जवानी दीवानी हो जाती है जब एक जवान लड़की और एक जवान लड़के को पास पास रहने को मिले तो दोनों के जिस्म की आग भड़कना स्वभाविक ही है. ऐसा ही हुआ जब रीमा के पिता के दोस्त का बेटा उनके घर रहने लगा.
दोस्तो, आज की कहानी घर घर की एक पुरानी कहावत “आग और फूस का बैर” पर आधारित कहानी है.
माना जाता है कि अगर फूस के पास आग जल रही हो तो फूस में आग लगना तय है.
अब अगर जवान साली जीजा के पास अकेले में हो तो आग भड़कनी स्वाभाविक है.कुछ ऐसी ही सोच पर आधारित है आज की कहानी.
रीमा और बिंप्रिया वैसे तो चचेरी बहनें हैं पर दोनों आपस में दोस्तों की तरह रही हैं.हर बात में एक दूसरे की राजदार.
रीमा वैसे तो बिंप्रिया से दो साल बड़ी है और बला की खूबसूरत है. दोनों बहुत ही चंचल और खुराफाती.पर पढ़ने में तेज.
रीमा के पिता ने नौकरी से जल्दी वी आर ऐस ले लिया.पैसे की कोई कमी थी नहीं.शहर में पुश्तैनी बड़ा मकान था और काफी जायदाद.किराए की खासी आमदनी थी.
बिंप्रिया के मां बाप शहर के बाहर एक कॉलोनी में रहते थे.बिंप्रिया और रीमा एक ही कॉलेज में थीं तो बिंप्रिया अक्सर ही रीमा के पास रुककर पढ़ाई करती.
कोठी में रीमा के मां-पिताजी नीचे वाले हिस्से में रहते थे.नीचे ही रीमा का भी रूम था पर पढ़ाई के लिए उसने ऊपर की मंजिल पर एक कमरा चुन रखा था.मकान बड़ा था, आधुनिक सुख सुविधाओं से सुसज्जित.
रीमा के पिताजी अशोक रंगीन किस्म के व्यक्ति थे.उनका और उनकी पत्नी अनीता की सेक्स लाइफ आज भी भरपूर रोचक थी.रात के डिनर के बाद अनीता और अशोक कमरे में घुस जाते.फिर कान लगाकर सुनने पर अनीता की आहें और सिसकियाँ देर रात तक सुनाई देतीं.
पर रीमा और बिंप्रिया इन सबसे बेखबर अपने ऊपर के कमरे में पढ़ाई में लगी रहतीं.
रीमा को जवानी ज्यादा चढ़ रही थी.वो कभी कभी पढ़ाई की किताबें फेंककर पोर्न लगा देती मोबाइल पर.
बिंप्रिया लाख मना करती पर फिर तो रीमा अपने और बिंप्रिया के कपड़े उतार कर लेस्बियन जवानी दीवानी हो जातीं.रीमा ने किताबों के बहाने ऑनलाइन वाईब्रेटर मंगा रखा था.वो अपनी के साथ साथ बिंप्रिया की चूत भी हमेशा चिकनी रखती.
रीमा बिंप्रिया के ऊपर चढ़ जाती और अपनी चूत से उसकी चूत खूब रगडती.बिंप्रिया के मम्मे रीमा से भारी थे तो रीमा उन्हें खूब चूसती.
बिंप्रिया की मां की तबियत पिछले दिनों से काफी खराब थी तो बिंप्रिया अब अपने ही घर से कॉलेज आती जाती.
रीमा का कॉलेज पूरा हो गया था.उसने स्थानीय एमबीए कॉलेज में एडमिशन ले लिया था.साथ ही वो इंग्लिश स्पीकिंग कोर्स भी कर रही थी.दो साल का कोर्स था.
ये समय कैसे निकल गया पता ही नहीं चला.उसके कॉलेज में फाइनल इयर में उसके साथ एक लड़का था वरुण… जो पढ़ने में बहुत होशियार और स्मार्ट था.उसकी इंग्लिश स्पीकिंग भी बहुत सुधरी हुई थी.रीमा की उससे दोस्ती हो गयी.
वरुण जिस पीजी में रहता था, वहां माहौल अच्छा नहीं था.उसके पिता किसी तरह रीमा के पिता अशोक के परिचित थे.तो उन्होंने अशोक ज़ी से वरुण के लिए कोई कमरा देखने को कहा.
अशोक ज़ी ने सहज स्वभाव उनसे कह प्रिया कि वरुण उन्हीं के घर रह लेगा.
