कहानी के किरदार:
विकास- बिजनेसमैन.. उम्र 30 साल.. ख़ासा तगड़ा और लम्बा मूसल जैसा लम्बा और मोटा लंड वाला बहुत ही मादरचोद किस्म का इंसान
दिया- एक गरीब लड़की.. उम्र 22 साल.. फिगर 34-28-34 वाली एक बेहद कन्टाप माल.. जिसे चोदने को ज़माना बेकरार था।
बहुत ही गरीब घर की लड़की है दिया, उसके घर में उसके बीमार माँ-बाप और छोटा भाई है।दिया की पढ़ाई अभी ही पूरी हुई थी, उसे नौकरी की बहुत जरूरत थी.. वो एक कंपनी मैं जॉब इंटरव्यू के लिए गई थी.. उस कम्पनी के बॉस का नाम विकास है।
विकास एक बहुत ही बड़ी कंपनी का मालिक है, वह बड़ा ही चालू क़िस्म का आदमी है और उसकी कंपनी में अधिकतर लड़कियां ही काम करती हैं।कम्पनी में भर्ती के लिए इंटरव्यू हो रहा था। अपनी बारी आने पर दिया अन्दर ऑफिस में विकास के पास गई।
दिया- हैलो सर.. मेरा नाम दिया है.. मैंने M.B.A किया है, ये मेरे सर्टिफिकेट्स हैं।
विकास ने दिया को देखा और उसकी हरामी नजरों ने दिया को परख लिया था- हाय दिया.. बैठो.. मुझे आप अपनी फाइल दो.. हम्म.. इस जॉब के लिए आप परफेक्ट हैं।दिया- धन्यवाद सर..विकास- लेकिन मिस दिया आपके सर्टिफिकेट्स इस जॉब को पाने के लिए काफी नहीं हैं.. इसके लिए कुछ और चीजें भी जरूरी हैं.. क्या तुम उन जरूरतों को पूरा कर सकोगी।
दिया- सर मैं कंपनी की जरूरतों को पूरी करने की पूरी कोशिश करूँगी.. सर प्लीज मुझे पर विश्वास कीजिए.. मुझे इस नौकरी की बहुत जरूरत है।विकास- दिया तुम गलत समझ रही हो.. इस कंपनी की जरूरत तो पूरी करोगी.. इसका मुझे पूरा विश्वास है.. मैं मेरी जरूरतों की बात कर रहा हूँ।
दिया- सर मैं कुछ समझी नहीं.. आप किस चीज़ की बात कर रहे हो?विकास- मैं जिस्मानी जरूरतों की बात कर रहा हूँ।दिया- सॉरी सर.. मैं यह नहीं कर सकती..
विकास- देखो दिया जज्बाती बनने से कोई फायदा नहीं होने वाला है। तुमने अभी कहा है कि तुम्हें इस नौकरी की बहुत जरूरत है। अगर तुमने यह मौका छोड़ प्रिया.. तो तुम्हारा ही नुकसान है। तुम इस नौकरी को छोड़ोगी तो दूसरी नौकरी इतनी आसानी से नहीं मिलेगी.. तुम एक बार फिर सोच लो। वैसे भी लंच टाइम हो गया है.. आधे घंटे बाद तुम वेटिंग रूम में बैठ कर सोचो.. कि तुम्हें क्या करना है।
आधे घंटे बाद..
दिया- मैं अन्दर आ सकती हूँ सर?विकास- कम इन दिया.. तो दिया क्या सोचा तुमने?दिया- सर मुझे इस नौकरी की बहुत जरूरत है.. आप चाहे सैलरी कम दे देना.. पर मुझसे यह नहीं हो पाएगा।विकास- दिया सैलरी की बात नहीं है.. बात मेरी जरूरत की है.. अगर तुमने ‘हाँ’ कर दी.. तो तुमने सोचा भी नहीं होगा तुमको उतनी सैलरी मिलेगी।
कुछ देर सोचने के बाद..दिया- सर कितनी सैलरी मिलेगी?विकास- 35000 रूपए प्रति माह..दिया खुश होते हुए बोली- सर, ये तो मेरी जरूरत से बहुत ज्यादा हैं।
विकास- तुम बहुत सेक्सी दिखती हो.. इस लिए इतने दे रहा हूँ.. लेकिन दूसरी लड़कियों को तो 25000 ही देता हूँ.. अब बताओ तुम्हें नौकरी चाहिए या नहीं?दिया- नौकरी तो चाहिए सर.. लेकिन इस कीमत पर..!
