मैंने मौका देख कर अपना हाथ उसके बूब्स पर रख दया, और मेरी कॉपी पर उसने लिखा बाथरूम मैं आओ, फिर वो बाथरूम चली गई.

१० मिनट बाद मैं भी बाथरूम मैं चला गया, और फिर दोनों तरफ देख कर मैं लेडीज बाथरूम घुस गया, बाथरूम मैं लेडिस बाथरूम ४ बने हुए थे, फिर मैं काव्य के बाथरूम मैं घुस गया, मेरे गुस्ते ही वो मुझे से चिपक गई और उसने मेरे लंड पर अपना हाथ रख दिया, और पेंट कें ऊपर से मसलने लगी.

मैंने भी अपने हाथ उसके हाथों पर टिका दीए और किस करने लगा, और काव्य ने मेरी पेंट की ज़िप खोल कर मेरे लंड को बहार निकला और मसलने लगी, फिर मैंने अपना हाथ उसके अंडरवियर के अंदर घुसा दिआ और उसकी गांड को मसलने लगा और फिर मैने उसकी जीन्स का बटन खोल दिया, और उसके बूब्स को अपने हाथो से मसलने लगा.

उसने भी मेरी पेंट उतार दी और अंडर वियर भी और मेरी शर्ट के बटन खोल दिए, मुझे बाथरूम में मुझे पूरा नंगा कर दिआ और वो अपने मुँह मैं मेरे लंड को लेकर चूसने लगी और मुझे बहुत मजा आ रहा था, मैं तो स्वर्ग मैं था.

रात को रिया के साथ सेक्स और सुबह काव्य के साथ सेक्स, फिर मैं अपने हाथो से उसके बूब्स के निप्पल को मसलने लगा, निपल पुरे कड़क थे, फिर वो खड़ी हो गई और मैं निचे बैठ कर उसकी चूत को चाटने लगा, चूत बिलकुल गीली पड़ी थी और उसके पानी का स्वाद भी नमकीन था.

मैंने अपनी जीब पूरी उसकी चूत के अंदर घुसा दी और जोर जोर से अंदर बहार करने लगा, और अपनी एक उंगली उसकी गांड में देने लगा, काव्य अहह अहह अहा कर रही थी.

इतने में बाथरूम में कोई आई तो हम चुप हो गये और मैं उठ कर उसके होठो को चूसने लगा, इतने वो जो बाथरूम मैं आई थी चली गई, हम फिर शुरू हो गए. यह कहानी आप देसी कहानी डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

फिर मैने उसको घोड़ी बना कर अपना लंड उसकी चूत पर सेट किया और एक झटके मैं अंदर घुसा दिआ, उसके मुँह से चीख निकल गई, काव्य बोली बेबी आराम से दर्द होता है, तुम्हारा बहुत बड़ा है.

तो फिर मैं जोर जोर से फिल्मी स्टाइल में जटके मारने लगा, काव्य हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ हां करने लगी और बाथरूम मैं उसकी अबाज गूंज रही थी, फिर मैंने उसके मुँह पर अपना हाथ रख लिआ और जोर जोर से अंदर बहार करने लगा.

काव्य तो एक बार जड़ गई थी लेकिन मैं नहीं जड़ा था, मेरी स्पीड चालू थी और फिर मैं उसके बूब्स दबाने लगा, उसके बाद मैंने अपना लंड बहार निकला और मैं टॉयलेट की सीट पर बैठ गया, और वो अपनी दोनों टंगे फैला कर मेरे लंड के ऊपर बैठ गई, और वो धीरे धीरे अपनी चूत को हिलाने लगी.

मेरे सर पर अब पूरा सेक्स स्वार था और मैं पूरा उसमे डूबा हुआ था, काव्य मेरे होठो को जोर जोर से चूस रही थी, मैंने उसको अपनी बाँहों में कस के पकड़ा हुआ था, फिर मैं उसके अंदर ही झड गया, और साथ मैं वो भी झड गई और हम दोनों ने एक दूसरे को कस के बाँहों में भर लिया.

दस मिनट हम ऐसे ही रहे, उसके बाद उसने कहा मोहित बहुत मजा आया, आज बहुत टाइम के बाद मेरीप्यास भूझी है, मैंने कहा स्वीट हार्ट आपकी सेवा मैं हमेशा हाजिर हूँ, जब मर्जी मेरे को याद कर लेना.