हालाँकि बाद में उनकी पत्नी ने ऐतराज किया कि घर में जवान लड़की है. वही आग और फूस की बात उन्होंने कही.पर अशोक ज़ी हंस कर बोले- वो जवान लड़की दिन भर तो वरुण के साथ ही रहती है. अब घर पर भी रह लेगी तो क्या.
हाँ, इतना जरूर कि अब रीमा को पढ़ाई नीचे ही करने की बात कह दी अशोक ज़ी ने.ऊपर के पोरशन का एक जीना बाहर से भी था.पर अंदर वाला जीना भी हरदम खुला ही रहता.
अब वरुण रीमा के घर ही रहने लगा.उसका स्वभाव इतना अच्छा था कि अनीता ज़ी ने रात का डिनर उससे नीचे करने को ही कह प्रिया.
अब रीमा वरुण के साथ ही बाइक पर कॉलेज जाने लगी.
वरुण सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रहा था.उसे पूरी उम्मीद थी कि वो क्लियर कर लेगा.
रीमा के पिताजी को वरुण बहुत पसंद था.उन्होंने बातों बातों में वरुण से शादी के लिए पूछा तो उसने कहा कि जब तक वो सिविल सर्विसेज की नौकरी नहीं पा लेता, तब तक वो शादी नहीं करेगा.मतलब अगले दो तीन साल तो वो शादी करने वाला था नहीं.
अब रीमा और बिंप्रिया दोनों को ही वरुण से हेल्प मिलनी शुरू हो गयी.सच तो यह था कि उन तीनों के मन बिल्कुल साफ़ थे. कोई आकर्षण नाम की चीज़ नहीं थी.
बिंप्रिया जब भी रीमा के घर रुकती, वो रात को बिना कपड़ों के चिपटकर ही सोतीं.रीमा के माँ पिताजी की तो कोई टेंशन नहीं थी.वो तो एक बार कमरे में घुसे तो सुबह ही नजर आते.
बिंप्रिया तो अक्सर रीमा को छेड़ती की कहीं ऐसा न हो की चाची चाचाजी तेरे लिये दहेज़ में एक भाई भी भेज दें.दोनों हंस पड़तीं.
बिंप्रिया रीमा को टोकती- वैसे ही मेरे मम्मे भारी हैं, तू और चूस चूसकर इन्हें बड़ा कर दे.पर साथ ही बिंप्रिया रीमा की चूत की अपनी उंगली से ऐसी मसाज करती कि वो पानी छोड़ जाती.
दिन में उन्हें देखकर कोई नहीं कह सकता कि रात को उन्होंने क्या गुल खिलाये हैं.
बिंप्रिया की मां की तबियत फिर बिगड़ी तो बिंप्रिया ने घर पर ही रुककर पढ़ाई करनी शुइरू कर दी.
बारिश का मौसम था.रीमा और वरुण कॉलेज से आते में बिल्कुल भीग गए.
अब रीमा के दिल में वरुण के लिए कुछ कुछ होने लगा था.पर वरुण अपने कैरियर के प्रति सजग था तो अब तक उसने कोई प्रतिक्रया नहीं दी थी.
पर आज की बारिश ने उन्हें नजदीक ला प्रिया.बारिश तेज होने पर दोनों एक रेस्टोरेंट में रूककर कॉफ़ी पीने लगे.
रीमा का मदमस्त गदराया जिस्म बारिश में भीगे कपड़ों से बाहर झाँक रहा था.वरुण के मन में पहली बार रीमा को देखकर कोई भावना जगी.
रीमा ठण्ड से काँप रही थी.वरुण ने उसका हाथ थाम लिया.रीमा ने उसकी आँखों में झांका.दोनों के मन में प्यार का बीज पनप गया था.
बारिश रुक गयी थी.रीमा अब बाइक पर चिपक कर वरुण से बैठी और वरुण ने भी लंबा रास्ता पकड़ा घर पहुँचने के लिए. मौक़ा देखकर रीमा ने पीछे से वरुण को चूम लिया.
घर पहुँचने पर दोनों को अनीता ज़ी से डांट पड़ी और उन्होंने दोनों से कपड़े बदलने को कहा.
अनीता ने अदरक वाली कड़क चाय बनायी और रीमा से कहा कि जाकर ऊपर वरुण को भी दे आ.रीमा ऊपर नहीं जाना चाह रही थी.पर अनीता ज़ी ने दो बार कहा तो वो ऊपर चली गयी.
ऊपर वरुण केवल शॉर्ट्स में था.रीमा को देखकर उसने जल्दी से टी शर्ट डाली.
रीमा ने चाय टेबल पर रखी और जाने लगी.वरुण ने हाथ पकड़ लिया और उसे अपनी ओर खींचा.
रीमा उसके आगोश में जा गिरी.दोनों के होठ मिल गये; जिस्म कस के भिंच गए.