विकास- दिया सोच लो इतनी सैलरी मैं तुम्हारी और तुम्हारे परिवार की हर जरूरत पूरी हो जाएगी और इसके लिए तुम्हें ज्यादा कुछ नहीं करना पड़ेगा।दिया- ठीक है सर मुझे मंजूर है।विकास- ठीक कही दिया.. लेकिन मेरी कुछ शर्त है.. यह तुम पूरी करने को तैयार हो.. तो ही तुम्हें नौकरी मिलेगी।दिया- क्या शर्तें सर?
विकास- तुम्हें मेरी कंपनी के ड्रेस कोड में काम करना पड़ेगा.. इस जॉब के लिए तुम्हारा ड्रेस कोड होगा ब्रा टॉप.. एंड माइक्रो मिनी स्कर्ट। इन दो चीज़ के अलावा और कुछ नहीं पहनोगी।दिया- लेकिन सर मैं इन कपड़ों में ऑफिस में कैसे काम करूँगी?
विकास- मेरी ऑफिस में 5 लड़कियां और यह जॉब इसी कपड़ों में कर रही हैं। लेकिन उन लोगों के लिए अलग ऑफिस है.. जिनके बारे में उन लड़कियों के अलावा किसी और को पता नहीं रहता है।दिया- ठीक है सर.. मुझे यह भी मंजूर है।विकास- अगर तुमने गलती की.. तो तुम्हें इसकी सजा मिलेगी।दिया- ठीक है सर..
विकास- दिया तुम्हारा फिगर क्या है?दिया- मुझे नहीं पता सर.. मैंने कभी ध्यान नहीं प्रिया।विकास- तो मुझे तुम्हारा फिगर मापना पड़ेगा।दिया- अभी मापोगे सर?विकास- हाँ..दिया- ठीक है सर माप लो।
विकास- ऐसे नहीं.. कपड़ों के ऊपर से सही नाप नहीं आता.. तुम्हारे कपड़े उतारने पड़ेंगे।दिया- नहीं सर.. अभी नहीं.. कल नाप लेना।विकास- फिगर तो मैं अभी ही चैक करूँगा.. नहीं तो नौकरी नहीं दूँगा।
दिया- अगर आपने फिगर चैक करने के बाद भी नौकरी नहीं दी.. तो मैं कहीं की नहीं रहूँगी।विकास- तो ऐसे कहो ना.. यह बात है तो यह लो दस हज़ार रुपए.. अगर मैं तुम्हें नौकरी ना दूँ तो यह पैसे तुम्हारे। अब तो फिगर चैक करवाओ डार्लिंग।
दस हजार देख कर दिया की चूत भी फड़कने लगी- ठीक है सर!दिया अपना टॉप उतारती है और फिर अपनी जीन्स उतारती है.. अब वो फिर केवल ब्रा और पैंटी में रह गई- चैक कर लीजिये सर..