मैंने कहा लव यू, काव्य ने मुझे लव यू टू कहा, फिर हमने कपडे पहने और बाथरूम से बहार आ गए, जब बहार तो सामने और सामने सारिका खड़ी थी, हम दोनों के होश उड़ गए, सारिका भी उस इंस्टिट्यूट मैं टीचर थी.

उसने कहा तो तुम ये सब करते हो? मैंने कहा बस थोड़ा एन्जॉय कर रहे थे, उसने हमारी तरफ घुर कर देखा, मैंने कहा “क्या हुआ जो कर रहे थे आपको पता है, कहो तो मैं आपकी भी सेवा कर देता हूँ”.

उसने मेरे मुँह पर चांटा मारा, तो मैंने उससे पकड़ कर उसके होठो को चूस लिए और बूब्स दबा दीए और उसके होठो को चूसता रहा, और वो मुझसे छुड़ाने की कोशिश कर रही पर मैंने नहीं छोड़ा.

फिर वो डिली पड़ गई, जब मैंने उसकी चूत मैं हाथ डाला, तो वो बिलकुल गीली थी, मैं समझ गया था की साली ऊपर से ड्रामा कर रही है, फिर वो मेरा साथ देने लगी.

मैंने कहा ज्यादा नखरे क्यों करती है सीधा कहे देती, की मुझे बी तुम्हारा हथ्यार लेना है. ये सब काव्य देख रही थी, बोली मोहित तुम्हारी हिमत की दाद है, तुम्हे डर नहीं लगा..

सारिका बोली जब मैं बाथरूम आई, तो समझ गई थी, कुछ तो लोचा है, मैंने जान बूझकर बहार जाने का नाटक किआ था, मैं तो तुम्हारा खेल देख रही थी, कब तुम दोनों बहार आओ और मैं तुम्हे रंगे हाथो पकडू.

मैंने कहा पकड़ ले मेरी जान, फिर हम सब हस पड़े और काव्य ने कहा शाम को मेरे घर चलते है, आज मेरे घर कोई नहीं है, हम सब मौज करेंगे.

फिर मैं क्लास मैं चला गया, इससे मेरी कॉल बॉय की शुरबात थी, मेरा पढ़ाई मैं बिलकुल मन नहीं था, मेरा लंड फिर हुलारे मार रहा था और शाम का इंतज़ार करने लगा.

जब इंस्टिट्यूट ख़तम हुआ, मैंने रिया को फोन किआ, मैंने कहा की आज मैं नहीं मिलूंगा, उसने कहा कहा जा रहे हो, आज कोण मिल गाई?

मैंने कहा आज मुझे और दो मिली है, उनको खुश करने जा रहा हूँ, तो उसने कहा मुझे भी ले चलो मेरी बी प्यास बुझा देना साथ में. तो मैने कहा अभी बताता हूँ और मैने फोन काटा और सारिका को फोन किया की मेरी एक दोस्त हमारे साथ आना चाहती है उसको ले आऊ?

उसने ना कहा, तो मैने कहा स्वीट हार्ट वो मेरी अच्छी फ्रेंड है, उससे कोई प्रॉब्लम नहीं है, हम सब मजे करेगे, फिर उसने कहा ओके और फिर रिया को मैने फोन किआ, और आने को कहा.

फिर मैं, रिया और सारिका एक कार मैं बैठ कर काव्य के घर चले गए, रिया कार में बैठते ही मेरे लंड को मसलने लगी और सारिका पिच्छे बैठ कर देख रही थी और गर्म हो गई थी.

रिया निचे झुक कर मेरे लंड को अपने मुँह में लेकर चूसने लगी, इसके बाद जब तक काव्य का घर नहीं आया वो तब तक चुस्ती रही, और सारिका अपनी चूत मैं ऊँगली डाल कर हिला रही थी.

जब काव्य का घर आया, वो एक फ्लैट मैं रहती थी ६ फ्लौर पर, मैंने गाडी पार्क की और हम लिफ्ट की तरफ चल पड़े, मैंने लिफ्ट का बटन दबाय और जब लिफ्ट खुली हम सब अंदर घुस गए और सिक्स्थ फ्लौर पर जाकर रुक गए, हम उसके फ्लैट में दाखिल हो गए.

काव्य ने पूछा ये कोण है, मैने कहा ये रिया मेरी फ्रंड है ये भी हमारे साथ एन्जॉय करेगी आज खूब पार्टी करेगे. सारिका ने गेट लॉक किआ और मेरे पर अटैक कर दिआ, और उसने मेरी शर्ट के बटन खोल दीए, जीन बी निकाल दी और मुझे लॉबी मैं ही नंगा कर दिआ.

