जब टिका देते हो इस जगह तुम अपनी जुबाँमेरे जिस्म में उठा देते हो तुम इक तूफाँ
जी चाहता है बस यूँ ही तुम चूमते रहोप्यार से चाट चाट के इससे हो जाओ हलकाँ
मिटा दो इसकी खुजली चूमने के साथ करके उंगलीयह तंग मुझे बहुत करती है, करती है मुझे परेशाँ
जब भी देख लेती है तुम्हें, यह फुदकने लगती हैतुम से मिल के कुछ करने का बाँधने लगती है समाँ
चूमने चाटने के बाद जब यह हो जाय गीली और मस्तइसकी आग बुझा दो मेरे साजन यह तो है आतिश फिशाँ
एक उपहार ऐसा भी- 5
चाट चाट के तुम बना दो इसको मदमस्त और अपनी दीवानीफिर डाल के अंदर कर दो इसके पूरे सारे अरमाँ
चिमनी की तरह गर्म है अंदर से गीली और नर्म हैबहुत ही ज्यादा बेशर्म है बेहया है, है नादाँ
ढीठ है बहुत लाज आती नहीं मुझे सताते हुएतुम से करवाने के लिए इसके लबों पे रहती है हाँ…