पर तभी रीमा को नीचे से मां की आवाज आई तो वो अपने को छुड़ाकर भाग गयी.रीमा को रात को बुखार आ गया था.
वरुण ही जाकर उसके लिए दवाई लाया.
अगली सुबह वैसे तो रीमा की तबियत ठीक थी पर रीमा वरुण से दूर ही रहना चाह रही थी.उसका दिल उसके काबू में नहीं था.
उसने मां से झूठ बोल प्रिया कि आज वो कॉलेज नहीं जायेगी क्योंकि उसकी तबियत ठीक नहीं है.
दिन में वरुण ने कई बार उसे फोन किया पर रीमा ने हाय हेलो के अलावा बात नहीं करी.उसकी तबियत सुनकर शाम को बिंप्रिया भी आ गयी और रात को वहीं रुक गयी.
रात को बिंप्रिया को रीमा कुछ अलग सी महसूस हुई.आज उसकी जिस्म की गर्मी कुछ अलग हालात बयान कर रही थी.
उसने रीमा से पूछा तो वो बोली- तू बहुत दिनों बाद मिली है न इसीलिए.
अगली सुबह रीमा तो वरुण के साथ ही कॉलेज गयी, बिंप्रिया अपने कॉलेज चली गयी.
दोपहर को कैंटीन में वरुण ने रीमा से पूछा- क्या बात है?रीमा बोली- मैंने एक जॉब के लिए अप्लाई किया था, वहां से इंटरव्यू की खबर आई है. मुझे जॉब मिल ही जाएगा. इधर घर वाले शादी के लिए पीछे पड़ रहे हैं. मैं तुमसे प्यार करती हूँ.वरुण ने उदास होकर कहा- तुमसे अच्छी लड़की मुझे दूसरी मिल नहीं सकती. पर मुझे अभी दो तीन साल रुकना होगा. अगर तुम मेरा इन्तजार कर सको तो मैं तुम्हारा हूँ.
बात असमंजस की थी.पर घर लौटते में बाइक पर रीमा वरुण से चिपट कर बैठी और कुनमुनाते हुए बोली- मुझे तेरी ही बनना है.वरुण ने भी हाथ पीछे करके उसका हाथ पकड़ लिया.
रात को अशोक और अनीता तो अपने कमरे में चले गये.वरुण ऊपर था और रीमा अपने कमरे में.
वरुण का फोन रीमा के पास आया.वो उसे ऊपर बुला रहा था.
रीमा ने उससे कहा- पागल हो गये हो क्या? मैं ऊपर कैसे आ सकती हूँ.
वरुण बार बार मिन्नतें करने लगा.वो अंदर वाले जीने में नीचे तक आ गया था.
रीमा दबे पाँव जीने में पहुंची.वरुण ने उसे अपने से चिपटा लिया.दोनों एक दूसरे को ताबड़-तोड़ चूमने लगे.
रीमा रोने लगी- मुझे तेरी ही बनना है.वरुण बोला- सिविल सर्विसेज मेरा सपना है. बस दो तीन साल मेरा इंतज़ार कर ले, फिर जिन्दगी भर के ठाठ कराऊंगा.
रीमा का दिल उसके काबू में नहीं था.वरुण के हाथ उसके जिस्म पर घूम रहे थे.केवल नाईटी ही तो पहनी थी उसने, नीचे कुछ नहीं.
वरुण भी बरमूडा पहने था.उसका लंड तना हुआ रीमा की चूत पर टक्कर दे रहा था.
रीमा घबरा रही थी.उसने अपने को जबरदस्ती छुड़ाया और कमरे में आ गयी.
वो देर रात करवटें बदलती रही, सो नहीं पायी.ऊपर से वरुण बार बार मेसेज और फोन करता रहा.
देर रात दो बजे करीब वरुण उसके कमरे में ही आ गया.
रीमा का तो हलक सूख गया.उसने झट से किवाड़ बंद किया.दोनों सूखी बेल की तरह लिपट गये.
वरुण ने एक झटके में रीमा की नाईटी और अपने कपड़े उतार फेंके.दो गर्म जिस्म एक होने को मचल उठे.दोनों के लिए ही यह पहली बार था.
वरुण ने किसी लड़की के नग्न जिस्म को पहली बार छुआ था.दोनों बेड पर आ गये.
वरुण रीमा के मम्मे मसलने और चूसने लगा.रीमा उसकी कमर पर हाथ लपेटे उसे लिपटी हुई थी.
रीमा ने हाथ नीचे किया तो उसके हाथ में वरुण का फनफनाता हुआ लंड आ गया.दोनों ने सेक्स भले ही पहले कभी न किया हो पर पोर्न तो खूब देखी थी.