विकास- यह तुम्हारी ब्रा और चड्डी तुम उतारोगी या मैं उतारूँ?दिया- ऐसे ही चैक कर लीजिए ना सर.. मुझे शर्म आ रही है।
विकास- मैंने तुम्हें इतने रुपए दिए.. फिर भी तुझे शर्म आ रही है। मैंने तुझे नंगी देखने के लिए इतनी रकम दी है। अब उतार बाकी के कपड़े.. नहीं तो पैसे वापस दे दे।
दिया अपनी ब्रा का हुक खोलने की कोशिश करती है.. पर उसका हुक जब खुलने में दिक्कत करने लगा तो विकास ने उसकी ब्रा का हुक खोल प्रिया और ब्रा से निकलते ही उसके बड़े-बड़े मम्मे उछल पड़े।
फिर विकास ने उसकी चड्डी भी निकाल दी। दिया के पूरा नंगा होने पर विकास उसके सेक्सी फिगर को देखता ही रह गया। उसकी चूत पर बालों का घना जंगल था.. जबकि मम्मे एकदम तने हुए थे। दिया अपने दोनों हाथों से अपनी बुर को छुपाने की कोशिश करने लगी। लेकिन विकास ने उसका हाथ हटा प्रिया।
दिया- जल्दी नापो ना सर.. मुझे बड़ी शर्म आ रही है।विकास टेप से उसके मम्मों को नापता है फिर उसकी कमर और गांड का नाप लेता है- वाह.. क्या सेक्सी फिगर है तेरा 34-28-34.. एकदम परफेक्ट।
दिया अपने कपड़े पहनने के लिए उठने को हुई तो यह देख कर विकास ने उसे रोक प्रिया।
विकास- दिया तुम्हारी नौकरी पक्की.. लेकिन कल तुम अपनी चूत पर से यह जंगल साफ़ करके आना। मैं अभी तुम्हारा अपॉइंटमेंट लेटर देता हूँ। अगर तुम्हें पसंद ना आए.. तो तुम चाहो तो एक महीने बाद नौकरी छोड़ सकती हो। तुम्हें अपॉइंटमेंट लेटर पर नंगे ही साईन करना पड़ेगा।
दिया ने साईन कर प्रिया.. फिर कपड़े पहनने लगी..तो विकास ने उसे फिर रोक प्रिया- दिया, अब तो तुम्हें नौकरी मिल ही गई है.. अब तुम्हें एक छोटा सा टेस्ट पास करना पड़ेगा।दिया- कैसा टेस्ट सर?
विकास- तुम्हारा यह सेक्सी जिस्म देख कर मेरा लौड़ा खड़ा हो गया है.. इसे तुम्हें शांत करना पड़ेगा।दिया- वो कैसे सर?विकास- पहले तो तुम मुझे ‘सर’ मत कहो.. विकास कहो.. और तुमको मेरा लंड चूस कर इसको शांत करना पड़ेगा।
दिया विकास की बात सुनके घबरा गई और गिड़गिड़ाने लगी- प्लीज सर.. आज मुझ से यह सब नहीं होगा।
विकास- मादरचोदी.. कब से नखरे कर रही है.. तुझे पूरी नंगी करने के बाद कोई तुझे चोदे बिना नहीं छोड़ेगा। मैं सिर्फ लंड चूसने का बोल रहा हूँ.. तो भी तेरे नाटक खत्म नहीं हो रहे हैं.. तुझे दस हज़ार दे दिए.. फिर भी नखरे दिखा रही है.. देख चुपचाप मेरा लौड़ा चूस ले.. नहीं तो तुझे यहीं चोद दूँगा।
दिया ने डरते हुए कहा- ठीक है सर..फिर दिया ने विकास की पैन्ट खोली और उसकी चड्डी नीचे करके लंड चूसने लगी।विकास- ढंग से चूस रांड.. पहले किसी का चूसा नहीं क्या.. पहले इसे पूरा चाट.. फिर मुँह में पूरा ले ले।
दिया- सर इसके पहले मैंने कभी नहीं चूसा.. और आपका इतना बड़ा मेरे मुँह में कैसे आएगा?विकास- कुतिया.. तुझे मना किया ना.. सर मत बोल. एक बार इसका रस पी ले.. फिर देख कैसे तू रोज कुतिया की तरह मेरा लंड चूसने आएगी।
दिया अपनी जुबान से विकास का लंड चाटने लगी.. फिर वो उसके टट्टे चूसने लगी.. कुछ ही पलों बाद उसने विकास के लंड का सुपारा लॉलीपॉप की तरह चूसना चालू कर प्रिया।
विकास उसके बाल पकड़ कर पूरा लंड उसके मुँह में डाल रहा था। दिया के मुँह से ‘गूंगूं’ की आवाज़ आने लगी.. उसका दम घुटने लगा था और तभी विकास के दबाव के कारण उसने जोर का झटका दे कर लौड़ा बाहर निकाल प्रिया।
दिया- विकास मैं आपका चूस रही हूँ ना.. आप ऐसे मत कीजिए.. मुझे घुटन हो रही है।विकास- ठीक है कुतिया.. तेरा पहली बार है.. तो तुझे अपने हिसाब से करने देता हूँ.. और थोड़ा खुल कर बोल.. ये वो.. क्या कर रही है.. जब लौड़ा चूसने में शर्म नहीं रही.. तो बोलने में क्यूँ शरमा रही है.. खुल के बोल रांड..