सारिका कार में बहुत गर्म हो गई थी, और मेरे लंड को चूसने लगी थी, मैने भी उसके सारे कपडे निकाल दिए और उसके होठो को जोर से चूसने लगा, बूब्स को मसलने लगा, और उसके बाद सारिका नै मुझे सीधा लिटा दिआ.

उसने मेरे लंड पर अपनी चूत सेट की और एक दम से पूरा का पूरा लंड अपनी चूत में ले गई, और पुरे जोर के साथ ऊपर निचे होने लगी, और दस मिनट के अंदर झड गई और मेरे ऊपर ही लेट गई.

मेने उसे जोर से हग किआ और मेरा लंड अभी भी हुलारे मार रहा था, मैं उसको चोदने लगा, पहले मैने उसे सिदा लटाया और उसकी चूत पर अपनी जीब टिकाई और चाटने लगा, और काव्य मेरा लंड चूसने लगी.

बिलकुल सुहाना सीन था और रिया काव्य ने अपने कपडे उतार दिए थे, हम सब लॉबी मैं बिलकुल नंगे थे, रिया ने भी अपनी चूत मेरे मुँह के पास रख दी, बिच-बिच में मैं उसकी चूत को चाट रहा था.

फिर रिया ने अपनी चूत मेरे मुँह पर टिका दी और मेरे मुँह को अपने अंदर जोर जोर से दबाने लगी, काव्य मेरे लंड पर बैठ गई और सिसकियाँ भरने लगी और तेजी से ऊपर निचे करने लगी.

मैं रिया की चूत को चाटने में मदहोश था, रिया की चूत ने पानी छोड़ना शुरू कर दिआ था, मैं उसके पानी का रस पान कर रहा था और काव्य मेरे लंड को निचोड़ रही थी.

15 मिनट ये चलता रहा और इतने मैं काव्य भी जड़ गई और फिर रिया नै अपनी चूत मेरे लंड पर सेट की और बैठ गई, और उसने अपने होंठ मेरे होंठ पर रख दिए और मेरे को चूसने लगी, मेरी छाती पर अपने नाखून गाड़ने लगी, और मैं उसकी गांड में अपनी ऊँगली अंदर बाहर करने लगा.

मेने उसको कस के अपनी बाहों मैं भर लिआ, फिर मै उसके ऊपर आया और अपना लंड उसकी चूत पर सेट करके अंदर बहार करने लगा, वो बी अपने चूतड़ ऊपर उठा उठा कर मेरा साथ दे रही थी.

फिर मैंने उसके बूब्स अपने मुँह मैं ले लिए और जोर जोर से चूसने लगा, इतने में हम दोनों साथ मैं झड़ गये, मैंने अपना सारा वीर्य उसकी चूत का अंदर छोड़ दिए और उसने मुझे अपनी बाहों में भर लिआ और ऐसे ही लेटी रही.

उसके बाद हम सब एक साथ रूम में बैठ गए, सारिका बेड पर मेरी गोद मैं बैठ गईं और रिया साथ में, काव्य किचन में चाय बनाने चली गई, हम सब बिल्कु नंगे हे थे, वो चाय ले आई और मेरे बगल में काव्य बैठ गईं हम सब बाते करने लगे.

उसके बाद हम सबने चाय पी, फिर १५ मिनट के बाद मेरा लंड फिर खड़ा हो गया और सारिका की चूत को टच करने लगा. सारिका ने गोद मैं बैठे बैठे मेरा लंड अपनी चूत मैं ले लिया और मैं उसको चूमने लगा.

फिर काव्य खड़ी होकर अपने चूत मेरे मुँह पर रगड़ने लगी, मैं काव्य की चूत चाटने लगा, इस तरह हमने सारी रात खूब सेक्स किया और मैंने सब को खुश किआ, वो भी मेरे से बहुत खुश थी और अब जब हमे मौका मिलता हम खूब सेक्स करते है.

उसके बाद मैंने सबको उनके घर पर भी चोदा, और मैंने सारिका की माँ को भी चोदा.

मेरी स्टोरी अच्छी लगी तो रिप्लाई करना जरूर और किसी बी भाभी को आंटी को मेरे से सर्विसेज लानी हो तो मेल कीजिएगा, मैं बरनाला पंजाब से हूँ हमेशा आपकी सेवा मैं हाजिर रहुगा, मेरी मेल आई डी है “support@mohakkisse.com”.

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