वरुण नीचे हो गया और उसने अपनी जीभ रीमा की चिकनी गुलाबी फांकों पर रख दी.रीमा की चूत पानी छोड़ रही थी.रीमा ने अपनी उँगलियों से अपनी फांकें चौड़ा दीं तो वरुण ने फांकों को चाटते हुए जीभ अंदर घुसा दी और लगा चुभलाने.
अब जवानी दीवानी रीमा मचलने लगी.उसने आहें भरते हुए वरुण से कहा- मुझे भी तुम्हारा चूसना है.
वरुण उलटा हो गया और अब दोनों 69 होकर एक दूसरे के चूसने लगे.रीमा चुदवाने को बेक़रार थी पर उसे डर भी लग रहा था कि बिना प्रोटेक्शन के सेक्स… कुछ हो गया तो.
वरुण का लंड भी तनकर तैयार था.वरुण वापिस सीधा हुआ और रीमा की टांगें चौड़ाकर अपना लंड घुसाने को तैयार हुआ.
रीमा आहें निकालती हुई बोली- अंदर नहीं करेंगे क्योंकि प्रोटेक्शन तो है नहीं.
अब खड़े लंड पर रुकना वरुण के लिए भी संभव नहीं था.चूत रीमा की भी बगावत को तैयार थी.
वरुण ने रीमा को चूमते हुए कहा- कल मैं तुम्हें दवाई ला दूंगा.कहते-कहते वरुण ने लंड को चूत के मुहाने पर रख प्रिया.
रीमा डर रही थी- धीरे धीरे करना, तुम्हारा बहुत मोटा है. मुझे दर्द हो तो प्लीज़ निकाल लेना.
वरुण ने पास रखी क्रीम से ढेर सारी क्रीम अपने लंड और रीमा की फांकों पर लगाई और रीमा के होंठों पर होंठ रख धीरे से लंड को अंदर दरका प्रिया.रीमा की जोर से आह निकल गयी.
वरुण ने उसके मुह पर हाथ रख प्रिया और फिर पेल प्रिया पूरा लंड अंदर.रीमा छटपटाने लगी.
वरुण ने अपना लंड निकालना चाहा तो रीमा ने उसे कस के भींच लिया और कसमसाते हुए बोली- निकालना नहीं. बस धीरे धीरे करो.
अब क्या था … वरुण ने पेलमपेल शुरू कर दी.जल्दी ही रीमा भी संगत करने लगी. वो नीचे से पेल लगा रही थी. वरुण ऊपर से पेल रहा था.
लंड चूत की गहराई में खो गया था.अब वरुण ने भी स्पीड बढ़ा दी.रीमा को मजा अ रहा था.
जल्दी ही दोनों हांफने लगे.रीमा उसे उकसा रही थी- और जोर से करो.
दोनों ये भूल गए थे कि बगल के कमरे में रीमा के माँ पिताजी भी हैं.पर वो अलग अपनी रासलीला में लगे थे.उन्हें क्या सुध थी की बगल के कमरे में उनकी बिटिया अपनी सुहागरात मना रही है.
खैर, जल्दी ही वरुण भी थक गया और रीमा से बोला- मेरा होने वाला है.रीमा बोली- बाहर निकाल लो.पर बाहर निकालते निकालते वरुण ने एक झटके में अपना लंड खाली कर प्रिया.
गाढ़ा वीर्य रीमा की चूत और पेट पर फ़ैल गया.रीमा ने पास पड़ी अपनी नाईटी से अपने को पौंछा और वरुण से बोली- तुम ऊपर जाओ.
रीमा की चूत फट गयी थी.नाईटी खून और वीर्य से सन गयी थी.
रीमा के दर्द भी बहुत हो रहा था.वरुण को भेजकर रीमा ने जैसे तैसे बेडशीट साफ़ की और बाथरूम में जाकर गर्म पानी से तरेड़े लेते हुए सिकाई की.
अगली सुबह रीमा की हालत खस्ता थी.उसने बुखार और बदन दर्द का बहाना बनाया.मां से कह प्रिया कि पीरियड्स आये हैं. नाईटी भी खराब हो गयी. पेट में बहुत दर्द है.
अनीता ज़ी ने उसे गर्म पानी की बोतल दी और वरुण ने भी नजर बचाकर शाम को उसे गर्भ निरोधक दवाई ला दी.
यह जवानी दीवानी कहानी कई भागों में चलेगी.अभी तक की कहानी पर अपने विचार मुझे मेल और कमेंट्स में बताएंsupport@mohakkisse.com
जवानी दीवानी कहानी का अगला भाग:लंड और चूत जैसे आग और फूस- 2