दिया फिर से लंड चूसने लगी.. अब उसने धीरे-धीरे पूरा लंड मुँह में ले लिया। विकास भी मजे से उसके मुँह को चोदने लगा। अब तो दिया भी मस्ती से विकास का लंड चूसने लगी।
विकास भी मादक सीत्कार भरने लगा- आह्ह.. अह्ह्ह्ह.. उम्म्ह… अहह… हय… याह… दिया.. ऐसे ही चूस.. मज़ा आ रहा है.. और जोर से चूस कुतिया.. तुझे तो मैं अपनी रांड बना कर रखूँगा..
दिया का सर पकड़ कर विकास उसके मुँह को जोर-जोर से चोदने लगा, दिया के मुँह की गर्मी विकास को पागल कर रही थी।अब उसका माल निकलने वाला था.. और विकास ने दिया के मुँह में अपना गर्म-गर्म वीर्य निकाल प्रिया।
दिया को उलटी आने लगी.. और पूरा वो विकास का पूरा वीर्य निकालने लगी तो विकास ने उसके मुँह को अपने होंठों से बंद कर प्रिया.. और दिया को ना चाहते हुए भी विकास का माल पीना पड़ा।
बहुत गुस्सा आया दिया को.. वो विकास से बोली- विकास यह गलत है.. आपने यह क्या पिला प्रिया मुझे?विकास- मेरी प्यारी रांड.. यह तो अमृत है.. थोड़े दिन रुक जा.. अगर इस अमृत की एक बूंद भी जमीन पर पड़ी.. तो तू कुतिया की तरह चाटेगी।
बॉस विकास अब उसके चूचुकों को दबाने लगा.. और फिर उसके मम्मों को बारी-बारी से अपने मुँह में दबा कर चूसने लगा।
दिया एकदम उत्तेजित होने लगी और बोली- विकास यह क्या कर रहे हो.. मैं पागल हो रही हूँ.. प्लीज मुझे छोड़ दो।विकास उसकी एक बात नहीं सुनता और उसके मम्मों को जोर-जोर से दबाने लगा।
‘आअह्ह्ह.. विकास ये मुझे क्या हो रहा है.. मेरी चूत में कुछ हो रहा है.. प्लीज विकास कुछ करो.. मैं मर जाऊँगी..’
विकास- मुझे तेरी यह झांटें पसंद नहीं.. इसलिए आज मैं इसे शांत नहीं कर सकता.. लेकिन तुझे तेरी फुद्दी की गर्मी को निकालना तो पड़ेगा ही.. नहीं तो तू सोचेगी कि कैसा हरामी मालिक मिला है।
अपने ऑफिस में एक दूसरी लड़की को विकास ने बुलाया।थोड़ी देर में एक सेक्सी लड़की ब्रा और स्कर्ट में अन्दर आई। उसका नाम रीना है।
विकास- रीना.. तुम्हें तो पता ही है मुझे झांटें पसंद नहीं हैं और दिया हमारी नई स्टाफ है.. और इसकी चूत में आग लगी है। अब तुम्हें ही इसकी चूत की आग को ठंडा करना है। इसकी चूत को चाट कर इसकी चूत का अमृत निकल दो।
दिया की चूत को रीना लगातार चाट रही थी तो कुछ ही समय बाद दिया की चूत का पानी निकल गया और वो निढाल होकर यूं ही फर्श पर लेट गई।
दोस्तो, यह मेरी फंतासी पर आधारित हिन्दी सेक्स स्टोरी है। इसको आगे लिखने से पहले मैं आप सब के विचारों को जानना चाहूँगा।आपके ईमेल के इन्तजार में आपका राज जैन।support@mohakkisse.com